Web News

www.upwebnews.com

लूट की वारदात में लापरवाही पर दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित

August 26, 2026

लूट की वारदात में लापरवाही पर दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित

जौनपुर . सस्ते सोने का झांसा देकर व्यापारी से लूटे थे तीन लाख, तीन आरोपित गिरफ्तार
जौनपुर। सस्ते रेट पर सोना दिलाने का झांसा देकर व्यापारी को बुलाकर तीन लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती । घटना की सूचना मिलने के बाद भी समय से मुकदमा दर्ज न करने और आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में थाना जलालपुर के दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने मामले में पुलिस की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

सोशल मीडिया सेल वाराणसी रेंज के अनुसार 25 अगस्त की शाम करीब 7:35 बजे शकरमंडी निवासी आकाश सेठ ने डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र के सीयूजी नंबर पर फोन कर बताया कि एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उसे डिस्काउंट रेट पर सोना दिलाने का लालच दिया गया था। झांसे में आकर वह अपने मित्र सौरभ प्रताप के साथ तीन लाख रुपये नकद लेकर जलालपुर थाना क्षेत्र के इजरी गांव पहुंचा।

आरोप है कि वहां अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह, इंद्रजीत सरोज और विशाल सिंह ने उसके साथ मारपीट की और तीन लाख रुपये नकद लूट लिए। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए उसे वहां से भगा दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने जलालपुर पुलिस को तत्काल घटना का सत्यापन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। रेंज कंट्रोल से फीडबैक लेने पर सामने आया कि मामले के जांचकर्ता दारोगा ने समय रहते पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा तक दर्ज नहीं कराया और आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई भी नहीं की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जौनपुर से गहन जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद 26 अगस्त को जलालपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 383/2026, धारा 309(4), 115(2), 352 और 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

लूट जैसे गंभीर मामले में कार्रवाई में शिथिलता बरतने पर एक उपनिरीक्षक, तीन मुख्य आरक्षी/आरक्षी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।

निलंबित कर्मचारियों की सूची

1. हल्का प्रभारी -उ0नि0 राम भुवन यादव

2. रिक्रूट कांस्टेबल राज सिंह

3. रिक्रूट कांस्टेबल शिवा सिंह

4. हेड मुहर्रिर संतोष मिश्रा

5. कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय सिंह उर्फ पिंटू निवासी इजरी, शुभम सिंह निवासी इजरी और इंद्रजीत सरोज निवासी निहालापुर, थाना केराकत को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पीड़ित से लूटी गई तीन लाख रुपये की नकदी और कार संख्या UP65CF1241 बरामद की गई। घटना में शामिल चौथे आरोपित विशाल सिंह की तलाश की जा रही है।

डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी, त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई में किसी भी स्तर पर उदासीनता, लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

पुराने हत्याकांड में बड़ा फैसला, सांसद प्रतिनिधि व अधिवक्ता समेत चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास

22 वर्ष पहले हुई थी जमीनी विवाद में आशीष मौर्या की हत्या, एडीजे प्रथम की अदालत ने सुनाई सजा

जौनपुर। करीब 22 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में एडीजे प्रथम की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के प्रतिनिधि मनोज मौर्या व अधिवक्ता अश्वनी मौर्य समेत चार सगे भाइयों को हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के बाद चारों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। लंबे समय से चल रहे मुकदमे में अदालत के निर्णय से न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव पूरा हुआ।

मामला वर्ष 2004 का है। 16 अगस्त 2004 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियापुर मोहल्ले में कलेक्ट्रेट तिराहे के पास जमीन विवाद को लेकर दिनदहाड़े आशीष मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले में लाइन बाजार थाने में सात आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

अभियोजन के अनुसार, मामले में राम सेवक मौर्या, अश्वनी मौर्या, आशीष मौर्या, पवन मौर्या, मनोज मौर्या समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे प्रथम की अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत का फैसला आते ही परिसर में हलचल बढ़ गई। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दोषी ठहराए गए चारों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। करीब दो दशक से अधिक समय से चल रहे इस मुकदमे में फैसला आने को लेकर लोगों की निगाहें टिकी थीं।

अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव और विजय नाथ सिंह ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष अभियोजन का पक्ष रखा। अभियोजन की पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।

August 20, 2026

Jaunpur प्राइवेट बस की टक्कर से पलटी स्कूल वैन, 7 बच्चे घायल

ACCIDENT

जाौनपुर, 20 अगसt 2026 । मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सुजानगंज मार्ग पर उकनी गांव के पास गुरुवार को तेज रफ्तार प्राइवेट बस की टक्कर से डीआरएम पब्लिक स्कूल मधुपुर की स्कूल वैन सड़क पर पलट गई। हादसे के समय वैन में करीब एक दर्जन बच्चे सवार थे। वैन पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में सात बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य बच्चों को भी चोटें आईं। तीन बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
स्कूल वैन मुंगराबादशाहपुर की ओर से सुजानगंज जा रही थी। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक प्राइवेट बस के चालक ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान बस ने स्कूल वैन में साइड मार दी। तेज टक्कर लगते ही वैन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य में सहयोग किया। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सीएचसी सुजानगंज भेजा गया।

घायलों में आदित्य यादव (11) पुत्र प्रमोद यादव निवासी जखनियां, थाना पवारा, सिद्धार्थ यादव (10) पुत्र राजेश यादव निवासी जखनियां, प्रभाष यादव (12) पुत्र प्रदीप यादव निवासी माडवादोडक, अनिरुद्ध यादव (10) पुत्र अजय यादव निवासी माडवादोडक, आर्यन यादव (10) पुत्र प्रमोद यादव निवासी जखनियां, आकाश तिवारी (10) पुत्र हृदय तिवारी निवासी जखनियां और शिवम तिवारी (8) पुत्र राकेश तिवारी निवासी जखनियां शामिल हैं।

सीएचसी सुजानगंज में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए सिद्धार्थ यादव, प्रभाष यादव और आदित्य यादव को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य घायल बच्चों का उपचार सीएचसी में किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष निरीक्षक गजानन चौबे, चौकी प्रभारी धनंजय राय और क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए और अपने-अपने बच्चों का हाल जाना।

जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने बताया कि सभी घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। तीन बच्चों की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल लाया गया है,तीनों की हालत ख़तरे से बाहर है।