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सरायन नदी की बाढ़ से सीतापुर शहर के करीब 11 मोहल्ले प्रभावित, 2 हजार से अधिक घरों में पहुंचा पानी

September 29, 2026

सरायन नदी की बाढ़ से सीतापुर शहर के करीब 11 मोहल्ले प्रभावित, 2 हजार से अधिक घरों में पहुंचा पानी

आलोक कुमार बाजपेयी
सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते सरायन नदी ने एक बार फिर शहर के तटीय इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। नदी के उफान से शहर के करीब 11 मुहल्ले प्रभावित हुए हैं और स्थानीय स्तर पर 2 हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। कई स्थानों पर सड़कें और गलियां जलमग्न होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरायन नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तरीनपुर, लोनियनपुरवा, दुर्गापुरवा, आलमनगर, गदियाना, नई बस्ती, मछली मंडी, कोट कर्बला, हबीबपुर , केशव ग्रीन सिटी , आगा कालोनी, समेत नदी किनारे और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। इससे पहले भी सरायन का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया था और कई तटीय मोहल्लों में घरों तक पानी पहुंचने की खबरें सामने आई थीं।

प्रशासन की निगरानी बढ़ी

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा है। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने हाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन-पानी की व्यवस्था करने तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत चौकियों और आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाएं की गई हैं तथा जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार शहर में चिन्हित विद्यालयों, धर्मशालाओं और अन्य बाढ़ आश्रय स्थलों में 600 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें सक्रिय रखी गई हैं।।

August 21, 2026

जवाहर नवोदय विद्यालय का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, बच्चों से जानी समस्याएं

पेयजल, भोजन, साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था का लिया जायजा; शिक्षकों को बच्चों से अभिभावकों जैसा व्यवहार करने के दिए निर्देश
सीतापुर, 21 अगस्त 2026। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर. ने शुक्रवार को विकासखंड ऐलिया के ग्राम हरधौरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद विभिन्न कक्षा-कक्षों में पहुंचकर विद्युत व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं को देखा। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण कर तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता परखी। रसोइयों को निर्देश दिए कि वे हमेशा निर्धारित यूनिफॉर्म में रहें तथा भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ रसोईघर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
जिलाधिकारी ने भोजनालय (डाइनिंग हॉल) में पहुंचकर साफ-सफाई की व्यवस्था भी देखी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण कर शिक्षकों द्वारा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
बालिकाओं से भी की सीधे बातचीत
जिलाधिकारी ने बालिकाओं के कक्षा-कक्ष में पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बच्चों के साथ सहज वातावरण में संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाएगा।
शिक्षकों को अभिभावकों की तरह व्यवहार करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठक कर विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए कि सभी बच्चों के साथ अभिभावकों जैसा व्यवहार करें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समाधान कराने का प्रयास करें।
उन्होंने शिक्षकों से यह भी कहा कि वे बच्चों के साथ बैठकर स्वयं भोजन करें, ताकि भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिलती रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई शिक्षक दिए गए निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं करता है तो प्रधानाचार्य तत्काल पत्राचार के माध्यम से जिलाधिकारी और संबंधित उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता दिखाई दी। अब विद्यालय प्रशासन के सामने बच्चों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल श्रद्धेय बाबू कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया नमन

सीतापुर, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के अग्रदूत श्रद्धेय बाबू कल्याण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर कैंप कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपस्थित जनों ने बाबू जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके त्याग समर्पण और योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सागर गुप्ता ने बाबू कल्याण सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा समाजसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। अपने दृढ़ संकल्प, राष्ट्रनिष्ठा और अदम्य साहस के कारण उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अमिट छाप छोड़ी। उनका जीवन संघर्ष और विचार सदैव समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।
इस अवसर पर कैंप कार्यालय पहुंचे लोधी समाज के सम्मानित जनों का सागर गुप्ता। समाज सेवी एवं भाजपा कार्यकर्ता
प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सीतापुर ने माला पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। उपस्थित लोगों ने श्रद्धेय बाबू जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में भगौती प्रसाद लोधी जियालाल लोधी रामभरोसे लोधी प्रकाश लोधी बैजनाथ लोधी सर्वेश लोधी रामलखन लोधी ओमप्रकाश लोधी नरपति लोधी बहोरन लाल लोधी संतोष लोधी, मोनू दीक्षित नीरज पाल गोवर्धन शर्मा विनोद गिहार राजू राजवंशी विशाल वर्मा विमल राजवंशी मोनू राज एवं सूरज शर्मा सहित सैकड़ों समाज के सम्मानित जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धेय बाबू कल्याण सिंह के राष्ट्र एवं समाज के प्रति योगदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

