ब्रातिस्लावा, आज ऐतिहासिक ब्रातिस्लावा महल में स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री रॉबर्ट फिको ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक स्वागत किया। आगमन पर उनका समारोहपूर्वक स्वागत किया गया।
दोनों नेताओं ने आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर बातचीत की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने का स्वागत किया, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत होने के साथ-साथ दोनों देशों के साझा मूल्यों और सदियों पुरानी मित्रता को दर्शाता है।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, असैनिक परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल नवाचार, अकादमिक आदान-प्रदान, संस्कृति और प्रतिभा के आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुपरकम्प्यूटरों जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं की भी पड़ताल की।
प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत को स्लोवाकिया द्वारा एकजुटता और समर्थन के लिए प्रधानमंत्री फिको को धन्यवाद दिया। यह आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने बहुपक्षवाद और वैश्विक शासन संस्थानों के सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
दोनों नेताओं ने हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के उत्साहजनक परिणामों पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने ऐतिहासिक भारत- यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल समापन और संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा को अपनाने का भी स्वागत किया, जो प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और भी अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वार्ता के बाद, डिजिटल प्रौद्योगिकी, श्रम प्रवासन, उच्च शिक्षा और अनुसंधान तथा ऑडियो-विजुअल के सृजन के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एक आशय पत्र का भी आदान-प्रदान हुआ। यह भी सहमति बनी कि भारत कोसिसे टेक्नीकल यूनिवर्सिटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रथम चेयर स्थापित करेगा।
प्रधानमंत्री श्री फिको ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने मेजबान को आपसी सहमति से तय की गई तारीख पर भारत आने का निमंत्रण दिया।
ब्रातिसस्लोवा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री फ़ित्सो के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
श्री मोदी ने कहा हमारे आत्मीयता भरे स्वागत के लिए मैं Prime Minister फ़ित्सो का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। वे अनुभवी लीडर होने के साथ-साथ भारत के सच्चे मित्र हैं। भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनकी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता का विशेष महत्व रहा है। मुझे खुशी है कि आज उनसे मिलकर, मुझे हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने का सुअवसर मिला।
मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को Comprehensive Partnership का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह हमारे साझा विश्वास, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है।
आज प्रधानमंत्री जी और मैंने हमारे सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा देने पर विस्तृत रूप से चर्चा की। हमारे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हो रही प्रगति हमारे लिए संतोष का विषय है।
लेकिन हमारी क्षमताएँ विशाल हैं। हमारी आकांक्षाएँ उससे भी बड़ी हैं। Automobile, रेल्वे, advanced manufacturing और green technologies हमारे लिए विशेष रुचि के क्षेत्र हैं। इन सभी विषयों में आज हमने अपनी ताकतों को जोड़कर दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
India-EU FTA को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए मैं प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करता हूँ। हम इसके जल्द से जल्द implementation के लिए काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप्स और traders इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
Technology हमारी भावी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है। Digital technology पर आज किए गए MOU से Digital Public Infrastructure में सहयोग की नई संभावनाएं बनेंगी।
मुझे खुशी है कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में AI के विषय पर India Chair स्थापित की जा रही है। AI मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने, यही हमारी साझा सोच है। हमारा मानना है कि AI का भविष्य केवल innovation से नहीं, बल्कि trust, responsibility और human dignity पर आधारित होना चाहिए।
हमारे बीच स्पेस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का बहुत बड़ा potential है। 2017 में स्लोवाकिया की पहली satellite भारत द्वारा लॉन्च की गई थी। आज भारत में स्पेस सेक्टर अभूतपूर्व गति से नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मैं स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूँ।
Civil Nuclear Energy भी दोनों देशों के लिए मुख्य प्राथमिकता का क्षेत्र है। हमने इस क्षेत्र में दोनों देशों की इंडस्ट्रीज़ और experts के बीच सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।
रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और strategic convergence का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने Letter of Intent sign किया। इससे joint development, joint production और defence industries के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।
