Web News

www.upwebnews.com

यूपी में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक, 58 लाइसेंस रद्द, 9 एफआईआर

July 12, 2026

यूपी में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक, 58 लाइसेंस रद्द, 9 एफआईआर

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

News Posted on 12.07.2026 Time 07.34 PM, Lucknow, Agra, Madicine Market, Dr Roshan Jaicab IAS

  • एफएसडीए आयुक्त के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर मारे एक साथ छापे, अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा
  • बड़ी कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों पर 3 नई एफआईआर, अब तक 58 थोक लाइसेंस निरस्त/निलंबित
  • सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, नकली दवाएं, फर्जी बिलिंग और री-लेबलिंग का संगठित नेटवर्क बेनकाब
  • अब तक हुई कार्रवाई में कुल 9 मुकदमे दर्ज और ₹3.63 करोड़ की दवाएं जब्त
  • एफएसडीए अब अवैध वसूली करने वालों पर भी कस रहा शिकंजा

लखनऊ/आगरा, 11 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने आगरा में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे निर्णायक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संगठित दवा सिंडिकेट की परतें खोल दी हैं।

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की विशेष टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर नकली दवाओं, सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, फर्जी बिलिंग, अवैध री-लेबलिंग, फिजीशियन सैंपलों की बिक्री और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के बाद 14 संचालकों के खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या 9 और निरस्त अथवा निलंबित थोक लाइसेंसों की संख्या 58 पहुंच गई है।

15 ड्रग इंस्पेक्टरों ने एक साथ मारे छापे
आयुक्त डॉ रोशन जैकब के नेतृत्व में गठित 15 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने आगरा के कम्बूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार (शू मार्केट), कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट और कोतवाली क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की। जिन 13 फर्मों पर छापेमारी हुई उनमें मोहन ट्रेडर्स (कम्बूटोला), मनी मेडिकल (मुबारक महल), नीलकंठ (कृष्णा कॉम्प्लेक्स), वंश फार्मा (कम्बूटोला), प्रशांत मेडिकल (कम्बूटोला), पोरवाल मेडकेयर (शू मार्केट), एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस (मुबारक महल), डॉली ड्रग हाउस (कम्बूटोला), मनु फार्मा (कोतवाली के सामने), आरडीएम फार्मास्युटिकल्स (नवबिया मार्केट), इनाया फार्मा (कम्बूटोला) और नूर फार्मा (कम्बूटोला) शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल के परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि नीलकंठ, कृष्णा कॉम्प्लेक्स स्थित प्रतिष्ठान और मनु फार्मा पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत रोक लगा दी गई। टीम ने मौके से 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए।

विभोर मेडिकल एजेंसी से खुला नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क

एफएसडीए की ताजा जांच टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की Chymoral Forte और Shelcal के नकली होने संबंधी शिकायत से शुरू हुई। 7 नवंबर 2025 को अंशिका फार्मा के मालिक मनोज गुप्ता की जांच में पता चला कि उन्होंने Chymoral Forte की खेप विभोर मेडिकल एजेंसी से खरीदकर पाल ब्रदर्स (कोलकाता) को बेची थी। विभोर मेडिकल एजेंसी के प्रो. संजीव कुमार गुप्ता के यहां जांच में खरीद के बिल फर्जी मिले। उन्होंने दवाएं गुप्ता मेडिकल एजेंसी (गोरखपुर) और हर्षित ट्रेडर्स (आगरा) से खरीदने का दावा किया, लेकिन दोनों फर्मों ने इससे इनकार कर दिया।

वहीं वरदान मेडिकल एजेंसी में “ESI SUPPLY NOT FOR SALE” अंकित दवाएं मिलीं और लैब जांच में Chymoral Forte अधोमानक तथा ACILOC नकली पाई गई, जिसकी टोरेंट फार्मा ने भी पुष्टि की। पूछताछ में अंकुर अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने नकली दवाएं संजीव कुमार गुप्ता से बिना वैध बिल के खरीदी थीं। जांच में विभोर मेडिकल एजेंसी, वरदान मेडिकल एजेंसी, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल एजेंसी और पाल ब्रदर्स का अंतरराज्यीय सिंडिकेट सामने आने पर संजीव कुमार गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, प्रियंका बंसल, अरुण कुमार गुप्ता और पाल ब्रदर्स के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 276, 277, 278, 316 और 318 में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

अस्पताल की दवाओं की री-लेबलिंग से लेकर फर्जी बिलिंग तक, कई परतों में खुला सिंडिकेट

