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गोरखपुर में फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से निर्मित एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारम्भ

June 26, 2026

गोरखपुर में फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से निर्मित एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारम्भ

गोरखपुर, 26 जून 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज बेतियाहाता, जनपद गोरखपुर में फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सहयोग से निर्मित एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारम्भ किया। उन्होंने पूर्व मंत्री स्व0 श्री मार्कण्डेय चन्द की प्रतिमा का अनावरण तथा हॉस्पिटल परिसर का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं आज की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना संचालित कर रहा है। गुणवत्तायुक्त तथा निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मिल सकें, इस दृष्टि से सरकार 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर हर गरीब को उपलब्ध करा रही है। वर्तमान में प्रदेश के 12 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रतिवर्ष 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से गरीबों के उपचार के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्वसनीयता सबसे आवश्यक है। लोगों के विश्वास पर खरा उतरना हॉस्पिटल तथा डॉक्टर्स की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम स्वस्थ रहें। हमारे दैनिक कार्यक्रम ऐसे होने चाहिए, जिनमें स्वस्थ दिनचर्या को अपनाया जा सके। यदि विभिन्न परिस्थितियों के कारण कभी बीमारी आ भी जाए, तो उपचार का केन्द्र भी अच्छा होना चाहिए। आज एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में गोरखपुर में अच्छे उपचार केन्द्र की एक नई कड़ी जुड़ी है। यह हेल्थ केयर के बेहतरीन केन्द्र मे रूप में स्थापित होगा। स्व0 मार्कण्डेय चन्द की स्मृतियों को जीवन्त बनाते हुए यह हॉस्पिटल लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री जी ने स्व0 मार्कण्डेय चन्द की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके दोनों पुत्रों श्री सी0पी0 चन्द व डॉ0 अरुण चन्द ने अपने पिताजी की स्मृति में यह सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल गोरखपुर के हृदयस्थल बेतियाहाता में बनाकर तैयार किया है। गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल के साथ मिलकर इसका संचालन किया जाएगा। हॉस्पिटल में बहुत अच्छी सुविधाएं हैं। यह बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं तथा इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से अनेक जरूरतमंदों की जान बचाने का केन्द्र बनेगा। अनेक लोगों को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा।
स्व0 मार्कण्डेय चन्द जमीन से जुडे़ नेता थे। उन्होंने शून्य से शिखर की यात्रा तय की। वह अपने सम्बन्धों को बहुत महत्व देते थे। अपने कैरियर को दांव पर लगाकर भी वह अपने सम्बन्धों का निर्वहन करते थे। उनके मन में सदैव गोरखपुर सहित दक्षिणांचल के कल्याण तथा विकास का भाव रहता था। उनका कार्यक्षेत्र कौड़ीराम, चिल्लूपार, धुरियापार तथा बांसगांव था। गोरखपुर से उनका विशेष लगाव था। स्व0 मार्कण्डेय चन्द गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने गोरक्षपीठ के प्रति निष्ठा नहीं छोड़ी। गोरक्षपीठ उनके लिए सर्वोपरि थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्व0 श्री मार्कण्डेय चन्द जी की स्मृति में आरोग्यता प्रदान करने के एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण गोरखपुर में कराया गया है। हॉस्पिटल में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं यहां के लोगां को उपलब्ध होंगी। श्री सी0पी0 चन्द और डॉ0 अरुण चन्द ने बहुत मेहनत के साथ इस हॉस्पिटल का निर्माण कराया है। स्थानीय स्तर पर डॉक्टर्स की एक अच्छी टीम, फोर्टिस हॉस्पिटल की टीम साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। बिना किसी भेदभाव प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा तथा शासन की सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सभी को सम्मान मिल रहा है। इन्हीं सुविधाओं के क्रम में सरकार हर जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही है। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में केवल गोरखपुर में एक मात्र बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज था। वर्तमान में यह मेडिकल कॉलेज बहुत अच्छी सेवाएं प्रदान कर रहा है। आज गोरखपुर में एम्स भी संचालित हो गया है। वर्ष 2017 के पहले बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज स्वयं बीमार था। उस समय प्रदेश में मेडिकल हेल्थ तथा एजुकेशन की दिशा में कोई कार्य नहीं हुए थे।
वर्तमान में गोरखपुर के साथ ही, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, बहराइच, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चन्दौली में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। बलिया के लिए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया गया है। इन मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स की बेहतरीन टीम तथा निःशुल्क उपचार की व्यवस्था है।
हम उत्तर प्रदेश में ‘एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढे़ हैं। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद में एक यूनीक प्रोडक्ट को प्रोत्साहन जैसे कार्य किए गए हैं। हम ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के माध्यम से हर जनपद के यूनीक व्यंजन को वैश्विक मान्यता दिलाने की ओर अग्रसर हुए हैं। यह योजनाएं प्रदेश के परसेप्शन को बदलने तथा यहां के नौजवानों को नई पहचान दिलाने में सहायक हो रही हैं।
अब लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश करना प्रारम्भ किया है। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिल्ली, मुम्बई तथा लखनऊ जैसे महानगरों में जाते थे, क्योंकि यहां इस प्रकार की सुविधाएं नहीं थीं। पहले गोरखपुर में एक भी आई0सी0यू0 नहीं था। डायलिसिस की सुविधा नहीं थी। अच्छे ब्लड बैंक नहीं थे। नेफ्रोलॉजिस्ट तथा टेक्निशियन्स नहीं थे। प्लेटलेट्स नहीं मिल पाती थी। वर्तमान में गोरखपुर में अनेक हॉस्पिटल्स में आई0सी0यू0 की अच्छी सुविधा मौजूद है। वर्ष 2007 में उन्होंने सबसे पहले गोरखनाथ हॉस्पिटल में 10 बेडेड आई0सी0यू0 की सुविधा प्रारम्भ की थी। वहां प्लेटलेट्स काउण्ट के लिए पहली ब्लड सेपरेटर मशीन भी मंगायी गयी थी। पहली डायलिसिस मशीन भी गोरखनाथ हॉस्पिटल में लगायी गयी थी। आज लगभग प्रत्येक हॉस्पिटल में यह सुविधाएं मौजूद हैं।
सांसद श्री रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य एवं अध्यक्ष एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल श्री सी0पी0 चन्द एवं प्रबन्ध निदेशक डॉ0 अरुण चन्द ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा हॉस्पिटल परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

