Web News

www.upwebnews.com

गोल्ड लोन दिलाकर ब्लैंक चेक से निकाले 50.60 लाख, बैंक अधिकारियों पर केस

July 30, 2026

गोल्ड लोन दिलाकर ब्लैंक चेक से निकाले 50.60 लाख, बैंक अधिकारियों पर केस

AGRA NEWS

AGRA NEWS

आगरा। ताजनगरी में गोल्ड लोन के नाम पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना ताजगंज पुलिस ने एक कारोबारी की शिकायत पर आईसीआईसीआई बैंक की बेलनगंज शाखा के शाखा प्रबंधक, डिप्टी मैनेजर, एक निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर समेत 8 नामजद और 3-4 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेलनगंज निवासी कौशल कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2016 से उनके भवन का एक हिस्सा आईसीआईसीआई बैंक की बेलनगंज शाखा को किराये पर दिया गया है। लंबे समय से बैंक संचालित होने के कारण शाखा अधिकारियों से उनके पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध बन गए थे। शिकायत के अनुसार, इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए फरवरी 2026 में शाखा प्रबंधक विवेक सिंह ने उनसे संपर्क किया और वर्ष 2025-26 का गोल्ड लोन लक्ष्य पूरा कराने में सहयोग मांगा। कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया कि कुछ समय बाद लोन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, गिरवी रखा गया सोना सुरक्षित वापस मिल जाएगा और पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च भी बैंक अधिकारी स्वयं वहन करेंगे।

पीड़ित का आरोप है कि बैंक अधिकारियों के आश्वासन पर विश्वास करते हुए उन्होंने अपने बेटे विभोर के नाम पर 445.40 ग्राम सोना गिरवी रखकर 45.13 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी लोन खाता बंद नहीं किया गया। जब उन्होंने कई बार जानकारी मांगी तो हर बार तकनीकी कारणों और बैंकिंग प्रक्रिया का हवाला देकर उन्हें टाल दिया गया।

‘खाते में एंट्री दिखानी है’ कहकर कराए ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बाद में बैंक अधिकारियों ने कहा कि लोन बंद करने से पहले खाते में कुछ वित्तीय लेनदेन दिखाना जरूरी है। इसी बहाने 6 जून 2026 को कथित रूप से पीड़ित से ब्लैंक चेकों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शिकायत के मुताबिक बाद में उन्हीं चेकों में सौरभ साहनी का नाम भरकर दो चेकों के माध्यम से कुल 50.60 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।

—–दूसरे गोल्ड लोन का भुगतान करने में इस्तेमाल हुई रकम!

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सौरभ साहनी, उसकी पत्नी प्रतिमा साहनी और मां रमा साहनी ने फतेहाबाद रोड स्थित कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड से गोल्ड लोन लिया हुआ था। उनका दावा है कि उनके खाते से कथित रूप से निकाली गई 50.60 लाख रुपये की राशि का उपयोग उसी गोल्ड लोन का भुगतान करने में किया गया। इसके बाद आरोपी अपना गिरवी रखा सोना छुड़ाने पहुंचे, लेकिन जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस की सूचना के बाद संबंधित सोने की रिलीज प्रक्रिया रुकवा दी गई।

—–इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

ताजगंज थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक बेलनगंज शाखा प्रबंधक विवेक सिंह, डिप्टी मैनेजर हरविन्द सिंह, श्री भगवान सिंह, बृजेश शर्मा, कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड के मैनेजर प्रसून गुप्ता, सौरभ साहनी, प्रतिमा साहनी और
रमा साहनी के अलावा 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र सिंह नागर ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, चेक, खातों के लेनदेन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

शव के पास रो रहे थे परिजन, तभी गूंजी आवाज- ‘मैं मरी नहीं हूं’

AGRA NEWS

AGRA NEWS

—- 17 घंटे बाद जिंदा हुई महिला

आगरा। गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल एक परिवार बल्कि पूरे इलाके को हैरान कर दिया। जिस 65 वर्षीय महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था और जिसके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, वही महिला करीब 17 घंटे बाद अचानक जीवित हो गईं। सबसे पहले उन्होंने अपने दामाद का हाथ पकड़कर कहा—”मुझे कहां ले जा रहे हो? मैं जिंदा हूं, मरी नहीं हूं।” यह सुनते ही घर में मातम का माहौल कुछ ही सेकंड में हैरानी और उम्मीद में बदल गया। रो रहे परिजन खुशी और अविश्वास के बीच उन्हें तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है।

