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एटा में युवतियों ने पुलिसकर्मियों पर पीछा करने और अभद्रता का आरोप लगाते हुए सड़क पर किया बवाल

May 22, 2026

एटा में युवतियों ने पुलिसकर्मियों पर पीछा करने और अभद्रता का आरोप लगाते हुए सड़क पर किया बवाल

एटा 22 मई उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में युवतियों ने पुलिसकर्मियों पर पीछा करने और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। सड़क पर हंगामे के बाद मामले ने तूल पकड़ लिय।

शहर के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में गुरुवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्कूटी से घर लौट रही दो युवतियों ने कार सवार पुलिसकर्मियों पर पीछा करने, टक्कर मारने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए जीटी रोड पर हंगामा कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के मुताबिक दोनों युवतियां रोडवेज बस स्टैंड से स्कूटी द्वारा अपने घर जा रही थीं। तभी पीछे से आ रही एक कार लगातार हॉर्न बजाते हुए उनका पीछा कर रही थी। युवतियों ने रास्ता खाली होने पर आगे निकल जाने की बात कही, लेकिन कार सवार युवक लगातार उनके पीछे चलते रहे। आरोप है कि वी-मार्ट के पास कार ने स्कूटी में टक्कर मार दी, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
युवतियों का आरोप है कि कार सवार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उन्हें धमकाया और अभद्रता की। इसी दौरान एक युवती ने कथित तौर पर एक अधेड़ व्यक्ति का पुलिस पहचान पत्र छीन लिया। पहचान पत्र में नाम धर्मेन्द्र सिंह बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा। राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और लोगों ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि कार में सवार लोगों में सब इंस्पेक्टर राहुल वालियान और हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र सिंह शामिल थे, जो एटा में ही तैनात हैं। सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। वहीं पीड़िता द्वारा शराब पीकर ड्राइविंग करने व छेड़छाड़ कर अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने और गाड़ी सीज करने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर प्रेमपाल सिंह ने घटना की जांच कर कार्रवाई किये जाने की बात कही है।

वर्जन
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने कहा कि फिलहाल पीड़ित पक्ष द्वारा कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

एटा में ट्यूबवेल के कमरे में फंदे से लटका मिला युवक का शव

एटा 22 मई उप्रससे। जनपद में जलेसर कोतवाली क्षेत्र के गांव क्यार के बाहर एक ट्यूबवेल के कमरे में 26 वर्षीय युवक दिनेश का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह और जलेसर थाना प्रभारी संजय राघव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमों को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। फिलहाल युवक की मौत को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और यह रहस्य बना हुआ है कि उसने यह कदम क्यों उठाया।

मृतक के भाई ने बताया कि दिनेश खेत पर पानी भरने गया था और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है।

क्षेत्राधिकारी जलेसर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो पाएगा।

May 20, 2026

भारतीय संग्रहालय: इतिहास, संस्कृति और ज्ञान संरक्षण के केन्द्र – डाॅ० राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा 20 मई उप्रससे। संग्रहालय ऐसी इमारतें या संस्थाएँ हैं जिनमें विविध कलात्मक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, पारम्परिक और वैज्ञानिक वस्तुओं को रखकर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाता है और यह बताया जाता है कि समय के साथ मानवता अपने परिवेश में कैसे जीवित रही है। ये हमारी विरासत के प्रचार और सोच-समझ को बढ़ाने में सहायता प्रदान करते हैं। इन संग्रहालयों को इतिहास का भंडार, सभ्यता की स्मृति तथा ज्ञान का जीवंत केन्द्र कहा जाता है। भारत विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यहाँ सिन्धु घाटी की सभ्यता से लेकर वैदिक, मौर्य, गुप्तकालीन, मुगल आदि समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराएँ रहीं हैं। इस धरोहर को सुरक्षित रखने में संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत में इस संग्रहण परम्परा के केन्द्र राजदरबार, किले, मंदिर-मठ, नालंदा, तक्षशिला आदि होते थे किन्तु पुरातत्व विषय अवशेषों को संग्रहित करने की सबसे पहले 1796 ई० में आवश्यकता महसूस की गई जब बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी ने पुरातत्वीय, नृजातीय, भूवैज्ञानिक, प्राणिविज्ञान दृष्टि से महत्व रखने वाले विशाल संग्रह को एक स्थान पर एकत्र करने की आवश्यकता महसूस की। यह पहला संग्रहालय 1814 ई० में प्रारम्भ किया गया तदन्तर अनेक राज्यों में इनकी स्थापना हुई।
भारत में ये संग्रहालय पुरातात्विक, कला, विज्ञान, लोक एवं जनजातीय, स्मारक, प्राकृतिक आदि विभिन्न विषयों पर स्थापित किए गए हैं। दिल्ली, सारनाथ, मथुरा के राष्ट्रीय संग्रहालयों में प्राचीन सभ्यताओं, मूर्तियों, सिक्कों व शिलालेखों के संरक्षण, सालारजंग, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालयों में चित्रकला, मूर्तिकला, वस्त्रकला, आधुनिक कला को, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, नेहरू विज्ञान केन्द्र मुम्बई में विज्ञान व तकनीक को, शिल्प संग्रहालय दिल्ली, जनजातीय संग्रहालय भोपाल में लोक संस्कृति, जनजातीय जीवन आदि परम्पराओं को सुरक्षित रखने हेतु स्थापना हुई। इसी भाँति गाँधी स्मृति, नेता जी संग्रहालय दिल्ली में महापुरुषों व ऐतिहासिक घटनाओं के लिए बनाए गए,जिनमें उपलब्ध सामग्री अनुसंधान व अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है। भारत के स्थापित इन संग्रहालयों में रखी मोहन जोदड़ो की नृत्यांगना प्रतिमा, अशोक स्तंभ, बुद्ध की प्राचीन मूर्तियाँ, मुगलकालीन चित्रकला, राजस्थानी लघुचित्र, प्राचीन सिक्के, ताड़पत्र पांडुलिपियाँ , जनजातीय कलाकृतियाँ आदि धरोहर भारत जैसे गौरवशाली देश के अतीत की साक्षी हैं। आज की आधुनिक तकनीक में अनेक संग्रहालय अपनी सामग्री को डिजिटल रूप में उपलब्ध करा रहे हैं। इन संग्रहालयों के समक्ष वित्तीय अभाव, तकनीक सुविधाओं का न होना, प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव एवं आम जनमानस में मनोरंजन स्थलों की अपेक्षा संग्रहालयों में कम रुचि लेने जैसी आज भी अनेक चुनौतियाँ हैं, जिनकी ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
सारत: भारतीय संग्रहालय इतिहास, संस्कृति और ज्ञान संरक्षण के महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। ये समाज को उसकी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा ये शिक्षा,अनुसंधान, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक संवाद के सशक्त माध्यम भी हैं। आज के युग में जब वैश्वीकरण और तकनीक परिवर्तन के कारण सांस्कृतिक मूल्यों पर संकट उत्पन्न हो रहा है तब अपनी धरोहर और विरासत को सुरक्षित रखने व सशक्त बनाने की हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है।

