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बड़े मंगल पर प्रेस क्लब में भंडारा, उमड़े श्रद्धालु

May 5, 2026

बड़े मंगल पर प्रेस क्लब में भंडारा, उमड़े श्रद्धालु

Posted on 05.05.2026 Time 08.47 PM, UP Press Club Lucknow, Bada Mangal Bhandara

लखनऊ । प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि जेठ माह में हनुमान जी भगवान की कृपा से भंडारे का आयोजन राजधानी लखनऊ की अनूठी परंपरा है l राजधानी के आसपास के जनपदों में भी आप बजरंगबली भगवान के नाम पर श्रद्धालु जगह भंडारे का आयोजन करते हैं और लोग बड़ी संख्या में प्रसाद ग्रहण करते हैं l इस तरह के भंडारों से आपस में सद्भाव के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द में भी प्रभाव का आता है l उपमुख्यमंत्री श्री पाठक प्रेस क्लब में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के पहले भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के बाद मीडिया से मुखातिब थे l उन्होंने कहा कि इस तरह के भंडारे आपस में भाईचारा बढ़ाते हैं और हम सब मिलजुल कर जो इस तरह के आयोजन करते हैंl इनका सामाजिक जीवन में अपना अलग प्रभाव होता है l भंडारे में आए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजरंगबली भगवान को स्मरण कर और हम जो भी कार्य करते हैं l देशहित और सामाजिक सौहार्द में व्यापक प्रभाव होता हैl श्री खन्ना ने कहा कि श्रद्धालुओं का भंडारे में आकर प्रसाद ग्रहण करना आयोजकों और श्रद्दालुओं के बीच साहचर्य को भी बढ़ाते हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने कहा कि इस तरह के भंडारे हमें एकता के सूत्र में पिरोते हैं l हम सब भंडारे में एक साथ बैठते हैं l प्रसाद ग्रहण करते हैं l इससे आपस में बिना किसी भेदभाव के एक समान होने का भी एहसास होता है l कार्यक्रम में सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि राजधानी लखनऊ की यह अनूठी परंपरा है और एक साथ राजधानी के अलग-अलग क्षेत्र में बड़ी संख्या में भंडारों का आयोजन और श्रद्धालुओं का कतर वध होकर प्रसाद ग्रहण करना अपने आप एक सामाजिक एकता का संदेश होता हैl उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत सबको भी मजबूती देते हैंl मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि वह ऐसे अवसरों पर भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हैं l उन्होंने कहा की राजधानी लखनऊ में एक लंबे अरसे से इस तरह के आयोजन को देख रहे हैं और यह यहां की गजब की संस्कृति बन गई है कि ज्येष्ठ माह में जितने भी मंगल होते हैं उसमें जगह-जगह भंडारे लगते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का प्रसाद ग्रहण करना हमारी निष्ठा और श्रद्धाभाव का जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने इस अवसर पर अपील की है कि ऐसे आयोजन में साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रेस क्लब के भंडारे में मुख्यमंत्री की सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ,रामचन्द्र सिंह प्रधान ,विजय बहादुर पाठक, सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप , पूर्व राज्यसभा सदस्य अरविंद सिंह ,अपर निदेशक सूचना अरविंद कुमार मिश्र, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय खत्री, इंडो अमेरिकन चैम्बर आफ कामर्स के मुकेश सिंह, प्रदीप सिंह बब्बू, पीसीएस संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह , पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह शालू , सपा के प्रदेश सचिव दीपक रंजन , कांग्रेस के नेता अशोक सिंह , कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन रावत , राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे , प्रवक्ता रोहित अग्रवाल, भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह , नवीन श्रीवास्तव , राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह , पूर्व आईएएस अधिकारी एसपी सिंह , दिनेश सिंह समेत बड़ी संख्या में विभिन्न दलों के नेता,गणमान्य लोग और पत्रकारगणों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

May 2, 2026

सबसे पहले नहीं, सबसे सही होना जरूरी : कमलेश

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
02/05/2026

बाजार का दबाव है, पर पत्रकारिता के मूल्य नहीं टूटने चाहिए

सूचना संकुल में जुटे पत्रकार,लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर बहस