—बरेली अस्पताल में डॉक्टरों ने किया था मृत घोषित

ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी निवासी शीला देवी (65) लंबे समय से लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं। करीब 20 दिन पहले वह अपने बेटे संजीव माहौर, जो बदायूं के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, के पास इलाज के लिए गई थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें सोमवार को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को तबीयत और ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। बुधवार तड़के करीब तीन बजे अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

—शाम को घर पहुंचा शव, अंतिम संस्कार की हो चुकी थी पूरी तैयारी

मृत घोषित किए जाने के बाद बेटा एंबुलेंस से शाम करीब सात बजे मां का शव लेकर आगरा स्थित घर पहुंचा। शव को घर के एक कमरे में जमीन पर रखा गया। परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। फूल-मालाएं, कफन और अन्य आवश्यक सामग्री भी मंगवा ली गई थी। रिश्तेदार और पड़ोसी अंतिम दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे थे। घर में हर ओर मातम पसरा हुआ था। कोई शीला देवी को अंतिम बार देख रहा था तो कोई परिवार को सांत्वना दे रहा था।

—–अंतिम प्रणाम करते ही हुआ ऐसा कि सब दंग रह गए

रात करीब आठ बजे शीला देवी के दामाद अपनी सास को अंतिम प्रणाम करने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने उनके पैर छुए, अचानक शरीर में हलचल महसूस हुई। पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन अगले ही पल शीला देवी ने दामाद का हाथ कसकर पकड़ लिया और धीमी आवाज में कहा- “मुझे कहां लेकर जा रहे हो? तुम सब रो क्यों रहे हो? मैं जिंदा हूं।” यह सुनते ही कमरे में मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। कुछ लोगों को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ, तो कुछ ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना।

—बिना देर किए अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन

परिजनों ने एक पल भी देर नहीं की और शीला देवी को तुरंत आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उनका उपचार जारी है।

पड़ोसी ने सुनाई पूरी घटना

पड़ोसी ने बताया कि एंबुलेंस से शव घर लाने के बाद उसे कमरे में रखा गया था। उसी दौरान बेटी और दामाद पहुंचे। दामाद ने जैसे ही उनके चरण स्पर्श किए, तभी महिला की सांसें लौट आईं और उन्होंने बात करना शुरू कर दिया। पूरे मोहल्ले में देखते ही देखते यह खबर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर जुट गए।

July 29, 2026

तालाब बना काल, पशु चराने गईं दो सगी बहनें डूबीं, ग्रामीणों ने एक बच्चे को बचाया

AGRA NEWS

AGRA NEWS

आगरा। जगनेर थाना क्षेत्र के बरिगवां खुर्द गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। घर के पास स्थित तालाब में डूबने से एक ही परिवार की दो मासूम सगी बहनों की मौत हो गई, जबकि तीसरे बच्चे की ग्रामीणों ने समय रहते जान बचा ली।

जानकारी के अनुसार, बरिगवां खुर्द निवासी मुरारी लाल का घर गांव के तालाब के समीप है। बुधवार सुबह रोज की तरह परिवार के तीन बच्चे पशुओं को चराने के लिए घर से निकले थे। पशु चराते-चराते वे तालाब के किनारे पहुंच गए। बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी कारणवश तीनों बच्चों का संतुलन बिगड़ गया। आशंका है कि पैर फिसलने या गहरे पानी में चले जाने से तीनों बच्चे तालाब में डूबने लगे।

तालाब में बच्चों को डूबता देख कई ग्रामीण तालाब में कूद पड़े और बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, दोनों बच्चियां तब तक गहरे पानी में समा चुकी थीं। ग्रामीणों ने उन्हें भी बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हादसे में जान गंवाने वाली बच्चियों की पहचान पूनम (12 वर्ष) और टिंकल (8 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों सगी बहनें थीं और मुरारी लाल की बेटियां थीं। दोनों मासूम बेटियों की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बाप और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसीपी खेरागढ़ प्रीता सिंह ने बताया कि तीनों बच्चे घर के पास स्थित तालाब पर पशु चराने गए थे, जहां वे अचानक पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद बरिगवां खुर्द गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

