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उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने की एनईपी परीक्षाओं एवं नए शैक्षिक सत्र की समीक्षा

May 7, 2026

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने की एनईपी परीक्षाओं एवं नए शैक्षिक सत्र की समीक्षा

मथुरा। टीएफसी वृंदावन के कॉन्फ्रेंस हॉल में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत आयोजित परीक्षाओं एवं आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् शामिल हुए।
बैठक के दौरान मंत्री ने सभी शिक्षण संस्थानों को नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए महाविद्यालयों को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
राज्य मंत्री ने छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया। “नारी वंदन अभियान” के अंतर्गत छात्राओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने प्रत्येक कॉलेज परिसर में स्वच्छ शौचालय, सुव्यवस्थित कॉमन रूम तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बी.एस.ए. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ललित मोहन शर्मा, राजकीय महाविद्यालय वृंदावन के प्राचार्य डॉ. विनय चौधरी, डॉ. गोविंद चावला, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. एस.के. राय, डॉ. रवीश शर्मा, डॉ. वी.पी. राय, डॉ. बी.के. गोस्वामी, फतेह कृष्ण, डॉ. यू.के. त्रिपाठी, शाहरुख उस्मानी एवं अमित कुमार सहित कई शिक्षाविद् उपस्थित रहे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया जनगणना के प्रथम चरण का शुभारंभ

लखनऊ : 07 मई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार है। आज का युग डेटा आधारित निर्णयों का है और जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनगणना यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि विकास की धारा में समाज का अन्तिम व्यक्ति भी समान रूप से सहभागी बन सके।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ की भावना के साथ मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से सम्बन्धित कार्य सम्पादित होंगे। आमजन को 07 मई से 21 मई, 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके उपरान्त फील्ड कार्य के अन्तर्गत जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे। द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। इस बार जनगणना में जातीय गणना को भी सम्मिलित किया गया है। साथ ही पहली बार वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान समय में रियल टाइम डेटा अत्यन्त आवश्यक है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाया गया है। इसके लिए एक विशेष जनगणना पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से ग्राम एवं वार्ड स्तर तक कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या लगभग 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना कार्य प्रदेश के 18 मण्डलों, 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 अन्य नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों तथा लगभग 01 लाख 04 हजार राजस्व ग्रामों में सम्पादित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस व्यापक कार्य के सफल संचालन हेतु प्रदेश में लगभग 5.47 लाख कार्मिकों की तैनाती की जा रही है, जिनमें 4.50 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर तथा 12 हजार राज्य एवं जनपद स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 5.35 लाख कार्मिकों को दोनों चरणों के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों से जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति केवल एक ही स्थान पर अपनी गणना कराए तथा सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराए, ताकि विकास योजनाओं की सटीक एवं प्रभावी रूपरेखा तैयार की जा सके। मुख्यमंत्री जी ने जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।

UP: IIT कानपुर के साथ मिलकर ड्रोन का सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा

Posted on 07.05.2026 Time 08.49 AM, Yogi Adityanath in Prayagraj
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ की थीम पर आधारित नॉर्थ टेक सिम्पोज़ियम-2026 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए
 