एटा में कृषि भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा व्यक्ति

, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

एटा 20 मई उप्रससे। जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर एक व्यक्ति अपनी कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। पीड़ित का आरोप है कि प्रशासन ने उसकी पूर्व की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

फिरोजाबाद जिले के जोधपुर गांव निवासी उमेश कुमार (38 वर्ष) पुत्र भूरे सिंह ने अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जा और जबरन फसल काटने का आरोप लगाया है। यह भूमि एटा जिले की मुजफ्फरपुर हिरौती, परगना एटा सकीट, तहसील एवं जिला एटा में स्थित है। उमेश कुमार ने कहा है कि वह इस भूमि का असली स्वामी है और राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का समतलीकरण भी कराया और अपने खेत में गेहूं की फसल बोई थी। कुछ लोगों ने खेत में घुसकर जबरन गेहूं की फसल काट ली।

इस मामले में प्रवीन पुत्र लज्जाराम, पिंकी पत्नी प्रवीन, हरदेवी पत्नी लज्जाराम (निवासी शीतलपुर, थाना कोतवाली नगर एटा) तथा सचिन पुत्र रायसिंह और संदेश पुत्र रायसिंह (निवासी शाह आलमपुर) पर खेत पर कब्जा करने और फसल काटने का आरोप लगाया गया है।
उमेश कुमार का आरोप है कि उसने इस संबंध में जिलाधिकारी एटा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार एटा, क्षेत्राधिकारी सकीट और थाना मलावन प्रभारी सहित कई संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। विपक्षी लोग खेत को जबरन जोत रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि यदि जमीन उनके नाम नहीं की गई तो वे खेत नहीं छोड़ेंगे।
पीड़ित ने जिला प्रशासन से अवैध कब्जाधारियों को हटाकर उसे उसकी वैध भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी भी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह धरना जारी रखेगा। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

May 18, 2026

एटा में बंटवारे को लेकर हो रही पंचायत में चले लाठी-डंडे, तीन लोग घायल

एटा 18 मई उप्रससे। जनपद में अवागढ़ थाना क्षेत्र के नगला राजा गांव में हिस्सा बंटवारे को लेकर हो रही पंचायत के दौरान दो पक्षों में जमकर संघर्ष हो गया। इस दौरान लाठी-डंडे चले, जिसमें एक पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

दोनों पक्ष एक ही परिवार के हैं और उनके बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और बात मारपीट तक पहुंच गई।

मारपीट में घायल हुए लोगों में एक पक्ष से वीरेश 52 वर्ष पुत्र घनश्याम सिंह, देवराज सिंह 32 वर्ष पुत्र वीरेश और त्रिवेणी देवी 50 वर्ष पत्नी वीरेश शामिल हैं। इन सभी को गंभीर चोटें आई हैं।

घायल पक्ष के सदस्य विष्णु ने बताया कि उनके बीच जमीनी विवाद चल रहा था जिसको लेकर पंचायत हो रही थी, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। तीन लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया है। गंभीर चोटों के कारण वे सीधे अस्पताल आए हैं और उपचार के बाद थाने जाकर पुलिस से शिकायत दर्ज कराएंगे।

अवागढ़ थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि एक पक्ष से दो घायल लोग थाने पर आए थे। उनकी लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।

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