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भलुअनी में खूनी वारदात, युवक की चाकू से गोदकर हत्या, घर में मचा कोहराम

September 11, 2026

भलुअनी में खूनी वारदात, युवक की चाकू से गोदकर हत्या, घर में मचा कोहराम

देवरिया कार्यालय

देवरिया/भलुअनी। थाना क्षेत्र के कस्बे में देर रात विवाद के बाद चाकू से हमला कर 23 वर्षीय युवक मनीष सिंह उर्फ मोनू सिंह की हत्या कर दी गई। चाकू के कई वार से गंभीर रूप से घायल मनीष को परिजन आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, घटना के बाद गांव में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।
मिली जानकारी के अनुसार भलुअनी थाना क्षेत्र निवासी मनीष सिंह उर्फ मोनू सिंह (23) पुत्र प्रेम सिंह का गांव के ही कुछ युवकों से विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद रात करीब नौ बजे कुछ युवकों ने मनीष पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल मनीष को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते गांव में मातम के साथ आक्रोश का माहौल बन गया।
इधर, वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील सिंह और सीओ बरहज रंजना सचान भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर पुलिसकर्मियों से घटना की जानकारी ली और मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस घटना के पीछे के विवाद, हमले में शामिल लोगों और हत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

August 23, 2026

सम्मान समारोह में रसोइयों को वितरित किए गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड

*देवरिया, 23 अगस्त।*

प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर आज लखनऊ में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के 3.54 लाख रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण की पहल की गई। इसके तहत रसोइयों को स्वास्थ्य सुरक्षा और मानदेय वृद्धि का लाभ प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘रसोइया सम्मान समारोह’ में इस योजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज अत्यंत प्रसन्नता का क्षण है कि रक्षाबंधन के ठीक पहले हम प्रदेशभर की 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के लिए चार नई योजनाएं घोषित कर रहे हैं।
पहले रसोइयों को मात्र ₹1,000 मानदेय मिलता था। हमने इसे बढ़ाकर ₹2,000 किया और आज उसे बढ़ाकर ₹3,000 किया जा रहा है। इसके लिए मैं प्रदेश के सभी मिड-डे मील रसोइयों को बधाई देता हूं।
अभी तक रसोइयों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं थी। अब आपका पूरा मानदेय बैंक खाते में जाएगा। साथ ही, अगर कोई दुर्घटना होती है, कोई विकलांगता का शिकार हो जाता है, तो उस परिवार को बैंक तत्काल ₹2 लाख की सहायता उपलब्ध कराएगा।
रक्षाबंधन से ठीक पहले हम प्रदेश के 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों के लिए 4 नए उपहार लेकर आए वर्ष पहले प्रदेश के रसोइयों को मात्र ₹1,000 मानदेय मिलता था, जिसे हमने बढ़ाकर ₹2,000 किया और अब बढ़ाकर ₹3,000 किया जा रहा है।
प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के हित में चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने रसोइयों के मासिक मानदेय को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह किए जाने की घोषणा की। साथ ही रसोइयों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक की निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्डों का प्रतीकात्मक वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि रसोइयों के परिधान के लिए दिए जाने वाले अनुदान को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 किया जाएगा। इसके अलावा विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से ₹2 लाख का निःशुल्क दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
आयोजित रसोइया सम्मान समारोह के समानांतर जनपद मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
रसोइया सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार रसोइया बहनों के सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि रसोइयों के मानदेय में वृद्धि के साथ ही उनके स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रसोइया बहनें विद्यालयों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य और पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके योगदान को देखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर रसोइया बहनों को उपहार के रूप में दो साड़ी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
विधायक ने कहा कि रसोइयों के स्वास्थ्य की चिंता भी प्राथमिकताओं में है। गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी जरूरतमंद का उपचार बाधित न हो।
उन्होंने रसोइया बहनों से विद्यालयों में स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। रसोइयों को भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसने तक निर्धारित मानकों का पालन करना चाहिए।
शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक और रसोइया विद्यालय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सम्मान और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी रसोइया बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी आवश्यकता या समस्या की स्थिति में वे उनके साथ खड़े रहेंगे।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक पंडित गिरीश चंद्र तिवारी ने कहा कि रसोइयों का योगदान केवल भोजन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बच्चों के स्वस्थ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार द्वारा दी गई यह सौगात उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रसोइयों के हित में लिए गए निर्णय संवेदनशील और दूरदर्शी हैं। चिकित्सा सुविधा एवं मानदेय में वृद्धि से रसोइयों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जिला समन्वयक डीपी सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, अनुज सिंह, अंकित मिश्र, गोरख यादव, अमित श्रीवास्तव, कृष्ण दास गुप्त, कुलदीप कुमार, प्रतिभा शर्मा, आशुतोष सिंह, आशुतोष शुक्ला, संजय कुमार सिंह, संजय मिश्र, स्तुति पाण्डेय एवं कंचनलता मिश्र का विशेष योगदान रहा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के सफल संचालन में रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन द्वारा प्रदान की गई सुविधाएं उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने रसोइयों से अपील की कि विद्यालयों के रसोईघर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए स्वच्छता के साथ भोजन का वितरण सुनिश्चित करें। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समस्त रसोइयों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी गईं।
लखनऊ से आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी उपस्थित लोगों को दिखाया गया।कार्यक्रम के दौरान रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड एवं बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला, उपेंद्र उपाध्याय एवं वशिष्ठ नारायण चौहान ने किया।
कार्यक्रम में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि राजू मणि, खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनि वर्मा, सत्य प्रकाश कुशवाहा, पंकज सिंह, जयराम तथा उपेंद्र भारती, शिक्षक प्रतिनिधि विनोद सिंह, अशोक सिंह, नन्दलाल, ऋषिकेश जायसवाल, आनंद यादव, शिवचंद प्रजापति, गोविन्द सिंह, शशांक मिश्रा, नीलम सिंह, वंदना सिंह, नसीब अली, सगुफ्ता जबीन, संजीव कुमार, मनीप मौर्य, डॉ. आलोक पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में रसोइया एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

