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टीएमयू के डॉ. मुकुल सैन का पेटेंट बदल देगा ऊंटों की सूरत-सीरत

July 13, 2026

टीएमयू के डॉ. मुकुल सैन का पेटेंट बदल देगा ऊंटों की सूरत-सीरत

Posted on 13.07.2026 Time 07.21 PM, Monday, Teerthankar Mahaveer University (TMU) Moradabad, Dr Mukul Sain, College of Agriculture Sciences, Patent on Camel, News Source Prof Shyam Sundar Bhatia

मुरादाबाद, 13 जुलाई 2026, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सैन प्रतिभा के धनी, नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल, 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड, इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं, कनाडा से 01 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार, डॉ. सैन की झोली में आधा दर्जन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस है, देश-विदेश में 28 शोध पत्रों के संग-संग अब तक दो किताबें भी हो चुकी हैं प्रकाशित

Dr. Mukul Sen of TMU will change the patent of camels Surat-Seerat

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सैन ने नवाचार में ऊंची छलांग लगाई है। डॉ. सैन ने घुमन्तू ऊंट पालकों के लिए जीवनदायिनी सरीखा डिजाइन पेटेंट यूके से प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है, इन दिनों राजस्थान में न केवल ऊंटों का जीवन संकट में है, बल्कि घुमन्तू पालकों की रोजी-रोटी पर भी दांव लगा है। यूं तो ऊंटों की संख्या राजस्थान में सर्वाधिक है। एक आंकड़ें के मुताबिक हिन्दुस्तान में कुल ऊंटों का 85 प्रतिशत ऊंट केवल राजस्थान में पाए जाते हैं। यह बात दीगर है, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, यूपी आदि में भी ऊंटों का पालन किया जाता है। एक दर्जन पेटेंट अपनी झोली में रखने वाले डॉ. सैन ने इनके दर्द को संजीदगी से समझा है। इस पेटेंट से उन्होंने रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों और उनके कारोबारियों के लिए आशा की किरण जगा दी है। डॉ. सैन को सोलर असिसटेड मोबाइल कैमल डेयरी मिल्किंग मशीन का यूके के इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स ऑफिस से डिजाइन पेटेंट मिला है। यदि यह जमीनी हकीकत में बदलता है तो डिजाइन की गई इस मशीन में रेगिस्तान में भी 04 डिग्री तापमान तक घुमन्तू ऊंटों का दूध स्टोर किया जा सकता है। 20 लीटर क्षमता के डिजाइन की लागत करीब 1 से 1.5 लाख तक रहेगी। इस मशीन में चराई के दौरान मिल्किंग के बाद दूध ऑटोमेटिक ही ठंडा और स्टोर हो जाएगा। यह सौर ऊर्जा पर आधारित है, जोकि रेगिस्तान में भरपूर मात्रा में मिलती है। टीएमयू के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन इस एक्सक्लूसिव पेटेंट डिजाइन पर डॉ. मुकुल सैन को बधाई देते हुए कहते हैं, यह पेटेंट ऊंटों और ऊंट पालकों के लिए बेशकीमती सौगात है। उन्होंने उम्मीद जताई, इस नवाचार से ऊंट के दूध का गुणवत्तापूर्ण संरक्षण के संग-संग बाजार का भी विस्तार होगा। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ के डीन प्रो. प्रवीन कुमार जैन कहते हैं, कॉलेज के लिए यह गौरव का विषय है। ऐसे प्रसंस्करण भविष्य में दूध के क्षेत्र में नई संभावनाएं और नवाचार के द्वार खोलेंगे।

