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एटा में एआरटीओ ने सात दिन में 32 चालान, एवं 14 स्कूली वाहन निरुद्ध

May 7, 2026

एटा में एआरटीओ ने सात दिन में 32 चालान, एवं 14 स्कूली वाहन निरुद्ध

बिना परमिट एवं फिटनेस के संचालित वाहनों पर होगी कार्रवाही

एटा 07 मई उप्रससे। जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिना फिटनेस, परमिट एवं सुरक्षा मानकों के संचालित स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने तड़के प्रवर्तन दल के साथ अलीगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। कार्रवाई करते हुए बिना परमिट एवं फिटनेस के संचालित पाए गए वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की गई। 01 से 07 मई के अंतर्गत अब तक 32 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं, जबकि 14 वाहनों को सीज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे वाहन स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे। विभाग द्वारा जनपद में लगातार विद्यालयों में जाकर स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरुद्ध वाहनों को संभागीय निरीक्षक (RI) द्वारा भौतिक निरीक्षण एवं मानकों की पुष्टि के उपरांत ही रिलीज किया जा रहा है।

एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में बीएसए एवं डीआईओएस को पत्र लिखकर निर्देशित करने का आग्रह किया है कि विद्यालयों में संचालित सभी वाहन तत्काल मानकों के अनुरूप कराए जाएँ तथा बिना प्रपत्र संचालित वाहनों को विद्यालयों से हटाया जाए। उन्होंने बताया कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा का मुद्दा जनपद में आयोजित होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठकों में भी लगातार उठाया जाता रहा है, ताकि विद्यालय प्रबंधन नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कर सके।
प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान विद्यालय प्रशासन को संबंधित वाहनों के विरुद्ध पंजीयन निलंबन की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संभागीय निरीक्षक, एटा को वाहनों का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। शासन द्वारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया गया था तथा वाहन स्वामियों एवं विद्यालय प्रबंधन को प्रपत्र पूर्ण कराने हेतु अतिरिक्त 15 से 20 दिनों का समय भी दिया गया। इसके बावजूद कई विद्यालयों द्वारा अभी तक आवश्यक प्रपत्र पूर्ण नहीं कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा भी नाराजगी व्यक्त की गई है। अतः विद्यालक संचालकों से पुनः अनुरोध है की वे शीघ्र ही अपने वाहनों के फिटनेस-परमिट बनवा लें, अब नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध सीधे निरुद्ध (सीज) करने की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एटा में डीजे पर डांस को लेकर चली गोली, दुल्हन के ममेरे भाई के सीने में लगी, अलीगढ़ रेफर

एटा 07 मई उप्रससे। जनपद में मारहरा थाना क्षेत्र के गांव नगला भीम में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस को लेकर हुए विवाद में गोली चल गई। इस घटना में दुल्हन के ममेरे भाई के सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।

नगला भीम निवासी चरण सिंह की बेटी आरती की बारात सोरों गेट कासगंज से आई थी। शादी की रस्में चल रही थीं और एक तरफ डीजे पर नाच-गाना चल रहा था। इसी दौरान बारातियों और घरातियों के बीच डीजे पर नाचने को लेकर कहासुनी हो गई और मारपीट में बदल गई।
विवाद बढ़ने पर भीड़ में शामिल एक युवक ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे दुल्हन के ममेरे भाई के सीने में जा लगी, जिससे वह छटपटाकर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ हायर सेंटर रेफर कर दिया। युवक का उपचार अलीगढ़ के अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सूचना मिलने पर मारहरा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी मारहरा के. के. लोधी ने बताया कि घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

एटा आंगनवाड़ी भर्ती में पहले बांटे नियुक्ति पत्र, फिर इस्तीफा देने का बनाया दबाव

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दो महिलाओं को पहले विधिवत नियुक्ति पत्र देकर जॉइन कराया गया, बैंक खाते खुलवाए गए और सभी औपचारिकताएं पूरी कराई गई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद कथित रूप से दबाव बनाकर उनसे इस्तीफा लिखवा लिया गया।