वैश्विक मंच पर भी भारत और स्लोवाकिया करीबी सामंजस्य से आगे बढ़ रहे हैं। हम सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। हम सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।
हम इस बात पर भी सहमत हैं कि वैश्विक संस्थानों को इक्कीसवीं सदी की वास्तविकताओं और चुनौतियों के अनुरूप खुद को redefine करना होगा। इस विषय पर हम वैश्विक प्रयासों को सशक्त बनाने की दिशा में काम करेंगे।
दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और people-to-people ties हमारे संबंधों को मज़बूत आधार प्रदान करते हैं। भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग यहाँ की economy और society में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच professionals और skilled workers की mobility बढ़ाने के लिए आज हमने labour migration पर MOU की घोषणा की है। हम शीघ्र ही social security पर MOU को भी अंतिम स्वरूप देंगे।
आज की अत्यंत सार्थक चर्चा और भारत के लिए आपकी सकारात्मक सोच के लिए मैं एक बार फिर आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
मैं 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से आपको भारत आने का निमंत्रण देता हूँ। और मुझे ख़ुशी हैं की आपने सार्वजनिक रूप से भी इस निमंत्रण का स्वीकार किया है। हम आपका स्वागत करने के लिए बहुत ही उत्सुक हैं।
मुझे विश्वास है कि हमारी Comprehensive Partnership आने वाले वर्षों में नए अवसरों, साझा समृद्धि और हमारे लोगों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी।
ब्रातिस्लावा Bratislava, पीएम मोदी स्लोवाकिया slovakiya के ब्रातिस्लावा पहुंचे, जो भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने का अवसर प्रदान करती है। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते जुड़ाव और आपसी विकास एवं प्रगति के लिए साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ बैठकें करेंगे, जिनमें सहयोग को और विस्तार देने के तरीकों की समीक्षा और चर्चा की जाएगी
नीस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने संयुक्त रूप से भारत इनोवेट्स का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि हमने मिल कर नए विचारों को दिशा दी है और वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने का भरसक प्रयास किया हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में अलग-अलग देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, अलग-अलग देशों के बीच, स्ट्रेटीजिक पार्टनर्शिप्स भी होती हैं, लेकिन कुछ रिलेशन्स ऐसे होते हैं, जो शेयर्ड इंटरेस्ट्स के साथ-साथ, शेयर्ड विजन से भी ड्राइव होते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता कुछ ऐसा ही है।
इस रिश्ते में Connection भी है, Conviction भी है। इस रिश्ते में Innovation भी है, Inspiration भी है। इस रिश्ते में Shared Values भी हैं, Shared Vision भी है।
और इसी रिश्ते की नींव पर, बीते वर्षों में हमने साथ मिलकर नई पहलें शुरू की हैं।
चाहे International Solar Alliance हो, AI से जुड़ा संवाद हो, सिक्युरिटी से लेकर सस्टेनिबिलिटी तक हमारी साझेदारी हो। यानि ह्यूमेनिटी से जुड़ी चुनौतियों का सोल्यूशन देना हो, हम दोनों देश मिलकर चलें हैं।
इसी साल फरवरी में ही, India–France Year of Innovation की शुरुआत हुई है। और आज हमे बहुत खुशी है कि Bharat Innovates की शुरुआत भी, हम फ़्रांस के साथ कर रहें हैं।
मैं अपने मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों का इस अवसर पर यहां आने के लिए बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं। प्रेसिडेंट मैक्रों अभी भारत यात्रा के दौरान, आपने कहा था कि इस सदी की चुनौतियों के समाधान के लिए भारत और फ्रांस को एक साथ आगे आना होगा। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि ये initiative, उसी दिशा में एक कदम है।
भारत इनोवेट्स का ये मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को, यूरोपियन एक्स्पर्टीज़ से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है। इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। और हमारे नौजवानों के वर्ल्ड क्लास सोल्युशंस को ग्लोबल स्टेज पर लाने का माध्यम ही है भारत इनोवेट्स। IIT Delhi के बोर्ड के Chairperson मेरे मित्र हरीश सलवे जी ने इसके आयोजन मे बड़ा योगदान दिया है, और इसके लिए मैं उन्हें और पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई देता हूँ।
आज यहां इतनी बड़ी संख्या में यंग एंटरप्रेन्योर्स जुड़े हुए हैं। आपको यहाँ भारत के भविष्य की झलक दिखाई देती है। आपको भारत के युवाओं का आत्मविश्वास दिखाई देता है। आपको नए भारत की ऊर्जा दिखाई देती है।
एक ऐसा भारत, जो Solutions का Consumer नहीं Solutions का Contributor बनकर उभर रहा है। यहां कोई AI से गांवों का जीवन बदलने के लिए काम कर रहा है, कोई किसानों की मदद के लिए Satellite Technology का इस्तेमाल कर रहा है। कुछ युवा Smart Cities, Advanced Manufacturing और नए Materials से भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। कोई Green Hydrogen, Electric Mobility और Battery Technologies से एक सस्टेनबल फ्यूचर सुनिश्चित कर रहा है। और कुछ Start-ups Defence और Security के क्षेत्र में नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं।
आपके सामर्थ्य को देखते हुए मैं कहूंगा Bharat innovates with Scale and Speed. Bharat innovates for a Sustainable Future. And Bharat innovates for the whole World.
