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इच्छाधारी’ आस्था का चुनावी गणित

July 1, 2026

इच्छाधारी’ आस्था का चुनावी गणित

प्रणय विक्रम सिंह

अयोध्या के संदर्भ में विपक्ष की नई-नई जागी श्रद्धा को देखकर मुझे लगा कि रामचरितमानस में तुलसीदास जी से एक बहुत बड़ी चूक हो गई है।

वे मारीच, सुबाहु और कालनेमि जैसे दिव्य भेष बदलने वाले मायावियों को त्रेतायुग में ही निपटा गए। उन्हें जरा रुकना चाहिए था। वे आज के युग में आते, तो देखते कि भेष बदलने की यह कला अब केवल राक्षसों की बपौती नहीं रही, इसका लोकतांत्रिक विकास हो चुका है और अब इसके सबसे कुशल अभ्यासकर्ता हमारे राजनेता हैं।

सुना है, कल तक जो लोग भगवान राम को केवल एक अदालती एफेडेविट का ‘काल्पनिक पात्र’ मानते थे, आज वे चुनाव की आहट सुनते ही हाथ में आस्था का नया-नवेला थर्मामीटर लेकर घूम रहे हैं। वे ट्विटर पर अयोध्या को ‘अनुपम और अनुकरणीय धार्मिक नगरी’ बनाने की वैसी ही पवित्र कसमें खा रहे हैं, जैसी कसमें एक जेबकतरा अपनी ईमानदारी सिद्ध करने के लिए कोट कचहरी में खाता है।

इस दिव्य और त्वरित हृदय परिवर्तन को देखकर मुझे गिरगिटों की मानसिक स्थिति पर तरस आता है। बेचारे डिप्रेशन में होंगे कि जिस हुनर के लिए वे सदियों से बदनाम थे, उसमें कुछ सैफई ब्रांड समाजवादी इंसानों ने पीएचडी कर ली और उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा।

आखिर कोई उस राम-नाम का जाप इतनी पवित्रता से कैसे कर सकता है, जिसके राजनीतिक कुनबे का पूरा इतिहास ही राम-विरोध की खाद पर फला-फूला हो?

आजकल वे फीता लेकर निकले हैं। पूछ रहे हैं कि *अयोध्या से गोरखपुर कितनी दूर है?* नेताजी, दूरी नापने का यह शौक नया है। पर आप गलत नक्शा देख रहे हैं। अयोध्या से गोरखपुर की दूरी तो उतनी ही है, जितनी *सत्य और सनातन* के बीच होती है। यानी दोनों आपस में जुड़े हैं। पर आपके ‘पारिवारिक सिंडिकेट’ और रामराज्य के बीच की दूरी अनंत है, जिसे नापने के लिए आपके पास न तो नैतिक पैमाना है और न ही वैसा चरित्र। अच्छा होता कि आप इस दूरी को नापने से पहले यह बता पाते कि राम के प्रति आपकी खानदानी नफरत और आपके वोटबैंक के लालच के बीच कुल कितने किलोमीटर का फासला है?

जब आदमी को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती दिखती है, तो उसे इतिहास की कड़वी यादें भूलने का ‘अल्जाइमर’ रोग हो जाता है। लेकिन जनता की याददाश्त बहुत क्रूर होती है, नेताजी। जनता को आज भी याद है कि जब आपके पूज्य पिताजी की हुकूमत थी, तब अयोध्या की पावन गलियों में कोई भजन नहीं गूंज रहा था, बल्कि निहत्थे रामभक्तों का खून बह रहा था। तब आपकी सरकारी मशीनरी मंदिर के पत्थरों को ज़ब्त करने में वैसी ही मुस्तैदी दिखा रही थी, जैसी मुस्तैदी कोई डकैत माल समेटने में दिखाता है। और उसी पावन दौर में, पुलिस थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर ऐसा प्रतिबंध था, मानो कंस खुद लखनऊ के सचिवालय में आकर बैठ गया हो।