उत्तर प्रदेश में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के 06 स्ट्रैटेजिक नोड्स विकसित करने के बेहतरीन परिणाम प्राप्त हुए, इन नोड्स में 35,000 करोड़ रु0 से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे
लखनऊ,  06 मई, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ‘नेशन फर्स्ट’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय सैनिक की सांसों में बसने वाला संकल्प है। यह प्रत्येक भारतीय के जीवन का मंत्र होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यह हमारे लिए सर्वोपरि है। सियाचीन की जमा देने वाली ठण्ड, रेगिस्तान की तपती रेत, घने जंगलों के अंधकार, समुद्र और आकाश की अनन्त चुनौतियों में जहां जीवन ठहर जाता है, वहीं से हमारे सैनिकों का कर्तव्य शुरू होता है। सैनिकों के कदम जहां पड़ते हैं, वहीं से भारत की सीमाएं मजबूत होती हैं। हमारे सैनिकों की जागती हुई आंखों के कारण पूरा देश चैन की नींद सो पाता है। मुख्यमंत्री आज प्रयागराज में ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ की थीम पर आधारित नॉर्थ टेक सिम्पोज़ियम (एनटीएस)-2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रक्षा उपकरणों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विजन को आज हम सभी इस त्रिवेणी की पावन धरा पर ‘नॉर्थ टेक’ सिम्पोज़ियम के माध्यम से साकार होते देख रहे हैं। यह सिम्पोज़ियम टेक्नोलॉजी, नॉलेज व इनोवेशन के संगम को प्रस्तुत कर रहा है। इस आयोजन में उपस्थित सेण्ट्रल एण्ड नॉर्थ कमाण्ड के सभी सैन्य अधिकारी, इन्वेस्टर्स, एक्जीबिटर्स तथा अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों की विशेषज्ञता का लाभ देश प्राप्त करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘त्रिवेणीं माधवं सोमं भारद्वाजं च वासुकिम्, वन्दे अक्षयवटं शेषं प्रयागं तीर्थनायकम्’, अर्थात् मैं त्रिवेणी (मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के संगम), भगवान वेणी माधव, सोमेश्वर महादेव, ऋषि भारद्वाज और नागराज वासुकी की वंदना करता हूँ। अक्षयवट, शेषनाग और सभी तीर्थों के राजा प्रयाग को प्रणाम करता हूँ। महर्षि भारद्वाज के बारे में एक मान्यता है कि वह दुनिया के किसी विश्वविद्यालय के पहले कुलपति थे। उनका गुरुकुल इसी प्रयागराज में था। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 के प्रयागराज कुम्भ के अवसर पर महर्षि भारद्वाज के आश्रम को पुनः स्थापित करने के दिशा में प्रयास किया। नागराज वासुकी ने देवासुर संग्राम में सकारात्मक अर्थात् दैवीय शक्तियों की विजय में अपना योगदान दिया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज की पावन धरा प्राचीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिक विरासत और न्याय की पावन त्रिवेणी के रूप में भी विख्यात रही है। ‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्’, अर्थात् भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रेरणा प्रदान की है कि यह अपना है और यह पराया है, ऐसी सोच छोटे मन (संकीर्ण सोच) वाले व्यक्तियों की होती है। उदार हृदय वाले लोगों के लिए तो सम्पूर्ण पृथ्वी ही एक परिवार है। उदारता हमारा संस्कार और करुणा हमारा स्वभाव है। परंतु हमें यह ध्यान रखना होगा कि जो सुरक्षित है वही समृद्ध है। उदारता की रक्षा के लिए शक्ति और सामर्थ्य चाहिए। राष्ट्र कवि दिनकर ने कहा था, ‘क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो, उसको क्या जो दन्तहीन, विषरहित, विनीत, सरल हो’।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसके पास शक्ति व सामर्थ्य होगी, वही अपनी संवेदना व संस्कार प्रदान कर पाएगा। शान्ति और क्षमा की भाषा केवल वही बोल सकता है, जिसके पास सामर्थ्य हो। आज हम अपनी सामरिक और आन्तरिक शक्ति को इसलिए नहीं बढ़ा रहे हैं कि हमें किसी पर आक्रमण करना है, बल्कि इसलिए कि हमारी उदारता को कोई हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे। राष्ट्र की समृद्धि के लिए यह सामर्थ्य होना अनिवार्य है। समृद्धि केवल संसाधनों से नहीं आती। इसके लिए सुरक्षा, स्थिरता और सामर्थ्य का मजबूत आधार होना आवश्यक है।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में अव्यवस्था व अराजकता के कारण यहां के नागरिकों के सामने पहचान का संकट था। सुशासन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पहचान के संकट से मुक्त होना आवश्यक था। प्रदेश सरकार ने सुरक्षा का बेहतर वातावरण निर्मित कर, रूल ऑफ लॉ को धरातल पर उतारा। अपराध और अपराधियों से जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्ती से निपटा गया। प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के मॉडल ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इसके माध्यम से प्रदेश में बेहतरीन ईको-सिस्टम डेवलप करने में सहायता मिली है। आज भारत का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, हाई-वे, रेलवे, मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के रूप में मौजूद है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सुरक्षा को प्राथमिकता देने के परिणामस्वरूप, आज देश और दुनिया का प्रत्येक बड़ा निवेशक, प्रदेश में निवेश करना चाहता है। कोई भी सरकार निर्णय लेती है, तो उसे प्रभावी ढंग से निर्धारित समय सीमा में धरातल पर उतरने में बहुत देर नहीं लगती, क्योंकि उसमें कोई बाहरी तत्व हस्तक्षेप नहीं कर सकता। कोई गुण्डा व माफिया हावी नहीं हो सकता। प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ होने से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के रूप में रक्षा उद्योग के विस्तार में मदद मिली है। दोनों एक ही संकल्प के दो अलग-अलग रूप हैं। हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहे हैं।
