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मंत्रिमंडल विस्तार पर वरिष्ठ पत्रकार सलिल मिश्रा ने दी बधाई

May 17, 2026

मंत्रिमंडल विस्तार पर वरिष्ठ पत्रकार सलिल मिश्रा ने दी बधाई

Posted on 17.05.2026, Time 12.43 PM, Unnao, Salil kumar Mishra, UP Samachar Sewa

उन्नाव, 17 मई 2026 (उप्र समाचार सेवा) । वरिष्ठ पत्रकार और उपज के प्रदेश मंत्री सलिल कुमार मिश्रा ने मंत्रिमंडल विस्तार पर बधाई दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा है कि इस विस्तार से उत्तर प्रदेश में विकास को गति मिलेगी।

श्री मिश्र ने सभी मंत्रियों को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी है।

May 12, 2026

संगोष्ठी : पत्रकारिता में भाषा के गिरते स्तर पर पत्रकारों ने चिंता जताई

Posted on Date 12.05.2026 , Time 07.41 PM, Tuesday, UP Press Club, Seminar, Journalism, K Vikram Rao, Lucknow

डॉ0 के विक्रम राव की पुण्यतिथि पर यूपी प्रेस क्लब में हुई संगोष्ठी
“हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष” वर्तनी, शीर्षक और भाषा पर हुई चर्चा

लखनऊ 12 मई 26, यूपी प्रेस क्लब में आयोजित वरिष्ठ पत्रकार व इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 के विक्रम राव की प्रथम पुण्यतिथि पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकारों सहित समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा स्वर्गीय राव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने पत्रकारिता की भाषा सम्बंधित कमियों को रेखांकित किया, वहीं इसमें सुधार के लिए अपने सुझाव भी दिए। “हिंदी पत्रकारिता जगत के 200 वर्ष” वर्तनी, शीर्षक और भाषा विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बड़े स्तर पर प्रदेश और देश के पत्रकारों ने हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम में पत्रकारिता, राजनीति, समाज सेवक और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने मीडिया कवरेज में भाषा, वर्तनी और शीर्षक के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए नए पत्रकारों के प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया। वक्ताओं ने अख़बारों की भाषाई गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ० राव की पत्रकारिता और भाषाई पकड़ पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि राव की लेखनी और उनकी अंतिम समय तक पढ़ने-लिखने की आदत बनी रही।

कार्यक्रम में IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल मिश्रा, यूपीडब्ल्यूजेयू के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सलाहकार एचएन शर्मा, पूर्व राज्यसभा सांसद व बीजेपी नेता अशोक बाजपेई, सूचना आयुक्त दिलीप अग्निहोत्री, पीएन द्विवेदी, भारत समाचार के एडिटर इन चीफ बृजेश मिश्रा, डॉ0 राव की पत्नी डॉ० के सुधा राव, राव साहब के पुत्र व् पत्रकार के० विश्वदेव राव, पद्मश्री डॉक्टर अनिल रस्तोगी, लोकतंत्र सेनानी बृजकिशोर मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी, गोविन्द पंत राजू, योगेश मिश्रा, रतन मणिलाल, कलानिधि मिश्रा, प्रद्युमन तिवारी, नवल कांत सिन्हा, टीएन मिश्रा, रजत के मिश्रा, शिव शरण सिंह, मसूद हसन, राम कृष्ण बाजपेयी, सुल्तान शाकिर हाशमी, भारत सिंह, मत्स्येन प्रभाकर, दयानंद पांडेय, संजोग वाल्टर, राजेंद्र द्विवेदी, शिल्पी सेन, अमिता पारुल, श्रुति गुप्ता, अनिल सैनी, इस्माइल मैन सर्वेश अस्थाना, मनीष मिश्रा, नीरज श्रीवास्तव, अनुराग शुक्ला, तनवीर फातिमा, राजवीर यादव, अविनाश शुक्ला, मुकुल मिश्रा, रेनू निगम, श्याम कुमार, हरी अरोड़ा, संदीप पांडे, विवेक त्रिपाठी, अनिल सैनी, जुबेर अहमद, जितेंद्र त्रिपाठी, महिमा तिवारी, अभिषेक पांडेय, अंकित श्रीवास्तव, आशीष वर्मा, एसएन सिंह, शिव विजय सिंह, पवन सिंह, उबैदुल्लाह नासिर, दिनेश शर्मा, आदेश शुक्ला, नायला किदवई, तमन्ना फ़रीदी, निज़ाम अंसारी, नितिन श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रेमकान्त तिवारी ने किया।

May 11, 2026

के विक्रम राव की पुण्य तिथि पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 12 मई को

Posted on 11.05.2026, Time 09.47 PM Monday, Lucknow, UP Press Club,, K Vikram Rao, Seminar on Journalism

