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केलकर जी से विद्यार्थी परिषद में जीवन दृष्टि मिली, संघ में वह विकसित हुई: दत्तात्रेय होसबाले

May 14, 2026

केलकर जी से विद्यार्थी परिषद में जीवन दृष्टि मिली, संघ में वह विकसित हुई: दत्तात्रेय होसबाले

‘प्रिय केलकर जी’ अभिवाचन कार्यक्रम में जीवंत हुआ संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव केलकर का व्यक्तित्व

नई दिल्ली, 10 मई, 2026, अभाविप के संगठन शिल्पी एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. यशवंतराव केलकर जी के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘प्रिय केलकर जी’ विशेष अभिवाचन कार्यक्रम का आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी जी, अखिल भारतीय छात्रा कार्य प्रमुख मनु शर्मा कटारिया जी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. तपन बिहारी जी तथा प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, प्राध्यापक, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष, दिल्ली सरकार के मंत्री, संघ प्रेरित संगठनों के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

राष्ट्रनिष्ठ चिंतक, संगठन शिल्पी एवं विद्यार्थी चेतना के प्रखर प्रेरणास्रोत प्रा. यशवंतराव केलकर जी का जन्म 25 अप्रैल, 1925 को महाराष्ट्र के पंढरपुर (सोलापुर) में हुआ था। विद्यार्थी जीवन से ही राष्ट्र कार्य को जीवन का ध्येय मानने वाले केलकर जी 1945 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। 1955 में अंग्रेजी के प्राध्यापक के तौर पर उन्होंने नेशनल कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया और संघ के निर्देशानुसार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्य प्रारम्भ किया। उनकी कार्यशैली से अभाविप को वैचारिक स्पष्टता, संगठनात्मक दृष्टि एवं कार्यकर्ता निर्माण की ऐसी कार्यपद्धति प्राप्त हुई, जिसने अभाविप को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने छात्र शक्ति को राष्ट्र निर्माण की शक्ति के रूप में स्थापित करने का कार्य किया।

कार्यक्रम में पुणे से आई मिलिंद भड़गे के नेतृत्व वाली अभिवाचन टोली ने ‘प्रिय केलकर जी’ प्रस्तुति के माध्यम से प्रा. केलकर जी के जीवन, विचार एवं कार्यपद्धति को मंचित किया। प्रस्तुति में अभाविप की कार्यशैली, पूर्व योजना-पूर्ण योजना, समय संतुलन, अनुशासन, सामूहिकता तथा कार्यकर्ता निर्माण की उस जीवंत पद्धति को प्रस्तुत किया गया।

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा, “बालासाहेब देवरस जी कहा करते थे कि यशवंतराव केलकर जी डॉ. हेडगेवार के कुलोत्पन्न हैं। प्रा. केलकर जी ने संगठन निर्माण के वे सूत्र दिए, जिन पर अभाविप की सशक्त नींव खड़ी हुई। उन्होंने अभाविप को केवल आंदोलन तक सीमित न रखते हुए रचनात्मकता, प्रतिनिधित्व एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा प्रदान की। प्रा. केलकर जी ने टीम वर्क, समय पालन, सादगी, संसाधनों के सदुपयोग एवं आत्मीय कार्यपद्धति के माध्यम से संगठन जीवन का आदर्श प्रस्तुत किया। वे बिना किसी ईर्ष्या-द्वेष के सभी को साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व थे। उनका जीवन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का अखंड स्रोत है।” उन्होंने कहा, “प्रा. यशवंतराव केलकर जी के साथ कार्य करते हुए, विद्यार्थी परिषद में मुझे जीवन दृष्टि मिली और संघ में वह विकसित हुई।”

अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी जी ने कहा, “प्रा. यशवंतराव केलकर जी का जीवन प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए आदर्श है। आज अभाविप की जो कार्यपद्धति देशभर में दिखाई देती है, वह प्रा. केलकर जी द्वारा प्रदत्त है। उनके जीवन से यह सीखने की आवश्यकता है कि कार्यकर्ता के जीवन में कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।”

अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया जी ने कहा, “यदि हमें प्रा. केलकर जी के व्यक्तित्व एवं अभाविप की कार्यपद्धति को समझना है, तो उनके जीवन एवं विचारों पर आधारित साहित्य का अध्ययन करना आवश्यक है। प्रा. केलकर जी विद्यार्थी परिषद को व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला मानते थे।”.