आज युद्ध सिर्फ जल, थल और नभ तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि साइबर स्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम आदि क्षेत्रों में एक साथ लड़ा जा रहा है। आज यह मल्टी डोमेन ऑपरेशन के युग में प्रवेश कर चुका है। हमने यह ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के माध्यम से देखा है। अब की-बोर्ड भी हथियार है। दुश्मन के पावरग्रिड, बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को ठप करना या अपने नेटवर्क को अभेद्य बनाना नई सुरक्षा रेखा बनी है। सेटेलाइट्स के जरिए निगरानी, खुफिया जानकारी और नेविगेशन आधुनिक आंखें और दिमाग है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ गोलियों से नहीं लड़ी जाती, बल्कि सिग्नल्स भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। दुश्मन के रडार, संचार और जी0पी0एस0 को जाम करना और अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना आज निर्णायक बन गया है। आज का युद्ध हथियारों के साथ-साथ डाटा और टेक्नोलॉजी की ओर सभी का ध्यान आकर्षित करता है। हमें तकनीकी और रणनीतिक रूप से सजग और मानसिक रूप से अडिग होना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत आयात प्रधान से निर्यात प्रधान राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। पहले हमें दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। दूसरों पर निर्भरता के दुष्परिणाम गल्फ वॉर के दौरान पेट्रोलियम प्रोडक्ट की चुनौतियों के रूप में दुनिया में देखने को मिले हैं। उसके विकल्प हमारे पास मौजूद हैं। हमें आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। आज से कुछ वर्ष पहले तक भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से सम्बन्धित कुल 600 करोड़ रुपए का उत्पाद निर्यात हो पाता था। पिछले कुछ वर्षों में डबल इंजन सरकार द्वारा किये गये प्रयासों के कारण आज भारत 38 हजार करोड़ रुपये से 50 हजार करोड़ रुपये के रक्षा उत्पाद को निर्यात करने की सामर्थ्य विकसित कर चुका है। अपने मित्र देशों को रक्षा उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के 06 स्ट्रैटेजिक नोड्स विकसित करने के बेहतरीन परिणाम प्राप्त हुए हैं। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट नोड्स में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आज धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। सरकार ने बड़ा लैण्ड बैंक भी तैयार किया है। डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश में कार्य करने के इच्छुक प्रत्येक निवेशक को इंसेंटिव उपलब्ध कराया जा रहा है। निवेशक पॉलिसी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अलीगढ़ नोड छोटे हथियार, रक्षा उपकरण तथा अन्य सैन्य सामग्री के निर्माण के केन्द्र के रूप में उभरा है। परम्परागत रूप से पूर्व का मैनचेस्टर कहलाने वाला कानपुर आज गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस एण्ड प्रोटेक्टिव गियर के निर्माण कार्य का केन्द्र बिन्दु बन गया है। अडानी डिफेंस सिस्टम, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री जैसे बड़े संस्थान हमारी सैन्य शक्ति को सुदृढ़ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ नोड्स में ब्रह्मोस मिसाइल और हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस की उपस्थिति सुनिश्चित करती हैं कि हमारी सेना नेक्स्ट जेनरेशन सुपरसोनिक मिसाइल से सुसज्जित हो चुकी है। चित्रकूट और आगरा नोड्स को एयरोस्पेस और डिफेंस में प्रिसिजन इंजीनियरिंग के लिए विकसित किया जा रहा है, ताकि हमारा स्पेस सुरक्षित रह सके। यू0पी0 डिफेंस कॉरिडोर में तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन, बुलेट प्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणाली से सम्बन्धित उपकरण सैनिकों की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए तैयार किये जा रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर से इस कार्य में भरपूर सहयोग किया जा रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण सपोर्ट प्रदेश में मौजूद है। प्रदेश में 56 प्रतिशत स्किल व यंग मैन पावर तथा 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयों का बेहतरीन बेस मौजूद है। इन इकाईयों में हार्डवेयर, लेदर, टेक्सटाइल तथा अन्य सेक्टर से जुड़े हुए संसाधन सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट एण्ड इण्डस्ट्री रेडी वर्क फोर्स उपलब्ध कराने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहे हैं। आई0आई0टी0, कानपुर के साथ मिलकर ड्रोन का सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में राज्य फारेंसिक विज्ञान संस्थान स्थित है। इन सभी सेक्टर में कुछ नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। नोएडा तथा अन्य स्ट्रैटेजिक नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के बेहतरीन ईको-सिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी ढ़ंग से कार्य किया जाएगा। इस सिम्पोज़ियम में एक्ज़ीबिटर्स अपने प्रोडक्ट को प्रदर्शित ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक-दूसरे से जानकारी और आइडियाज़ भी शेयर कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ पर बल देती है। हमारा द्वार अच्छे ज्ञान के लिए सदैव खुला रहना चाहिए, चाहे वह कहीं से भी प्राप्त हो। यह सिम्पोज़ियम इस सम्बन्ध में एक नया प्लेटफार्म उपलब्ध करा रहा है, जिसमें आइडियाज़ व इनोवेशन हैं तथा उनके इम्प्लीमेण्टेशन के लिए अवसर भी है। आज प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में 21 हजार से अधिक स्टार्ट-अप स्थापित हुए हैं। इसमें ए0आई0, रोबोटिक, ड्रोन, सेमीकण्डक्टर, डाटा सेण्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग आदि सम्मिलित हैं। सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के सशक्त संगम से उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से उबरकर भारत का ग्रोथ इंजन बना है।
इस अवसर पर सेण्ट्रल कमाण्ड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, नॉर्थ कमाण्ड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, विशिष्ट स्ट्राइक वन कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, एस0आई0डी0एम0 के वाइस प्रेसिडेंट  नीरज गुप्ता, आई0आई0टी0 कानपुर के प्रोफेसर ए0के0 घोष सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