August 7, 2026

मंत्री से मुलाकात का असर: समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों की जांच स्थगित कराने की कार्रवाई, संगठन ने जताया आभार


देवरिया, 7 अगस्त। समाज कल्याण अनुसूचित जाति प्राथमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष सर्वेश सिंह एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष कासिम खान ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों की समस्याओं और संगठन की ओर से की गई पहल के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण से मुलाकात के बाद शिक्षकों के विद्यालयों की प्रस्तावित जांच को स्थगित कराने की दिशा में कार्रवाई की गई है।
अध्यक्षद्वय ने बताया कि 23 जुलाई 2026 को भागीदारी भवन, लखनऊ में राज्य मंत्री असीम अरुण से मुलाकात कर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया गया था। संगठन की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री को मांग पत्र भी सौंपा गया।
उन्होंने बताया कि इससे पहले समाज कल्याण सचिव द्वारा 1 जुलाई को निदेशक समाज कल्याण को विद्यालयों की बिंदुवार जांच कराकर उसकी आख्या शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। संगठन ने इस कार्रवाई से संबंधित अपनी समस्याओं और शिक्षकों की स्थिति को मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा।
सर्वेश सिंह और कासिम खान ने बताया कि मंत्री द्वारा मामले को सहानुभूतिपूर्वक लेते हुए 3 जुलाई 2026 को निदेशक समाज कल्याण को संदर्भित जांच स्थगित करने के संबंध में कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। संगठन ने इसे शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए मंत्री असीम अरुण के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि संगठन की मांग केवल जांच स्थगित कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज कल्याण विभाग के अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और अध्ययनरत बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के समान सुविधाएं उपलब्ध कराना भी संगठन की प्रमुख मांग है।
अध्यक्षद्वय ने प्रदेश सरकार से मांग की कि समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं का स्थायी समाधान करते हुए उन्हें समान सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
प्रेसवार्ता में कोषाध्यक्ष शिवदत्त दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र यादव, विकास सिंह, चंद्रशेखर तिवारी एवं रामनिवास सिंह मौजूद रहे।
हेडिंग के कुछ और मजबूत विकल्प:
मंत्री से मुलाकात के बाद कार्रवाई, समाज कल्याण शिक्षकों की जांच स्थगित कराने के निर्देश
शिक्षकों की समस्याओं पर मंत्री ने लिया संज्ञान, जांच स्थगित कराने की कार्रवाई से संगठन में खुशी
मंत्री असीम अरुण से मिले शिक्षक नेता, जांच स्थगित कराने की कार्रवाई पर जताया आभार
शिक्षकों की मांग पर मंत्री की पहल, समाज कल्याण विद्यालयों की जांच स्थगित कराने की कार्रवाई
मंत्री से मुलाकात का दिखा असर, समाज कल्याण शिक्षकों की जांच पर लगी रोक की कार्रवाई हुई है।

