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सहारनपुर में सीएम ने किया 613 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

July 1, 2026

सहारनपुर में सीएम ने किया 613 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

सहारनपुर 01 जुलाई, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश ने विकास के अनेक कीर्तिमान स्थापित किये हैं। डबल इंजन सरकार प्रदेश की 25 करोड़ जनता को अपना परिवार मानती है, इसे ध्यान में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रत्येक जरूरतमन्द को बिना भेदभाव के निःशुल्क राशन, रसोई गैस कनेक्शन, 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर, पेंशन, आवास, शौचालय आदि सुविधाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक विकसित भारत व विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में अपना अमूल्य योगदान दे रहा है

मुख्यमंत्री जी आज सहारनपुर नगर एवं सहारनपुर देहात विधान सभा क्षेत्रों की 613 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 10 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इनमें 32 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 07 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 581 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 03 परियोजनाआें का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, चाभी, प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, टूलकिट आदि प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाये गये विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों तथा राजस्व विभाग द्वारा लगाये गये रोवर का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान जनपद सहारनपुर के विकास कार्यां पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने 01 जुलाई से 15 अगस्त, 2026 तक धारा-24 के अन्तर्गत रोवर द्वारा पैमाइश अभियान का शुभारम्भ भी किया। ज्ञातव्य है कि यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक अभिनव पहल है। रोवर पैमाइश से भूमि की वास्तविक स्थिति का सटीक निर्धारण किया जा सकेगा। पारम्परिक विधियों की तुलना में रोवर के प्रयोग से कम समय में आधुनिक राजस्व अभिलेखों के अनुरूप पैमाइश, मानवीय त्रुटियों एवं विवादों की न्यूनतम सम्भावना, सीमा विवादों का त्वरित समाधान एवं अनावश्यक विवादों व मुकदमों में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद सहारनपुर माँ शाकुम्भरी तथा माँ त्रिपुर बाला सुन्दरी की पावन धरा है। जब कार्य करने का जज्बा होता है, तो विरासत और विकास का समन्वित परिणाम हमारे सामने आता है। आज विभिन्न विकास परियोजनाओं का उपहार सहारनपुर नगर व सहारनपुर देहात की जनता-जनार्दन को प्राप्त हो रहा है। यहां जिन योजनाआें का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया जा रहा है, वह विकसित भारत की आधारशिला बनेंगी। आज यहां बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण का शुभारम्भ किया गया है। जब छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे, तब उपलब्ध कराये गये स्कूल बैग उन्हें नये भारत की उड़ान के लिए सक्षम बनाएंगे, जिससे यह बच्चे भारत को विकसित भारत के रूप में परिवर्तित करने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विरासत की मजबूत नींव पर ही, सुदृढ़ विकास की आधारशिला को आगे बढ़ाया जा सकता है। यह विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए आवश्यक है कि हम विरासत और विकास में समन्वय बनायें। 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की पावन जयन्ती पर प्रधानमंत्री जी दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण करने सहारनपुर आये थे। 12 हजार करोड़ रुपये लागत का यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर सहारनपुर से देश की राजधानी की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है। इस कॉरिडोर के माध्यम से मात्र डेढ़ घण्टे में सहारनपुर से दिल्ली पहुंचा जा सकता है। विकास की यह रफ्तार इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी उड़ान प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जितनी अच्छी कनेक्टिविटी होगी, उतनी ही विकास की रफ्तार तेज होगी। विकास की रफ्तार जितनी तेज होगी, अर्थव्यवस्था भी उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ेगी। वर्ष 2017 के पश्चात दशकों से लम्बित परियोजनाओं को पूर्ण किया गया। सड़क व रेलवे कनेक्टिविटी के साथ अब सहारनपुर एयर कनेक्टिविटी के लिए भी तैयार हो रहा है। सहारनपुर में स्वयं का एयरपोर्ट होगा। पहले यहां के लोगों को देश के अन्य हिस्सों में जाने के लिए देहरादून या दिल्ली जाना पड़ता था, अब फ्लाइट सहारनपुर से ही उड़ान भरेगी। यह उड़ान सहारनपुर के विकास की आधारशिला बनेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सहारनपुर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। मेडिकल