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अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला

July 29, 2026

अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला

वॉशिंगटन, 29 जुलाई 2026, अमरीका ने कहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कल रात पश्चिम एशिया क्षेत्र में तैनात अमरीकी बलों पर “अचानक हमले” के प्रयास में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, अमरीकी केंद्रीय कमान ने कहा कि सभी ईरानी मिसाइलों को  रोक दिया गया और अमरीकी बल सतर्क और उच्च स्तर की तैयारी में हैं। अमरीका ने यह भी दावा किया कि पिछले 72 घंटों में 30 से अधिक हवाई ड्रोन हमलों के साथ ही, अमरीका और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई रसद और हथियार स्थलों पर हमले किए।
पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालिया हमले अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के कुछ घंटों बाद हुए।

July 12, 2026

अमेरिकी हमलों के विरोध में ईरान ने हार्मुज बंद किया

Posted on 12.07.2026 Time 11.22 PM, Tehran, Hormuj strait

ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमले

तेहरान, 12 जुलाई 2026, अमरीका ने आज सुबह ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। ये हमले ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक पोत पर हमला किए जाने के बाद किए गए। ईरान के हमले में पोत में आग लग गई थी और चालक दल को उसे छोड़ना पड़ा था।

अमरीकी सेंट्रल कमान ने बताया कि हमलों में ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें मिसाइल, ड्रोन और संचार ढांचा शामिल हैं।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कतर और कुवैत ने कहा कि उन्होंने आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही मार गिराया, जबकि बहरीन ने भी मिसाइल अलर्ट जारी किया। ईरान ने जॉर्डन स्थित एक अमरीकी सैन्य अड्डे पर भी हमला करने का दावा किया है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है और चेतावनी दी है कि यदि अमरीकी हमले जारी रहे तो वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा।

July 9, 2026

प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया

Posted Date:- Jul 09, 2026, PM Narendra Modi, Australia, Melbourne

मेलबॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) 09 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय श्री एंथनी अल्बनीज ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया। इन दोनों कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सीईओ व बिजनेस लीडर्स, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरएनुएशन फंड तथा संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों और ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।

सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का बढ़ता इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी तालमेल को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, फ़ूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का बड़े पैमाने पर कार्य करने का सामर्थ्य और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए एक परस्पर लाभकारी स्थिति का निर्माण करते हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर विशेष बल दिया कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में गहरा सहयोग न केवल दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।

सीईओ फोरम के बाद, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों पक्षों के 200 से अधिक सीईओ और बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा समूह शामिल था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्वाभाविक तालमेल के बारे में बात करते हुए, उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण, लोगों के बीच मजबूत संबंध (पीपल-टू-पीपल टाइज) और मजबूत राजनीतिक समझ ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को एक साथ बढ़ने और समृद्ध होने के लिए एक एक अच्छा माहौल तैयार किया है। वर्ष 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट-ईसीटीए) पर आधारित व्यापार और निवेश संबंधों की वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट-सीईसीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके। उन्होंने बिजनेस लीडर्स से दोनों पक्षों की विशिष्टताओं का लाभ उठाने और ग्लोबल समाधान तलाशने का आग्रह किया, विशेष रूप से रेयर अर्थ्स, लिथियम, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन), सेमीकंडक्टर्स, एआई और डिफेंस सप्लाई चेन के क्षेत्रों में। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यह सुझाव भी दिया कि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत के राज्य और ऑस्ट्रेलिया के प्रांत अपनी मूल क्षमताओं के आधार पर मजबूत आर्थिक साझेदारी स्थापित करें। दोनों मंचों पर हुई चर्चाओं से उत्पन्न आशावाद और सार्थक विचारों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंध निरंतर समृद्ध होते रहेंगे।

June 28, 2026

प्रधानमंत्री को राष्‍ट्रपति के विशेष सम्‍मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया गया

Posted Date:- Jun 28, 2026

सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को आज राष्ट्रपति के विशेष सम्मान – ‘गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उनके हरित नेतृत्व, विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने के प्रयासों और नीली अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन और लघु द्वीप विकासशील राज्यों की विकासात्मक आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया है। यह पहली बार है जब यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रतिबद्ध सभी देशों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उनकी विशेष मित्रता को और मजबूत करने में सहायक होगा। यह सम्मान प्रधानमंत्री की हरित ग्रह के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), एक पेड़ मां के नाम, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस- को स्‍वीकार करता है। यह सम्मान प्रधानमंत्री को सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए दिए गए कई पुरस्कारों- एफएओ द्वारा दिया गया एग्रीकोला मेडल, सियोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ में से एक है।

यह सम्मान हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता विकास, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास की पहलों और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका को सेशेल्स द्वारा दिए जाने वाले महत्व को दर्शाता है।

June 27, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए विक्‍टोरिया पहुंचे

विक्टोरिया (सेशेल्स) 27 जून 2926, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी तीन दिन की सेशेल्‍स यात्रा पर विक्‍टोरिया पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे पर सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने उनका हार्दिक स्‍वागत किया। सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री मोदी ने इसके लिए राष्‍ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्‍स हिंद महासागर में भारत का महत्‍वपूर्ण समुद्री साझेदार और करीबी मित्र है। श्री मोदी ने दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए भारत और सेशेल्‍स के दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को बढावा देने के लिए सार्थक यात्रा की उत्‍सुकता प्रकट की।

प्रधानमंत्री बोटैनिकल गार्डन्‍स देखने गए और पौध रोपण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान श्री मोदी ने डॉक्‍टर हर्मिनी की उपस्थिति में कोको-डे-मेर का पौधा रोपा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह प्रधानमंत्री की एक पेड़ मां के नाम पहल का अंग था। इससे पर्यावरण स्थिरता के प्रति भारत और सेशेल्‍स की साझा प्रतिबद्धता का पता चलता है।

श्री मोदी ने बोटैनिकल गार्डन में विशाल कछुआ भी देखा। सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री मोदी ने कहा कि इस विशाल अल्डाब्रा कछुए का संबंध भारत और सेशेल्‍स के बीच विशेष मैत्री से भी है। उनमें से दो कछुए 2014 में कोलकाता के अलीपुर प्राणी उद्यान को उपहार में दिए गए थे।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्‍यों के साथ बातचीत भी की। उन्‍होंने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच जीवंत पुल के रूप में कार्य करता है और लोगों के बीच साझेदारी को समृद्ध तथा मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री सेशेल्‍स के पचासवें स्‍वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि होंगे। वे सेशेल्‍स के राष्‍ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

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