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आईपीएल पर सट्टे का खुलासा, सिकंदरा में फ्लैट से चल रहा था ऑनलाइन जाल, लाखों का खेल बेनकाब

April 19, 2026

आईपीएल पर सट्टे का खुलासा, सिकंदरा में फ्लैट से चल रहा था ऑनलाइन जाल, लाखों का खेल बेनकाब

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। लंबे समय से पुलिस की सख्ती के चलते शांत बैठे सटोरिए अब ठिकाना बदलकर फिर सक्रिय हो गए थे और बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। इस बार उन्होंने फ्लैट को अपना अड्डा बनाकर हार-जीत की बाजी का पूरा सिस्टम तैयार कर रखा था।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक फ्लैट में आईपीएल मैचों पर अवैध सट्टा लगाया जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से मुख्य आरोपी ऋतिक पाठक को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से पुलिस ने 1,19,500 रुपये नकद बरामद किए, जो सट्टेबाजी के लेन-देन से जुड़े बताए जा रहे हैं।

छापे के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय साक्ष्य भी मिले। 5 मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप जब्त किए गए, जिनमें सट्टे के नेटवर्क और लेन-देन का पूरा डेटा मौजूद है। इसके अलावा 7 रजिस्टर, 12 एटीएम कार्ड और 19 पासबुक बरामद हुईं, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई और संगठित तरीके से चल रहे धंधे की ओर इशारा करती हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे, जिससे पैसों का ट्रांजैक्शन ट्रेस करना मुश्किल हो सके। इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनमें रिशु पाठक और केशव पाठक फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच तेज कर दी है। संभावना है कि इस गिरोह के तार आगरा के अलावा आसपास के जिलों तक जुड़े हो सकते हैं।

April 18, 2026

परशुराम चौक पर नीला झंडा फहराने के चार आरोपी गिरफ्तार

Posted on 18.04.2026 Time 06.32 PM AGRA NEWS, UP News आगरा। आगरा में अंबेडकर जयंती के मौके पर निकली रैली के दौरान आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-6 स्थित परशुराम चौक पर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौक पर नीला झंडा फहराने वाले चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को दोपहर करीब 12:30 बजे बाबा साहब के अनुयायियों की रैली आवास विकास क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान कुछ युवक परशुराम चौक पर बनी भगवान परशुराम की प्रतिमा के ऊपर चढ़ गए थे। आरोप है कि युवक जूते-चप्पल पहनकर चौक पर चढ़े और वहां नीला झंडा फहरा दिया था। इसको लेकर ब्राह्मण समाज ने जमकर विरोध किया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश फैल गया। अगले दिन समाज के लोगों ने चौक पर पहुंचकर जोरदार हंगामा और प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि पुलिस ने मामले में हल्की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने दक्ष, शिवम, पुष्पेंद्र और प्रशांत नाम के चार युवकों को चिन्हित किया और शुक्रवार रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। शनिवार को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने डीसीपी से मुलाकात की। डीसीपी ने उन्हें चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि आगे भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस सतर्क है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

April 17, 2026

मण्डलायुक्त ने समीक्षा बैठक में आगरा सहित कई जिलों को सुधार लाने के निर्देश

आगरा। मण्डलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में लघु सभागार में मण्डल स्तरीय कर-करेत्तर कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। वाणिज्य कर में चारों जिलों की प्रगति तय लक्ष्य से पीछे रही जबकि विगत वित्तीय वर्ष के सापेक्ष मासिक प्रगति ठीक रही। स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन में मैनपुरी में वसूली अच्छी हुई जबकि फिरोजाबाद और आगरा प्रगति में पीछे रहे। आबकारी मद में विगत दो वित्तीय वर्षों से आगरा जिले के लक्ष्य से पीछे रहने पर आयुक्त महोदय द्वारा शासन को संदर्भ उपलब्ध कराते हुए लक्ष्य पुनः निर्धारित कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। परिवहन मद में आगरा और मथुरा में सबसे कम प्रगति हुई। सुधार लाने के निर्देश दिए।

विद्युत मद में फिरोजाबाद को छोड़कर अन्य जनपदों द्वारा लक्ष्य से अधिक वसूली की गई। खनिज में फिरोजाबाद और मैनपुरी लक्ष्य से काफी पीछे रहे। वहीं खनिज मद से संबंधित प्रकरणों में निस्तारण हेतु समुचित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विधिक माप में मैनपुरी ने पूर्ण लक्ष्य की प्राप्ति की। अन्य जिलों में वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। विविध देय की समीक्षा की गयी। वसूली में आगरा सबसे पीछे रहा, प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। जीएसटी पंजीकरण में आगरा और मथुरा लक्ष्य से पीछे रहे। आयुक्त महोदय द्वारा चारों जिलों के अपर जिलाधिकारियों को माह में एक बार जीएसटी विभाग की समीक्षा करने एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई सबसे कम वसूली की प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, आगरा जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी , मथुरा जिलाधिकारी सी पी सिंह जी और मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह जी, अपर जिलाधिकारी वित्त श्रीमती शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त मथुरा पंकज वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक फिरोजाबाद अरविंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

April 16, 2026

अभिनेत्री राखी सावंत बोली- आगरा की मेयर पढ़ी-लिखी नहीं हैं क्या?”