फेक न्यूज, टीआरपी और गिरती विश्वसनीयता पर खुलकर चर्चा

30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर होगा भव्य समापन

गोरखपुर।सबसे पहले नहीं, सबसे सही होना जरूरी है,इस संदेश के साथ हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने की श्रृंखला में विमर्श की शुरुआत हुई। नारद दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने साफ कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी विश्वसनीयता है और इसे बचाए रखना ही पत्रकारिता की असली परीक्षा है।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर की ओर से शनिवार को शास्त्री चौक स्थित सूचना संकुल भवन में ‘लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका एवं चुनौतियां’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया पर बाजारवाद का असर दिख रहा है, लेकिन इसके सकारात्मक पहलू भी हैं। इससे संसाधन और तकनीक बढ़ी है, पत्रकारिता का दायरा विस्तृत हुआ है। हालांकि उन्होंने दो टूक कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निष्पक्षता और विश्वसनीयता से समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्य वक्ता जगदीश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 30 मई 1826 को ‘उदन्त मार्तण्ड’ से हुई थी और आज यह 200 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता बाजार से अलग नहीं रह सकती, लेकिन उसकी आत्मा उसके मूल्यों में ही बसती है। संपादकीय स्वतंत्रता को सबसे जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि दबाव में लिए गए फैसले मीडिया की साख को कमजोर करते हैं। विशिष्ट अतिथि पूर्व संपादक सुजीत पांडेय ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदला है। पहले खबरें समाज के सरोकारों पर आधारित होती थीं, लेकिन अब कई बार खबरों के हिसाब से समाज को ढालने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। उन्होंने सनसनीखेज खबरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और पत्रकारों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की। वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिंह बशर ने कहा कि आज खबर प्रकाशित होने के बाद भी उस पर भरोसा नहीं बन पा रहा है। फेक न्यूज और अधूरी जानकारी ने मीडिया की साख को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने साफ कहा कि सबसे पहले से ज्यादा सबसे सही होना पत्रकारिता की असली पहचान है।
कार्यक्रम में अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि जगदीश लाल श्रीवास्तव को ‘नारद सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने बताया कि यह श्रृंखला हर शनिवार को जारी रहेगी। 9, 16 और 23 मई को संगोष्ठियां आयोजित होंगी, जबकि 30 मई 2026 को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य समापन होगा। कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शंकर सिन्हा ने किया। इस अवसर पर सहायक सूचना निदेशक प्रशांत श्रीवास्तव,मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के उपाध्यक्ष गजेंद्र त्रिपाठी,कोषाध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता,गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी,महामंत्री पंकज श्रीवास्तव,कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, महेंद्र गौड़,वरिष्ठ पत्रकार टीपी शाही,पूर्व अध्यक्ष रीतेश मिश्रा,पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, संतोष सिंह,मुनव्वर रिजवी,अजय राय,सूर्यप्रकाश गुप्ता,वेद प्रकाश पाठक,रवि राय,दीपक त्रिपाठी,मनोज मिश्रा,रामचंद्र शाही सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

प्रसून जोशी बने प्रसार भारती के चेयरमैन

Prasoon Joshi Chairman Prasar Bharati

Posted on 02.05.2026 Time 09.49 PM Saturday, New Delhi, Prasar Bharati

नई दिल्ली। भारत सरकार ने प्रसिद्ध लेखक और गीतकार प्रसून जोशी को प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया है।

सूचना और प्रसारण  मत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि जोशी अपने प्रभावशाली लेखन और भारतीय संस्कृति से गहरे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। 16 सितंबर 1971 को जन्मे 54 वर्षीय जोशी ने साहित्य, विज्ञापन और सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी नियुक्ति 15 मार्च 2027 तक के लिए की गई है।

ज्ञातव्य है कि प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत सहगल ने गत दिनों त्यागपत्र दे दिया था। उनका कार्यकाल एक वर्ष से अधिक शेष था। उक्त शेष अवधि के लिए श्री जोशी को चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

April 30, 2026

हिंदू समाज में समाप्त हो भेद भाव: नरेंद्र ठाकुर

Narendra Thakur RSS

Posted on 30 April 2026, Time 07.19 PM, Thursday, Lucknow, RSS, Media Samvad, Vishwa samvad Kendra

लखनऊ, 30 अप्रैल 26 । हिंदू समाज में जाति, भाषा, प्रांत आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा है। इसके लिए 32 से अधिक संगठन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने गुरुवार को नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा सामान्य यात्रा नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। संघ विश्व में भारत माता की जय जयकार के लिए कार्य करता है। भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाना संघ का उद्देश्य है। प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निष्ठ नहीं, तत्व निष्ठ बनने में विश्वास करता है। इसीलिए हमने किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु माना।

उन्होंने कहा कि संघ की 85000 से अधिक दैनिक शाखाएं और 32000 से अधिक साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं। वनवासी क्षेत्रों से लेकर नगरों तक अनगिनत सामाजिक कार्य स्वयंसेवक चला रहे हैं।

नरेंद्र ठाकुर ने संघ के भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि पंच परिवर्तन का कार्य समाज में चल रहा है। सामाजिक समरसता के माध्यम से हम हिंदू समाज के बीच हर प्रकार का भेदभाव मिटाना चाहते हैं। शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलनों में समाज के सभी एक साथ आए और सहयोग किया। कुटुम्ब प्रबोधन के जरिए संघ चाहता है कि पारिवारिक व्यवस्था ठीक रहे तो समाज भी ठीक रहेगा। पर्यावरण संरक्षण भी समाज का प्रमुख कर्तव्य होना चाहिए। साथ ही स्व के आधार पर समाज का जीवन चलना चाहिए। भाषा, वेशभूषा में भी स्व का भाव होना चाहिए। इसी प्रकार सभी को नागरिक कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। हर व्यक्ति देश, समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझे।