April 15, 2026

गर्व गोयल ने 90% अंक प्राप्त कर बढ़ाया विद्यालय व क्षेत्र का मान

मुजफ्फरनगर। Central Board of Secondary Education की हाईस्कूल परीक्षा में डी.एस. पब्लिक स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र गर्व गोयल ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।
गर्व गोयल, वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिज्ञ राजीव गोयल और शिक्षिका रीटा के सुपुत्र हैं। बचपन से ही शिक्षा और संस्कारों से परिपूर्ण वातावरण मिलने के कारण उन्होंने हर कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी सफलता उनके मजबूत संकल्प, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है।
विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन और डी.एस. पब्लिक स्कूल के उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय लगातार अपने छात्रों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देते हुए उन्हें शैक्षणिक और नैतिक रूप से सशक्त बना रहा है, जिसके परिणामस्वरूप छात्र विभिन्न स्तरों पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं।
गर्व की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
गर्व गोयल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
उनकी यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

April 14, 2026

क्लिनिकल एक्सपोजर और रिसर्च-बेस्ड लर्निंग का समावेश जरूरीः प्रो. मंजुला

टीएमयू फिजियोविज़न इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस
ज्ञान, नवाचार और शोध का उत्कृष्ट संगम

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में जुटे देश-विदेश के जाने-माने विशेषज्ञ

ख़ास बातें
न्यूरोप्लास्टिसिटी तकनीकें गुणवत्ता, स्वतंत्रता, सशक्तिकरण में सहायकः प्रो. चित्रा
प्रो. शिवानी कौल बोलीं, नवाचार से क्लिनिकल परिणाम प्रभावी और रोगी-केंद्रित
श्रीमती शिवानी लाल ने लोड मॉनिटरिंग पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण किया प्रस्तुत
एआई टूल्स से शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस प्रभावी और उन्नतः नवजोत
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन 46 पोस्टर प्रजेंट, प्रोसिडिंग का विमोचन भी हुआ

Moradabad April 14, 2026,
इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, नई दिल्ली की प्रिंसिपल प्रो. चित्रा कटारिया ने आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका और न्यूरोलॉजिकल रिहैबिलिटेशन की गहन व्याख्या करते हुए कहा, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी जैसे जटिल मामलों में प्रारंभिक और संरचित फिजियोथेरेपी हस्तक्षेप, न्यूरोप्लास्टिसिटी आधारित तकनीकों और व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन प्लानिंग के जरिए न केवल कार्यात्मक क्षमता में सुधार लाया जा सकता है, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता, स्वतंत्रता और मानसिक सशक्तिकरण को भी बढ़ाया जा सकता है। वैज्ञानिक सत्र स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद रिकवरी में सुधार में उन्होंने उन्नत फिजियोथेरेपी इंटरवेंशन्स, तकनीकी एकीकरण और दीर्घकालिक पुनर्वास रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रो. कटारिया तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस-फिजियोविज़न 1.0 के शुभारम्भ मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। इससे पूर्व प्रिंसिपल प्रो. चित्रा कटारिया ने बतौर मुख्य अतिथि, टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, फिजियोथेरेपी विभाग की एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल, डेंटल एंड एलाइड साइंस की डायरेक्टर गवर्नेंस श्रीमती नीलिमा जैन आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके ऑडी में कॉन्फ्रेंस का शंखनाद किया। इस मौके पर प्रो. हरबंश दीक्षित, श्री रविन्द्र देव आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। इस अवसर पर कुल 46 पोस्टर भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने शोध एवं नवाचारी विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस मौके पर कॉन्फ्रेेंस प्रोसिडिंग का विमोचन भी हुआ।

डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने टीएमयू में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को रेखांकित करते हुए स्टुडेंट्स को शोध, नवाचार तथा प्रतियोगी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में क्लिनिकल एक्सपोजर और रिसर्च-आधारित लर्निंग का समावेश स्टुडेंट्स को भविष्य के लिए अधिक सक्षम बनाता है। एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल ने नॉवल्टी मीट्स रिहेबिलिटेशन एक्सीलेंस थीम के महत्व को बताते हुए कहा, फिजियोथेरेपी में नवाचार और उत्कृष्टता का समन्वय क्लिनिकल परिणामों को अधिक प्रभावी और रोगी-केंद्रित बनाता है। तकनीकी सत्रों में स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती शिवानी लाल ने लोड मॉनिटरिंग इन स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जबकि श्रीमती नवजोत त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए बताया, एआई टूल्स शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस दोनों को अधिक प्रभावी और उन्नत बना रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में डॉ. नंद किशोर साह, श्रीमती हिमानी, सुश्री नीलिमा चौहान, डॉ. हरीश शर्मा, श्रीमती समर्पिता सेनापति आदि की भी मौजूदगी रही।