लखनऊ, 11 मई 2026, वरिष्ठ पत्रकार, प्रख्यात ट्रेड यूनियन लीडर स्व के विक्रम राव की प्रथम पुण्य तिथि पर 12 मई (मंगलवार) को प्रेस क्लब में संगोष्ठी होगी।

राजधानी के वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी का विषय है “पत्रकारिता के 200 वर्ष: शीर्षक, वर्तनी और भाषा” । आयोजक मंडल के सदस्य और स्व राव के पुत्र विश्वदेव राव ने बताया कि संगोष्ठी पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी।

May 6, 2026

सपना देखने का साहस करें और उसे साकार करने को शक्ति समर्पित करें:हरिवंश

Posted on 06.05.2026 Time 01.24 PM Wednesday, New Delhi, #IIMC, #200 Years of Hindi Journalism in India

आईआईएमसी ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘संचार माध्यम’ का विशेषांक जारी 

बदलते दौर में सपना देखने का साहस करें और उसे साकार करने के लिए अपनी पूरी शक्ति समर्पित करें: हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा

संचार माध्यम’ का विशेषांक हिंदी पत्रकारिता के विकास और भारत की ज्ञान परंपराओं को दर्शाता है: प्रज्ञा पालीवाल गौड़, कुलपति, आईआईएमसी

नई दिल्ली, 05 मई 2026, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश Haivansh ने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) IIMC की प्रमुख शोध पत्रिका ‘संचार माध्यम’ के विशेष स्मारक अंक के विमोचन के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। यह विशेषांक भारत में हिंदी पत्रकारिता के 200 साल के सफर को दर्शाता है। इस अवसर पर आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ Dr Pragya Paliwal Gaur तथा संयुक्त सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, डॉ. के.के. निराला Dr KK Nirala और प्रो प्रमोद सैनी  Prof Pramod Saini की गरिमामयी उपस्थिति रही।

Harivansh Vice Chairman Rajya Sabha

राष्ट्र निर्माण में हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध विरासत और उसकी बदलती भूमिका को रेखांकित करते हुए श्री हरिवंश ने कहा कि त्‍वरित परिवर्तन के इस दौर में साक्षर और निरक्षर की परिभाषा पारंपरिक पढ़ने-लिखने के दायरे से आगे बढ़ चुकी है। निरंतर सीखते रहने और उभरती ज्ञान प्रणालियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता अनिवार्य हो गई है। जो प्रौद्योगिकियाँ पहले विकसित होने में सदियाँ लेती थीं, वे अब कुछ वर्षों और महीनों में ही बदल रही हैं।

इसी पृष्‍ठभूमि में, उन्होंने व्यक्तियों, विशेषकर युवा संचारकों से आह्वान किया कि वे इस बदलते परिदृश्य में सार्थक सपने देखें और उन्हें अटूट प्रतिबद्धता के साथ साकार करें। उन्होंने कहा, “केवल तभी, कोई व्यक्ति अपनी अमिट छाप छोड़ सकता है, ठीक उसी तरह, जैसे 1826 में कलकत्ता से प्रकाशित पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ Udant Martand ने छोड़ी थी।”

‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को रेखांकित करते हुए श्री हरिवंश ने भारत के भविष्य को आकार देने में संचार, अनुसंधान और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने वर्तमान युग को “कौशल-प्रधान युग” करार दिया, जहाँ कौशल का अर्जन और उसका प्रभावी उपयोग जीवन को परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। आर्थिक परिवर्तन की महत्‍वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यही व्यापक सामाजिक बदलाव की दिशा निर्धारित करता है। इस संदर्भ में, उन्होंने भारत में हाल के वर्षों में हाई-स्‍पीड रेल, आधुनिक बंदरगाहों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों सहित बुनियादी ढाँचे में हुई प्रगति का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के इस युग में व्यक्तिगत और राष्ट्रीय भविष्य को आकार देने के लिए नवाचार तथा पारंपरिक मार्गों से आगे बढ़ने के साहस की आवश्यकता है। श्री हरिवंश ने कहा कि पत्रकारिता को यह सुनिश्चित करना होगा कि सूचनाओं का सबसे छोटा अंश भी जन-जन तक पहुँचे, ताकि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सुविज्ञ सार्वजनिक चर्चा हो सके और आम सहमति बन सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संचारकों को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का पूरा अहसास होना चाहिए।

आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने कहा कि ‘संचार माध्यम’ का यह विशेषांक प्रमुख शिक्षाविदों और मीडिया पेशेवरों के आलेखों का संकलन है, जो पिछली दो शताब्दियों में हिंदी पत्रकारिता के विकास के महत्वपूर्ण पड़ावों को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर यह पत्रिका पत्रकारिता के उभरते रुझानों पर निरंतर नजर रखती है, वहीं भारत की समृद्ध ज्ञान परंपराओं के तत्वों को समकालीन परिप्रेक्ष्य में पुनः समझने और प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