पंजाब के अबोहर में जन्मे डॉ. सैन ने ऊंटों और ऊंट पालकों के दर्द को करीब से देखा है। छोटूपन में यह दंश तो वह नहीं समझ पाए लेकिन एग्रीकल्चर और डेयरी में उच्च शिक्षा-दीक्षा के दौरान उन्होंने ऊंटों के जीवन कल्याण की ठानी। सोचा एक ऐसा डिजाइन ईजाद किया जाए, जिससे इनके दिन बहुर जाएं। डॉ. सैन नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टिटयूट- एनडीआरआई, करनाल से डेयरी इंजीनियरिंग में पीएचडी हैं। राजस्थान के बीकानेर में प्रवास के दौरान उन्होंने ऊंट के दूध की गुणवत्ता के संरक्षण की ठानी, क्योंकि इसमें औषधीय गुण हैं। जैसे ऊंट का दूध बेनिफिसियल एक्टिव प्रोटीन से भरपूर है। डायबिटीज और पेट के रोगों में वरदान है। इसका प्रयोग ऑटिज़्म रोगियों के लिए भी किया जाता है। अब तक इसका सर्वाधिक बाजार मिल्क पाउडर के रूप में है। अब उम्मीद की जाती है, यह लिक्विड रूप में भी मिल जाएगा। डॉ. सैन प्रतिभा के धनी हैं। नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल है। 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड हैं। इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं, कनाडा से 01 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार हैं। डॉ. सैन की झोली में आधा दर्जन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस हैं। 28 शोध पत्र देश-विदेश में प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. सैन की 2020 में नेचुरल फाइबर कंपोजिस्ट्स, 2023 में फ्यूचरिस्टिक ट्रेंड्स इन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एंड फूड साइंसेज़ पब्लिश हो चुकी हैं। इसके अलावा वेलेराइजेशन ऑफ वेस्ट राइस स्ट्रा और एडवांसेज़ इन इंडीजीनियस डेयरी प्रोडक्ट्स की पांडुलिपियां प्रकाशकों के पास हैं। इन पुस्तकों को स्प्रिंजर सरीखे इंटरनेशलन पब्लिशर्स प्रकाशित करेंगे। इसके अलावा आठ इंटरनेशनल बुक चौप्टर समेत एक लैब मैन्युअल भी उनकी झोली में है। डॉ. सैन भविष्य की प्लानिंग बताते हुए कहते हैं, दूध हमेशा से उनके चिंतन और मनन का विषय है। वह अब दूध के उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की तकनीकों पर भी रिसर्च करेंगे।

हकीकत यह है, ऊंटों और पालकों की दुश्वारियां जग जाहिर हैं। देश में सर्वाधिक ऊंटों की संख्या राजस्थान में है। राजस्थान के ख़ासकर बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर सरीखे जिलों में पुरसा हाल नहीं है। कड़वी सच्चाई यह है, राजस्थान सरकार की आंख मूंदु नीति के चलते ऊंट पालन कारोबार मुनाफे का सौदा कभी नहीं रहा है। इस पेटेंट के बाद न केवल ऊंट पालक अपना दूध बेच सकेंगे, बल्कि इनके प्रति मुहब्बत में भी इजाफा होगा, क्योंकि सरकार की मौजूदा नीति के मुताबिक ऊंट को न तो वध के लिए नहीं बेचा जा सकता है और न ही अवैध ट्रैफिकिंग की जा सकती है। राजस्थान की रीढ़ की हड्डी समझे जाने वाले ऊंट मशीनीकरण और परिवहन के आधुनिक साधनों के चलते ऊंटों की उपयोगिता में भारी गिरावट आई है। शोध रिपोर्टस के मुताबिक साढ़े चार दशक में राजस्थान में ऊंटों की संख्या 15 लाख से घटकर केवल एक लाख ही रह गई है। अंदेशा है, डायनासोर की मानिंद एक दिन ऊंट भी कागजों तक सिमट कर रह जाएंगे। ऐसे में डॉ. मुकुल सैन का पेटेंट ऊंटों और उनके पालकों के लिए भगवान सरीखा है। इस पेटेंट के बाद ऊंट से लेकर घुमन्तू पालकों तक की सूरत-सीरत बदल जाएगी। ऑटोमिल्किंग के संग-संग इमिडेट कूलिंग मिलेगी। हयूमन टच एक्सक्लूड हो जाएगा और दूध हाइजीन रहेगा। कोल्ड चेन मैनेजमेंट के कारण दूध की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। दूध उपलब्धता में बेहतर वृद्धि हो जाएगी। ऊंट के दूध में थैरेप्यूटिक गुण होने के कारण एक्सपोर्ट के वैश्विक द्वार खुल जाएंगे। अंततः ऊंटों की तेजी से गिरती संख्या का ग्राफ भी रूक जाएगा।

