Web News

www.upwebnews.com

NDA बच्चियों को ढाल बनाकर राजनीत नहीं करती

June 16, 2026

NDA बच्चियों को ढाल बनाकर राजनीत नहीं करती

बच्चियों पर राजनीत करना सपा का चरित्र है जो जिम्मेवार है उन पर मुकदमे हो रहे हैं। भाजपा विधायक का करारा जवाब।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 16/06/2026

बलिया, सोशल मीडिया पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से उत्तरप्रदेश की सियासत गर्मा गई है ऐसे में बलिया के बांसडीह विधानसभा से बीजेपी की फायर ब्रांड नेता केतकी सिंह ने सपा सांसद डिम्पल यादव द्वारा लगाए आरोप कि (दानपात्र से हुई लुट की घटना से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी अदिति यादव पर बयानबाजी करा रही है) पर तीखी प्रतिक्रिया दी है कहा NDA बच्चियों को ढाल बनाकर राजनीत नहीं करती। इस तरह की राजनीति समाजवादी पार्टी करती है क्योंकि उनका यही चरित्र है। मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों पर शर्मनाक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं। इन घटनाओं में जो भी जिम्मेवार हैं उन पर मुकदमे हो रहे हैं चाहें उनकी बेटी का मामला हो या राममंदिर का मामला।

June 7, 2026

बलिया में दिन दहाड़े डकैती, नकाबपोशों ने घर में घुसकर महिलाओं को बनाया बंधक और नकदी जेवरात लेकर हुए फरार

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 07/06/2026

बलिया, 07 जून 2026,   खेज़ुरी थाना अंतर्गत खड़सरा गाँव में दिन दहाड़े आधा दर्जन नकाबपोशों ने असलहे के बल पर एक अल्पसंख्यक परिवार के घर मे डकैती की। विरोध करने पर घर की महिलाओ को बंधक बनाकर जमकर पीटा। घर के सारे जेवरात और नगदी लेकर हुए फरार। मौके पर पहुंची पुलिस ने FIR दर्ज कर डकैतों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें की गठित।

घर के बाहर पुलिस की मौजूदगी की यह तस्वीरे बलिया के खेजुरी थाना क्षेत्र के खडसरा गांव की है जहाँ एक अल्पसंख्यक परिवार के घर मे दिन दहाड़े आधा दर्जन डकैतों ने धावा बोल दिया। पीड़ित परिवार की माने तो उस वक्त घर मे सिर्फ महिलाएं ही थी । डकैतों ने असलहे के बल पर घर का सारा सामान और जेवरात लूट लिया और ले गए विरोध करने पर उन्हें जमकर पीटा। जाते जाते डकैतों ने पुलिस में शिकायत करने पर उनके पति को हत्या करने की धमकी देते गए। पीड़ित परिवार पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहा है।

पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है वही अपराधियो की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमे गठित कर जांच शुरू कर दिया है।

June 6, 2026

घाघरा नदी पर हो रहे कार्यों को लेकर कटान पीड़ितों ने उठाए सवाल

बाढ़ आई तो नही बचेगा गांव। नदी से सीसी टीवी हुई गायब,अधिकारी मौन।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 06/06/2026