आगरा। अपने बेबाक बोलों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली हिंदी सिनेमा जगत की अभिनेत्री राखी सावंत ने आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा पर तंज कसते हुए पूछा है कि क्या मेयर पढ़ी-लिखी नहीं है क्या।

राखी सावंत मुंबई में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि आगरा की मेयर को भोसले और घोसले में अंतर नहीं पता? भोसले कितना बड़ा परिवार है। आशा भोसले कितना बड़ा नाम है। ये लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं क्या? राखी सावंत की यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
दरअसल मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा का मशहूर गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे आशा भोसले को घोंसले कहते दिख रही थीं। मेयर ने रविवार को नारी वंदन कार्यक्रम के बाद प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए दो बार गलत नाम लिया। 47 सेकेंड के वीडियो में मेयर सबसे पहले हंसते हुए अपने साथियों से पूछती हैं कि आशा भोसले सिंगर थीं न? हां में जवाब मिलने के बाद वह हसंते हुए कहती हैं कि मैं भूल जाती हूं। इसके बाद वे कहती हैं कि श्रीमती आशा घोसले आज गोलोकवासी हो गई हैं। संगीत के क्षेत्र में देश को बड़ी क्षति हुई है। मैं आगरा और बीजेपी की ओर से अपनी बहन आशा घोसले जी को श्रद्धासुमन अर्पित करती हूं।
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इस बयान को लेकर मेयर को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया। सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने जमकर तंज कसा। एक ने मेयर को टैग करते हुए लिखा- यह कौन हैं, हम इन्हें नहीं जानते।

इसके बाद महापौर ने अपने फेसबुक एकाउंट पर एक वीडियो अपलोड किया। उन्होंने लिखा कि जो वीडियो वायरल किया गया है वो फेक है। उसमें छेड़छाड़ की गई है। कुछ व्यूज और लाइक के लिए मेरी छवि को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके साथ उन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया।
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इस पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यूजर बोले- मैडम, गलती मान लो। एक यूजर ने लिखा कि सामान्य बात- गलती किसी से भी हो सकती है। गलती होने पर स्वीकार कर लेनी चाहिए। क्षमा याचना भी कर लेनी चाहिए। मगर, गलती को छिपाने के लिए दूसरी गलती करना तो और भी गलत है। दूसरे यूजर ने लिखा कि एडिट तो ये वीडियो है। साफ दिख रहा है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि क्या जमाना आ गया है। एडिटेड वीडियो को ओरिजनल बताया जा रहा है। ओरिजनल को एडिटेड। भगवान कहा है तू।

April 15, 2026

कंगना रनौत केस में कल आगरा की कोर्ट ले सकती है फैसला

Posted on 15.04.2026 Wednesday Time 06.01 PM, Agra

Agra. Trouble seems to be mounting for BJP MP and film actress Kangana Ranaut from the Mandi Lok Sabha constituency in Himachal Pradesh. A major verdict in the case related to insult of farmers and sedition is expected tomorrow in the Special Court (MP-MLA) in Agra. The court is likely to decide tomorrow whether to summon Kangana Ranaut or not.

तलब आदेश हुआ तो पेश होना पड़ेगा

आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। किसानों के अपमान और राजद्रोह से जुड़े मामले में कल आगरा के स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) में अहम फैसला आने की संभावना है। अदालत कल ही यह तय कर सकती है कि कंगना रनौत को तलब किया जाए या नहीं।

मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में चल रही है। जानकारी के अनुसार, इस केस में दोनों पक्षों के बीच 3 अप्रैल 2026 को विस्तृत बहस पूरी हो चुकी है। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी लिखित दलीलें कोर्ट में पेश की थीं, साथ ही मौखिक बहस भी की गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रखते हुए 16 अप्रैल की तारीख तय की थी। ऐसे में कल यह स्पष्ट हो सकता है कि अदालत इस मामले में संज्ञान लेते हुए कंगना रनौत को समन जारी करती है या नहीं।

कंगना रनौत के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने किसानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे आक्रोश फैल गया था। इसी के आधार पर राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्य़क्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा उनके खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया था। अब अदालत को यह तय करना है कि प्रस्तुत साक्ष्य और दलीलों के आधार पर मामला आगे बढ़ाने लायक है या नहीं।

अगर अदालत संज्ञान लेते हुए तलब आदेश जारी करती है, तो कंगना रनौत को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है। इससे न केवल कानूनी लड़ाई तेज होगी, बल्कि राजनीतिक और फिल्मी हलकों में भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

चूंकि कंगना रनौत वर्तमान में भाजपा की सांसद भी हैं, ऐसे में इस मामले का राजनीतिक असर भी व्यापक हो सकता है। विपक्ष पहले ही इस मुद्दे को लेकर हमलावर रहा है, जबकि समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं।

कुल मिलाकर कोर्ट का कल का फैसला इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा कि मामला आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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