July 26, 2026

आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया

 लखनऊ: 26 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय परम्परा में शिक्षकों का सर्वोच्च स्थान रहा है। व्यक्ति के सामान्य जीवन, शासकीय व्यवस्था तथा गुरुकुल परम्परा में गुरुओं का एक विशिष्ट महत्व रहा है। जब दुनिया अंधकार में जी रही थी, तब भारत तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों का संचालन कर रहा था।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिजनों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी के समक्ष उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की उपलब्धियों तथा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विश्वविद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों एवं नवीन शैक्षिक प्रयोगों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उन्हें गुरु पूर्णिमा के पूर्व मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उपहार उच्च शिक्षण संस्थानों के सभी प्राध्यापकों, अध्यापकों, उनके परिवार के सदस्यों आदि को प्रदान करते हुए सुखद अनुभूति हो रही है। इस सुविधा के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, राजकीय या शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय या स्ववित्तपोषित प्रबन्धन के अन्तर्गत संचालित विश्वविद्यालयों या महाविद्यालयों को कवर किया जा रहा है। साथ ही, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। प्रदेश भर के 02 लाख उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक सहित उनके परिवार के लगभग 10 लाख सदस्य इस सुविधा से कवर होने जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षक इस सुविधा का बेहतर उपयोग करते हुए देश की एकता और अखण्डता तथा प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जनपद आगरा से उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रारम्भ हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने समयबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वयं हरदोई में योजना का शुभारम्भ कर रही हैं। अलग-अलग जनपदों में अलग-अलग मंत्रिगण इस योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं। कैशलेस सुविधा के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का निष्पादन किया गया है। इसके माध्यम से आपको सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुर्भाग्यवश यदि किसी शिक्षक के साथ कोई घटना-दुर्घटना होती है, तो एम0ओ0यू0 के अन्तर्गत शिक्षक के परिवार को योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 1.5 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 03 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 60,000 रुपये तक का अस्पताल नकद लाभ, 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर आदि लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह एक बेहतरीन सुविधा है, जिससे अब तक उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक लाभान्वित नहीं थे। इसमें प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी भी उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश कोई भी शिक्षक दुर्घटना का शिकार न हो, किसी को हॉस्पिटल न जाना पड़े। लेकिन घटनाएँ-दुर्घटनाएँ बोल कर नहीं आतीं। कोई भी व्यक्ति उसकी चपेट में आ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह व्यक्ति या उसका परिवार उस समय स्वयं को असहाय महसूस न करें। पूरा तंत्र, शासन एवं बैंकर्स उनके साथ खड़े हैं, ताकि वह चुनौती का मुकाबला कर सके।
मुख्यमंत्री जी ने पंजाब नेशनल बैंक से अनुरोध किया कि स्ववित्तपोषित और निजी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी इस योजना से कवर करने की व्यवस्था करे, ताकि उनके साथ कोई घटना-दुर्घटना होने पर उन्हें भी बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सके। इसके दृष्टिगत व्यवस्था आगे बढ़ानी चाहिए। इस व्यवस्था में अभी तक शिक्षणेत्तर कर्मचारी नहीं सम्मिलित थे। लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में कार्यरत 50 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से कवर करने के कार्य को आगे बढ़ाने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तक्षशिला अविभाजित भारत का हिस्सा था। ढाई हजार वर्ष पूर्व तक्षशिला नामक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय था। तक्षशिला विश्वविद्यालय आज के पाकिस्तान में स्थित है। तक्षशिला का नाम प्रभु श्रीराम के अनुज भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर पड़ा। यहाँ दुनिया भर से आए हुए स्नातकों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पारंगत किया जाता था। इसी विश्वविद्यालय में एक विश्वविख्यात जीवक नामक वैद्य हुए। उन्होंने तक्षशिला में अध्ययन पूर्ण किया। वह लम्बे समय तक तक्षशिला में रहे। जब वह अपने देश काशी वापस आना चाहते थे, तो उनके आचार्य ने जाने से पूर्व उनसे अन्तिम परीक्षा ली। उनके गुरु ने वन से ऐसी वनस्पति लाने का दौयित्व सौंपा, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने अनेक दिनों और महीनों तक पूरे वन का अध्ययन किया। वन में जीवक को कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं मिली, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने वापस आकर अपने आचार्य से कहा ‘नास्ति मूलं अनौषधमं’ अर्थातयानी कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो। प्रत्येक वनस्पति में औषधीय गुण हैं। इस पर आचार्य प्रसन्न हुए। उनके गुरु ने कहा प्रत्येक वनस्पति में कोई न कोई औषधीय गुण जरूर है।