Ballia News UP Samachar Sewa

बलिया, भले ही यूपी सरकार बड़े बड़े दावे कर रही हों कि नदियों के किनारे बसे गांवों को बचाने के लिए सरकार कट्टीबद्ध है और करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही हों लेकिन जमीनी हकीकत तो यह है कि आपदा में भी अवसर तलासी जा रही है कि कब बाढ़ आए और कमाई का एक बड़ा जरीया बनें और पानी के पैसा पानी में चला जाए।जी हां आपने सही सुना है कि जब बाढ़ आने वाली होती है तो बाढ़ विभाग नदियों पर काम शुरू कर देती है और जब बाढ़ आती है तो कराए गए कार्यों को पानी में अपने साथ ही बहा ले जाती है जिसका उदाहरण बलिया के बांसडीह तहसील क्षेत्र के चांदपुर गांव में घाघरा नदी पर कराए गए कार्यों को देखने को मिला।जहां चांदपुर में घाघरा नदी पर बाढ़ विभाग के द्वारा ठोकरी का निर्माण कार्य कार्य जा रहा है। जहां घाघरा नदी पर निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली।ग्रामीणों के द्वारा बाढ़ विभाग में कार्य करा रहे ठेकेदारों के द्वारा निर्माण कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया है ग्रामीणों का आरोप है कि जहां नदी में पानी बढ़ने के बाद कही कही कटान हो रहा है जो प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर नदी में डाल दिया जा रहा है जो पूरी तरह से मिट्टी गल जा रही है और बोरियां ऊपर दिखाई देने लग रही है। जो ठोकरी का कार्य चल रहा है वह भी मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है अगर इस बाद बाढ़ आई तो ठोकरी रुकने वाली नही है और वह भी नदी में बह जायेगी।क्योंकि बाढ़ विभाग के द्वारा पिछले साल भी नदी पर ठोकरी का निर्माण कार्य हुआ था वह भी पिछले साल नदी में कटान में बह गई जो आपके सामने घाघरा नदी में पांच ठोकरी दिखाई देने लगा है उसी ठोकरी के चलते नदी अब गांवों की तरफ बढ़ रही है अगर इस बार बाढ़ आई तो गांव को बचाना मुश्किल हो जायेगा। हालांकि यह बाढ़ विभाग के द्वारा कहा जा रहा है कि घाघरा नदी पर सीसीटीवी लगाई गई जो बाढ़ विभाग के द्वारा जो कार्य कराया जा रहा है उसकी मानरिटिंग बकायदे लखनऊ से की जा रही है लेकिन चांदपुर में नदी पर कही सीसी टीवी दिखाई नही दे रहा है वही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाढ़ विभाग के कर्मचारियों के द्वारा सीसी टीवी को हटा दिया गया है और यहां पर यह लोहे की पाइप रखी गई है जिसमे सीसी टीवी लगाने की बात हो रही है लेकिन नदी पर कही भी सीसी टीवी नही दिखाई दे रहा है।

June 5, 2026

बंगाल के चर्चित हत्याकांड का बलिया कनेक्शन, गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर

पत्नी बोली सीबीआई पर भरोसा।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 04/06/2026
बलिया, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के पिए चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही है, इसके तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहरे जुड़ते जा रहे है। हर बीतते दिन के साथ यह हाई प्रोफाइल मामला एक नया मोड़ ले रहा है।अब इस पूरे हत्याकांड में बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर यह आ रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए मोनू सिंह ने बलिया के गैंगेस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में नाम उछलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस और जांच एजेंसीयां कई बार मोनू सिंह के गांव पहुंची थी। पुलिस ने मोनू के परिजन और ग्रामीणों से कड़ी पूछता की थी। खुद को चौतरफा घिरता देख मोनू सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उसने बंगाल की इस चर्चित हत्याकांड में खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर गुहार लगाई थी।

मोनू सिंह के अधिवक्ता शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी के आधार पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया जहां तक पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम जुड़ने की बात है, तो इस बारे में फिलहाल हमारे पास कोई खास या आधिकारिक जानकारी नही है, बताया परिजनों के द्वारा पता चला है कि पुलिस कई बार मोनू सिंह के घर गयी थी।

मोनू सिंह के सरेंडर करने के बाद उसकी पत्नी महिमा सिंह मीडिया के सामने आई। महिमा ने पति के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बंगाल पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई पर बड़ा बयान है।महिमा सिंह ने कहा आज मेरे पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा है, इस बारे में हमे कोई जानकारी नही है। लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम हमारे घर पर 3 से 4 बार आ चुकी है। जांच एजेंसियां हमारे घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गई है। बोली मुझे सीबीआई पर भरोसा है कि वह निष्पक्ष जांच करेगी। मेरे पति पूरी तरह निर्दोष है और हमे न्याय जरूर मिलेगा।

पश्चिम बंगाल के एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए बलिया के शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने से पहले एक वीडियो संदेश अपने फेसबुक अकाउंट पर जारी किया। इस वीडियो में मोनू सिंह ने देश के शिर्ष नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

