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वाराणसी के पत्रकारों के लिए बनेगा मीडिया हाउस: मंत्री हंसराज विश्वकर्मा

May 30, 2026

वाराणसी के पत्रकारों के लिए बनेगा मीडिया हाउस: मंत्री हंसराज विश्वकर्मा

Posted on 30.05.2026 Time 10.00 PM

सरकार से पत्रकारों व समाचार पत्र कर्मियों के लिए कैश लेश चिकित्सकीय सुविधा की उठी मांग
– उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस का आयोजन
वाराणसी 30 मई 2026, वाराणसी के पत्रकारों हेतु मीडिया हाउस बनवाने का आश्वासन उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने दिया है। वह शनिवार को उत्तर प्रदेश एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट उपज वाराणसी इकाई द्वारा आज हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों के हितार्थ अपना सहयोग देने को कहा।
शिवपुर स्थित होटल रवींद्राया रेसिडेंसी में आयोजित पत्रकारिता दिवस पर काशी के मूर्धन्य पत्रकारों का सम्मान भी किया। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार शुभकार दुबे, सुरेश प्रताप सिंह, योगेश कुमार गुप्त, विकास पाठक, शरद वाजपेयी एवं प्रदीप उपाध्याय को पत्रकारिता शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि पत्रकारों की जो भी समस्याएं हैं उसको प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर उसे पूरा करने का प्रयत्न किया जाएगा उन्होंने उपज के महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव से कहा कि वह एक प्रतिवेदन तैयार
कर उन्हें दे जिसे वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक प्रेषित कर उसे क्रियान्वित कराने का प्रयास करेंगे।
अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि कांची कामकोटि पीठ के प्रतिनिधि श्री बी एस सुब्रह्मण्यम मणि ने कहा कि जिस प्रकार भगवान भास्कर के दर्शन कर हम दिन की शुरुवात करते है,उसी प्रकार सुबह समाचार पत्रों के माध्यम से हमें देश विदेश की गतिविधियों से अवगत होते है। इसमें पत्रकारों की भूमिका अहम हो जाती है।
मुख्य वक्ता बीएचयू पत्रकारिता विभाग के आचार्य बाल लखेंद्र जी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के लिए अंग्रेजियत छोड़नी होगी। आज पूरे देश में हिंदी पत्रकारिता अपना एक महत्वपूर्ण साख रखती है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधान परिषद सदस्य श्री चेत नारायण सिंह ने कहा कि पत्रकारिता आज जोखिम का कार्य हो गई है फिर भी दुर्भाग्य है कि पत्रकारों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था आज भी नहीं है। उपज अध्यक्ष विनोद बागी ने मंत्री के समक्ष मांग रखी कि जिस प्रकार सभी को चिकित्सा सुविधा सरकार प्रदान कर रही है लेकिन आज पत्रकारों को कोई चिकित्सीय सुविधा न देना बहुत ही दुर्भाग्य है। सरकार से कैश लेश चिकित्सकीय सुविधा देने की मांग की गई।
इस अवसर पर विश्व प्रसिद्ध तबला वादक पंडित अशोक पांडे का तबलावादन एवं वायलिन पर संगति पंडित सुखदेव मिश्र जी ने की उन्होंने लोगों का मंत्र मुग्ध का दिया।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री ने, स्वागत उद्बोधन डॉ अरविंद कुमार सिंह ने एवं धन्यवाद उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल जी ने किया।

May 29, 2026

वाराणसी में साइबर ठगी: पेंटर बनकर घर में घुसा शातिर, उड़ाए 12 लाख

 

Posted on 29.05.2026 Time 05.03 PM, Varanasi

*सिम स्वैप और फर्जी UPI से बुजुर्ग के खाते से उड़ाए ₹12 लाख, 2 गिरफ्तार*

*CSP काउंटर से एक महीने में किस्तों में निकाली रकम। पुलिस ने ₹8 लाख कराए फ्रीज, 3 मोबाइल, ₹70 हजार नकद और 4 फर्जी आधार बरामद। ACP बोले – आरोपी विनय-सुरेंद्र पहले भी टावर फ्रॉड और फर्जी चेक केस में जा चुके हैं जेल।*

*रिपोर्ट:प्रज्ञा मिश्रा*
*वाराणसी*। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹12 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सर्विलांस की मदद से 27 मई को बलिया निवासी विनय कुमार और गाजीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया।

एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि घटना की कड़ियां एक महीना पहले से जुड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार पेशे से पेंटर है। वह करीब एक महीने पहले सेवानिवृत्त कर्मी शिवदत्त हरिजन के घर पेंटिंग का काम करने गया था। शिवदत्त वर्तमान में इंजीनियर हाल पुलिस लाइन, वाराणसी में रहते हैं। काम के दौरान विनय ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग के मोबाइल से उनका सिम कार्ड निकाल लिया। साथ ही घर में रखे उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें खींच लीं और उसकी डुप्लीकेट कॉपियां तैयार कर लीं।

विनय ने यह सिम कार्ड और दस्तावेज अपने साथी सुरेंद्र कुमार को सौंप दिए। इसके बाद दोनों ने एक नए मोबाइल में सिम कार्ड डालकर पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और G-Pay जैसे यूपीआई अकाउंट एक्टिवेट कर लिए। चूंकि सिम और केवाईसी के दस्तावेज इनके पास थे, इसलिए वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं हुई। आरोपियों ने पिछले एक महीने के दौरान अलग-अलग जनसेवा केंद्रों और सीएसपी काउंटरों पर जाकर फर्जी पहचान पत्रों के सहारे किस्तों में कुल ₹12 लाख की निकासी कर ली।

बीती 24 मई 2026 को जब पीड़ित शिवदत्त हरिजन को उनके खाते से रकम गायब होने की भनक लगी तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और 27 मई को दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन जिनमें दो कीपैड फोन हैं, ₹70,000 नकद और 4 फर्जी कूट रचित डुप्लीकेट आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने फ्रॉड से जुड़े खातों में ₹8 लाख होल्ड भी करा दिए हैं। एसीपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है। ये दोनों पहले भी मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने और एक फर्जी चेक के मामले में संलिप्त रहे हैं, जिसके आरोप में ये जेल की हवा भी खा चुके हैं।

साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने घर में काम करने वाले बाहरी लोगों जैसे पेंटर, प्लंबर, कारपेंटर पर नजर रखें। अपने मोबाइल, सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार, पैन, पासबुक कभी भी खुले में न छोड़ें।

May 3, 2026

वाराणसी में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों का होगा सम्मान

वाराणसी, 03 मई 2026, उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) इकाई की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को शिवपुर कार्यालय पर सम्पन्न हुई। बैठक में 30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी एवं काशी के वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया जाना तय किया गया है।

यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष विनोद बागी, उपाध्यक्ष अनिल कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह, महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव, प्रदीप उपाध्याय, कोषाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, जिला मंत्री प्रज्ञा मिश्रा और महावीर प्रसाद श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

April 29, 2026

नारी शक्ति, विकसित भारत का मजबूत स्तंभ: नरेंद्र मोदी

Varanashi, 28 April 26, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां आयोजित एक सम्मेलन में महिलाओं की एक विशाल सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी।

इस अवसर के महत्व का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी उन दिव्य शक्तियों की भूमि है, जिनमें माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और माता गंगा शामिल हैं। बहनों और बेटियों की इस विशाल उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को वास्तव में एक पवित्र आयोजन में बदल दिया था। श्री मोदी ने कहा, “काशी की इस पावन भूमि पर, मैं आप सभी माताओं, बहनों और बेटियों को नमन करता हूं।”

इस अवसर के ‘नारी शक्ति’ और विकास, दोनों के उत्सव होने पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में हर तरह के विकास से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, साथ ही काशी और अयोध्या के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले काम भी शुरू किए गए हैं। काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए दो ‘अमृत भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, जिससे पूरे महाराष्ट्र के लोगों को इन पवित्र शहरों तक पहुंचने के लिए आधुनिक कनेक्टिविटी के विकल्प मिलेंगे। श्री मोदी ने कहा, “इससे यूपी और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, जिससे लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प मिलेगा।”

राष्ट्र-निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने ‘नारी शक्ति’ को ‘विकसित भारत’ का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के एक बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए वहां मौजूद लोगों का आशीर्वाद मांगा। श्री मोदी ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपके आरक्षण के अधिकार को हकीकत बनाने में मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।”