Exclusive News

Dr. Mukul Sen of College of Agricultural Sciences, Tirthankar Mahavir University, Moradabad, is a man of talent, his approach to innovation is unparalleled, 12 IPRs granted from 2024 to 2026, out of which 10 IPRs are Indian, 01 copyright from Canada is also among his achievements, Dr. Sen has half a dozen international conferences in his pocket, 28 research papers published at home and abroad as well as two books so far. Dr. Mukul Sen of College of Agricultural Sciences, Tirthankar Mahavir University, Moradabad has taken a leap in innovation. Dr. Sain has received a design patent from the UK for a lifeline for nomadic camel herders. Significantly, these days not only the life of camels is in crisis in Rajasthan, but the livelihood of nomadic herders is also at stake. Rajasthan has the highest number of camels. According to a statistic, 85% of the total camels in India are found in Rajasthan alone. Camels are also reared in Gujarat, Haryana, Punjab, UP, etc. Dr. Sain, who holds a dozen patents in his pocket, has understood their pain intimately. With this patent, he has given a ray of hope to the camels and their traders who are called the ship of the desert. Dr. San has received a design patent for a solar assisted mobile camel dairy milking machine from the Intellectual Property Rights Office, UK. The designed machine can store milk of nomadic camels up to 04 ° C even in the desert if it changes to the ground reality. 20 liters capacity

June 30, 2026

मुरादाबाद के लाइन पार का नाम अब दाऊदयाल खन्ना नगर

Posted on 29.06.2026 Time 10.30 PM, Moradabad, Line paar

मुरादाबाद, 29 जून 2026, नगर के लाइनपार को अब नया नाम मिल गया है। इसे अब दाऊ दयाल खन्ना नगर के रूप में जाना जाएगा। ये घोषणा आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां बुद्धि विहार में आयोजित भामाशाह जन्मदिवस एवं व्यापारी सम्मान दिवस समारोह में मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे।

इस अवसर पर उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा जब आंदोलन की शुरुआत हुई तो श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति बनी थी। इस समिति के अध्यक्ष मेरे गुरुदेव महंत अवैद्य नाथ जी थे और महामंत्री दाऊदयाल खन्ना जी थे। उनकी स्मृति में लाइन पार का नामकरण अब दाऊदयाल खन्ना नगर किया जा रहा है।

June 14, 2026

मुरादाबाद में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गिनाई केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियां

मुरादाबाद ब्लाक परिसर में किया विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन और पौधारोपण

Posted on 14.06.2026 Time 07.02 PM Sunday, Report by Akhilesh Sharma Moradabad, UP News, UP Samachar Sewa, Uttar Pradesh

मुरादाबाद, 14 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा), उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को मुरादाबाद के ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर विकास, पर्यावरण और केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताई। कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण से हुई, जिसके जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन मुरादाबाद ब्लाक प्रमुख मनीष सिंह ने किया।

मंच से सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के हित में लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त एवं गोपाल अनजान, विधायक रितेश गुप्ता एवं रामबीर सिंह, मेयर विनोद अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आकाश पाल, महानगर अध्यक्ष गिरीश भांडुला, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विजयबान सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा और राष्ट्रीय परिषद सदस्य राकेश सिंह समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

नेताओं ने सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को जनता के लिए लाभकारी बताते हुए उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। दोनों कार्यक्रमों के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को प्रमुखता से गिनाया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका दावा था कि आज भारत दुनिया में नई ताकत के रूप में उभरा है और केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन दलों ने वर्षों तक जनता को केवल वादों और घोषणाओं में उलझाए रखा, आज वही विकास की राजनीति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का फोकस केवल चुनावी घोषणाओं पर नहीं बल्कि धरातल पर परिणाम देने पर है। यही वजह है कि जनता लगातार भाजपा पर विश्वास जता रही है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और परिवारवाद की राजनीति से ऊपर उठकर विकास और सुशासन का नया अध्याय लिखा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की डबल इंजन व्यवस्था ने विकास की गति को कई गुना बढ़ाया है।
ब्लॉक कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठनात्मक मजबूती का संदेश भी दिया जा रहा है। डिप्टी सीएम के दौरे ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का काम किया और भाजपा नेताओं ने इसे विकास और जनसंपर्क की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के समापन पर उपमुख्यमंत्री ने सभी से पर्यावरण संरक्षण, सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और विकास कार्यों में सहभागिता का आह्वान किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

