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फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने की मांग, उपज ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

June 15, 2026

फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने की मांग, उपज ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

पत्रकारों की अद्यतन सूची तैयार कर आईडी कार्ड जारी करने सहित चार प्रमुख मांगें उठाईं

ब्यूरो चीफ : बिजनौर

बिजनौर। जनपद में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा स्वयंभू पत्रकारों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट (उपज) के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिना वैध पहचान अथवा मान्यता के स्वयं को पत्रकार बताने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई।
उपज के जिलाध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि वर्तमान समय में जनपद में कई ऐसे व्यक्ति सक्रिय हैं, जो बिना किसी वैध पहचान अथवा मान्यता के अपने वाहनों पर “प्रेस” एवं “मीडिया” लिखकर पत्रकार होने का दावा करते हैं। इससे आम जनता एवं विभिन्न सरकारी विभागों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। साथ ही पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित होने के साथ-साथ वास्तविक पत्रकारों की छवि एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सूचना विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न समाचार पत्रों एवं मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों की अद्यतन सूची तैयार कर परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य प्रमुख सरकारी विभागों को उपलब्ध कराया जाए। सूची में पत्रकार का नाम, मोबाइल नंबर, समाचार संस्थान तथा वाहन संख्या अंकित की जाए, जिससे वास्तविक एवं फर्जी पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा सूचना विभाग द्वारा पत्रकारों को अधिकृत पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी किए जाने तथा भारत सरकार के रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया (आरएनआई) से पंजीकृत समाचार पत्रों एवं ई-पेपर/पीडीएफ समाचार पत्रों को सूचना विभाग में संधारित एवं सूचीबद्ध किए जाने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिन वाहनों पर “प्रेस” अथवा “मीडिया” अंकित है, उनकी समय-समय पर जांच कराई जाए तथा जिन व्यक्तियों के पास वैध पत्रकारिता संबंधी प्रमाण अथवा पहचान पत्र उपलब्ध न हो, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इससे प्रेस पहचान के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
उपज पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से उक्त मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक, राजेन्द्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बाबू राम आर्य, मुकुल पाल, रिजवान सिद्दीकी, लव अग्रवाल, जावेद अहमद, सुमित गौड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

June 5, 2026

बिजनौर : जिला सैनिक बंधु की बैठक में डीएम ने दिए समस्याओं के निराकरण के निर्देश

बिजनौर 04 जून, 2026:-जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सैनिक बन्धु की बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निदान के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है और उनकी सभी शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सैनिक बंधु बैठक के रूप में जो प्लेटफार्म दिया है, जिला प्रशासन इसका भरपूर लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों एवं उनके परिवारों के हितों का संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी पूर्व सैनिक शिकायतकर्ताओं की शिकायत को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए कहा गया। बैठक में पूर्व सैनिकों द्वारा सड़क, भूमि विवाद, शस्त्र लाइसेंस, अवैध अतिक्रमण आदि के संबंध में शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं। उन्होंने प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनकी शिकायतों के समाधान के लिये गंभीर है और सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समयपूर्वक तत्पर के साथ निस्तारण कराया जाएगा।
बैठक के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन अनिल गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं पूर्व सैनिक बन्धु मौजूद थे।

June 1, 2026

बिजनौर: सीएम ने विभाजन पीड़ितों को दिए भूमि के पट्टे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम आलमपुर गांवड़ी में विभाजन विभीषिका के पीड़ित परिवारों एवं सैनिकों लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र किए गए प्रदान*

बिजनौर 01 जून 2026,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद के विकास खंड अफजलगढ़ स्थित ग्राम आलमपुर गांवड़ी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के वंचित, शोषित एवं जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों एवं लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि भूमिधरी अधिकार मिलने से लाभार्थियों को न केवल भूमि पर वैधानिक स्वामित्व प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुगमता से मिल सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों तथा अन्य योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, डेमो चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा चयनित 11 प्रेरणादायी लाभार्थियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे तथा अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने तथा सरकारी योजनाओं का सदुपयोग कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। विभाजन विभीषिका के शिकार विस्थापितों को भूमि आवंटन के मालिकाना अधिकार के अभिलेख पत्र प्रदान करने से पूर्व उन्होंने विभिन्न विभागों के तत्वावधान लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस‌ अवसर पर सांसद बिजनौर चंदन चौहान, मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राजस्व विभाग सुरेन्द्र सिंह, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा क्षेत्राध्यक्ष श्सतेंद्र सिसोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, विधायक बिजनौर श्रीमती सूचि चौधरी, धामपुर अशोक राणा, नहटौर ओम् कुमार, बढ़ापुर सुशांत सिंह, पूर्व सांसद बिजनौर व नगीना, जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