महिला सशक्तिकरण की बदलाव लाने वाली शक्ति को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब घर में कोई महिला सशक्त होती है, तो पूरे परिवार को ताक़त मिलती है; और इससे समाज और देश भी मजबूत होते हैं। भारतीय महिलाओं को अतीत में जिन बाधाओं का सामना करना पड़ा, उन पर विचार करते हुए प्रधानमंत्री ने उन उपेक्षापूर्ण सवालों और आदेशों को याद किया, जिन्हें लड़कियों की कई पीढ़ियों ने सहा है, जिनमें क्षमता, आवश्यकता और औचित्य से जुड़े सवाल शामिल हैं। इस तरह का भेदभाव सिर्फ काशी तक ही सीमित नहीं होने, बल्कि पूरे देश में मौजूद होने की बात को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि समाज ने इस अन्याय को एक सामान्य बात मान लिया था। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “इन रुकावटों को बस एक स्वाभाविक व्यवस्था मान लिया गया था, और अब इसमें बदलाव आना ही चाहिए।”

पिछड़ी सोच को तोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि 25 साल पहले जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने लड़कियों के लिए दो अग्रणी योजनाएं शुरू की थीं-‘शाला प्रवेशोत्सव’, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां स्कूल जाएं और अपनी पढ़ाई पूरी करें; और ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवाणी निधि’, ताकि उनकी फीस में मदद मिल सके। श्री मोदी ने कहा, “तब से लेकर आज तक, हमारी सरकार की नीतियों में महिलाओं के कल्याण को लगातार सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।”

2014 से शुरू की गई व्यापक कल्याणकारी पहलों का विस्तार से जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के लिए बैंक खाते खोले गए, 2.5 करोड़ से ज्यादा घरों को बिजली के कनेक्शन दिए गए और 12 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल का पानी पहुंचा। इन पहलों ने बहनों और बेटियों को राष्ट्रीय विकास के केंद्र में रखा, जिनमें सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, मातृ वंदना योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं शामिल हैं। श्री मोदी ने कहा, “हर बड़ी योजना के केंद्र में बहनों और बेटियों को रखा गया, जो हमारी सच्ची प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

काशी में एक सफल अभियान का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि दो साल पहले, सिर्फ एक महीने में 27,000 लड़कियों के लिए सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए थे और हर खाते में 300 रुपये जमा किए गए थे। इस योजना ने लड़कियों की शिक्षा को मजबूत किया है, जबकि मुद्रा योजना ने उनकी कमाई सुनिश्चित की है; और पहली बार, पीएम आवास योजना के तहत करोड़ों बहनों के नाम पर संपत्ति रजिस्टर हुई है। श्री मोदी ने कहा, “आज हमारी माताएं और बहनें सचमुच अपने घरों की मालकिन बन रही हैं।”

सुविधा और सुरक्षा के सशक्तिकरण की नींव होने पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने यूपी की मौजूदा स्थिति की तुलना अतीत से की, जब लड़कियों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल था। भारतीय न्याय संहिता ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में त्वरित फैसलों के जरिए नया आत्मविश्वास जगाया है, जबकि महिला पुलिस थानों और काउंसलिंग केंद्रों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, “बेटियों के प्रति गलत इरादे रखने वाला कोई भी व्यक्ति अब अच्छी तरह जानता है कि उसका क्या हश्र होगा।”

आर्थिक सशक्तिकरण के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं की आर्थिक शक्ति बढ़ती है, तो घर-परिवार में उनकी आवाज़ भी उतनी ही मजबूत हो जाती है। पिछले 11 वर्षों में, लगभग 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है-जिनमें काशी की लगभग 1.25 लाख बहनें भी शामिल हैं-और लाखों रुपये की आर्थिक सहायता ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम बनाया है। श्री मोदी ने कहा, “इन प्रयासों के माध्यम से, अब तक 3 करोड़ बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जिनमें बनारस की हजारों बहनें भी शामिल हैं।”

महिला सशक्तिकरण में डेयरी क्षेत्र के योगदान को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी से जुड़ी लाखों बहनों को बधाई दी, जिन्हें आज बोनस के रूप में सीधे 106 करोड़ रुपये मिले। काशी के डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को अपने काम का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने निरंतर विकास के प्रति विश्वास व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “यह तो बस शुरुआत है; बनारस आगे बढ़ेगा, बनास डेयरी आगे बढ़ेगी, और यह बोनस भी लगातार बढ़ता रहेगा।”