एफएसडीए की जांच में अस्पताल और सरकारी आपूर्ति की जीवनरक्षक दवाओं की री-लेबलिंग, फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। 21 मई को युग फार्मा के प्रो. सचिन गुप्ता के यहां बिना कोल्ड-चेन रखे इंसुलिन इंजेक्शन और री-लेबलिंग मिली। पूछताछ में दवाओं की सप्लाई शारदा फार्मा के शिवम गुप्ता और आरएमडी फार्मा के राजेश गुप्ता तक पहुंची, जिसके बाद तीनों फर्में सील कर दी गईं। बाद में शारदा फार्मा के सीसीटीवी में नबील खान और सोनू बघेल संदिग्ध दवाएं हटाते दिखे। एसटीएफ गाजियाबाद की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे मोहित गुप्ता (महादेव फार्मा) से अस्पताल व सरकारी आपूर्ति की दवाएं बिना बिल खरीदकर उन पर लगी ‘Not for Sale’ पहचान हटाकर फर्जी लेबल और नई एमआरपी के साथ बाजार में बेचते थे। इस मामले में सचिन गुप्ता, शिवम गुप्ता, नितिन गुप्ता, राजेश गुप्ता, मोहित गुप्ता और हितेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं 1 से 3 जुलाई की जांच में वी.ए. मेडिकोज में Jardiance, Telma-H, Thyrox और Gluconorm PG-2 जैसी दवाओं की री-लेबलिंग, नकली Telma-H और फर्जी खरीद बिल मिले। शोभित अग्रवाल ने दवाएं लाइसेंस निरस्त हो चुके हर्षित ट्रेडर्स से लेने की बात स्वीकार की, जबकि जांच में वरदान मेडिकल एजेंसी के पुराने बिलों से करीब ₹1.88 करोड़ की फर्जी बिलिंग, अंकुर अग्रवाल द्वारा संजीव गुप्ता (विभोर मेडिकल एजेंसी) से बिना बिल नकली दवाएं खरीदने और सबूत मिटाने के प्रयास का खुलासा हुआ। साथ ही मोहित बंसल (रुद्रा एंटरप्राइजेज) और प्रवीण अग्रवाल (श्री भगवती मेडिकल एजेंसी, मथुरा) द्वारा फर्जी बिल, UP-80 EL-0069 वाहन व ऑटो-रिक्शा के जरिए नकली दवाओं को वैध दिखाने का खेल सामने आया। इसके आधार पर वी.ए. मेडिकोज, शोभित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, संजीव गुप्ता, मोहित बंसल और प्रवीण अग्रवाल समेत संबंधित आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

₹3.63 करोड़ की अवैध दवाएं जब्त, कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की परतें खुलीं

एफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आगरा में नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ मई 2026 से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक ₹3.63 करोड़ से अधिक मूल्य की नकली, अवैध तथा सरकारी और डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट की आर्थिक और आपराधिक श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि पूरे अभियान के दौरान अनियमितताओं और अवैध कारोबार में संलिप्तता पाए जाने पर अब तक 58 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त अथवा निलंबित किए जा चुके हैं। इस सिंडिकेट के खिलाफ पहले ही 6 नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। अब 10 जुलाई की कार्रवाई के आधार पर तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए आगरा के कोतवाली फव्वारा थाने में तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली दवाओं, अवैध री-लेबलिंग, फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी और अंतरजनपदीय मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके अलावा विभाग को ड्रग एसोसिएशनों द्वारा कुछ दवा व्यापारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी मिली हैं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी व्यापारी के आर्थिक शोषण की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

July 9, 2026

50 करोड़ की साइबर ठगी का ‘साम्राज्य’ ध्वस्त, पुलिस की 100 ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक, 60 ठग गिरफ्तार

Posted on 09.07.2026 Time 05.20 PM

आगरा, 09 जुलाई 2026 । आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए एक साथ 100 स्थानों पर छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई में 60 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि ये आरोपी देश के 13 राज्यों में करीब 50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 16 अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में दर्ज 178 शिकायतों को चिन्हित कर उनका तकनीकी सत्यापन कराया गया। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद आगरा सर्विलांस टीम, एसओजी, साइबर पुलिस और सभी थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक साथ 100 स्थानों पर दबिश देकर अभियान चलाया।

—-पूछताछ में खुला 50 करोड़ की साइबर ठगी का राज

छापेमारी के दौरान 60 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी उत्तर प्रदेश सहित देश के 13 राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। अब तक करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। खास बात यह रही कि गिरफ्तार सभी आरोपी आगरा के रहने वाले हैं और संगठित तरीके से साइबर अपराध कर रहे थे।

—शादी का झांसा, ऑनलाइन गेम और फर्जी वेबसाइट से लगाते थे चूना

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता था। आरोपी मेट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर शादी का झांसा देते थे। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग में कमाई का लालच, फर्जी बिजनेस वेबसाइट बनाकर निवेश और खरीदारी के नाम पर धोखाधड़ी, एटीएम एवं बैंकिंग फ्रॉड और फर्जी कॉल व मैसेज के जरिए लोगों से ओटीपी, बैंक डिटेल और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम उड़ा लेते थे।