जो लोग कल तक रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण पत्र को अछूत मानकर ठुकरा रहे थे, आज वे ‘सियाराम-धाम’ के पुनरुद्धार का ठेका लेने की बात कर रहे हैं। यह वैसा ही है जैसे बिल्ली चूहों की सुरक्षा के लिए एक सर्वदलीय समिति बनाने का प्रस्ताव रखे।

राम की सेवा के लिए ‘भेष’ और ‘ट्वीट’ बदलने की नहीं, ‘भाव’ बदलने की जरूरत होती है। पर आपके पास तो वही पुराना हलफनामा है, जो आपने कभी सर्वोच्च न्यायालय में जमा किया था। आपकी पूरी राजनीतिक पूंजी ही यही रही है कि जब तक सत्ता में रहो, हिंदुओं की आध्यात्मिक भावनाओं को वैसे ही कुचलो जैसे रास्ते का कंकड़ कुचला जाता है, और जब चुनाव आ जाएं, तो माथे पर एक लंबा सा छद्म टीका लगाकर ‘इच्छाधारी रामभक्त’ की मुद्रा में जनता को सम्मोहित करने निकल पड़ो।

मेरी की एक बात हमेशा याद रखिएगा भैयाजी, आप भगवान को धोखा दे सकते हैं क्योंकि वे घट-घट वासी होकर भी चुप रहते हैं, पर जनता को नहीं, क्योंकि वह सब देखकर सही समय पर ईवीएम का बटन दबाती है।

सुना है, आपने तो अयोध्या का राजा ही बदल दिया। जबकि सभी सनातनियों के लिए त्रेता युग से आज तक अयोध्या के राजा श्री रामचन्द्र जी हैं। जो काम लंका का रावण अपनी पूरी दस खोपड़ियों की ताकत लगाकर नहीं कर पाया, वह आपने अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बड़ी सरलता से कर दिया। कई दिनों तक संसद में अपने बगल में उनको बैठाकर घुमाते रहे। राम से इतनी घृणा कि उन्हें अयोध्या के राजा के रूप में स्वीकार करने में आपकी छाती फटने लगती है, इसलिए आपने प्रतीकों का नया बाज़ार सजा लिया। आपका यह दोहरा चरित्र और अतीत उत्तर प्रदेश के हर रामभक्त के सीने में एक गहरे घाव की तरह आज भी टीस रहा है।

याद रखिए, इतिहास की स्याही बहुत पक्की होती है, वह आपके इन बनावटी और सुगठित ट्वीट्स के ‘थूक’ से नहीं धुलेगी। 10 नवंबर 1990 का वह अंधकारमय काला दिन, निहत्थों का रक्तपात, थानों में जन्माष्टमी पर पाबंदी और पावन पत्थरों का अपमान, यह सब आपके माथे पर वो अमिट कलंक हैं, जिन्हें धोने के लिए यदि आप सरयू का पूरा पानी भी इस्तेमाल कर लें, तो भी कम पड़ेगा।

अयोध्या अब सज चुकी है, दिव्य और भव्य हो चुकी है। वहां अब आपके पाखंड का कोहरा नहीं, बल्कि प्रभु राम का ‘परम प्रकाश’ जगमगा रहा है। और इतिहास गवाह है कि जब प्रकाश उदित होता है, तो अंधेरे के व्यापारियों का विसर्जन अपने आप हो जाता है। आपका भी होना निश्चित है।

एटा में जेल से इलाज के लिए आया बंदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

एटा 30 जून उप्रससे। जिला मेडिकल कॉलेज में मंगलवार दोपहर के बाद उस समय हड़कंप मच गया, जब इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में लाया गया एक अभियुक्त पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। अभियुक्त के भागने से मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मेडिकल कॉलेज परिसर की घेराबंदी कर दी। फरार अभियुक्त की तलाश शुरू की गई और कुछ ही देर बाद पुलिस टीम ने उसे दौड़कर दोबारा हिरासत में ले लिया। अभियुक्त के दोबारा पकड़े जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने मेडिकल कॉलेज में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अभियुक्त किन परिस्थितियों में पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। इस घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज परिसर और शहर में दिनभर चर्चाएं होती रहीं।