August 18, 2026

लालबाग में शहीदों को नमन लेकिन उनके गांव आज भी इंतजार में।

18 अगस्त 1942 के छः अमर शहीदों की स्मृति में गांवों का नामकरण स्मृति पार्क व स्तंभ बनवाने की मांग आजाद अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री समेत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजा पत्र।
सीतापुर। 18 अगस्त 1942 का दिन सीतापुर के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन लालबाग में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा की गई गोलीबारी में छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन अमर शहीदों की स्मृति में लालबाग पार्क में स्मृति स्तंभ स्थापित हैं जहां प्रत्येक वर्ष उनकी शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
पूर्व एमएलसी हरीश बाजपेई द्वारा पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता संग्राम स्मृति संस्थान के बैनर तले 18 अगस्त को शहीद स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर शहीद स्मृति स्तंभों को तिरंगे से सजाया जाता है ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान होता है। इसके बाद हिन्दी संस्थान में कार्यक्रम आयोजित कर स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति के गीत प्रस्तुत किए जाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया जाता है।
सवाल गांवों में शहीदों की स्मृति का
वहीं आजाद अधिकार सेना सीतापुर का कहना है कि जिला मुख्यालय पर हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित होना सराहनीय है लेकिन जिन गांवों से इन छः अमर शहीदों का संबंध रहा वहां उनकी स्मृति को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन का कहना है कि गांवों में शहीदों के नाम पर स्मारक नहीं होने तथा उनके बलिदान की जानकारी नई पीढ़ी तक नहीं पहुंचने से युवा अपने ही गांव के गौरवशाली इतिहास को भूलते जा रहे हैं।
इसी मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना सीतापुर की ओर से पूर्व में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया था। संगठन ने मांग की थी कि छह अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों में ग्राम समाज की उपलब्ध भूमि पर उनके नाम से शहीद स्मृति पार्क एवं स्थायी स्मृति स्तंभ बनवाए जाएं।
शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करने की मांग
आजाद अधिकार सेना ने अब इस मांग को और व्यापक करते हुए मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि 18 अगस्त 1942 के लालबाग गोलीकांड में शहीद हुए छह अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों का नाम उनके नाम पर किया जाए। प्रत्येक गांव में ग्राम समाज की उपयुक्त भूमि पर उनके नाम से पार्क विकसित कर वहां शहीद की फोटो एवं नाम सहित स्मृति स्तंभ स्थापित कराया जाए तथा स्तंभ पर उनके स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान का संक्षिप्त इतिहास अंकित किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि प्रत्येक वर्ष 18 अगस्त को इन स्मारक स्थलों पर सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गांव के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री से समयबद्ध कार्रवाई की मांग
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को पूर्व में ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रकरण को जनहित एवं राष्ट्रहित में प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं।
संगठन का कहना है कि जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनकी स्मृति को सुरक्षित रखना केवल उनके परिवार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार और पूरे समाज का राष्ट्रीय दायित्व है। शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करना तथा वहां स्मृति पार्क और स्तंभ स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी भेजी प्रतिलिपि
इस मांग से संबंधित पत्र की प्रतिलिपि माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री भारत सरकार गृहमंत्री भारत सरकार राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार तथा जिलाधिकारी सीतापुर को भी भेजी गई है। संगठन ने सभी से प्रकरण का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति से जुड़े विषय पर भी सरकार गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती तो आम जनता के हितों से जुड़े मामलों में शासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसको लेकर शहीद परिवारों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।
संगठन ने स्पष्ट कहा है कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने का राष्ट्रीय संकल्प होना चाहिए।

August 17, 2026

गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य कांवड़ यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत

चौथी बार निकली यात्रा, हर बार की तरह इस बार भी भव्यता देखते ही बनी

सीतापुर। विकासखंड परसेंडी क्षेत्र की ग्राम पंचायत अर्रो खेमाजितपुर से ग्राम प्रधान विक्रम सिंह के नेतृत्व में गाजे-बाजे के साथ भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यह यात्रा चौथी बार आयोजित की गई, जिसमें हर बार की तरह इस बार भी यात्रा की भव्यता देखते ही बन रही थी। यात्रा में बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ खजुहा बाबा स्थित महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुआ। शिव आराधना में लीन कांवड़िए नाचते-गाते आगे बढ़े। रास्ते में जगह-जगह समाजसेवियों एवं स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कांवड़ यात्रा झरेखापुर चौराहे पर पहुंची, जहां ओमकार यादव, ग्राम प्रधान विक्रम सिंह, रवी थापर, दिनेश यादव, विवेक सिंह समेत दर्जनों लोगों ने कांवड़ियों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कांवड़िए हरगांव स्थित गौरीशंकर दरबार में भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। यात्रा में कई सैकड़ा कांवड़िए शामिल रहे। उनके साथ दर्जनों चार पहिया व दो पहिया वाहन तथा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी मौजूद रहीं। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ागांव चौकी पुलिस ने जिम्मेदारी संभाली। झरेखापुर तक सुरक्षा व्यवस्था बड़ागांव चौकी पुलिस के जिम्मे रही, जबकि इसके बाद झरेखापुर चौकी इंचार्ज राजेश कुमार सरोज के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

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