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हीरालाल यादव की अवैध गिरफ्तारी और गैंगस्टर एक्ट कार्यवाही के खिलाफ किसानों का विरोध

August 22, 2026

हीरालाल यादव की अवैध गिरफ्तारी और गैंगस्टर एक्ट कार्यवाही के खिलाफ किसानों का विरोध

*लखनऊ/आजमगढ़।* पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने किसान नेता हीरालाल यादव की अवैध गिरफ्तारी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का विरोध किया।

पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव विरेन्द्र यादव और सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव ने कहा कि हीरालाल किसान संगठन के नेता है न कि किसी गैंग के लीडर। किसानों की हक की लड़ाई लड़ना जुर्म नहीं है।

हीरालाल यादव पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर प्रशासन ने साबित कर दिया है कि वह किसानों की आवाज से कितना डरी हुई है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसान नेता को जेल भेजकर किसानों के हक अधिकार की लड़ाई को कमजोर नहीं कर सकते। यह तानाशाही रवैया किसान आंदोलन को और मजबूत करेगा।

गौरतलब है कि सुबह तरवां थाने की पुलिस ने सोशलिस्ट किसान सभा के मेंहनगर प्रभारी हीरालाल यादव को उनके खेत से उठा लिया। पुलिस ने उन्हें थाने ले जाकर गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। यह गिरफ्तारी एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। हीरालाल यादव पिछले कई वर्षों से मेंहनगर इलाके में किसानों की समस्याओं, भ्रष्टाचार और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे थे।

इसी से बौखलाकर जिला प्रशासन ने किसानों की आवाज को दबाने का काम किया है। हाल में जब हीरालाल यादव एक मामले में अपना पक्ष रखने थाने गए थे, तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उनके नाबालिग बेटे की भी पिटाई की। इस घटना के विरोध में किसान संगठनों ने जिला मुख्यालय और मेंहनगर तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन व ज्ञापन देकर जांच की मांग की थी। शासन द्वारा जांच चल ही रही थी कि आनन-फानन में पुलिस ने हीरालाल यादव को फर्जी मुकदमे में फंसाने का षड्यंत्र रच दिया।

किसान संगठनों ने मांग की कि हीरालाल यादव पर दर्ज फर्जी गैंगस्टर मुकदमा तत्काल वापस लेते हुए बिना शर्त रिहा किया जाए। फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा आंदोलन करने को मजबूर होंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शासन की होगी।

यातायात तिराहे से डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटने पर सियासत गरम, नगर निगम ने दी सफाई

Posted on 22/08/2026
Time 11:45 A.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

सौंदर्यीकरण कार्य के चलते प्रतिमा अस्थायी रूप से हटाई गई, नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखी गई

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । शहर के यातायात तिराहे पर स्थापित देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य के चलते अस्थायी रूप से हटाए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी सामने आते ही शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि नगर निगम ने मामले में सफाई देते हुए कहा है कि प्रतिमा को स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है, बल्कि सौंदर्यीकरण कार्य को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखा गया है।

नगर निगम की ओर से यातायात तिराहे का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसी क्रम में वहां स्थापित डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को फिलहाल हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा की स्थापना को लेकर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी के बाद कुछ राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया है। चित्रगुप्त सभा के संयुक्त मंत्री विजय श्रीवास्तव ने मांग की है कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा को पुनः स्थापित नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।

वहीं नगर आयुक्त अजय जैन ने स्पष्ट किया कि यातायात तिराहे पर सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। कार्य के दौरान प्रतिमा को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को न तो कहीं फेंका गया है और न ही क्षतिग्रस्त किया गया है।

नगर निगम का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों को बेहतर और आकर्षक स्वरूप देने के लिए लगातार सौंदर्यीकरण कार्य कराए जा रहे हैं। यातायात तिराहा भी इसी योजना का हिस्सा है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान प्रतिमा को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर रखना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

अब लोगों और संगठनों की नजर इस बात पर टिकी है कि सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को लेकर नगर निगम क्या निर्णय लेता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिमा शहर की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय भावना से जुड़ी है, इसलिए इसे सम्मानजनक तरीके से पुनः स्थापित किया जाना चाहिए।

गोरखपुर जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत

Posted on 22/08/2026
Time 12:00 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

दौरे पड़ने के बाद जिला अस्पताल में कराया गया था भर्ती, मजिस्ट्रेटीय प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम की तैयारी

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । जिला कारागार गोरखपुर में निरुद्ध करीब 30 वर्षीय विचाराधीन बंदी समीर शेख की जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट को सूचना भेजी गई है।