जांच कमेटी पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे सक्षम न्यायालय की शरण लेंगी।

सकीट ब्लॉक के ग्राम छछैना केंद्र पर मंजू राठौर का चयन आंगनवाड़ी सहायिका पद पर हुआ था। उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर जॉइनिंग कराई गई और बैंक खाता तक खुलवाया गया। जॉइनिंग के बाद अधिकारियों ने यह कहते हुए नियुक्ति निरस्त कर दी कि उनका निवास दूसरी ग्राम पंचायत में है। इसके बाद उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवा लिया गया।

मंजू के पति उमेश ने बताया कि वे कई दिनों से विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। उनका सवाल है कि यदि ग्राम पंचायत को लेकर आपत्ति थी तो नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले जांच क्यों नहीं की गई।
दूसरा मामला मारहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरनऊ (नगला मानधाती) का है, जहां दामिनी पत्नी रवि कुमार को भी करीब 20 दिन पहले नियुक्ति पत्र दिया गया था। बाद में अधिकारियों ने यह कहते हुए चयन रद्द कर दिया कि उनके पास कक्षा 12 के शैक्षिक प्रमाण पत्र नहीं है। इस मामले में भी आरोप है कि उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिखवाया गया।
दोनों मामलों में जांच कमेटी की कार्यप्रणाली कटघरे में है। नियमों के अनुसार आवेदन में किसी भी त्रुटि को प्रारंभिक जांच में ही पकड़ा जाना चाहिए था, लेकिन यहां पहले चयन और नियुक्ति के बाद खामियां निकाली गई। जांच में गंभीर लापरवाही हुई या फिर जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि जांच कमेटी के सदस्यों को निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। पहले भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जब एक अयोग्य अभ्यर्थी को जीआईसी में प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया गया था। बाद में नियुक्ति निरस्त होने पर मामला कोर्ट पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थी के पक्ष में फैसला देते हुए नियुक्ति बहाल करने के आदेश दिए थे। प्रशासनिक लापरवाही के ऐसे मामले न्यायालय तक पहुंचकर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

वर्जन
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि मंजू राठौर का चयन ग्राम पंचायत अलग होने के कारण निरस्त किया गया। दामिनी का चयन शैक्षिक योग्यता अधूरी होने के कारण रद्द किया गया।

एटा में कोतवाली के सामने हाईवे पर अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, बेटी की मौत पिता घायल

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में बुधवार को पिलुआ थाना के सामने हाईवे पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय विवाहिता अमना बेगम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता सफा हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां चिकित्सकों ने अमना बेगम पत्नी अफसर हुसैन को मृत घोषित कर दिया। घायल पिता सफा हुसैन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सफा हुसैन हाथरस जिले के सासनी थाना क्षेत्र के रगनिया गांव के निवासी हैं। वह अपनी बेटी अमना को उसकी ससुराल जनपद मैनपुरी के गांव इंदरगढ़ छोड़ने जा रहे थे।

पिलुआ थाना प्रभारी संदीप सिंह राणा ने बताया कि पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश में एक टीम को सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए लगाया गया है।

एटा में दो विवाहिता की संदिग्ध मौत, एक फांसी तो दूसरी ने खाया जहर

एटा 06 मई उप्रससे। जनपद में अलग-अलग मामलों में दो विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। एक ने फांसी लगाई और दूसरी ने जहर खाया। पुलिस जांच में जुटी।

जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो विवाहिता महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पहली घटना थाना अवागढ़ क्षेत्र के यादव नगर की है, साधना की शादी यादव नगर निवासी अमित कुमार के साथ हुई थी। जहां 28 वर्षीय विवाहिता साधना का शव घर में फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दीक्षित ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी घटना थाना रिजोर क्षेत्र के गांव नगला विके की है, जहां 26 वर्षीय विवाहिता रीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रीता की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व यशपाल के साथ हुई थी।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मामला घरेलू कलह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दोनों मामलों में पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

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