 

 

ऊर्जा संचरण को सुपरकंडक्टर की दरकारः प्रो. प्रकाश चौहान

Prof Prakash Chauhan lecture in TMU Moradabad

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज- एनसीएमडी-2026 में एक्सपर्ट्स ने दिए व्याख्यान

  • सामग्री के गुणों की सटीक पहचान पर जोरः एक्सपर्ट दिनेश चंद्र
  • डॉ. मयंक अग्रवाल ने एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर की चर्चा
  • वीसी प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता और दक्षता के बीच बताया अंतर
  • डीन प्रो. आरके द्विवेदी बोले, एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास आवश्यक
  • कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत
  • एनसीएमडी-2026 में अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का किया विमोचन

मुरादाबाद, 14 अप्रैल 2026, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद के निदेशक प्रो. प्रकाश चौहान ने स्टुडेंट्स को प्रेरित करते हुए कहा, असफलताओं से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने चंद्रयान-2 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा, उच्च तापमान सहन करने वाली सामग्रियों के विकास की आवश्यकता है। प्रो. चौहान ने जोर देते हुए वर्ष 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय मानव मिशन के लक्ष्य की चर्चा की। साथ ही पारंपरिक धातुओं से लेकर आधुनिक सेंसर, डिटेक्टर और अंतरिक्ष तकनीक तक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया, चंद्रमा के लिए विकसित भारतीय कैमरों का डेटा वैश्विक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ऊर्जा संचरण के लिए सुपरकंडक्टर की आवश्यकता, महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भरता की चुनौतियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के महत्व, फ्लोटिंग सोलर पैनल पर हो रहे कार्य और भारत में उपलब्ध थोरियम के ऊर्जा उत्पादन में संभावित उपयोग पर भी प्रकाश डाला। प्रो. चौहान तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की ओर से आयोजित छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज-एनसीएमडी-2026 के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रो. सतेंद्र पाल सिंह बतौर कीनोट स्पीकर अपने अनुभव साझा किए। आईयूएसी, नई दिल्ली के डॉ. प्रवीन कुमार की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। कॉन्फ्रेंस के फर्स्ड डे चुनौतियों और परिणामों पर 65 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए गए। अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग का विमोचन भी किया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रो. प्रकाश चौहान, विशिष्ट अतिथियों- इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र, जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, नैनीताल के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री दिनेश चंद्र ने बतौर विशिष्ट अतिथि सामग्री के गुणों की सटीक पहचान और उनके सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। जीके यूनिवर्सिटी, हरिद्वार के डॉ. मयंक अग्रवाल ने मैटेरियल्स एवं डिवाइसेज के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। आधुनिक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तकनीकों के माध्यम से सामग्री के गुणों का पूर्वानुमान, डिज़ाइन तथा अनुकूलन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, जिससे इस क्षेत्र में नवाचार की गति तेज हो रही है। टीएमयू के कुलपति प्रो. वीके जैन ने प्रभावशीलता एवम् दक्षता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए संचार, समन्वय और नेतृत्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने हनुमान जी को उत्कृष्ट संचारक का उदाहरण बताया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने सम्मेलन की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा, वर्तमान समय में उपकरणों का तीव्र गति से लघुकरण हो रहा है, जिसके लिए एडवांस्ड मटेरियल्स का विकास अत्यंत आवश्यक है। अंत में सम्मेलन के सह-संयोजक डॉ. पराग अग्रवाल ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। संचालन संयोजक डॉ. दिप्तोनिल बनर्जी ने किया।

Moradabad, 14 April 2026, Prof. Prakash Chauhan motivated the students and said, “There is no need to be afraid of failures, but one should learn from them and move forward. Referring to the experiences of Chandrayaan-2, he said, “There is a need to develop materials that can withstand high temperatures.” Prof. Chauhan emphasized the goal of an Indian manned mission to the Moon by 2040. At the same time, emphasis was laid on developments ranging from traditional metals to modern sensors, detectors, and space technology. Referring to India’s space achievements, he pointed out, the data from Indian cameras developed for the Moon is being used globally.

 

March 21, 2026

टीईटी परीक्षा आवेदन 27 मार्च से

UP TET EXAM

प्रयागराज, 21 मार्च 26, यूपी टीईटी परीक्षा के फॉर्म ऑनलाइन 27 मार्च से भरे जाएंगे। इसके लिए विज्ञापन जारी हो गया है। आवेदन भरने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल है।

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