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एटा में हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से 47 बीघा गेहूं की फसल खेत में जलकर राख

April 16, 2026

एटा में हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से 47 बीघा गेहूं की फसल खेत में जलकर राख

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में जलेसर तहसील क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव में हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से 47 बीघा गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लग गई। इस घटना में गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे कई किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से लगी आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करते रहे। ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया।
घटना की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी पीयूष रावत ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व टीम को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी ने प्रभावित किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
इस घटना में सुधा देवी पत्नी नरेंद्रपाल सिंह, कमला देवी पत्नी किशन सिंह, अमर सिंह सीताराम, सागर सिंह पुत्र हरिपाल, लाखन सिंह पुत्र गीतम सिंह, किशन पाल सिंह पुत्र श्यामलाल सिंह, राजकुमार पुत्र लीलाधर, राजवती पत्नी राजेंद्र सिंह, सुनीता रानी पत्नी रामपाल सिंह और गीतम सिंह पुत्र राजपाल सिंह की कुल 47 बीघा जमीन जलकर राख हो गई है।

एटा में राज मिस्त्री को दो दिन पहले मिली धमकी के बाद खेत में मिला शव

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में जैथरा थाना क्षेत्र के छोकरिया गांव में 32 वर्षीय राज मिस्त्री का शव खाली खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। गुरूवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीण गेहूं की कटाई के लिए खेतों में पहुंचे थे, तभी उन्होंने शव पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही जैथरा पुलिस के साथ आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। एडिशनल एसपी श्वेताभ पांडेय और एसपी क्राइम योगेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

मृतक जितेंद्र पुत्र सौदान सिंह पेशे से राज मिस्त्री था और अपने पीछे पत्नी बसंती व चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार में तीन बेटियां सोनम (14), भऊआ (10), रवीना (8) और एक बेटा प्रियांश (10) हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

मृतक जितेंद्र को दो दिन पहले मिली थी धमकी

मृतक के भाई राम मोहन ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले उस व्यक्ति ने जितेंद्र को धमकी दी थी, जिसके बाद से वह काफी चिंतित था। परिजनों को आशंका है कि उसी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सकीट नितेश कुमार गर्ग के नेतृत्व में जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

एटा में बहन की शादी से 3 दिन पहले भाई ने लगाई फांसी, पैसों की कमी के चलते उठाया कदम

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में मारहरा थाना क्षेत्र के फतेहपुर माफी गांव में गुरुवार को 30 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया।

मृतक राकेश पुत्र सतीश कुमार ने घर के दरवाजे के कुंडे पर फंदा लगाकर अपनी जान दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय मोर्चरी भेज दिया।
वहीं मृतक के भाई श्याम पाल ने बताया कि 19 अप्रैल को उनकी बहन की शादी होनी थी और पैसों की कमी के कारण सतीश ने यह कदम उठाया।

8 वर्ष पहले हुई थी मृतक की शादी

राकेश की शादी आठ साल पहले जनपद कासगंज के सहावर थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव में हुई थी। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें छह साल का बेटा आर्यन, चार साल की आरती, दो साल की करिश्मा और एक माह की बच्ची आराध्या शामिल हैं।

पिता सतीश कुमार ने बताया कि वह बेटी की शादी के पिछले कई दिनों से न्यौता बांटने में लगे हुए थे। मेरे तीन बेटे हैं किसी बेटे से शादी के लिए पैसे नहीं मांगे। यह बड़ा बेटा था। शराब पीने का आदी था। घटना के समय हम परिवार के लोग गेहूं उठाने खेत पर गए हुए थे।

मारहरा थाना प्रभारी केके लोधी ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी

April 15, 2026

ऑपरेशन दौरान महिला की मौत, डॉक्टर फरार

एटा में निजी अस्पताल का मामला

एटा। कोतवाली नगर क्षेत्र के शिकोहाबाद रोड स्थित सदाशिव अस्पताल में बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने आई 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया और आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमॉर्टम कराया।

50 साल की रूपा देवी पत्नी वीरपाल निवासी गिलोरी, थाना पटियाली, जनपद कासगंज से एटा में बच्चेदानी का ऑपरेशन करवाने आई थीं। रविवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए उन्हें ब्लड चढ़ाया। एक यूनिट ब्लड चढ़ाने के बाद रूपा देवी की हालत बिगड़ गई। जब डॉक्टर ने दूसरी यूनिट ब्लड चढ़ाया, तो उसी दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के भतीजे मनजीत ने बताया कि मौत के बाद अस्पताल से डॉक्टर फरार हो गए हैं।

वर्जन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि सदाशिव अस्पताल पंजीकृत है। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद एसीएमओ को जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एटा में अभद्रता और इलाज से इंकार पर डॉक्टर मुकेश परमार बर्खास्त

एटा 15 अप्रैल उप्रससे। एटा मेडिकल कॉलेज में पत्रकार से अभद्रता और मरीज का इलाज ठुकराने पर संविदा डॉक्टर मुकेश परमार को बर्खास्त कर दिया, जांच जारी

वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में लगभग एक सप्ताह से चर्चा में चल रहा डाक्टर के गंभीर प्रकरण में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संविदा पर तैनात आर्थोपेडिक्स विभाग के बहुचर्चित चिकित्सक डॉ. मुकेश परमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत और उसके बाद हुई जांच के आधार पर की गई है। जिसमें डॉक्टर पर एक पत्रकार और मरीज के तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार मारपीट करने, मरीज को धमकाने और इलाज से इंकार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से डॉक्टर की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।

सूत्रों के मुताबिक, संबंधित डॉक्टर पर पहले भी दबंगई और अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं। साथ ही उनके द्वारा तीन जगहों पर निजी चिकित्सालय संचालित किए जाने और मैडिकल कालेज से मरीजो को प्राइवेट क्लीनिक ले जाने की भी चर्चा रही है, जिससे विवाद और गहरा गया था। इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह द्वारा डॉक्टर को सस्पेंड किए जाने की मौखिक जानकारी दी गई थी, लिखित आदेश मांगने पर बताया गया कि यह कार्यालय कापी होती है किसी को दी नहीं जा सकती लेकिन लिखित आदेश न देने को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। अब स्पष्ट कार्रवाई सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को कुछ हद तक विराम मिला है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने उक्त प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं जो अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश के नेतृत्व में की जा रही है। मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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