आगरा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या वेबसाइट पर भरोसा न करें। ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड और एटीएम कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

June 26, 2026

सीबीआई ने 30 हजार की रिश्वत लेते पीएनबी मैनेजर किया रंगे हाथ गिरफ्तार

Breaking News UP Web News

Posted on 26.06.2026 Time 06.01 PM

आगरा, 26 जून 2026, आगरा के थाना पिनाहट क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की भदरौली शाखा में शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक प्रवीण यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार शाखा प्रबंधक पर 19 लोन फाइलों को मंजूरी देने के एवज में ₹52 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप है।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने पहली किस्त के रूप में ₹30 हजार दिए। जैसे ही प्रवीण यादव ने राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद सीबीआई टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों ने बैंक परिसर में कई घंटे तक जांच की। इस दौरान लोन से संबंधित फाइलों, बैंक अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच टीम ने कई अहम रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए और बैंक प्रबंधन से भी आवश्यक जानकारी जुटाई।

सूत्रों के अनुसार, भदरौली शाखा में सोलर पैनल योजना से जुड़े ऋणों में कथित गड़बड़ी, हेराफेरी और लाखों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत भी सीबीआई को मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर गाजियाबाद से सीबीआई की एंटी करप्शन टीम बैंक पहुंची थी। जांच के दौरान बैंक के एक असिस्टेंट मैनेजर से भी कई घंटे तक पूछताछ की गई।

—-बैंक में मचा हड़कंप, पुलिस रही तैनात

सीबीआई की कार्रवाई के दौरान बैंक परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस भी मौके पर तैनात रही। बैंक के भीतर सीबीआई की अलग-अलग टीमें जांच में जुटी रहीं और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करती रहीं। फिलहाल सीबीआई मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के आधार पर यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितताओं में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं।

June 22, 2026

मुख्यमंत्री योगी आज आगरा आ रहे, तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

आगरा। उत्तर प्रदेश केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कल(आज) दोपहर 12:30 बजे प्रस्तावित आगरा आगमन के दृष्टिगत कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी मनीष बंसल जी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जी की बैठक संबंधी सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, रूट चार्ट, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, स्वच्छता और विद्युत आपूर्ति की बिंदुवार समीक्षा की तथा संबंधित को दिशा निर्देश दिये तथा मंडलायुक्त सभागार, सर्किट हाउस आदि का मौके पर निरीक्षण कर संबंधित व्यवस्थाओं को पूर्ण करने को निर्देशित किया।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के आगमन पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, ट्रैफिक व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक स्थल पर चिकित्सा दल, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को निर्देश दिए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ कल 23 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे जनपद आगमन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री प पहली बैठक लोकनिर्माण विभाग तथा दूसरी जनपदीय विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में करेंगे।
बैठक में ,मुख्य विकास अधिकारी, श्रीमती प्रतिभा सिंह एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह, यमुनाधर चौहान,नगर आयुक्त संतोष वैश्य,एवं अन्य समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

June 18, 2026

आगरा-ग्वालियर हाईवे पर भीषण सड़क हादसाः तीन की मौत, 12 घायल

आगरा। आगरा-ग्वालियर रोड पर थाना सैंया क्षेत्र के सिकंदरपुर के निकट (कुनाल कॊलेज के पास) आज सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बताया जा रहा है कि आगरा की ओर से तेज रफ्तार से जा रही एक कार का अचानक टायर फट गया। टायर फटते ही चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी कार से उसकी आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। यह हादसा सुबह साढ़े सात बजे हुआ।

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में दोनों कारों के चालक समेत एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद दोनों वाहनों में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई।

सूचना मिलते ही थाना सैंया पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकलवाकर तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे में कुल आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

मृतकों के नाम रिंकू (35 वर्ष) निवासी तसीमा-धौलपुर, विवेक (30 वर्ष) और मीना (55 वर्ष) निवासी दतिया (एमपी) बताये गये हैं जबकि घायलों में सुमित (18), साहिल (19), मनमोहन (21), राहुल (23), जितेंद्र (22), रोहित (20), अभिषेक (23 साल) (सभी निवासी तसीमा, धौलपुर) हैं। इसके अलावा राखी (38), शिव (18), मनी (छह), राघव (तीन), सुमित (35) निवासी दतिया (मध्य प्रदेश) भी घायलों में शामिल हैं।

बताया गया है कि धौलपुर की ओर से आगरा की ओर आ रही कार में सात लोग सवार थे जो आगरा में कोई परीक्षा देने आ रहे थे। दूसरी ओर आगरा से धौलपुर की ओर जा रही कार में दो व्यक्ति, महिलाएं व बच्चे सवार थे।

पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे के अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। दुर्घटना के बाद कुछ समय तक आगरा-ग्वालियर रोड पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सामान्य कराया।

Older Posts »