कॉलेज के द्वितीय चरण के अन्तर्गत आज कुछ कार्यक्रमों की आधारशिला रखी जा रही है। सहारनपुर में शुद्ध पेयजल तथा एस0टी0पी0 परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है। यहां के कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी वुड कार्विंग की परम्परा को जीवित रखा है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना सहारनपुर को वैश्विक पहचान दे रही है। यहां से 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वुड कार्विंग उत्पाद निर्यात किये जाते हैं। एक्सपोर्ट की ताकत ही हमारी वास्तविक ताकत है। जिस देश के यह ताकत जितनी अधिक होगी, वह देश उतना ही धनी होगा तथा विदेशी मुद्रा प्राप्ति की सामर्थ्य विकसित करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब सहारनपुर में दंगा नहीं होता। यहां माँ शाकुम्भरी  के भव्य कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। विगत दिनों मैं यहां इसलिए आया था, क्योंकि उस दिन अचानक रात्रि को 10 बजे के बाद शिवालिक की पहाड़ियों में बरसात होने के कारण शाकुम्भरी देवी मन्दिर के समीप स्थित नाले में भारी जल-बहाव के कारण जन-धन की हानि की सम्भावना थी। समय पर अलर्ट जारी होने के परिणामस्वरूप जन-धन की हानि रोकने में सफलता प्राप्त हुई। आने वाले समय में सर्दी, गर्मी, बरसात सहित किसी भी मौसम में यहां का यातायात बाधित नहीं होगा, जिससे श्रद्धालु माँ के दरबार में बिना रुकावट पहुंच सकेंगे। प्रदेश सरकार वहां एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण करने जा रही है। इस सम्बन्ध में युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। वहां फैसिलिटेशन सेन्टर बन रहा है। वर्ष 2017 से पूर्व यह सपना था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही पैसे की कोई कमी नहीं थी। धनराशि कहां खर्च करनी है, पहले की सरकारों में इस सम्बन्ध में विजन का अभाव था। प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध धनराशि का उपयोग कर, सहारनपुर में स्मार्ट रोड, 04-लेन व 02-लेन कनेक्टिविटी, इकोनॉमिक कॉरिडोर, पुल आदि का निर्माण किया जा रहा है। वुड कार्विंग कारीगरों के जीवन का उन्नयन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय व स्पोर्ट्स कॉलेज बन रहे हैं। सरसांवा में सिविल टर्मिनल का निर्माण हो रहा है। यह दृष्टिकोण का अन्तर है। जिन लोगों में दृष्टि नहीं थी, उन लोगों ने विकास नहीं किया। जिनका दृष्टिकोण स्वार्थी था, वह अपने गांव तक सीमित थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार 01 लाख 07 हजार गांवों, 57,000 ग्राम पंचायतों, 825 विकास खण्डों, 12,000 वार्डों तथा 762 नगर निकायों की चिन्ता करती है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में समान रूप से विकास होता है। यहां के जनप्रतिनिधि विकास कार्यां में रुचि लेकर लगातार पैरवी करते हैं। यहां बस स्टेशन व स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। इकोनॉमिक कॉरिडोर व सरसांवा का एयरपोर्ट बन रहा है। यही कार्य आपके जीवन में परिवर्तन लाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में आज दिव्य व भव्य अयोध्या त्रेता युग का स्मरण करा रही है। यह वह सरकार है, जो विरासत का सम्मान करती है और विकास कार्यों को आगे बढ़ाती है। अयोध्या में वर्ष 2017 से पूर्व संकरी गलियां थी। आज चारों ओर से 04-लेन की कनेक्टिविटी है। रेलवे की मीटर गेज आज ब्रॉड गेज की डबल लाइन में बदल चुकी है। यहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। संत रविदास जी की जन्मभूमि काशी के सीरगोवर्धन में भव्य कॉरिडोर का निर्माण कर, उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गयी है। 04-लेन की कनेक्टिविटी दी गयी है। पहले लोग महर्षि वाल्मीकि, सद्गुरु रविदास जी महाराज, बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर आदि के नाम पर किसी संस्था का नाम नहीं होने देते थे। उनसे सम्बन्धित स्थानों के बारे में कोई सुध नहीं लेता था। डबल इंजन सरकार पूरी मजबूती के साथ इन स्थानां के उन्नयन के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के रोजगार, आधी आबादी की सुरक्षा और उनके स्वावलम्बन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जब सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र वितरित किये जाते हैं, तो उसमें सहारनपुर सहित प्रदेश के अनेक जनपदों के युवाओं के नाम होते हैं। प्रदेश सरकार यहां के नागरिकों के जीवन में निरन्तर परिवर्तन लाने का काम कर रही है।
संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास राज्य मंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। वर्ष 2017 से पूर्व तथा उसके पश्चात के उत्तर प्रदेश में स्पष्ट अन्तर दिखायी दे रहा है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। यहां की कानून व्यवस्था पूरे देश में मिसाल बनी है।