भारतीय ऋषि परम्परा में कहा गया है ‘अमंत्रमक्षरम् नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुर्लभः’ अर्थात दुनिया में ऐसा कोई अक्षर नहीं, जिससे मंत्र न बन सके, ऐसी कोई जड़ या पौधा नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो और ऐसा कोई मनुष्य नहीं, जो अयोग्य हो, दुर्लभ तो ऐसे व्यक्ति हैं, जो उन्हें सही तरीके से उपयोग करना जानते हों। योग्यता जरूर होगी। लेकिन उसके लिए योजक चाहिए। जैसे वनस्पति को ढूंढने के लिए कोई वैद्य चाहिए, जैसे अक्षर को जोड़ने के लिए कोई भाषा-शास्त्री चाहिए। इसी प्रकार मनुष्य को योग्य बनाने के लिए कोई योजक चाहिए। वह योजक आप सभी शिक्षक हैं। एक छात्र को सही दिशा प्रदान करने के लिए योजक के रूप में आपकी भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आप छात्रों को जीवन के अनुशासन का महत्व बताते हैं। शिक्षकों को इसीलिए महत्व दिया गया है कि आप शिष्यों के गुणों को उजागर कर सही मार्ग दिखा सके और सन्मार्ग की ओर उन्मुख कर सके। छात्र किसी भटकाव का शिकार न हों, इसके लिए पहले दिन से प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले जब हम लोग पढ़ते थे, तो परिवार के सदस्य न्यूज़ पेपर पढ़ने पर बल देते थे। हमें अपनी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ कुछ रेफरेंस बुक्स को भी पढ़ना चाहिए। पुस्तकालयों में ऐसी पुस्तकें भी होती हैं, जो ज्ञानवर्धक होती हैं। वह पुस्तकें पाठ्यक्रम का हिस्सा भले ही न हों, तब भी उसके बारे में हमें बताया जाता था। पहले प्रत्येक व्यक्ति के मन में कुछ नया करने का भाव रहता था। वह ऐसी रचनाएँ भी करता था, जो स्वयं में कालजयी हो जाती थीं। उनकी रचनाएँ लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती थीं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनगणना के समय शिक्षकों को गाँव या मोहल्ले के बारे में तथा उसके सामाजिक और आर्थिक अध्ययन का अवसर मिलता है। वह आंकड़े कलेक्ट करते हैं। एक पृष्ठभूमि के रूप में प्रत्येक जगह की कुछ विशेषताएँ होती हैं। हमें उस स्थान की समृद्ध परम्परा के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। यह आपकी पर्सनल नॉलेज के लिए बहुत आवश्यक होगा। सत्र की पहली क्लास को आप रूटीन के पाठ्यक्रम की बजाय परिचयात्मक रूप से लें। पाठ्यक्रम का सामान्य परिचय बच्चे को देकर रोचक माहौल बनाने का प्रयास करंे। इससे क्लास के प्रत्येक छात्र के मन में उसे जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होगी तथा उसे विद्यालय आने की इच्छा जाग्रत होगी। हमें बीच-बीच में ऐसे प्रयास करने चाहिए, जिससे प्रत्येक छात्र आकर्षित हो सके। उनके पाठ्यक्रम को और सुरुचिपूर्ण एवं सरल बनाना चाहिए। इससे उनके मन में आपके प्रति सम्मान, श्रद्धा और आस्था का भाव जगेगा। जब-जब भारत में शिक्षकों के प्रति श्रद्धा भाव जाग्रत हुआ है, तब-तब भारत ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूरे समाज में कई वर्ग हैं, जो प्रिण्ट मीडिया, अखबार, न्यूज़ चैनल तथा सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया की खबरों की जानकारी प्राप्त करते हैं। 60 प्रतिशत यूथ का तबका ऐसा है, जो स्मार्टफोन देखकर देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त कर रहा है। स्मार्टफोन पर न्यूज़ के रूप में जिस विषय पर ज्यादा सामग्री उपलब्ध हो, उसे छात्र देखकर सच मान लेते हैं। यह जरूरी नहीं कि वह न्यूज़ सच हो। पहले हम मीडिया, न्यूज़ पेपर की खबर पढ़ते थे। सच मानकर उस पर विश्वास करते थे।
न्यूज़ पेपर ने देश के स्वाधीनता आन्दोलन और जनचेतना जागरूक करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। उसमें एक जवाबदेही भी है। यदि कोई गलत न्यूज़ दे रहा है, तो हमें रिपोर्टर तथा एडिटर का नाम मालूम है। विजुअल मीडिया तथा चैनल के प्रतिनिधि की भी जानकारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति फेक अकाउण्ट बनाकर समाज में विद्वेष पैदा कर सकता है। आपने इसके अनेक उदाहरण देखे होंगे। सही तथ्य की जानकारी तथा आत्म-अनुशासन न होने के नाते पूरा सिस्टम अक्सर अव्यवस्था और अराजकता का शिकार होता है। इसका खामियाजा वर्तमान और भविष्य सभी को भुगतना पड़ता है। यदि वर्तमान और भविष्य दोनों को सही दिशा में लेकर चलना है, तो छात्रों को आत्म अनुशासन के महत्व के बारे में बताना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस आज की आवश्यकता है। बदलती हुई दुनिया में हम इससे पीछे नहीं रह सकते और मुँह नहीं मोड़ सकते। छात्रों को मोटिवेट करें। सच और झूठ के बारे में बताएं। उन्हें इस प्लेटफॉर्म के बारे में तथ्यों से अवगत कराएं। इसे स्वयं के लिए कल्याणकारी तथा देश व सोसाइटी के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास करना चाहिए। इस पर अच्छे कण्टेंट डालने चाहिए। अच्छे उदाहरण के माध्यम से लोगों को प्रभावित करना चाहिए।