यह बताते हुए कि सरकार महिलाओं को किस तरह बदलाव लाने वाली शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है, प्रधानमंत्री ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के अभियानों की बागडोर उन्हें सौंपने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘बैंकिंग सखियां’ डिजिटल पेमेंट्स को आगे बढ़ा रही हैं, ‘इंश्योरेंस सखियां’ बीमा से जुड़ी पहलों का नेतृत्व कर रही हैं, ‘कृषि सखियां’ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं, और ‘नमो ड्रोन दीदियां’ कृषि क्षेत्र में ड्रोन क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। इसके अलावा, सेना, नौसेना, वायुसेना, सैनिक स्कूलों और रक्षा अकादमियों में बेटियों के लिए नए रास्ते खुल गए हैं। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “हमारी सरकार का मतलब है – महिला सशक्तिकरण, महिलाओं का उत्थान और महिलाओं के जीवन को आसान बनाना।”

सभी क्षेत्रों में बेहतरीन काबिलियत को देखते हुए महिलाओं को नीति-निर्माण और राष्ट्रीय फैसले लेने में बड़ी भूमिका मिलने पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि बहनों की भागीदारी का विचार ही नए संसद भवन को बनाने के पीछे एक बड़ी वजह थी। नया संसद भवन बनने के बाद सबसे पहला काम 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास करना था, जिसके तहत 40 साल से अटके पड़े महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मंज़ूरी दी गई। श्री मोदी ने कहा, “अब यह जरूरी है कि इस कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाए।”

हाल की संसदीय कार्यवाही पर निराशा ज़ाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को विधानसभा और संसद तक पहुंचाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन लाया गया था, लेकिन उसे पास नहीं किया जा सका। वहीं, संतोष जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने असम, केरल, पुडुचेरी, बंगाल और तमिलनाडु में महिलाओं द्वारा रिकॉर्ड संख्या में किए गए मतदान का उल्लेख किया।

सरकार के नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को “नागरिक देवो भव” के मंत्र के साथ रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई और शिकायत निवारण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ, आज काशी के विकास का विस्तार कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से किया गया है। श्री मोदी ने कहा, “गंगा नदी पर बन रहा सिग्नेचर ब्रिज पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।”

पिछले एक दशक में उत्तरी और पूर्वी भारत के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काशी के उभरने का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 500 ​​बिस्तरों वाला मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल यहां के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि 100 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी गई है। श्री मोदी ने कहा, “इससे काशी में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक विशाल सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।”

काशी के विकास के व्यापक और संवेदनशील स्वरूप का वर्णन करते हुए, प्रधानमंत्री ने गंगा की सफाई, घाटों का विकास, प्रशासनिक भवनों का निर्माण, हरहुआ और भवानीपुर में किसानों के लिए भंडारण सुविधाओं, वृद्धाश्रमों और महिला छात्रावासों सहित विभिन्न पहलों को गिनाया। श्री मोदी ने कहा, “ये सभी परियोजनाएं सीधे तौर पर बनारस के निवासियों को लाभ पहुंचाती हैं और संवेदनशील, जन-केंद्रित विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।”

काशी की विरासत और धरोहर को सुदृढ़ करने के निरंतर अभियान पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने इस प्रयास के अभिन्न अंग के रूप में संत कबीर स्थली के विकास और नागवा में संत रविदास पार्क के जीर्णोद्धार को रेखांकित किया। श्री मोदी ने कहा, “ये हमारी विरासत को संरक्षित और सुदृढ़ करने के हमारे निरंतर अभियान का हिस्सा हैं।”

काशी के शाश्वत स्वरूप और चल रहे विकास अभियान के बीच एक समानता दर्शाते हुए अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने सभा में उपस्थित लोगों के आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया और साथ ही, जारी विकास कार्यों के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा, “हमारी काशी अविनाशी है और निरंतर गतिशील रहती है; ठीक इसी तरह, यह विकास अभियान भी निरंतर गतिशील है।”

April 28, 2026

विपक्षी दलों ने महिलाओं को धोखा दिया:मोदी

Posted on 28.04.2026 Tuesday Time 09.57 PM, Varanasi Mahila Sammelan

वाराणसी, 28 अप्रैल 2026, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि देश को महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने विपक्षी दलों पर संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुडे विधेयक को समर्थन नहीं देकर महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया। श्री मोदी आज शाम यहां महिला सम्‍मेलन को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार देश के नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि वे इस विधेयक को पारित कराने के प्रयास जारी रखेंगे। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने देश की महिलाओं के हित में बहुत कुछ किया है। उन्‍होंने सुकन्‍या समृद्धि योजना, जन-धन खातों, पीएम आवास योजना, लखपति दीदी और आयुष्‍मान भारत योजना का उल्‍लेख किया।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी वंशवादी पार्टियां संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाना नहीं चाहती।

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