May 29, 2026

शाकुंभरी खोल में आई अचानक बाढ़, दर्जनों वाहन बहे, दुकानें क्षतिग्रस्त

Posted on 29.05.2026 Friday, Time 03.51 PM, Shakumbari Devi Mandir, Sharanpur

बेहट(सहारनपुर), 29 मई 2026, तहसील बेहट क्षेत्र स्थित सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर परिसर में शुक्रवार को शाकंभरी खोल (नदी) में अचानक बाढ़ आ गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव के चलते श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोगों ने भागकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जान बचाई। बताया जा रहा है कि तेज बहाव में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारें, बाइकें, क्रेन व जेनरेटर सहित दर्जनों वाहन बह गए। वहीं मंदिर परिसर में लगी कई दुकानें भी बाढ़ की चपेट में आ गईं। हादसे मे दो श्रद्धालुओं के बहने से मौत की भी अपुष्ट सूचना है.!

जानकारी मिलते ही एसडीएम बेहट मानवेंद्र सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, इंस्पेक्टर मिर्ज़ापुर सूबे सिंह, इंस्पेक्टर बेहट जितेंद्र कुमार दीखित सहित पुलिस व प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिया गया।

April 14, 2026

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज देहरादून, उत्तराखण्ड से 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इसके पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने जनपद सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के अन्तर्गत निर्मित वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा माँ डाट काली मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी तथा केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी सम्मिलित हुए।
प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम को देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पूरा करने में माँ डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति के रूप में रहा। इस एक्सप्रेस-वे का बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को लाभ होगा। पर्यटन के दृष्टिकोण से यह प्रोजेक्ट काफी अहम है। आज बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की पावन जयन्ती भी है। बीते दशक में सरकार की नीतियां व निर्णय संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद-370 हटने के बाद सम्पूर्ण देश में भारत का संविधान लागू है। जिन जिलों में माओवाद व नक्सलवाद का खात्मा हुआ है, वहां भी संविधान की भावना के अनुरूप कार्य हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू करना संविधान की अपेक्षा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब का जीवन गरीबों, वंचितों, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार उसी भावना के साथ प्रत्येक गरीब व वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी हुई है। देश का संतुलित विकास सामाजिक न्याय का बहुत बड़ा माध्यम है। बाबा साहब आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण की वकालत करते थे। भविष्य की दशा और दिशा के लिए अक्सर लोग हस्तरेखाएं दिखाते हैं। यदि इसे राष्ट्र के सन्दर्भ में देखा जाए, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं सड़कें, हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, एयर-वे, रेलवे, वॉटर-वे होती हैं। बीते एक दशक से देश विकसित भारत बनाने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। विकास की यह भाग्य रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारण्टी हैं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व, ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पूरे देश में प्रतिवर्ष 02 लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे। आज यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। 21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड व स्केल पर कार्य कर रहा है, उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। कुछ सप्ताह पूर्व दिल्ली मे मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में मेट्रो की शुरूआत हुई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल देश को समर्पित की गयी। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट की शुरूआत हुई। हवाई जहाजों के लिए एम0आर0ओ0 फैसिलिटी पर कार्य शुरू हुआ। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू हो रहा है। 21वीं सदी का भारत आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के जिस युग में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व व अकल्पनीय है। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर यथा- दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलूरू-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट-कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नये द्वार हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई हैं। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अतिरिक्त नये-नये व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों, गोदामों के नेटवर्क का आधार तैयार करते हैं। देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी सम्पूर्ण क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे समय बचेगा, आवागमन सस्ता व तेज होगा और रोजगार में वृद्धि होगी। किसानों और पशुपालकों की उपज अब तेज गति से मण्डियों और बड़े बाजारों तक पहुंचेगी। इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपये व्यय हुए। हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों व अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स तथा ट्रान्सपोर्ट से जुड़े लोगों को बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम ऐसा भारत बनाने में जुटे हुए हैं, जहां प्रगति, प्रकृति व संस्कृति की त्रिवेणी हो। आज होने वाले हर निर्माण को इसी त्रिवेणी के मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से इंसान को भी सुविधा मिले और वहां रहने वाले वन्य जीवों को भी असुविधा न हो, यही सरकार का प्रयास है। इसलिए इस एक्सप्रेस-वे पर लगभग 12 किलोमीटर लम्बा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे हाथियों को असुविधा न हो।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे मुश्किल हालात में भी सरकार का निरन्तर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो। बहन-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव देश के सामने है। चार दशकों के इन्तजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा व लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून का समर्थन किया। महिलाओं को मिले इस हक को लागू करने में अब देर नहीं होनी चाहिए। वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव और आगे होने वाले विधानसभा चुनावों में यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना तथा प्रत्येक बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए आगामी 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गयी है। मैंने देश की माताओं-बहनों को खुला पत्र लिखकर इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार सेना की सामर्थ्य को सशक्त करने तथा सैनिक परिवारों की सुविधा के लिए निरन्तर प्रयासरत है। ‘वन रैंक-वन पेंशन‘ के माध्यम से सरकार ने अब तक लगभग सवा लाख करोड़ रुपये पूर्व फौजियों के खाते में जमा किए हैं। इस वर्ष पूर्व सैनिकों के लिए हेल्थ स्कीम का बजट 36 प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए दवाइयों की डोर-स्टेप होम डिलीवरी शुरू की गयी है। पूर्व सैनिकों के बच्चों की एजुकेशन ग्राण्ट दोगुनी तथा बेटियों के विवाह की सहायता राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 01 लाख रुपये की गयी है। हमें देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति जैसे प्रत्येक आयाम को जोड़ते हुए देश को विकसित बनाना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सहारनपुर से दिल्ली की जो दूरी पहले 05 से 06 घण्टे में पूरी होती थी, अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से 2.5 घण्टे में पूरी की जा सकेगी। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर अन्नदाता किसानों के गुड़ की मिठास, सब्जी तथा फल, सहारनपुर की काष्ठ कला एवं शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत में बनने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ दुनिया के बाजारों में पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
आज भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की 135वीं पावन जयन्ती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से भारत के प्रत्येक नागरिक, चाहे वह किसी भी जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, लिंग या आयु का हो, को एकसमान अधिकार देकर सशक्त भारत की नींव रखी थी। बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने देश में पंचतीर्थ बनवाए। आज उनकी प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने तय किया है कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि और सामाजिक न्याय के महापुरुषों की मूर्तियां जहां स्थापित हैं, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल नहीं है और मूर्तियों के ऊपर छत्र नहीं है, तो प्रदेश सरकार धनराशि देकर इस कार्य को कराएगी। यह कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है। यह सम्मान का भाव आने वाली पीढ़ी को एकसूत्र में जोड़कर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब की जयन्ती के अवसर पर सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री जी कर-कमलों से यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्राप्त हो रहा है। आज प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हम सब यहां उपस्थित हुए हैं। पहले माँ डाट काली के स्थान से जब उत्तराखण्ड में प्रवेश करते थे, तो रोड ब्लॉक हो जाती थी। बरसात के दिनों में आवागमन बन्द हो जाता था। सहारनपुर व अन्य जनपदों के लोग इस मार्ग से देहरादून नहीं पहुँच पाते थे। उन्हें हरिद्वार मार्ग का सहारा लेना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन तथा सेवा का जो मॉडल खड़ा कर रहा है, उस मॉडल को इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से हम सभी देख रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यह डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और दिल्ली में बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को लाने में कोई दुविधा नहीं है। अब सहारनपुर में माता शाकुम्भरी के नाम पर विश्वविद्यालय बन चुका है। सरसावां में सिविल टर्मिनल व एयरपोर्ट बन रहा है। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्रारम्भ हो चुका है। वहां फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। यह कला एवं कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का एक माध्यम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माता शाकुम्भरी देवी का भव्य कॉरिडोर बन रहा है। यह तभी सम्भव होता है, जब सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती है। सहारनपुर, मेरठ, बागपत में अधिकारियों को इण्डस्ट्रियल तथा हाउसिंग क्लस्टर तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इससे रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे। यहां के किसानों के उत्पाद को देश की राजधानी दिल्ली के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लखनऊ व अन्य वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अन्नदाता किसानों को उपज की अच्छी कीमत मिलेगी।
इसके पूर्व, राज्यपाल जी तथा मुख्यमंत्री जी ने बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा, संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास राज्यमंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी, लोक निर्माण राज्यमंत्री श्री ब्रजेश सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

