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पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

May 1, 2026

पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
30/04/2026

डीएसओ ने ऑयल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी

गोरखपुर। जनपद में पेट्रोल-डीजल की नियमित और निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जिले में पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
बैठक के दौरान डीएसओ ने निर्देश दिया कि सभी पेट्रोल पंप संचालक समय रहते ईंधन की आपूर्ति के लिए ऑर्डर बुक करें, ताकि स्टॉक खत्म होने की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी पंप पर ईंधन का स्तर कम होने लगे, तुरंत अगली खेप के लिए मांग दर्ज कराई जाए, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी पंप पर पेट्रोल या डीजल खत्म होना गंभीर लापरवाही माना जाएगा और ऐसी स्थिति में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित निगरानी और पंपों की स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए।
डीएसओ ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया, ताकि वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की बाधा न आए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को ईंधन के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।

बेमौसम बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ नाला

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
30/04/2026

नगर आयुक्त ने तत्काल मरम्मत और जांच के दिए आदेश

गोरखपुर। बेमौसम हुई तेज बारिश के बाद शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। गोलघर–कलेक्ट्रेट चौराहे पर नगर निगम द्वारा पीडब्ल्यूडी के माध्यम से बनवाया जा रहा नाला बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए, ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के दौरान ही निर्माण कार्यों की वास्तविक गुणवत्ता सामने आती है, ऐसे में जहां भी खामियां दिखाई दे रही हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के भी आदेश दिए गए हैं।
नगर आयुक्त ने लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि जिम्मेदारों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की सख्ती के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है और मरम्मत कार्य तेजी से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

डीएम दीपक मीणा ने विरासत गलियारा का किया सघन निरीक्षण

Santoah kumar Singh Gorakhpur
30/04(2026

व्यवस्थाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। बेमौसम बारिश के बाद शहर के विरासत गलियारा क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पाण्डेय हाता से धर्मशाला तक पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी, बिजली, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का बारीकी से आकलन किया और अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ड्रेनेज व्यवस्था पर विशेष फोकस करते हुए नालियों की सफाई, कनेक्टिविटी और ढलान को दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गलियों और मुख्य सड़कों की नालियों का स्तर संतुलित रखा जाए, जिससे जल निकासी बाधित न हो।
डीएम ने गलियों में नालों के ऊपर स्लैब (पटिया) लगाने के निर्देश भी दिए ताकि आम लोगों और व्यापारियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो। वहीं, कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट न होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल लाइट लगाने को कहा।
निरीक्षण के दौरान खराब और क्षतिग्रस्त सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी डीएम ने सख्ती दिखाई और उन्हें शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए कैमरे लगाने पर भी जोर दिया।
बिजली व्यवस्था को लेकर डीएम ने खुले में लटक रहे तारों को दुर्घटना के लिए खतरनाक बताते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर काम पूरा करने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, अपर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

चुनौती: बाराबंकी को अतिक्रमण मुक्त,जाम से निजात दिलाना

नवागत जिलाधिकारी के सामने होगी बडी चुनौती
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी। शहर की सड़को पर दिन पर दिन बढ़ते जा रहे अवैध अतिक्रमण से प्रतिदिन आमजन परेशान व बेहाल है। किसके कारण प्रायः शहर की सड़कों पर जाम लगा रहता है, जिससे निजात दिलाना नवागत जिलाधिकारी की प्रथम चुनौती होगी।
रेलवे स्टेशन से घंटाघर, तहसील से रामनगर तिराहा, धनोखर चौराहे से सतरिख नाका, छाया से पीरबटन, कोतवाली से धनोखर तक दुकानदारों के सड़क तक अवैध कब्जे, सड़क तक दुकान का फैला सामान तथा सड़क पर खडी गाडियां जाम का प्रमुख कारण होती है।
यातायात व्यवस्था सुधार के लिए जिलाधिकारी का पैदल मार्च
शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने हाल ही पटेल तिराहा, पुराना बस स्टैंड, छाया चौराहा, नेबलेट चौराहा तथा धनोखर क्षेत्र सहित जाम प्रभावित स्थानों का पैदल स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यातायात अवरोध के कारणों, सड़क किनारे अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन, वेंडिंग जोन की स्थिति तथा चौराहों पर यातायात दबाव की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व से लागू वन-वे व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए ।
छाया चौराहा एवं वेंडिंग जोन क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाम प्रभावित क्षेत्रों में सड़क किनारे संचालित प्रतिष्ठानों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर यातायात सुधार के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अतिक्रमण नियंत्रण, यातायात संकेतकों, पार्किंग प्रबंधन एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े बिंदुओं पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कंपनी बाग चौराहे से छाया तक दर्जनों चिकित्सकों के क्लीनिक हॉस्पिटल तथा पैथोलॉजी संचालित होती है, किंतु किसी के पास वाहन पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण छोटे-बड़े सभी वहां सड़कों पर खड़े रहते हैं जिसके कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं शहर में करीब एक दर्जन से अधिक मैरिज लान, लाज एवं गेस्ट हाउस मौजूद है । सहालक के समय शादी विवाह एवं अन्य उत्सव के समय इन मैरिज लानो के वाहन सड़कों पर ही खड़े होते हैं, और आवागमन ठप कर देते क्योंकि इन लोगों के पास वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर जाम से जूझता रहता और जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन व यातायात पुलिस कमीँ सब कुछ देख समझ कर भी अनदेखा कर देते हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर कभी-कभार नगर पालिका प्रशासन शहर में अतिक्रमण अभियान चलता है जो मात्र खानापूरी ही साबित होता। क्योंकि नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई हमेशा गरीब ठेला,गुमटी वालों तक ही सीमित रहती है। बड़े दुकानदारों पर कार्रवाई करने से कटराती है। जिसके कारण अतिक्रमण जस का तस बना रहता है।
शहर मे जाम का दूसरा कारण ऑटो व बैटरी रिक्शा है जिनका कोई रूट निर्धारित न होने के कारण यह हर चौराहा, गली पर खड़े रहते। इन ऑटो बैटरी रिक्शा का कोई स्टैंड ना होने के कारण यह लोग जहां मन करता है वही अपना रिक्शा खड़ा कर देते हैं।
नवागत जिलाधिकारी से शहर का आम नागरिक मांग करता है कि शहर में वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाए, सड़कों पर दुकानदारों के अवैध कब्जे हटाए जाए, ऑटो व बैट्री रिक्शा वालों का रूट निर्धारित कर इनका स्टैंड बनवाया जाए। तथा शहर में स्थित सभी मैरिज लान, गेस्ट हाउस, चिकित्सकों के क्लीनिक, पैथोलॉजी,अल्ट्रासाउंड सेंटर,व लाजो को नोटिस देकर वाहन पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं । तभी शहर को जाम से निजात मिलेगी।