Firozabad आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ट्रक से टकराई बस, दो की मौत, 20 से अधिक घायल

UP News , Firozabad Posted on 26.06.2026 Friday Time 06.22 PM
फिरोजाबाद, 26 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर थाना नगला खंगर क्षेत्र अन्तर्गत शुक्रवार को गोरखपुर से चंडीगढ़ जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार दो लोगों की मौत हो गई। जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
हादसा आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर नगला खंगर थाना क्षेत्र की सीमा में किलोमीटर संख्या 63 के समीप हुआ। यहां एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। ट्रक लोहे की रॉड लेकर कानपुर से जयपुर जा रहा था। बस में लगभग 55 सवारियां थी। हादसा होते ही सवारियों में चीख पुकार मच गई। गाड़ी में सवार यात्रियों ने घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस के साथ यूपीडा की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस व यूपीडा की टीम ने तत्काल बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। जिनमें करीब 20 से ज्यादा यात्री घायल थे। पुलिस ने तत्काल घायल यात्रियों को इलाज के लिए शिकोहाबाद के संयुक्त अस्पताल और कुछ गंभीर घायलों को सैफई मेडिकल कॉलेज भिजवाया। सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान चालक सहित दो लोगों की मौत हो गय। बस गोरखपुर से चंडीगढ़ जा रही थी। मृतकों की पहचान पंजाब निवासी बस चालक गुरी और दलजीत के रूप में हुई है। हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना और ओवर स्पीड माना जा रहा है। हालांकि पुलिस घटना की जांच के साथ ही मृतकों व घायलों की पहचान कर रही है।
सीओ सिरसागंज चंचल त्यागी ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर एक स्लीपर बस सामने चल रहे ट्रक से टकरा गई है। हादसे में बस चालक सहित 2 लोगों की मौत हुई है। कुछ लोग घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

June 23, 2026

फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री

News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Time 10.02 PM, Lucknow CM Yogi Adityanath

लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक

हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री

जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री

आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा

लखनऊ, 23 जून: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए।

बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने किया फिरोजाबाद में 658 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास, कहा सपा के एजेंडे में विकास नहीं