विद्यार्थियों को गुमनाम लोग, प्लेटफॉर्म व फेक अकाउण्ट के बारे में बताएं। गुमराह करने वाले तथ्यों से हमें दूरी बनानी चाहिए। अपना न्यूनतम समय उस पर खर्च करना चाहिए। इसके लिए शिक्षक समाज को आगे आना होगा। यदि सही तथ्यों की जानकारी लेनी है, तो फिर से पढ़ने-पढ़ाने की आदत को पुख्ता करना होगा। हमें लाइब्रेरी जाने की आदत डालनी होगी। पाठ्यक्रम के अलावा, रेफरेंस बुक्स को भी देखें। कुछ धर्म ग्रंथों की तरफ उन्मुख हों। यदि हम इनके बारे में छात्रों को बताएंगे, तो देश का कल्याण होगा। देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा और आपका गुणगान करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से सभी संस्थानों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत डुएल डिग्री ले सकते हैं। इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए। प्रत्येक शिक्षक एवं छात्र को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस की जानकारी होनी चाहिए। राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आई0टी0आई0 में आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स तथा 3-डी प्रिण्ंिटग की जानकारी देने के लिए सुविधा उपलब्ध करायी है। यह बहुत कठिन नहीं है, बस थोड़ा प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसकी जानकारी देश एवं समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लग रही, वह किसी न किसी रूप में समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। वह हमेशा अव्यवस्था का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। एक दिग्भ्रमित समाज सदैव नकारात्मकताओं से भरकर स्वयं का नुकसान करता है। इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए सदैव सतर्क रहना होगा। शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों को राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्र प्रेरणा के इनोवेशन के रिसर्च केन्द्र के रूप में स्थापित करना होगा। विश्वविद्यालय के पब्लिकेशंस समाज की सक्सेस स्टोरी के उदाहरणों से भरे हुए दिखायी देने चाहिए। जो कुछ भी यहाँ है, वह वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा एवं आदर्श हो। हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। यदि हम ऐसा करेंगे, तो वर्तमान और भावी पीढ़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ हमें स्मरण करेगी। सभी शिक्षकों को इस दिशा में मजबूती से अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी भारत ने सही दिशा में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया, तब विदेशी हमले प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से प्रारम्भ हुए। एक-एक हमला भारत को गुलामी की आगोश में लाने में सफल हुआ। विदेशी षड्यंत्रों ने भारत को विघटन की ओर ले जाने का कार्य किया तथा भारत में अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया। ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ शिक्षण संस्थानों को खड़ा होना होगा। अपनी युवा पीढ़ी को जागरूक करना होगा। एक मार्गदर्शक के रूप छात्र-छात्राओं को सही मार्ग का अनुसरण करने के लिए तैयार करना होगा। राष्ट्र प्रथम भाव के साथ सन्मार्ग की ओर अग्रसर करना होगा। यदि यह कार्य शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान कर पाएंगे, तो यही देश के प्रति हमारी अमूल्य सेवाएं होंगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की अत्यन्त सराहनीय एवं संवेदनशील पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आगरा की समृद्ध चिकित्सा परम्परा, एस0एन0 मेडिकल कॉलेज के सुदृढ़ीकरण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल रही हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का निरन्तर विकास हो रहा है। सरकार शिक्षकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि गुरु परम्परा ने राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम का मार्गदर्शन किया, जबकि संदीपन ऋषि ने योगेश्वर श्रीकृष्ण को शिक्षा प्रदान की। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी। आज के शिक्षक और शिक्षाविद् उसी गौरवशाली परम्परा के उत्तराधिकारी हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक परिवार की चिन्ता को समझते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अन्तिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार परिवार के मुखिया की जिम्मेदारियों और समस्याओं को समझते हुए ऐसी योजनाएँ संचालित कर रही है, जो आमजन के लिए वरदान सिद्ध हो रही हैं। सरकार का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार ने समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना को सरकार ने केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से धरातल पर उतारा है। सरकार की सभी योजनाओं में किसी भी वर्ग, बिरादरी या समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। सभी पात्र नागरिकों को समान रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना सरकार की नीति और प्रतिबद्धता है। यही भारतीय संस्कृति और सुशासन की मूल भावना भी है।
इस अवसर पर एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, सांसद श्री नवीन जैन, श्री राजकुमार चाहर, विधान परिषद सदस्य डॉ0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक डॉ0 धर्मपाल सिंह, डॉ0 जी0एस0 धर्मेश, श्री पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, श्री बाबूलाल, श्री भगवान सिंह कुशवाहा, श्री छोटे लाल वर्मा, श्रीमती रानी पक्षालिका सिंह, आगरा की महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाह, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
———