जेल प्रशासन के अनुसार, समीर शेख पुत्र तहसील, निवासी जसवल बाजार, थाना पीपीगंज, को 19 अगस्त 2026 को घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश पर जिला कारागार में दाखिल किया गया था।

बताया गया कि बंदी पहले से लीवर और किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित था। 21 अगस्त की शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे दौरे पड़ने लगे। जेल में प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे तत्काल जिला चिकित्सालय गोरखपुर भेजा गया।

जिला अस्पताल के आकस्मिक विभाग में चिकित्सकों ने उसका परीक्षण कर उपचार के लिए भर्ती किया। जेल प्रशासन के पत्र के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे चिकित्सक ने बंदी को मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी बंदी के परिजनों को भी दे दी गई है। जेल प्रशासन ने शव का नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम कराए जाने के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट को नामित करने का अनुरोध किया है। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।

चीनी की किल्लत की अफवाहों पर न दें ध्यान, जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध: डीएम

Posted on 22/08/2026
Time 12:30 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

डीएम दीपक मीणा ने कहा, जरूरत के मुताबिक खुले बाजार से खरीदें चीनी

जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई, थोक व्यापारियों को स्टॉक ऑनलाइन घोषित करने के निर्देश

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । जिले में चीनी की किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर जिला प्रशासन ने आमजन से ध्यान न देने की अपील की है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट किया है कि गोरखपुर में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को घबराने या अनावश्यक भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

डीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खुले बाजार से चीनी खरीदें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों के आधार पर अधिक मात्रा में खरीदारी और भंडारण करने से बचें। उन्होंने कहा कि चीनी की उपलब्धता और बाजार में आपूर्ति की स्थिति पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

जिला प्रशासन ने जनपद के सभी थोक चीनी व्यापारियों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के फूड स्टॉक पोर्टल पर अपने पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की स्थिति तत्काल घोषित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही व्यापारियों से कहा गया है कि वे स्टॉक संबंधी जानकारी को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि बाजार में उपलब्ध चीनी की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके।

प्रशासन की ओर से थोक व्यापारियों के चीनी स्टॉक की आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत स्टॉक रखने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भ्रामक सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि अधिकृत माध्यमों से जरूर करें।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाहों के जरिए कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

August 20, 2026

ऑनलाइन गेमिंग सट्टा खिलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

Posted on 20/08/2026
Time 15:20 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । शाहपुर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल “रेडी अन्ना” के जरिए सट्टा खिलाने और अलग-अलग बैंकों के म्यूल/फर्जी खातों के माध्यम से लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 23 मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, बायोमेट्रिक डिवाइस समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को शाहपुर थानाध्यक्ष अंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम संदिग्धों और वांछितों की तलाश में थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सेमरा नंबर-2 स्थित पानी की टंकी के पास एक मकान में कुछ लोग ऑनलाइन गेमिंग में सट्टा लगवाने और अलग-अलग बैंक खातों में रकम मंगाकर ठगी करने का काम कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मकान पर छापा मारकर वहां मौजूद पांच लोगों को पकड़ लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी “रेडी अन्ना” पोर्टल के जरिए अलग-अलग नामों से संचालित बैंक खातों में सट्टे की रकम का डिपॉजिट और विड्रॉल कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बैंक खातों से संबंधित वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे “रेडी अन्ना” नामक ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल का पैनल खरीदकर उसकी एक ब्रांच के रूप में कार्यालय संचालित करते थे। सट्टे की रकम के लेन-देन के लिए लोगों को बहला-फुसलाकर कई म्यूल/फर्जी बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन्हीं खातों के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन किया जाता था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा प्रतिदिन लाखों रुपये का लेन-देन किया जाता था और रकम प्राप्त होने के बाद उसे आपस में बांट लिया जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितीश सिंह निवासी देवरिया, अभय कुमार सिंह निवासी देवरिया, वजीद चौधरी निवासी मुजफ्फरनगर, साहिल चौधरी निवासी मुजफ्फरनगर और मुन्ना कुमार निवासी सिवान, बिहार के रूप में हुई है।

पुलिस ने मामले में नितिश प्रताप सिंह, संजीव सिंह और एक अन्य अज्ञात आरोपी को वांछित बताया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, एक मिनी लैपटॉप, तीन टैबलेट, 11 एटीएम कार्ड, 16 बैंक पासबुक, बायोमेट्रिक डिवाइस, राउटर, पावर बैंक, मोबाइल चार्जर और डेटा केबल बरामद किए हैं। इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड, निर्वाचन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं।

मामले में थाना शाहपुर में मु0अ0सं0 401/2026, धारा 112(2), 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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