July 18, 2026

डीजी जीआरपी ने देवरिया रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बताई

देवरिया। पुलिस महानिदेशक, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) उत्तर प्रदेश प्रकाश डी. ने शनिवार को देवरिया रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाना एवं रेलवे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, मालखाना, शस्त्रागार, अभिलेखों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने शस्त्रों के रख-रखाव, साफ-सफाई और उनकी नियमित जांच पर विशेष बल देते हुए कहा कि पुलिस के हथियार केवल संसाधन नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनका रख-रखाव पूरी जिम्मेदारी और निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए।
उन्होंने रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जीआरपी के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय तथा ट्रेनों में लगातार गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध व्यक्तियों एवं लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी जाए तथा महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के प्रति विशेष सजगता बरती जाए।
अपने संबोधन में पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी. ने कहा, “रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों की जीवनरेखा है। ऐसे में जीआरपी की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक यात्री को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी, अनुशासन और सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ यात्रियों से शालीन व्यवहार किया जाए, ताकि पुलिस की सकारात्मक छवि और जनविश्वास मजबूत हो।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय सहित जीआरपी एवं स्थानीय पुलिस के कई अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक को स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा यात्री सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।

समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों ने भरी हुंकार, लंबित मांगों पर आर-पार की तैयारी

जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक, वेतन, पेंशन, बायोमेट्रिक, कैशलेस उपचार व बीमा सहित कई मांगों पर हुआ मंथन
देवरिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक सर्वेश सिंह ने की। बैठक में शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल करने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान समाज कल्याण अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की नई प्रदेश कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन भी किया गया।
बैठक में शिक्षकों ने प्रदेश सरकार द्वारा 3 जुलाई को जारी विद्यालयों की बिंदुवार जांच, मई माह से लंबित वेतन भुगतान, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था, पुरानी पेंशन से जुड़े मुद्दों, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की भांति कैशलेस चिकित्सा सुविधा, समूह बीमा तथा समान अवकाश की व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
सर्वसम्मति से गठित नई कार्यकारिणी में सर्वेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष, कासिम खां को कार्यकारिणी अध्यक्ष, गिरजा शंकर शुक्ला को प्रदेश महासचिव, ध्रुपलाल, अनिरुद्ध प्रसाद एवं रविन्द्र यादव को प्रदेश उपाध्यक्ष तथा शिवदत्त दूबे को प्रदेश कोषाध्यक्ष चुना गया।
इस दौरान नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश सिंह ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक वर्षों से अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब संगठन उनकी आवाज को मजबूती से शासन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समय पर वेतन मिलना उनका अधिकार है और इसमें किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन पूरी एकजुटता के साथ शिक्षकों के हितों की रक्षा करेगा तथा सभी लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन और विभागीय अधिकारियों से चरणबद्ध वार्ता की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
वही नवनिर्वाचित कार्यकारिणी अध्यक्ष कासिम खां ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों को भी वही सम्मान, सुविधाएं और अधिकार मिलने चाहिए जो अन्य विभागों के शिक्षकों को प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा, बीमा, अवकाश और पेंशन जैसी सुविधाएं किसी विशेष वर्ग का अधिकार नहीं बल्कि प्रत्येक शिक्षक की मूल आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों की प्रत्येक समस्या को पूरी मजबूती के साथ शासन के समक्ष रखेगा और आवश्यक होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से संगठन की एकता बनाए रखने और छात्र हितों के साथ-साथ शिक्षक हितों के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने संगठन की नई कार्यकारिणी का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में शिक्षकों की लंबित समस्याओं का प्रभावी समाधान होगा। अंत में सभी पदाधिकारियों ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस दौरान सत्येंद्र कुमार सिंह मनोज सिंह, नंदकिशोर यादव, फुलेना यादव, नंदलाल, उमेश, विकास प्रसाद, मुन्ना, शिवानंद, अनिरुद्ध, राम लक्ष्मण, सत्यप्रकाश,दिनेश सिंह,विकास सिंह,बलराम चंद्र,दीनानाथ यादव,राजकुमारी देवी सहित सैकड़ों अध्यापक गण उपस्थित रहे।

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