April 26, 2026

संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा-डा.निशंक

हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह
आर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में मीडिया की भूमिका पर गहन चर्चा
जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाएं पत्रकार-आचार्य बालकृष्ण
डिजिटल मीडिया के आने से बदला पत्रकारिता का परिदृश्य-प्रियंका शर्मा
पत्रकारों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा-धर्मेद्र चौधरी
हरिद्वार, 26 अप्रैल। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को प्रेस क्लब सभागार में भव्य द्विशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक, विशिष्ट अतिथि आचार्य बालकृष्ण और मुख्य वक्ता प्रसिद्ध एंकर प्रियंका शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी और मीडिया से जुड़े लोग उपस्थित रहे। प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल, वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर जायसवाल, कौशल सिखौला, आदेश त्यागी, रामचंद्र कन्नौजिया, रजनीकांत शुक्ला, गोपाल, रावत, सुनील दत्त पांडे, बालकृष्ण शास्त्री, श्रवण झा, राहुल वर्मा, प्रदीप गर्ग आदि ने फूलमाला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में आर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में पत्रकारिता विषय पर बदलते मीडिया परिदृश्य, पत्रकारिता के मूल्यों और डिजिटल युग की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि 200 वर्षों की यह यात्रा संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है। उन्होंने कहा कि हिंदी आज विश्व की सबसे प्रभावशाली भाषाओं में से एक है और आज भी हिंदी अखबारों के पाठकों की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने अपने पत्रकारिता के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने पौड़ी से सीमांत वार्ता नाम से दैनिक अखबार की शुरुआत की थी और उस समय संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने दिन-रात मेहनत कर पत्रकारिता को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि आज भी हिंदी का बाजार सबसे बड़ा है और वैश्विक स्तर पर भी हिंदी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। लंदन से भी कई हिंदी पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं और दुनिया के करीब 250 विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्ययन कराया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त जरिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विशिष्ट अतिथि आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सही दिशा देना और सत्य को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों को अपने दायित्वों को समझते हुए निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। मुख्य वक्ता और द प्रियंका शर्मा शो की एंकर प्रियंका शर्मा ने आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता की छवि को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं पत्रकारिता का स्तर गिरा है और इसका असर जनता के भरोसे पर भी पड़ा है। उन्होंने बताया कि एक समय था जब अखबारों की खबरें समाज को झकझोर देती थीं और कलम की ताकत का अलग ही प्रभाव होता था, लेकिन अब डिजिटल मीडिया के आने से परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक भरोसा करता है और खबरों का उपभोग भी उसी माध्यम से कर रहा है। सोशल मीडिया ने आम लोगों को अपनी बात रखने का मंच दिया है, लेकिन इसके साथ ही फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि टीवी चैनलों में काम करने के दौरान उनकी पहचान सीमित थी, लेकिन सोशल मीडिया ने उन्हें एक अलग पहचान दी। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार सच्चाई के साथ काम करता है, तो उसे सफलता जरूर मिलती है। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का 200वां वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा, लेकिन साथ ही पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों सत्य, निष्पक्षता और जनहित को बनाए रखना भी जरूरी है। कार्यक्रम में शिवा अग्रवाल, रोहित सिखोला, सुनील पाल, आशीष मिश्रा, मनोज सिंह रावत, केके पालीवाल, रामेश्वर गौड़, डा.मनोज सोही, मनोज खन्ना, नवीन चौहान, शिवप्रकाश शिव, मुकेश वर्मा, विकास चौहान, शिवकुमार शर्मा, कुशलपाल चौहान, आफताब खान, रूपेश शर्मा, बिजेंद्र हर्ष, संजीव शर्मा, संजीव खन्ना, लोकेंद्रनाथ, संदीप शर्मा, कुमकुम शर्मा, सुरेंद्र बोकाड़िया, रावत रियासत पुंडीर, मेहताब आलम, तनवीर अली, जोगेंद्र मावी, मुदित अग्रवाल, विकास चौहान, अमित शर्मा, काशीराम सैनी, नरेश गुप्ता, पंरमजीत सिंह, दीपक नौटियाल, मुदित अग्रवाल, शिवांग अग्रवाल, कुमार दुष्यंत, राजकुमार, त्रिलोकचंद भट्ट, गुलशन नैय्यर, डीएस वर्मा, कुलभूषण शर्मा, शैलेंद्र ठाकुर, चंद्रशेखर जोशी, हिमांशु द्विवेदी, राधिका नागरथ, लव शर्मा आदि पत्रकारों के राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, मनोज गौतम, युवा कांग्रेस नेता कैख खुराना, कांग्रेस नेत्री संतोष चौहान, लता जोशी, आशु चौहान आदि अतिथी मौजूद रहे।

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