Web News

www.upwebnews.com

गोरखपुर: मासूम बच्ची की हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, आरोपी को फांसी देने की मांग

August 1, 2026

गोरखपुर: मासूम बच्ची की हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, आरोपी को फांसी देने की मांग

Posted on 01/08/2026
Time 17:55 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा )। जिले में मासूम बच्ची की निर्मम हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शनिवार को सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसे शीघ्र फांसी की सजा देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा कहा कि इस जघन्य घटना ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी को जल्द कठोर सजा नहीं मिली तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने मृतक बच्ची की स्मृति में मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, दोषी को कठोरतम सजा दी जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन के दौरान एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में गोरखपुर में एक मासूम बच्ची की हत्या की घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा लगातार दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

शव रखकर जाम कर विरोध प्रदर्शन करने पर 67 लोगों पर मुकदमा

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP
MO –9919606061

प्रतापगढ़ में जेठवारा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत के बाद शव रखकर सड़क जाम करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने शनिवार को मामले में 7 नामजद समेत 67 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन पर सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी सहित कई धाराओं में कार्रवाई की गई है। गुरवार को जेठवारा थाना क्षेत्र में एक कार ने साइकिल सवार 60 साल के रामाश्रय विश्वकर्मा को टक्कर मार दी थी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने जेठवारा-कुंडा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप पुलिस के मुताबिक, जाम खुलवाने पहुंची टीम के साथ कुछ लोगों ने कथित रूप से हाथापाई की, गाली-गलौज की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने जाम समाप्त कराकर यातायात सामान्य कराया।7 नामजद, 60 अज्ञात पर केस घटना के बाद एक दरोगा की तहरीर पर 7 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नामजद आरोपियों में अशोक यादव, देवेंद्र यादव, विनोद विश्वकर्मा, आशीष, पवन और राम सिंह सहित सात लोग शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान भी कर रही है।सीओ बोले – विधिक कार्रवाई जारी सीओ सदर मनोज रघुवंशी ने बताया कि सड़क पर जाम लगाकर आवागमन बाधित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कुल 67 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

प्रतापगढ़ ओवरस्पीड और नशे में वाहन चलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP
MO –9919606061

प्रतापगढ़। जनपद में सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से प्रतापगढ़ पुलिस को शनिवार को अत्याधुनिक इनोवा इंटरसेप्टर वाहन की सौगात मिली। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने पुलिस लाइन परिसर से वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार, क्षेत्राधिकारी यातायात रविन्द्र प्रताप सिंह, प्रतिसार निरीक्षक राजीव कुमार राय सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह इंटरसेप्टर वाहन सड़क पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर पैनी नजर रखेगा। वाहन में लगी स्पीड गन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार से चलने वाले वाहनों की पहचान कर तत्काल ई-चालान जारी करने में सक्षम है। इससे ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। वाहन में ब्लैक फिल्म की जांच के लिए आधुनिक मापक उपकरण तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच के लिए ब्रीथ एनालाइज़र भी लगाया गया है। इन उपकरणों की मदद से नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन को राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, दुर्घटना संभावित स्थानों तथा व्यस्त मार्गों पर नियमित रूप से तैनात किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना तथा आमजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं तथा सभी यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।यह संस्करण समाचार-पत्र प्रकाशन के लिए अधिक आकर्षक, संतुलित और पेशेवर शैली में तैयार किया गया है।

बाइट — पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर

एटा में बिजली कटौती से नाराज किसानों ने अवागढ़ बिजलीघर पर किया प्रदर्शन

एटा 01 अगस्त उप्रससे। जनपद के अवागढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बोर्रा खुर्द के किसानों ने शनिवार को अवागढ़ बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। किसानों ने समय पर बिजली आपूर्ति न मिलने का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।

किसानों का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनके खेतों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
उन्होंने बिजली विभाग से तत्काल नियमित और निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
इस प्रदर्शन के दौरान डॉ. रवेंद्र पाल, दिलीप कुमार, योगेश कुमार, मुनेश और महेंद्र पाल सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। सभी किसानों ने विभागीय अधिकारियों से बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार करने की अपील की।

एटा में शिक्षामित्रों ने सदर विधायक को 26 साल की सेवा के आधार पर समायोजन की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

एटा 01 अगस्त उप्रससे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने शनिवार को सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड को एक ज्ञापन दिया। इसमें प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संघ ने विधायक से इन मांगों को मुख्यमंत्री और विधानसभा में प्रमुखता से उठाने का अनुरोध किया, ताकि शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिला अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि शिक्षामित्र पिछले 26 वर्षों से बेसिक शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित कर रहे हैं। अधिकांश शिक्षामित्र स्नातक और बीटीसी प्रशिक्षित हैं, तथा शिक्षक बनने की आवश्यक योग्यता रखते हैं। हालांकि, उन्हें अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।
शिक्षामित्रों की प्रमुख मांगों में विभागीय टीईटी परीक्षा में उन्हें शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, टीईटी उत्तीर्ण लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन करने की मांग की गई है। वर्ष 2017 के आंदोलन के दौरान एटा में 17 शिक्षामित्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी अपील की गई है।
अन्य मांगों में समायोजन होने तक 12 माह का मानदेय और 62 वर्ष तक सेवा का लाभ देना शामिल है। शिक्षामित्रों ने शिक्षकों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा और बीमारी की स्थिति में बिना मानदेय कटौती के चिकित्सकीय अवकाश की भी मांग की है। साथ ही, मूल विद्यालय वापसी संबंधी शासनादेश को जल्द प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की गई है, जिससे दूरदराज में तैनात शिक्षामित्रों को राहत मिल सके।

शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने विधायक से इन लंबित मुद्दों पर सरकार के समक्ष मजबूती से हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने का प्रयास करने की अपेक्षा व्यक्त की। ज्ञापन सौंपने बालों में सुनहरी सिंह, किशन सिंह, सुनील चौहान, प्रशांत तिवारी, भील। यादव, भूपेंद्र यादव शामिल रहे हैं।

Older Posts »