वीडियो में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने कहा आदरणीय योगी जी मोदी जी और सीबीआई महोदय से मेरा निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, मोनू का आरोप है कि उसे एक बड़ी साजिश के तहत फसाया जा रहा है।

मोनू सिंह ने अपने ही गांव के प्रभावशाली व्यक्ति मुकेश सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, मुकेश सिंह एक बेहद रसूखदार और पहुंच वाला व्यक्ति है। इसके खिलाफ बलिया गाजीपुर और लखनऊ में कम से कम 10 मुकदमे दर्ज है। मोनू ने आरोप लगाया कि बांसडीह थाने की पुलिस मुकेश सिंह को पूरा सहयोग करती है। अपराधीक इतिहास होने के बावजूद पुलिस ने उसे पिस्तौल का लाइसेंस और गनर तक मुहैया करा रखा है। आपसी विवाद के कारण मुकेश सिंह उसे हर मामले में घसीटना चाहता है। मोनू ने मुकेश पर धोखाधड़ी करने और गाजीपुर में डीएम द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी कहीं।

गैंगस्टर मोनू ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि वह अब भागते-भागते थक चुका है और कानून के सामने हाजिर होना चाहता है लेकिन उसे उत्तर प्रदेश पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है क्योंकि इन्होंने हर जगह अपने लोगों को लगा रखा है जो मेरा एनकाउंटर करना चाहते हैं ताकि यह मामला यहीं दब जाए और सच मुकेश सिंह तक न पहुंच सके।

मोनू सिंह ने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ बताया। उसने कहा मैं भी एक आरएसएस का बेटा हूं। मेरे बारे में भी पता किया जाए मेरे ऊपर जो भी कैस दिखाया जा रहा है, अगर सीबीआई उनकी निष्पक्ष जांच करेगी तो सच सामने आ जाएगा। उसने यह स्वीकार किया कि उसका एकमात्र कसूर यह था कि उसने मुकेश सिंह के कहने पर गाजीपुर में सिर्फ एक गाड़ी छोडी थी और वह आगे की जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद जांच एजेंसियां क्या रुख अपनाती है। फिलहाल मोनू सिंह ने गैंगस्टर कोर्ट बलिया में आत्मसमर्पण कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड मामले में बंगाल की सियासत के साथ-साथ अब यूपी के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।बलिया के एक छोटे से गांव से जुड़े इस तार ने जांच एजेंसियों को भी चकरा दिया है।अब देखना यह होगा कि गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर के बाद क्या पश्चिम बंगाल पुलिस या सीबीआई मोनू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए बलिया कोर्ट का रुख करती है या नहीं।

June 2, 2026

पेंशन सत्यापन में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तीन अधिकारियों का वेतन रोकने के दिए आदेश

45 दिन से लंबित पेंशन आवेदनों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश*

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा प्रोबेशन (महिला कल्याण) विभाग की पाक्षिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को पेंशन सत्यापन कार्य में तेजी लाने तथा छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने पेंशन सत्यापन में लापरवाही पाए जाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रमेश कुमार, जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजन कुमार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान टेंडर प्रक्रिया में देरी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आवश्यक होने पर वेतन रोकने के साथ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने जिला दिव्यांगजन अधिकारी को सभी पेंशनधारकों का ब्लॉकवार डाटा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही अगली बैठक में कुल दिव्यांग पेंशनधारकों एवं पेंशन से वंचित पात्र व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। पेंशन सत्यापन की खराब प्रगति पर उन्होंने वेतन रोकने के निर्देश भी दिए।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मदरसों का शत-प्रतिशत सत्यापन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी की समीक्षा में पेंशन सत्यापन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशन से संबंधित कोई भी आवेदन 45 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। जिन मामलों में 45 दिनों से अधिक की देरी हुई है, उनमें संबंधित तहसीलों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। साथ ही जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को शादी अनुदान योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवेदन संख्या, स्वीकृत मामलों तथा लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीयअधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निस्तारण और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अगली समीक्षा बैठक में प्रगति में सुधार स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
———

Older Posts »