July 19, 2026

एंबुलेंस बनी ‘शराब एक्सप्रेस’, सायरन की आड़ में शराब तस्करी का खेल बेनकाब

—पांच गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में शराब तस्कर

आगरा। आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एंबुलेंस की आड़ में की जा रही अंतरराज्यीय शराब तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्कर हरियाणा और पंजाब से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब लेकर बिहार पहुंचाते थे। पुलिस ने मौके से करीब साढ़े दस लाख रुपये की बाजार कीमत की 80 पेटी अंग्रेजी शराब, एक एंबुलेंस और एक थार गाड़ी बरामद की है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से तस्करी के इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। शराब से भरी एंबुलेंस के आगे एक थार गाड़ी पायलट वाहन के रूप में चलती थी, जिससे रास्ते की निगरानी की जाती थी और पुलिस चेकिंग की जानकारी पहले ही मिल जाती थी। एंबुलेंस का सायरन बजाकर चालक ट्रैफिक में आसानी से रास्ता बना लेते थे, जिससे किसी को शक भी नहीं होता था।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि तस्कर हर राज्य की सीमा में प्रवेश करने से पहले एंबुलेंस और थार दोनों वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते थे। अलग-अलग राज्यों के नंबर इस्तेमाल कर पुलिस और प्रशासन को चकमा दिया जाता था। इस हाईटेक तरीके से गिरोह लंबे समय से शराब की खेप बिहार तक पहुंचा रहा था।

—-हरियाणा-पंजाब से बिहार तक फैला नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैला हुआ है। शराबबंदी वाले राज्यों में अवैध शराब की सप्लाई कर गिरोह मोटा मुनाफा कमाता था। गिरफ्तार किए गए सोनीपत निवासी पंकज, रोहित, जींद निवासी साहिल, शाहिल और इस गैंग को लीड कर रहे संदीप से पूछताछ जारी है और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

—–सप्लाई चेन और मास्टरमाइंड की तलाश

एत्मादपुर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का सरगना कौन है और अब तक कितनी खेप बिहार पहुंचाई जा चुकी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से अवैध कारोबार चला रहा था।

Older Posts »