आज बहुत सारे VCs और इंडस्ट्री लीडर्स भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं। मैं उनके सामने विशेष तौर पर भारत से आए इन नौजवान साथियों की प्रशंसा करूंगा।
यहां जितने भी साथी आए हैं, उन्होंने पुराने रास्ते पर चलने की जगह, उसको छोड़ कर के, उन्होंने एक नयी जगह का रास्ता चुना हैं। एक नई लीक बनाई है। और यहां आप सबको 100 – 125 स्टार्टअप्स दिख रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसे 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स का मेगा पूल है। और अब ये सारे स्टार्टअप्स एक नई ऊर्जा के साथ भारत और वर्ल्ड इकॉनमी की ग्रोथ में कॉन्ट्रिब्यूट कर रहे हैं।
दुनिया के लिए ये डेकेड, डिसरप्शन और डेवलपमेंट, दोनों का है। संघर्षों और climate change के बढ़ते प्रभाव के बीच, विश्व एक अभूतपूर्व उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। लेकिन आज मानवता के सामने जो चुनौतियां ज़्यादा हैं, तो अवसर भी उतने ही ज़्यादा हैं।
Artificial Intelligence, Quantum Computing, Biotechnology, Space Technologies और Advanced Materials ये सभी ऐसी technologies हैं, जो मानवता के फ्यूचर को शेप करेंगे। ये ह्यूमेन सिविलाइजेशन के अगले चैप्टर हैं।
हर Technological Revolution, मानवता को एक नया अवसर देता है। और हर अवसर, एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आता है। आज दुनिया ऐसी Technologies की ओर देख रही है, जो Trusted हों, जो Inclusive हों, जो Human-Centric हों, और जिसका लक्ष्य ग्लोबल गुड का हो। और ऐसे समय में, भारत की प्रियॉरिटी है – Technology For Humanity, ह्युमेन सेंट्रिक इनोवेशन।
यही मंत्र हमारी डिजिटल रेवोल्यूशन का केंद्र रहा है। यही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी सार रहा है। हमारे AI विजन का भी मूल तत्व है – AI for All – सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। दिल्ली में आयोजित AI impact summit की थीम भी यही थी।
भारत ने दिखाया है कि इनोवेशन और इंक्लूजन एक दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि पूरक हैं। इसका मतलब है किसी भी Innovation की महानता केवल उसके valuation में नहीं होती। उसकी महानता उसके Human Impact में होती है।
यही Bharat Innovates की भावना है। यही भारत का दृष्टिकोण है। यहां मौजूद स्टार्ट अप जगत के साथ, आप सभी साथियों के लिए भी ये उतनी ही बड़ी प्रेरणा है।
Innovation is in India’s DNA. हजारों वर्षों से भारत ने अपने Knowledge और Innovation से दुनिया को नई दिशा दी है। Mathematics से लेकर Astronomy तक, Medicine से लेकर Yoga तक, भारत का योगदान सम्पूर्ण मानवता की प्रगति का आधार रहा है। आज हमने इसी विरासत को नई गति और नई दिशा दी है।
बीते 11-12 वर्षों में, भारत ने Innovation के लिए एक मजबूत Ecosystem तैयार किया है। पेटेंट फाइलिंग से लेकर इंक्यूबेशन नेटवर्क्स तक, स्टार्टअप इंडिया से लेकर पॉलिसी सपोर्ट तक, ये पूरी जर्नी एक Mission Mode में आगे बढ़ी है।
आज भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। लेकिन हमारी सोच केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। हमने Innovation को Grassroot Level तक पहुंचाने का काम किया है।
स्कूलों में Atal Tinkering Labs बनाए गए हैं, युवाओं को Hackathons और Innovation Challenges से जोड़ा जा रहा है, पूरे देश में Incubators और Research Institutions का विस्तार किया जा रहा है, और स्पेशली वीमेन इनोवेटर्स को हम ढेर सारी नई टेक्नॉलजी से जोड़ रहे हैं।
इन सब के कारण, भारत में बहुत बड़ी मात्रा में चेंज हुआ है। आज ड्रोन दीदी से लेकर, स्टार्टअप्स के फाउंडर बनने तक हमारी Women Power नई सक्सेज स्टोरीज़ लिख रहीं है।
नौजवानों की इसी एनर्जी को और आगे बढ़ाने के लिए, भारत के Defence Sector को भी Innovation के लिए खोला गया है। आज Defence और Space से जुड़े सैकड़ों Start-ups भारत में बहुत शानदार काम कर रहे हैं।
और हाल ही में, भारत ने Nuclear Energy Sector में भी महत्वपूर्ण Reforms किए हैं। इससे Clean Energy, Advanced Reactors और Frontier Research के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनने जा रही हैं।
यह reforms की एक्स्प्रेस, रुकेगी नहीं, लगातार चलती रहेगी। और भारत से निकलने वाले start-ups की संख्या भी कई गुना बढ़ती रहेगी।
एक दशक पहले तक, दुनिया भारत को टेक्नॉलॉजी adopter के रूप में देखती थी। आज भारत, technology provider के रूप में emerge हो रहा है। और भारत, जो भी इनोवेट करता है, जो भी solution देता है, उसका फायदा humanity के बहुत बड़े हिस्से को मिलता है। भारत इनोवेट्स, का भी यही लक्ष्य है।
Bharat Innovates is an invitation to the world to co-create the next chapter of global innovation with India.