February 19, 2026

मुमुक्षु महोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक*

स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में आगामी 24 फरवरी से आयोजित होने वाले मुमुक्षु महोत्सव की तैयारियों को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की अध्यक्षता में आयोजित हुई। ज्ञात हो कि वर्ष 2026 का मुमुक्षु महोत्सव 24 फरवरी से आरम्भ होकर 2 मार्च तक चलेगा। श्रीराम ध्वज यात्रा के साथ आरंभ होने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन अपरान्ह 2 बजे से 5 बजे तक भक्तों को श्रीराम कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त होगा। कथाव्यास के रूप में पूज्य संत श्री विजय कौशल जी महाराज उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का समापन 2 मार्च को आयोजित होने वाली भजन संध्या के साथ होगा। चूंकि महाविद्यालय के विश्वविद्यालय में उच्चीकरण के उपरांत यह प्रथम भव्य आयोजन है, लिहाजा पूरे शिक्षा संकुल में एक अदभुत उत्साह एवं प्रसन्नता व्याप्त है। कॉलेज के उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल के संयोजन में आयोजित इस बैठक में महोत्सव से संबंधित विभिन्न समितियों जैसे- आमंत्रण समिति, प्रचार प्रसार समिति, आंतरिक साजसज्जा समिति, मीडिया समिति, यातायात समिति आदि के दायित्वों के साथ साथ प्रत्येक समिति में सदस्यों के मध्य कार्य वितरण पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि गत वर्षों की भांति इस बार भी आस्था एवं श्रद्धा के प्रतीक मुमुक्षु महोत्सव का आयोजन पूर्ण समर्पण के साथ किया जाएगा। संकुल के प्रत्येक सदस्य की प्रतिबद्धता ही इस भव्य आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करती है।
बैठक में कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रो आर के आजाद, डॉ जयशंकर ओझा, प्रो आलोक मिश्र, प्रो मीना शर्मा, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो आदित्य कुमार सिंह, प्रो अजीत सिंह चारग, प्रो देवेंद्र सिंह, प्रो कमलेश गौतम, डॉ आलोक कुमार सिंह, डॉ शिशिर शुक्ला, डॉ संदीप अवस्थी, सुयश सिन्हा, डॉ पवन गुप्ता, शिवओम शर्मा आदि मौजूद रहे।