May 29, 2026

समीपुर पीएचसी के नोडल अफसर डॉक्टर का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल

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Posted on 29.05.2026 Time 04.05 PM

बिजनौर , 29 मई 2026, स्वास्थ्य विभाग में ‘सेवा’ के नाम पर मेवा’ खाने की चर्चाएं तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन बिजनौर के नजीबाबाद से जो खबर सामने आई है, उसने महकमे की साख को तार-तार कर दिया है। समीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नोडल अफसर डॉ. प्रमोद देशवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें साहब सरेआम एक झोलाछाप डॉक्टर से ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) की डील करते और पैसे लेते हुए कैद हो गए हैं।​

वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि साहब बड़ी बेबाकी से कह रहे हैं— “तेरे पास मुझे तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं।” मतलब साफ है, साहब का यह ‘चक्कर’ कोई इलाज के लिए नहीं, बल्कि अपनी जेब गर्म करने के लिए था। 5 हजार रुपये की यह रकम रिश्वत की है या ‘हफ्ता-वसूली’, यह तो जाँच का विषय है, लेकिन जिस तरह से एक जिम्मेदार अफसर एक झोलाछाप डॉक्टर के साथ पैसे का लेन-देन कर रहा है, वह सिस्टम के मुंह पर एक बड़ा तमाचा है।
​​जब वीडियो वायरल हुआ और मामला तूल पकड़ा, तो आरोपी डॉक्टर प्रमोद देशवाल ने अपना बचाव करते हुए बड़ा ही दिलचस्प तर्क दिया। साहब का कहना है कि उन्होंने तो बस अपना ‘उधार’ दिया हुआ पैसा वापस लिया था।
उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक ‘गहरी साजिश’ करार दिया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी अस्पताल के नोडल अफसर का काम अस्पताल में बैठकर अपना ‘उधार’ वसूलना है
इस पूरे ‘घूसकांड’ ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। बिजनौर की डीएम जसजीत कौर ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत जाँच के आदेश दे दिए हैं। अब देखना यह है कि जाँच की आंच में कौन-कौन झुलसता है और क्या डॉक्टर साहब की ‘उधार वाली दलील’ जाँच टीम को हजम होती है या नहीं।
सवाल यह उठता है कि अगर एक नोडल अफसर खुद झोलाछाप डॉक्टरों से ऐसे डील करेगा, तो आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा कौन करेगा? क्या ये महज एक इत्तेफाक है या बिजनौर स्वास्थ्य विभाग के अंदर पनप रहे एक बड़े भ्रष्टाचार का छोटा सा हिस्सा है।

May 27, 2026

जाट समाज ने राजकुमार भाटी के बयान के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा

बिजनौर 27 मई 2026 । जाट आरक्षण संघर्ष समिति एवं अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के पदाधिकारीयो ने संयुक्त रूप से समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा जाट समाज एवं अन्य समाज की महिलाओं के प्रति अशोभनीय टिप्पणी करने पर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में कहा गया है कि विगत दिनों समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा जाट समाज के प्रति अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। जिससे जाट समाज में भारी आक्रोश है। जाट समाज भाटी के कथित शब्दों की कड़ी निंदा करते हुए उनसे समाज के सामने माफी मांगने की प्रबल मांग करता है। तथा कहा कि ऐसी ओछी मानसिकता वाले व्यक्ति को किसी भी सामाजिक/ राजनीतिक पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। भाटी द्वारा जाट समाज ही नहीं, ब्राह्मण एवं गुर्जर जाति की महिलाओं के प्रति भी अनर्गल बयान देकर वैदिक सनातन धर्म का अपमान किया गया है। इससे लगता है कि राजकुमार भाटी मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं। इसलिए इन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
महोदया, आपके सर्वोच्च पद से भी ऐसे नेताओं के विरुद्ध कानूनी दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की जाती है।
ज्ञापन देने वालों में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष चौधरी अमन सिंह, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष डॉ मधु सिंह, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव नितिन मौर्य, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रदेश सचिव डॉ विकुल मलिक सहित सैकड़ो लोग शामिल रहे।

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