May 5, 2026

शिक्षा मित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण का भव्य समारोह संपन्न

मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग, जनपद-मथुरा के तत्वावधान में “शिक्षा मित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण” का भव्य शुभारंभ समारोह दिनांक 5 मई 2026 को प्रातः 10 बजे पंचजन्य प्रेक्षागृह, डीम्पियर नगर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में शिक्षा मित्रों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान एवं बढे हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा. मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण (गन्ना विकास एवं चीनी मिल, उ.प्र. सरकार) एवं सभी विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और शिक्षा मित्रों का सम्मान एवं मानदेय वृद्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय बाटी, प्राथमिक विद्यालय विर्जापुर, प्राथमिक विद्यालय सनोरा, प्राथमिक विद्यालय गढ़ी रौसु के छात्र छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
विशिष्ट अतिथियों में मा. विधायक मेघश्याम, मा. विधायक पूरन प्रकाश, मा. सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और शिक्षा मित्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा सरकार के गत 10 वर्षो के शानदार कार्यकाल का उल्लेख किया गया।
विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में जिलाधिकारी श्री चंद्र प्रकाश सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने शिक्षा मित्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मित्रों को सम्मानित किया गया तथा बढ़े हुए मानदेय का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षा मित्रों में उत्साह एवं खुशी का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष खेम सिंह चौधरी एवं दुष्यंत सारस्वत द्वारा शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया।
अंत में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कैलाश शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश त्रिपाठी, बुद्धसेन सिंह, गिर्राज प्रसाद, नरेंद्र सिंह, विनय प्रताप, जिला समन्वयक विक्रांत कुमार, एसआरजी अमित कुमार, शिव कुमार, दिव्या मिश्रा, एआरपी मुरारी लाल, अनुपम, गिरीश कौशिक, स्तुति पांडेय, देव कुमार, कपिल कुमार, सुनीता, देवेंद्र, तेजपाल, प्रकाश, जितेन्द्र, पूरन किशोर, संजय सिंह, महेश, प्रीती भटनागर, शुषेन्द्र मित्तल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन अमित कुमार अद्धभुत एवं संचालन मुकेश अग्रवाल एवं प्रीती सिंह ने किया।

14 करोड़ के नए पुल का उद्घाटन, सीएम योगी ने मजदूरों को पास बुलाकर खिंचवाई फोटो

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/05/2026

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के तारामंडल क्षेत्र में एक नए विकास कार्य की सौगात दी। उन्होंने वॉटर बॉडी के ऊपर ₹14 करोड़ से अधिक की लागत से बने दो-लेन ब्रिज का विधि-विधान से उद्घाटन किया।
​उद्घाटन के बाद जब मुख्यमंत्री ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी संवेदनशीलता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री की नज़र वहां दूर खड़े कुछ मजदूरों पर पड़ी। सीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रख तुरंत उन मजदूरों को अपने पास बुलाया और उनसे बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने उन श्रमजीवियों के सम्मान में उनके साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।

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