मैं अगले तीन दिनों में आपके सेशन्स और Discussions के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। हम Partnership चाहते हैं। हम Co-development चाहते हैं। हम Joint Research चाहते हैं। हम Shared Manufacturing चाहते हैं। और हम Long-term Collaboration चाहते हैं।
मैं आज यहां मौजूद हर Investor, हर University, हर Research Institution, और हर Entrepreneur को बहुत आग्रहपूर्वक आमंत्रित करता हूं। आप भारत आइए। हमारे साथ मिलकर काम करिए। भारत में Design कीजिए। भारत में Develop कीजिए। और दुनिया के लिए Solutions तैयार कीजिए।
नीस (पेरिस), प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 जून 2026 को नीस के विला केर्लियोस में फ्रांस के राष्ट्रपति श्री इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस वर्ष की शुरुआत में भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक थी।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया तथा रक्षा प्लेटफॉर्मों और उन्नत तकनीकों के सह-डिज़ाइन, सह-विकास और सह-उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हुए इसे और अधिक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया और मानव अंतरिक्ष उड़ान तथा अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र के सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में, उन्होंने कहा कि भारत का शांति अधिनियम छोटे और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों सहित सहयोग के लिए नए अवसर पैदा करता है।
‘हॉराइजन 2047 रोडमैप’ के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए, दोनों नेताओं ने आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार, टैलेंट मोबिलिटी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिए ठोस विचार भी साझा किए। इस संदर्भ में, उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि का उल्लेख किया और इसे पांच वर्षों में दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने का आह्वान किया, जो द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। नेताओं ने लघु एवं मध्यम उद्यम, विमानन और रेलवे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने कानपुर में एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए ‘उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने के समझौते का स्वागत किया। आर्थिक सुरक्षा पर संवाद शुरू करने का स्वागत करते हुए, दोनों नेताओं ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
द्विपक्षीय संबंधों में नवाचार और प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस साझेदारी को दीर्घकालिक दिशा देने के लिए “नवाचार रोडमैप 2030” को अपनाया। दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की और इस उद्देश्य के लिए एक संयुक्त भारत-फ्रांस एआई वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के नेताओं द्वारा नीस में संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन और प्रधानमंत्री की पेरिस में ‘विवाटेक’ में आगामी भागीदारी ने डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत किया है। दोनों नेताओं ने फ्रांस में यूपीआई के बढ़ते उपयोग और दोनों देशों के नवाचार इकोसिस्टम के संस्थानों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर की सराहना की।
दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने फ्रांसीसी हवाई अड्डों पर भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांज़िट की सुविधा को शीघ्र लागू करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच प्रतिभाओं व छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ाने और शैक्षणिक योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता देने के दायरे को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति के तहत फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर सहित संग्रहालयों और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन की स्थिति सहित वैश्विक महत्व के मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने एवियन में आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उत्सुकता व्यक्त की और शिखर सम्मेलन से पहले भारत को महत्वपूर्ण चर्चाओं में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया।
दोनों नेताओं ने दोहराया कि भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के लोगों के लिए अवसर पैदा करने और अंतर्राष्ट्रीय शांति, स्थिरता व समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों ने फ्रांसीसी कलाकारों श्री थिबॉल्ट डे ला लांस और श्री थियोफिल डे बाशर द्वारा भारत के जयपुर में 10-दिवसीय कला आवास कार्यक्रम के दौरान निर्मित कलाकृतियों का भी अवलोकन किया। कलाकारों ने भारतीय विरासत और सौंदर्य-बोध से प्रेरणा ली, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी कलाकृतियां बनीं जो भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संगम को दर्शाती हैं।
वार्ता के बाद, राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया।