विधायकों को संसदीय परंपराओं एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का देंगे संदेश
लखनऊ/पटना । बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित एवं वर्तमान सदस्यों के लिए गया जी स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित होने वाले दो दिवसीय ‘प्रबोधन कार्यक्रम’ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री सतीश महाना भी शामिल होंगे।
बिहार विधानसभा सचिवालय, लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) तथा बिहार सरकार के बिपार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को संपन्न होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना कार्यक्रम में विधायकों को संबोधित करते हुए संसदीय परंपराओं, सदन की गरिमा, विधायी प्रक्रियाओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे।
श्री महाना ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि संविधान की भावना, संसदीय मर्यादाओं और सदन की कार्यप्रणाली को गहराई से समझें। प्रबोधन जैसे कार्यक्रम विधायकों को न केवल विधायी कार्यों की जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रभावी जनसेवा के लिए भी प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति देने और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने का सर्वोच्च माध्यम है। सदन की गरिमा, अनुशासन और सकारात्मक चर्चा लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाती है।
प्रबोधन कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में विधायकों को सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल, विधायी प्रक्रिया, संसदीय शिष्टाचार, समितियों की भूमिका तथा जनप्रतिनिधि के रूप में उनके दायित्वों से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना द्वारा विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए किए गए नवाचारों—ई-विधान व्यवस्था, डिजिटल सुविधाओं और सदन की कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयासों को देशभर में सराहा गया है। उनके अनुभव इस प्रबोधन कार्यक्रम में भाग लेने वाले विधायकों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी होंगे।