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अंकों में छिपे जीवन के रहस्य को समझने की एक नई कोशिश है ‘अंक ब्रह्म’

August 30, 2026

अंकों में छिपे जीवन के रहस्य को समझने की एक नई कोशिश है ‘अंक ब्रह्म’

वाराणसी, 30 अगस्त 2026 (उप्र समाचार सेवा), ज्ञान और साधना की धरती काशी में रविवार को एक सार्थक बौद्धिक अवसर जुड़ा, जब आचार्य विशाल पोरवाल द्वारा लिखित तथा वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक विजय विनीत द्वारा संपादित पुस्तक ‘अंक ब्रह्म : जीवन, भाग्य और ऊर्जा का विज्ञान’ का विमोचन सिगरा स्थित आरके ग्रैंड होटल में हुआ।

समारोह में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल, प्रो. नागेंद्र पांडेय, नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. सुभाष पांडेय और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. सदानंद शुक्ल, विख्यात ज्योतिषविद चंद्रमौली उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में ज्योतिषाचार्य, वेद के पुरोधा, शिक्षक, पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने पुस्तक “अंक ब्रह्म”की सराहना करते हुए कहा कि इसकी भाषा अत्यंत सरल और सहज है, जिससे सामान्य पाठक भी इसे पढ़कर समझ सकता है और अपने अंकों से अपने भविष्य की गणना कर सकता है। उन्होंने पुस्तक को युवाओं के बीच बढ़ती रुचि के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।

ज्योतिष वित्त प्रोफेसर नागेंद्र पांडे ने कहा कि ‘अंक ब्रह्म’ केवल भविष्य बताने की कोशिश नहीं करता, बल्कि अंकों को व्यक्तित्व, ऊर्जा, आत्मविश्लेषण और जीवन-प्रबंधन से जोड़कर देखने का प्रयास करता है। मूलांक, भाग्यांक, नामांक, नवग्रह, करियर, व्यापार, धन, विवाह, राजनीति, वास्तु और जीवन-प्रबंधन जैसे अनेक विषय इसमें समाहित हैं।

पुस्तक के संपादक विजय विनीत ने कहा कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा को सरल भाषा में नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। उनका कहना था कि अंक हमारे जीवन के सहयात्री हो सकते हैं, लेकिन हमारे जीवन के स्वामी नहीं। अंक दिशा का संकेत दे सकते हैं, किंतु उपलब्धि कर्म, परिश्रम और पुरुषार्थ से ही आती है।

“अंक ब्रह्म” के लेखक आचार्य विशाल पोरवाल ने कहा कि यह भाग्य के सामने मनुष्य को असहाय नहीं बनाती, बल्कि उसे अपने भीतर झांकने और अपने पुरुषार्थ को पहचानने की प्रेरणा देती है।

इस अवसर पर विकास मिश्रा, दिलीप श्रीवास्तव, घनश्याम आलोक श्रीवास्तव, सुमनलता, डॉ. एस.एस. पांडेय, रचना वर्मा, पत्रकार राजेंद्र दुबे, सी.बी. तिवारी, राजकुमार, अधिवक्ता एवं ज्योतिषा स्वाति बरनवाल समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आचार्य पवन त्रिपाठी ने किया तथा राजीव नारायण पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की शुरुआत चर्चित पार्श्वगायिका अनशिका सिंह के भजन से हुई।

🌺 अंकों से संकेत मिल सकते हैं, लेकिन जीवन की दिशा अंततः हमारे कर्म ही तय करते हैं।

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July 29, 2026

भदोही जनपद का नामकरण फिर संत रविदास नगर होगा: योगी आदित्यनाथ

वाराणसी, 29 जुलाई 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने घोषणा की कि भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर में दर्शन-पूजन किए तथा उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संत रविदास जी महाराज ने समता, सद्भाव और कर्म की साधना पर आधारित समाज का मार्ग प्रशस्त किया। उनके आदर्श आज भी सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

July 25, 2026

प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया

वाराणसी, 25 जुलाई 2026, प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। विश्व के सबसे पवित्र बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक सारनाथ को दक्षिण कोरिया के बुसान में चल रही यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र के दौरान यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण-ए.एस.आई ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सारनाथ भारत का 45वां विश्व धरोहर स्थल बन गया है, जिससे वैश्विक मंच पर देश की सांस्कृतिक विरासत और मजबूत हुई है।

