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समय से नहीं पहुंचते गुरु जी विद्यालय, प्रधान ने कर दी डीएम से शिकायत 

August 1, 2026

समय से नहीं पहुंचते गुरु जी विद्यालय, प्रधान ने कर दी डीएम से शिकायत 

महराजगंज रायबरेली। विकासखंड अमावां के प्राथमिक विद्यालय पहरेमऊ में शुक्रवार को शिक्षकों की समयपालन को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम किशोर यादव ने आरोप लगाया कि सुबह 9:14 बजे तक विद्यालय में न तो प्रधानाध्यापक मौजूद थे और न ही अधिकांश शिक्षक, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के अनुसार उन्होंने पहले कई बार बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीधे जिलाधिकारी को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। शिकायत मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
आरोप है कि शिकायत के बाद एक महिला शिक्षिका विद्यालय पहुंचीं। इसके बाद सुबह 9:20 बजे शिक्षक धीरेन्द्र तथा 9:30 बजे प्रधानाध्यापक प्रदीप सिंह विद्यालय पहुंचे। कुछ देर बाद शिक्षा विभाग से कोई शिक्षक भी पास के विद्यालय से निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे, विद्यालय का निरीक्षण कर फोटो लिए और वापस लौट गए।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम किशोर यादव का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विद्यालय में मनमानी जारी रही। उनके अनुसार प्रधानाध्यापक प्रदीप सिंह दोपहर 12:20 बजे ही विद्यालय से चले गए, जबकि उस समय विद्यालय की छुट्टी नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति और समय से पहले विद्यालय छोड़ने जैसी घटनाओं से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। जब शासन की ओर से विद्यालयों के संचालन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, तब इस प्रकार की लापरवाही उचित नहीं है। ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

रायबरेली: प्रेमी की हत्या कर शव कमरे में दफनाने का आरोप, दुर्गंध से खुला मामला

रायबरेली के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के पूरे रजऊ गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला और उसके पति पर महिला के प्रेमी की हत्या कर शव को घर के एक कमरे में गड्ढा खोदकर दफनाने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि घटना 29 जुलाई की रात की है। दो दिन बाद कमरे से तेज दुर्गंध आने पर महिला ने ग्राम प्रधान को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, कमरे की खुदाई कर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति फरार बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपी पति की तलाश कर रही है।
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July 28, 2026

एम्स रायबरेली के डॉक्टरों ने महिला के शरीर से 7.5 किलोग्राम का गर्भाशय ट्यूमर निकाला।

रायबरेली, सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, रायबरेली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक जटिल बहु-विभागीय सर्जिकल प्रक्रिया के ज़रिए 46 साल की महिला के शरीर से 7.5 किलोग्राम वज़न का एक बहुत बड़ा गर्भाशय ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला। मरीज़ के पेट में लगातार सूजन बढ़ रही थी और जांच में पता चला कि उनके गर्भाशय में एक बहुत बड़ा ट्यूमर है, जिसका आकार लगभग 30 × 30 × 20 सेमी था और जिसने पेट के लगभग पूरे हिस्से को घेर रखा था। विस्तृत जांच में गर्भाशय में फाइब्रॉएड और अम्बिलिकल हर्निया (नाभि के पास हर्निया) होने का भी पता चला। मरीज़ को पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी, जिससे सर्जरी तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
यह जटिल सर्जरी प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्षा, डॉ. पारुल सिन्हा और एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. अपाला प्रियदर्शिनी की देख-रेख में सफलतापूर्वक की गई। अम्बिलिकल हर्निया के इलाज के लिए जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. शिरीष ने टीम की मदद की, जबकि एनेस्थिसिया विभाग के डॉ. कालीचरण दास ने एनेस्थीसिया का काम बखूबी संभाला।
ऑपरेशन तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चला, जिसके दौरान पूरे ट्यूमर और उससे जुड़ी अन्य विकृतियों को सफलतापूर्वक हटा दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज़ की रिकवरी बिना किसी परेशानी के हुई और अब उन्हें स्वस्थ और स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्षा ने बताया कि इतने जटिल मामले का सफल इलाज यह दिखाता है कि संस्थान महिलाओं की गंभीर गायनेकोलॉजिकल समस्याओं के लिए आधुनिक, सबूत-आधारित और मल्टी-डिसिप्लिनरी देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफल परिणाम एम्स रायबरेली में मौजूद एडवांस्ड सर्जिकल विशेषज्ञता, बेहतर टीम वर्क और मरीज़-केंद्रित दृष्टिकोण को उजागर करता है।
विभाग ने कार्यकारी निदेशक (डॉ.) अमिता जैन का उनके दूरदर्शी नेतृत्व, लगातार प्रोत्साहन और संस्थान में मरीज़ों की बेहतर देखभाल और सर्जिकल सेवाओं को मज़बूत करने में अटूट सहयोग के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। विभाग ने अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव का भी उनके लगातार प्रशासनिक सहयोग, मार्गदर्शन और त्वरित मदद के लिए धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस जटिल मामले के सुचारू प्रबंधन और मरीज़ों को अच्छी देखभाल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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संपत्ति विवाद में महिला धरने पर बैठी, निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना

फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप

महराजगंज रायबरेली। नगर पंचायत महराजगंज के आजाद नगर निवासी ज्ञानवती ने अपने ही पुत्र अनिल कुमार पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से संपत्ति हड़पने और घरेलू सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति स्वर्गीय हनुमान प्रसाद गुप्ता के निधन के बाद संपत्ति में उनका वैधानिक अधिकार होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और वह लगातार अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ज्ञानवती का कहना है कि उनके पुत्र ने कथित रूप से परिवार रजिस्टर से उनका नाम हटवा दिया, जिससे उन्हें उनकी वैधानिक हिस्सेदारी से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से आहत महिला शनिवार को एसडीएम कार्यालय पहुंची और धरने पर बैठ गई। धरने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और पीड़िता से वार्ता की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद ज्ञानवती ने अपना धरना समाप्त कर दिया। वहीं प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है। पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि अब प्रशासन उन्हें न्याय दिलाएगा।

July 26, 2026

निजी हॉस्पिटल में छापेमारी, अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

महराजगंज रायबरेली। अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने चंदापुर मार्ग स्थित एक निजी हॉस्पिटल में छापेमारी कर वहां संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्र बिना अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट के संचालित पाया गया, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया। जांच टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ अंबिका प्रसाद तथा सीएचसी अधीक्षक डॉ गणनायक पांडेय सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी शामिल रहे। टीम के पहुंचते ही आसपास के कई निजी अस्पतालों में भी हलचल मच गई और कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के बोर्ड तक हटाने शुरू कर दिए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं मिला। अस्पताल परिसर में लगे बोर्ड पर अंकित चिकित्सक भी मौके पर नहीं मिले। प्रथम दृष्टया अल्ट्रासाउंड संचालन संबंधित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए केंद्र को सील कर दिया तथा आवश्यक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि हाल ही में लोक सेवा हॉस्पिटल, प्रतिज्ञा हॉस्पिटल, कल्याण सेवा हॉस्पिटल, किलकारी हॉस्पिटल, डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल, अक्ष हॉस्पिटल को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई केवल एक अस्पताल तक सीमित रही। लोगों का कहना है कि यदि अन्य संस्थानों में भी अनियमितताएं हैं तो उन पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अभियान की निष्पक्षता बनी रहे।
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