Posted on 22.06.2026 Monday, Firozabad News, CM Yogi Adityanath
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को टूण्डला तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत उसायनी में आयोजित एक भव्य समारोह में जनपद को 658 करोड़ से अधिक की लागत वाली कुल 81 विकास परियोजनाओं का बटन दबाकर लोकार्पण और शिलान्यास किया।साथ ही इस अवसर पर उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को उनके घर की चाबियां सौंपी तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, चैक और उपकरण वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया, गुण्डा और उपद्रवियों से मुक्त हो चुका है, प्रदेश में 15 करोड़ गरीबों को निःशुल्क राशन दिया जा रहा है, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख का निःशुल्क स्वास्थ्य कवच मिला है, 65 लाख गरीबों को आवास और 2 करोड़ परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए गए है, जबकि 15 से 16 लाख किसानोें के निजी नलकूपों के बिजली बिल पूरी तरह माफ किए गए है।


उन्होंने फिरोजाबाद के कांच ग्लास उद्योग के वैश्विक सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कारीगरों और उद्यमियों ने नई तकनीकी और मार्केट की मांग के अनुरूप डिजाइन तैयार कर चीन जैसे देश को भी पीछे कर दिया है, उनके अथक परिश्रम का परिणाम है कि यहां के उत्पाद ‘‘लोकल से ग्लोबल‘‘ तक की यात्रा तय कर रहें है। अब होली, दिपावली, विजयादशमी या किसी भी उत्सवों में चीनी उत्पादों के स्थान पर फिरोजाबाद में निर्मित भगवान गणेश, रामदरबार, राधा कृष्ण, बुद्ध और भगवान शिव की सुन्दर कांच की प्रतिमाऐं आज वैश्विक पहचान बना रहीं है और सभी के आकर्षण का केन्द्र बिन्दु बन रही है।


मुख्यमंत्री ने जनपद में लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की भव्य प्रतिमा स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म के पुनरोद्धार में माता अहिल्याबाई होल्कर का योगदान अविस्मरणीय है।
उन्होंने कहा कि कानून का राज्य स्थापित होने पर आज उत्तर प्रदेश देश में अपनी विकासपरक छवि बना रहा है, ‘‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना‘‘, विकास कार्याें और भव्य अयोध्या, कांशी व मथुरा वृन्दावन के सांस्कृतिक पुनरूत्थान के कारण उत्तर प्रदेश दुनिया भर के आकर्षण का केन्द्र बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के छापोें से व्यापारी परेशान थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने छापों को बन्द कराकर गैस की आपूर्ति सुनश्चित की और अब सोलर पैनल व बिजली से भटिट्यों के संचालन की नई तकनीकी देकर उद्योग को आगे बढाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के एजेंडे में विकास नहीं है। 2017 से पहले सपा सरकार में एक जिला एक माफिया होता था जिसका काम सरकारी और गरीब की जगहों पर कब्जा करना होता था लेकिन 2017 के बाद बन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से प्रदेश की पहचान बनी है। प्रदेश से अराजकता खत्म हुई है। कानून का राज है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के  नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। प्रदेश को बीमारू राज्य से निकलकर विकसित राज्य बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। आज मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूरा जनपद पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है।
इस अवसर सदर विधायक मनीष असीजा व टूण्डला विधायक प्रेमपाल धनगर ने भी विचार रखे।
इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रकार के स्टालों का अवलोकन किया।
इस मौके पर मेयर कामिनी राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष हर्षिता सुमित प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर, पूर्व विधायक हरिओम यादव, ओमप्रकाश वर्मा, शिव सिंह चक, राकेश बाबू, अतुल प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहें।

June 22, 2026

Lucknow Fire: राजनाथ सिंह घटना स्थल पहुंचे

News Posted on 22.06.2026 Monday, Time 11.08 PM, Defence Minister Rajnath Singh

घटना की जानकारी मिलते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे, लिया घटनास्थल का जायजा

लखनऊ, 22 जून, राजधानी में आग की घटना की सूचना मिलते ही रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तत्काल स्थगित कर दिए और वे रात्रि 9.35 बजे एयरपोर्ट लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट से सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।

घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने  मीडिया से कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण यह घटना हुई है और मैं परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और पूरे मामले की जाँच जैसा कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कराई जाएगी इस इसमें किसी की रिस्पांसिबिलिटी बनती है तो उसे पर रिस्पांसिबिलिटी भी फिक्स की जाएगी।

इसके बाद वे केजीएमयू पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना, चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा सभी घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

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