सारनाथ बौद्ध धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल है। उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित इस ऐतिहासिक स्थल पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश दिया था।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होना हर भारतीय के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री राधाकृष्णन ने कहा कि सारनाथ शांति, ज्ञान और करुणा का एक चिरस्थायी प्रतीक है, जो भारत की शाश्वत आध्यात्मिक और दार्शनिक विरासत का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनके ज्ञान, करुणा और सद्भाव के शाश्वत संदेश से विश्व प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मान्यता देश की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का सम्मान करती है। श्री मोदी ने कहा कि इससे दुनिया भर के लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह मानवता के लिए भारतीय सभ्यता के गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक योगदान को दर्शाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने से देश का सांस्कृतिक गौरव और बढ़ गया है। श्री शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सारनाथ भगवान बुद्ध से जुड़ी भारत की प्राचीन विरासत का प्रतीक है। गृह मंत्री ने कहा कि सारनाथ को यूनेस्को सूची में शामिल किए जाने से बुद्ध का ज्ञान का प्रकाश और अधिक लोगों तक पहुंचेगा और उन्हें बेहतर दुनिया के लिए शांति और ज्ञानोदय के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

June 19, 2026

Varanasi:रेलवे स्टेशन विस्तार के लिए मस्जिद हटाने का नोटिस

News Varanasi Posted on 19.06.2026 Friday, Time 04.32 PM, Kashi Railway Station, Masjid

वाराणसी, 19 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए पास की मस्जिद को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है। नोटिस को मस्जिद की दीवार पर चस्पा कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार स्टेशन विस्तार परियोजना के तहत रेलवे ने पास स्थित मस्जिद को खाली करने के लिए नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा है।

उधर मस्जिद का प्रबंधन करने वाली संस्था इंतजामिया मस्जिद समिति ने नोटिस को गैर-कानूनी बताते हुए इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

May 30, 2026

वाराणसी के पत्रकारों के लिए बनेगा मीडिया हाउस: मंत्री हंसराज विश्वकर्मा

Posted on 30.05.2026 Time 10.00 PM

सरकार से पत्रकारों व समाचार पत्र कर्मियों के लिए कैश लेश चिकित्सकीय सुविधा की उठी मांग
– उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस का आयोजन
वाराणसी 30 मई 2026, वाराणसी के पत्रकारों हेतु मीडिया हाउस बनवाने का आश्वासन उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने दिया है। वह शनिवार को उत्तर प्रदेश एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट उपज वाराणसी इकाई द्वारा आज हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों के हितार्थ अपना सहयोग देने को कहा।
शिवपुर स्थित होटल रवींद्राया रेसिडेंसी में आयोजित पत्रकारिता दिवस पर काशी के मूर्धन्य पत्रकारों का सम्मान भी किया। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार शुभकार दुबे, सुरेश प्रताप सिंह, योगेश कुमार गुप्त, विकास पाठक, शरद वाजपेयी एवं प्रदीप उपाध्याय को पत्रकारिता शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि पत्रकारों की जो भी समस्याएं हैं उसको प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर उसे पूरा करने का प्रयत्न किया जाएगा उन्होंने उपज के महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव से कहा कि वह एक प्रतिवेदन तैयार
कर उन्हें दे जिसे वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक प्रेषित कर उसे क्रियान्वित कराने का प्रयास करेंगे।
अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि कांची कामकोटि पीठ के प्रतिनिधि श्री बी एस सुब्रह्मण्यम मणि ने कहा कि जिस प्रकार भगवान भास्कर के दर्शन कर हम दिन की शुरुवात करते है,उसी प्रकार सुबह समाचार पत्रों के माध्यम से हमें देश विदेश की गतिविधियों से अवगत होते है। इसमें पत्रकारों की भूमिका अहम हो जाती है।
मुख्य वक्ता बीएचयू पत्रकारिता विभाग के आचार्य बाल लखेंद्र जी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के लिए अंग्रेजियत छोड़नी होगी। आज पूरे देश में हिंदी पत्रकारिता अपना एक महत्वपूर्ण साख रखती है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधान परिषद सदस्य श्री चेत नारायण सिंह ने कहा कि पत्रकारिता आज जोखिम का कार्य हो गई है फिर भी दुर्भाग्य है कि पत्रकारों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था आज भी नहीं है। उपज अध्यक्ष विनोद बागी ने मंत्री के समक्ष मांग रखी कि जिस प्रकार सभी को चिकित्सा सुविधा सरकार प्रदान कर रही है लेकिन आज पत्रकारों को कोई चिकित्सीय सुविधा न देना बहुत ही दुर्भाग्य है। सरकार से कैश लेश चिकित्सकीय सुविधा देने की मांग की गई।
इस अवसर पर विश्व प्रसिद्ध तबला वादक पंडित अशोक पांडे का तबलावादन एवं वायलिन पर संगति पंडित सुखदेव मिश्र जी ने की उन्होंने लोगों का मंत्र मुग्ध का दिया।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री ने, स्वागत उद्बोधन डॉ अरविंद कुमार सिंह ने एवं धन्यवाद उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल जी ने किया।

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