जेल अधीक्षक अनिकेषिता श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुपम उर्फ बटकन पुत्र ओमवीर सिंह उम्र करीब 23 वर्ष निवासी थाना मलावन को सीने में जदर्द की समस्या होने पर उपचार के मेडिकल कॉलेज भेजा गया था 29 जून को जेल में प्रवेश किया था। जहां से उसने भागने का प्रयास किया है। पुलिस कर्मियों ने दबोच लिया है।

मुख्यमंत्री जनपद के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की

*प्रशासन से समन्वय बनाकर विद्युत चोरी पर रोक लगाए जाने की दृष्टि से प्रभावी कार्यवाही किए जाने के दिए गए निर्देश*

*जनसुनवाई/आईजीआरएस के माध्यम से आने वाली आम जनमानस की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक निस्तारण करें अधिकारी- मुख्यमंत्री*

*राजस्व वाद लंबित होने से कानून व्यवस्था पर पड़ता है सीधा प्रभाव इसीलिए राजस्व वादों का समय सीमा के अंदर करें निस्तारण*

*जनपद में कुछ मॉडल गौशालाओं का किया जाए विकास, जिसमें कम्पोस्ट खाद/बायो गैस का हो उत्पादन- मुख्यमंत्री*

बरेली, 30 जून। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज बरेली जनपद के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा जनपद के विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद वर्ष 2026 में लगातार टॉप फाइव में रहा है। इसके साथ ही आम जनमानस की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण और कुशल प्रशासन को प्रभावी बनाने हेतु समस्त तहसील कार्यालयों, विकास खण्ड कार्यालयों में जनता दर्शन की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है और आगामी तीन माह में समस्त अधिकारियों को जूम लिंक के माध्यम से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे सभी अधिकारी 10 से 12 बजे के मध्य कार्यालय में उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं का निस्तारण करें। उन्होंने बताया कि आम जनमानस की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए जगह-जगह वाटर कूलर लगवाए गए हैं। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में फ्रिज लगवाकर ठण्डे पानी व कोल्ड ड्रिंक आदि की भी सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।

जिलाधिकारी ने आंवला क्षेत्र स्थित लीलौर झील के पौराणिक महत्व और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से कराए जा रहे उसके विकास और सौंदर्यीकरण के बारे में भी जानकारी दी। इसके साथ ही श्रावण मास में कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं हेतु कराए जाने वाले कार्यों के बारे में भी बताया।

जिलाधिकारी ने बताया कि राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र के अन्तर्गत 94 इकाईयां स्थापित की गयी है, जिसमें विभिन्न कार्य क्षेत्रों में 900 करोड़ रुपए का निवेश भी प्राप्त हो गया है। इसके अतिरिक्त जनपद के नवाचार ‘ऑपरेशन उड़न परी‘ के अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर टॉप करने वाली हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट की छात्राओं को ई-स्कूटी प्रदान की गयी है। बरेली स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत निर्मित एकीकृत कमान नियंत्रण केन्द्र के माध्यम से 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी की जा रही है तथा 1012654 ई-चालान भी इसके माध्यम से जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों में युद्ध के दौरान एलपीजी आपूर्ति कम होने पर अभियान चलाकर जनपद में 54000 से अधिक पीएनजी कनेक्शन कराए गए हैं।

जिलाधिकारी ने जनपद की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनपद वासियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण देने हेतु सीबी गंज में नगर वन की स्थापना की जा रही है। बहेड़ी में 250 एकड़ भूमि पर 92 करोड़ 63 लाख रुपए से मेगा फूड पार्क की स्थापना की गयी है, जिसमें डेयरी क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 350 करोड़ रुपए का निवेश भी कर दिया गया है। नवाबगंज के ग्राम ग्रेम में 112 एकड़ भूमि पर सरदार बल्लभभाई पटेल इम्पालइमेंट जोन विकसित किए जाने हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।