June 7, 2026

हत्याकांड में केस में खुद पैरवी करेगा ललित कौशिक

एडीजे-1 कोर्ट ने पैरवी करने के लिए दी मंजूरी,22 जून को किया तलब

Post on 7.6.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia,1.00 pm

मुरादाबाद। उप्र समाचार सेवा।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिककी अपने केस में पैरवी की अपील मंजूर हो गई। एडीजे -1 कोर्ट ने आरोपी ललित कौशिक के पैरवी के लिए प्रार्थना पत्र को अनुमति दे दी है। केस में पैरवी के लिए अदालत ने जेल से भी तलब किया है।
अनुज हत्याककांड में आरोपी ललि‍त कौशिक अब अदालत में अपने केस की खुद पैरवी करेगा। हत्याकांड के कई केसों में आरेापी ललि‍त कौशिक अभी बलरामपुर जेल में बंद है।आरोपी ने कोर्ट में अपने केस पैरवी के लिए अदालत से अनुमति मांगी है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख पर सिविल लाइंस में 12 जनवरी, 22 को हुए कुशांक हत्या कांड,15 जनवरी,23 को श्वेइताभ तिवारी हत्याईकांड व अब 10 अगस्तन, 23 में नया मुरादाबाद में भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड में आरोपी है। उसके खिलाफ अन्य करीब 25 मामले दर्ज है। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई चल रही है।

अनुज हत्याईकांड केस की सुनवाई एडीजे-1 कोर्ट में विचाराधीन है।कोर्ट में केस में पैरवी के लिए आरेापी की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया कहा कि वह बार एसोसिएशन से आजीवन पंजीकृत अधिवक्ता है। बलरामपुर जेल में बंद होने के कारण वह अपने केसों में अपने अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह नहीं कर पा रहा। अदालत ने केस पैरवी के लिए उसके प्रार्थना पत्र को मंजूरी दे दी है। केस में सुनवाई के लिए बलरामपुर जेल से 22 जून को तलब किया गया है।

Moradabad रेलवे स्टेशन पर अनाधिकृत ड्रिंकिंग वाँटर के उन्तीस कार्टन जब्त

कलकत्ता जाने वाली गुरुमुखी एक्सप्रेस के कोचों में छिपाकर रखे गए
रेल नीर की बजाय अन्य ब्रांड पानी बेचा जा रहा

Post on 7.6.26
Sunday Moradabad
Rajesh Bhatia,11.00 Am

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा।
ट्रेनों में रेल नीर की जगह अन्य पानी के ब्रांड की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है।शनिवार को गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन -12326 ट्रेन में अनाधिकृत ब्रांड का पानी पकड़ा गया।मुरादाबाद स्टेशन पर वाणिज्य विभाग सक्रिय हुआ। सीआईटी भावेश शर्मा, टीटीई अतुल सिंह आदि स्टाफ ने ट्रेन के कोचों को औखंगाला। टीम ने ट्रेन से पानी के 29 कार्टन बरामद किए।विक्रेता के पास दस्तावेज व होने से सभी कार्टन को जब्त कर लिया गया।

सीनियर डीसीएम का कहना है कि मैसर्स वृंदावन केटरिंग कंपनीके विक्रेता पर अनाधिकृत ब्रांड बेचने पर लगा जुर्माना लगाया गया है ।विक्रेता के पास ब्रांड का पानी बेचने का प्रमाण पत्र नहीं था। रेल प्रशासन ने ड्रिंकिंग वाँटर के कार्टन को जब्त कर लिया गया। पेयजल की पेटियों को लॉस्ट प्रापर्टी में जमा कराया गया है।

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