यूजीसी दिशा निर्देशों को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। इसलिए संघ इस विषय पर अपना कोई मत व्यक्त नहीं करना चाहता, फिर भी हमारा मानना है कि समाज में सद्भाव बना रहना चाहिए।

कार्यक्रम में संघ के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह, विश्व संवाद केंद्र के उपाध्यक्ष अशोक सिंहा, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, प्रांत प्रचारक कौशल समेत अनेक संघ पदाधिकारी उपस्थित थे।

April 28, 2026

सूचना विभाग बनाता है सरकार की छवि: रोहित नंदन

Smarika RIJWA vimochan by Ritered Information Officers in Lucknow

Posted on 27.04.2026 Time 09.12 Tuesday, Lucknow, UP Information Department, RIJWA

लखनऊ में मोबाइल फोन सूचना निदेशक के नाम लिया गया था, सूचना विभाग का रहा है स्वर्णिम इतिहास

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026, । मोबाइल फोन की आमद1995 में हुई थी और लखनऊ में पहला मोबाइल फोन कनेक्शन जुलाई 1996 में सूचना निदेशक के नाम लिया गया। इसी तरह इंटरनेट का मामला है। इंटरनेट का लखनऊ में पहला कनेक्शन सूचना विभाग के नाम लिया गया। सूचना विभाग सरकार की आँख और कान हुआ करता था, अब भी है, तकनीक और लेखनी दोनों के सम्मिश्रण से सूचना विभाग आज भी अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखे हुए है।
यूपी के तीन बार सूचना निदेशक रहे वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी रोहित नंदन ने यह बातें आज सूचना भवन आडिटोरियम में आयोजित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारियों के हाल ही में बनाए गए संगठन “रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन” के पहले सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहीं।इस अवसर पर पूर्व सूचना निदेशक, सुधेश ओझा, अजय उपाध्याय और पूर्व अपर निदेशक रहे डॉक्टर अनिल पाठक भी मौजूद रहे।
रोहित नंदन एकमात्र अधिकारी हैं जो सूचना निदेशक पद पर तीन बार तैनात हुए हालाँकि वह इस पद पर पहले आना नहीं चाहते थे, लेकिन आज वह जब याद कर रहे थे कि कैसे उन्होंने उस समय इस पद पर सबसे लम्बे कार्यकाल का निर्वहन किया, तो बताया कि इस पद की गरिमा इसके वर्चस्व से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के अधिकारी जो काम करते हैं उससे सरकार की छवि बनती है और सरकार की छवि आम आदमी के दिमाग़ में बेहतर से बेहतर बनाना आसान काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन हो या इंटरनेट, सबसे पहले सूचना विभाग के पास आता है तो इससे समझा जा सकता है कि यह विभाग कितना महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयुक्त रहे पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री अनूप चंद्र पांडेय भी दो बार यूपी के सूचना निदेशक पद पर रहे। उन्होंने कहा कि उनकी बहुत बड़े बड़े पदों पर तैनाती हुई। यूपी के मुख्य सचिव से लेकर चुनाव आयुक्त तक, लेकिन सूचना निदेशक के कार्यकाल को वह सबसे ज्यादा याद करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका वो कार्यकाल अविस्मरणीय है। श्री पांडेय ने बताया कि कैसे एक बार बजट पेश किए जाने के समय प्रेस विज्ञप्ति में जो लिखा गया था वह बजट में था ही नहीं। विधानसभा में इस पर बहस हो गई तो सरकार ने सूचना विभाग के प्रेस नोट की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि सूचना निदेशक का पद सरकारी सिस्टम में शक्ति का केंद्र माना जाता है और सूचना निदेशक ही वह अधिकारी होता है जिसकी पहुंच मुख्यमंत्री तक सीधे होती है और कभी भी किसी भी समय वह मुख्यमंत्री से सीधे बात कर सकता है। श्री पांडेय ने कहा कि अखबारों की स्क्रुटनी भी इस विभाग का एक विशेष कार्य रहा है और सूचना विभाग के अधिकारियों की बौद्धिक क्षमता का सरकार के पक्ष में बेहतर इस्तेमाल का लंबा इतिहास रहा है।


सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि सूचना विभाग के कार्य वास्तव में बड़े महत्वपूर्ण और सराहनीय रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यायालयों के कार्यों का भी सूचना विभाग ने प्रचार कर आम आदमी के मन में न्यायपालिका के प्रति विश्वास को पुख्ता करने का कार्य किया है। इस अवसर पर रिटायर्ड इन्फ़ॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की पत्रिका “रिज़वा” का भी लोकार्पण किया गया और रोहित नंदन को अशोक प्रियदर्शी स्मृति सूचना सम्मान और अनूप चन्द्र पांडेय को उमेश कुमार सिंह चौहान स्मृति सम्मान से नवाज़ा गया। इस अवसर पर सूचना विभाग के पूर्व अधिकारियों में श्री विजय राय, राजगोपाल सिंह वर्मा, हामिद अली खां, ज्ञानवती, दिनेश सहगल, अशोक कुमार शर्मा, अशोक बनर्जी, अमजद हुसैन सहित ग्यारह लोगों को भी सम्मानित किया गया।

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