बरेली विकास प्राधिकरण के कार्यों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि फाइव एस मॉडल (सृजन, संवास, सम्पर्क, संचय व संस्कृति) के आधार पर प्राधिकरण द्वारा विकास कार्य किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत जनपद के विभिन्न मार्गों को फोर लेन व सिक्स लेन किया गया है। जनपद के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाथ मंदिरों के नामों पर आधारित प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया गया है। 269 हेक्टेयर में रामगंगा नगर आवासीय योजना विकसित की गयी है, जिससे 3631.23 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार 33000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 86 करोड़ रुपए की लागत से रामायण वाटिका का निर्माण किया गया है, जिसमें प्रभु श्रीराम की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गयी है। इसके साथ ही ग्रेटर बरेली आवासीय योजना, पीलीभीत बाईपास आवासीय योजना, औद्योगिक टाउनशिप भी विकसित की जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से नाथ कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं हेतु यात्री विश्राम गृह, वैदिक लाइब्रेरी, प्रसाद/फूल की दुकानें, ओपन थियेटर, शौचालय, 20 फोकस वाल आदि विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। नगर निगम के कार्यों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि एन कैप के माध्यम से वन वाटिकाओं का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे जनपद की वायु गुणवत्ता में सुधार आया है। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन, एसटीपी प्लांट, सीएम ग्रिड योजना के अन्तर्गत सड़कों का अपडेशन और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नवीन प्रस्तावित कार्यों में वेंडिंग जोन का निर्माण, सीआई पार्क/गांधी उद्यान/आईवीआरआई रोड का सौंदर्यीकरण का कार्य तथा बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया जाएगा।

कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीआईजी बरेली ने जानकारी दी कि जनपद में कांवड़ लेने 90 प्रतिशत श्रद्धालु बदायूं जाते हैं, लगभग 02 करोड़ से अधिक कांवड़ियों का आवागमन जनपद में रहता है, जिसके दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षा-व्यवस्थाएं करायी जाती हैं।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में शिकायतों के निस्तारण की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की पहली महिला एसओजी टीम वीरांगना यूनिट की स्थापना जनपद में की गई है। इज्जतनगर में 16 बीघा जमीन पर डंपिंग यार्ड बनाया गया है, जिससे थानों का स्क्रैप वहां चले जाने से थानों में स्थान की उपलब्धता हो गयी है। उन्होंने बताया कि अच्छा कार्य करने वाले 1196 पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत भी किया गया है। जनपद में 17 थानों में हॉस्टल/बैरेकों का निर्माण, 15 थानों पर विवेचना कक्ष का निर्माण और दो अग्निशमन केंद्रों का निर्माण किया गया है। पुलिस आरक्षियों के लिए प्रत्येक थाने पर दो स्कूटियों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में आगामी सभी त्योहारों को सकुशल संपन्न कराया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपद में विद्युत आपूर्ति में हो रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली, जिस पर विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा बताया गया कि गत कुछ दिनों में आंधी तूफान आने से समस्या उत्पन्न हुई है, जिस पर लगातार कार्य करते हुए व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रशासन से समन्वय बनाकर विद्युत चोरी पर रोक लगाए जाने की दृष्टि से प्रभावी कार्यवाही की जाए।

स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल में 35 डॉक्टर है तथा जनपद में एक ही फिजिशियन है, अतिरिक्त फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट की आवश्यकता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूछा कि अधिकारियों को निक्षय मित्र से जोड़ा गया है कि नहीं जिस पर बताया गया कि जनपद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने टी0बी0 मरीजों को निक्षय मित्र योजना के तहत गोद लिया गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने नये नामांकनों की स्थिति के बारे में जानकारी ली, जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद में ‘रोको-टोको, स्कूल भेजो अभियान‘ क्रियान्वित कर स्कूलों में नामांकन को बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील करी। जिला विद्यालय निरीक्षक से प्रोजेक्ट अलंकार के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के  निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से जनसुनवाई पर विशेष ध्यान के निर्देश दिए इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी जनसुनवाई करने की अपील करीं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व वाद लंबित होने से कानून व्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है इसीलिए राजस्व वाद समय सीमा के बाद लंबित न रहे हैं, पहले 5 वर्ष  से लंबित वाद, फिर 3 वर्ष से लंबित वाद और एक से तीन वर्ष लंबित वाद क्रमवार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं में सभी व्यवस्थाएं अच्छे से बनी रहें, पशुओं का आहार और इलाज समय पर मिलता रहें। जनपद में कुछ मॉडल गौशालाएं भी बनायी जाएं, जिसमें कंपोस्ट खाद व बायो गैस का निर्माण किया जाए और नेचुरल फॉर्मिंग आदि पर भी फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत पाइप लाइन डालने हेतु की गयी रोड कटिंग को यदि निर्धारित समय सीमा के बाद भी ठीक नहीं कराया गया और आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही तो सम्बंधित के खिलाफ जवाबदेही तय की जाए। पीएम सूर्य घर योजना के समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि लाभार्थियों को जागरूक किया जाए और लोगों को योजना का लाभ लेने हेतु ज्यादा से ज्यादा प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालयों का निर्माण आमजन की समस्याओं के निस्तारण हेतु किया गया है उसका इस्तेमाल इस प्रकार किया जाए कि आमजन को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कूड़े के यथाशीघ्र व बेहतर निस्तारण करने व मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए प्रभावकारी कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए की दुर्घटनाओं को कम से कम किया जाए। अग्निशमन व्यवस्था को भी चुस्त दुरुस्त रखा जाए। साइबर अपराधों से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगो को जागरूक किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन के जो भी प्रोजेक्ट जनपद में आते हैं उसका प्रचार प्रसार किया जाएं। उन पर गुणवत्ता के साथ कार्य किया जाए, कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किये जाएं, कमी पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ जवाबदेही भी तय की जाए।

बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री वाणिज्य और उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी जितिन प्रसाद, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ0 अरुण कुमार, मंत्री सहकारिता विभाग/प्रभारी मंत्री जे0पी0एस0 राठौर, महापौर डॉ0 उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, सांसद बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार, सदस्य विधान परिषद बरेली कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, विधायक मीरगंज डॉ0 डीसी वर्मा, विधायक नवाबगंज डॉ0 एमपी आर्य, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेन्द्र शर्मा तथा अधिकारियों में में अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, मण्डलायुक्त भूपेन्द्र सिंह चौधरी, पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण सौम्या पाण्डेय, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भण्डारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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पीलीभीत से गरजे योगी: ‘नो दंगा, कर्फ्यू… अब यूपी में सब चंगा’

पूर्वी पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों को सौंपे भौमिक अधिकार प्रमाण-पत्र
– कांग्रेस और सपा पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री
– 569.11 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया
पीलीभीत,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बरखेड़ा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अपने भाषण की शुरुआत बंगलादेश पाकिस्तान और जिन्ना से की. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर पीलीभीत पहुंचे हजारों परिवारों को भौमिक अधिकार (भूमि स्वामित्व) के प्रमाण-पत्र वितरित किए और कहा कि अब दुनिया की कोई ताकत इन्हें उनकी जमीन से बेदखल नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 55-56 वर्ष पहले धार्मिक उत्पीड़न के कारण पूर्वी बंगाल से निकाले गए हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवार दशकों से अपने अधिकारों के लिए भटक रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आज उन्हें सम्मानपूर्वक भूमि का मालिकाना हक मिला है। उन्होंने कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल कागज नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए ‘पुनर्जीवन’ का दस्तावेज है।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में लगभग 2,500 विस्थापित परिवारों के करीब 15 हजार लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। बाराबंकी, बिजनौर और रामपुर के बाद अब पीलीभीत में प्रथम चरण की प्रक्रिया संपन्न हो रही है। जिन मामलों में वन विभाग एवं भारत सरकार की अनुमति लंबित है, उन्हें भी जल्द अधिकार दिलाए जाएंगे।

कांग्रेस पर विभाजन का ठीकरा, सपा पर तुष्टिकरण का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की सत्ता लोलुपता का परिणाम था। यदि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व दृढ़ता दिखाता तो भारत का विभाजन नहीं होता और लाखों हिंदुओं को अपने घर छोड़कर शरणार्थी नहीं बनना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन विस्थापित परिवारों की कभी सुध नहीं ली। योगी ने कहा कि अगर जिन्ना अपनी मौत मर गया होता तो भारत का दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन नहीं होता और हिंदुओं का कत्लेआम नहीं होता।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस दोनों ने तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि इन दलों को गरीब, दलित और पिछड़े समाज की चिंता कभी नहीं रही।

“साइकिल चलेगी तो दंगा होगा”
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफिया खुलेआम घूमते थे, व्यापारियों से रंगदारी वसूली जाती थी, बहन-बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जे होते थे। उन्होंने कहा कि आज जिन जमीनों पर गौशालाएं बनी हैं, उन पर पहले सपाइयों का कब्जा था। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की जनता ने साइकिल को पंचर करके चलने लायक नहीं छोड़ा। अगर साइकिल चलेगी तो दंगे होंगे, कर्फ्यू लगेगा, गुंडागर्दी होगी और गरीबों की जमीनों पर कब्जा होगा।”

बबुआ 12 बजे उठेंगे, 2 बजे तैयार होंगे, 5 बजे जिम चले जाएंगे
समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें गरीबों की सुध तब आएगी, जब बबुआ को समय पर उठने की आदत होगी। 12 बजे उठेंगे, 2 बजे तैयार होंगे और 5 बजे जिम चले जाएंगे। ऐसे लोगों के पास गरीब, किसान और विस्थापित परिवारों के लिए समय कहां है। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व के लिए विकास का मतलब केवल सैफई और परिवार तक सीमित रहा।

“…अब यूपी में सब चंगा”
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं होते। उन्होंने मंच से कहा, “नो दंगा, नो कर्फ्यू… अब यूपी में सब चंगा।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार व्यापारियों, बहन-बेटियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता।

ब्रह्मोस मिसाइल और विकास का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है और लखनऊ के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश इतना मजबूत होना चाहिए कि किसी भी हिंदू को दोबारा विस्थापित होने की नौबत न आए।
उन्होंने शामली से गोरखपुर होते हुए सिलीगुड़ी तक बनने वाले आर्थिक कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पीलीभीत भी विकास की नई धारा से जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बुलेट ट्रेन की गति से विकास कार्य कर रही है और विरासत के सम्मान के साथ हर व्यक्ति के उत्थान के लिए काम कर रही है।

Lucknow Agra Express way पर एक्सीडेंट,2 बच्चों समेत 5 की मौत, 8 घायल

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Uttar Pradesh News, Unnao News Posted on 01.07.2026 Wednesday, Time 11.04 AM, News Source: UP Samachar Sewa, UP News

उन्नाव, 01 जुलाई 2026 । आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के हुये एक्सीडेंट में 2 बच्चों समेत 5 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 8 अन्य घायल हो गए। एक्सीडेंट उस समय हुआ जब हरियाणा से बिहार जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस अनियंत्रित होकर आगरा से लखनऊ जा रही अर्टिगा कार से टकरा गई।
टक्कर के बाद  बस एक्सप्रेसवे से नीचे गड्ढे में गिरकर पलट गई। सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

माना जा रहा है कि बस के चालक को झपकी आने के कारण दुर्घटना हुई है।