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महाराष्ट्र में निजी क्षेत्र के परमाणु बिजली घर लगेंगे

May 20, 2026

महाराष्ट्र में निजी क्षेत्र के परमाणु बिजली घर लगेंगे

मुंबई, 20 मई 2026, महाराष्ट्र सरकार ने साढे़ 6 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मुंबई स्थित राज्य सचिवालय में हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की। श्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ऊर्जा-समृद्ध राष्ट्र बनाने और कार्बन उत्सर्जन को शून्य तक सीमित करने के लक्ष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह निवेश न केवल राज्य में बिजली उत्पादन को बढ़ावा देगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अडानी पावर लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन-एनटीपीसी लिमिटेड के साथ समझौते किए गए। इन परियोजनाओं से 25 हजार 400 मेगावाट बिजली उत्पन्न होने और राज्य में एक लाख 23 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

 

May 19, 2026

पांच साल में बस्तर की आय 6 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है:अमित शाह

Amit Shah Home Minister

Posted on 19.05.2026 Time 10.55 PM

  • केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया
  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सरेंडर नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर जोर दिया; कहा जो विक्टिम थे, उनका सिस्टम में सम्मान के साथ जीने का पूरा हक है
  • बस्तर आने वाले 6 महीनों में सहकारी डेयरी के विशाल नेटवर्क के रूप में उभरेगा, प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय एवं एक भैंस प्रदान की जाएगी
  • बस्तर में नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे, इनमें से एक-तिहाई कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर डेरा में परिवर्तित किया जाएगा
  • “सेवा डेरा” मॉडल के जरिए गांव के दरवाजे तक सरकार पहुंचाने की तैयारी, एक-एक सरकारी योजना का 100% सैचुरेशन ही विकसित बस्तर बनाएगा
  • नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी भेष और नाम बदलकर पुनः प्रकट होंगे – किसी के बहकावे में न आएँ

रायपुर, 19 मई 2016, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में हमारी पार्टी की सरकार श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में बनी उस वक्त केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की। श्री शाह ने कहा कि 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण 31 मार्च, 2026 की जो तिथि तय हुई थी, उससे पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है।

उन्होंने कहा कि 19 मई 2026 की तिथि का भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि जब से नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, इसके पक्षधर बुद्धिजीवी लोग यह कहते थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया है कि कुछ क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं थी क्योंकि देश के कई हिस्से ऐसे थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और वो सभी क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की ओर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा बस्तर और कई नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र विकसित नहीं हो सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को उसी पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल ही ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है। बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप (लगभग एक-तिहाई) को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे। सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है।

इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा। एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले। श्री शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, डेयरी भी बनेगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी। श्री शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे। आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं

श्री शाह ने कहा कि पहले यहां बंदूक के संगीन के साए थे, वहां अब विकास पहुंच जाएगा। अब तक नक्सलवादियों के कारण ये पूरा क्षेत्र विकास से महरूम रह गया था। न उन्हें राशन कार्ड मिला, न मुफ्त अनाज की योजना का फायदा मिला, न 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला, न उनकी उपज को ₹3100 क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था की गई। रोजगार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था, न गांव में बिजली पहुंची, न पानी पहुंचा और न स्कूल बने। उन्होंने कहा कि ये सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से हम पूरे बस्तर में करने जा रहे हैं और शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा नक्सल प्रभावित बस्तर को नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां की वन उपज को कोऑपरेटिव तरीके से प्रोसेस कर इसका पूरा मुनाफा भी हम आदिवासियों तक पहुंचाएंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बस्तर के विकास के लिए कई काम किए हैं। हमने 20557 करोड़ रूपए की लागत से 12211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा कर दिया है, कुल 13000 मोबाइल टावर की प्लानिंग की है, जिनमें से 5000 मोबाइल टावर देशभर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लग भी चुके हैं। 1804 बैंक शाखाएं खुली हैं, 1321 एटीएम खुल चुके हैं और 890 पोस्ट ऑफिस खोलने का काम भी समाप्त हो चुका है। 259 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले हैं, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुल चुके हैं और 90000 से ज्यादा युवाओं और महिलाओं की स्किलिंग का काम हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त हुए बस्तर सहित पूरे देश के आदिवासी क्षेत्रों के विकास की एक कार्ययोजना भारत सरकार ने बनाई है। इस योजना के तहत विकास की योजनाओं का संपूर्ण सैचुरेशन और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था, युवा और महिलाओं के भविष्योन्मुखी सशक्तिकरण का वैज्ञानिक कार्यक्रम और जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए और आगे बढ़ाते हुए यहां की संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने यहां बस्तर पंडुम की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने प्रेरणा दी थी कि आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए भी पुरुषार्थ किया जाए और योजना बनाई जाए। बस्तर पंडुम के अंतर्गत आदिवासी नृत्य, गीत, भाषा, वेशभूषा, व्यंजन आदि को एक बड़ा मंच दिया गया है। एक साल पहले 45000 लोगों ने बस्तर पंडुम में हिस्सा लेकर इन सभी गतिविधियों को आगे बढ़ाया है। इसी प्रकार दो बस्तर ओलंपिक आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें से एक दल पुनर्वास स्वीकार करने वाले हमारे पूर्व नक्सल भाइयों बहनों का भी था और सबसे अच्छा परफॉर्मेंस भी उन्होंने ही किया था। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी पूरे नक्सल मुक्त क्षेत्र के लिए संदेश देना चाहते हैं कि हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक मूल्य, परस्पर सहयोग और विकास की अवधारणा ही व्यक्ति के विकास का आधार बन सकते हैं। हिंसा से किसी का विकास नहीं हो सकता, न व्यक्ति का, न गांव का और न क्षेत्र का। नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, उस भ्रांति को दूर करने का काम शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा करेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब ये क्षेत्र पूरा विकसित हो जाएगा, तब यहां से दुनियाभर में संदेश जाएगा कि यहां स्कूल इसलिए नहीं बने क्योंकि नक्सलियों ने स्कूल तोड़े थे, सड़कें इसलिए नहीं बनी क्योंकि नक्सलियों ने विघ्न डाला था, अस्पताल इसलिए नहीं चले क्योंकि नक्सलियों ने अस्पताल के कर्मियों को मार डाला था और और यहां बैंक इसलिए नहीं आए क्योंकि नक्सलियों ने बैंकों को लूटकर बंद कराने का काम किया था। श्री शाह ने कहा कि बस्तर का शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा का प्रयोग देशभर में हथियार लेकर विकास का रास्ता तराश रहे लोगों के सामने विकास का लोकतांत्रिक मॉडल प्रस्तुत करेगा।

श्री अमित शाह ने बस्तर के सभी नागरिकों को भारत सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से विश्वास दिलाते हुए कहा कि अब भय से जीने की जरूरत नहीं है, यहां नया सूर्योदय हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी युवा और महिलाएं विश्वास के साथ आगे बढ़ें, भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आज पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर विकसित क्षेत्र बनने जा रहा है तब बस्तर की जनता को आगाह रहना चाहिए क्योंकि बंदूक लेकर बस्तर को बर्बाद करने वाले माओवादी विचारधारा से प्रेरित लोग भेष बदलकर आएंगे, लेकिन आपको किसी के बहकावे में नहीं आना है। श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार दोनों जनता की चुनी हुई सरकार हैं और लोकतांत्रिक तरीके से पूरे बस्तर का विकास करेंगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर इस क्षेत्र को पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनाने के लिए कटिबद्ध है और आने वाले 5 साल में ही बस्तर पूरे देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनेगा और बस्तर की आय में 6 गुना वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संपूर्ण यश अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिजनों को जाता है।

May 18, 2026

तम्बाकू पर कर घटाने की चंद्र बाबू नायडू की मांग

Chandra Babu Naidu

विजयवाडा, 18 में 2026, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल को पत्र लिखकर तंबाकू किसानों की समस्याओं का उल्लेख किया है। श्री नायडू ने पत्र में बताया कि सिगरेट पर संशोधित कर नीति के लागू होने के बाद फ्लू-क्योर वर्जीनिया तंबाकू की खेती करने वाले किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सिगरेट पर जीएसटी 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत हो जाने के कारण उत्पाद शुल्क में भी वृद्धि हुई है।

श्री नायडू ने कहा कि जीएसटी, उत्पाद शुल्क और राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क के कारण कर का बोझ बढ़ा है और बाजार में सिगरेट की खरीद में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण निर्यातकों को भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। श्री नायडू ने सरकार से तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा करने और बाजार को स्थिर करने के लिए कर संरचना और उत्पाद शुल्क नीति की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम ने लखीमपुर दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली, 18 मई 2026, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुए सड़क हादसे में हुई जानमाल की हानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ने इस हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति मुर्मू ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उपराष्ट्रपति ने भी शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।

केरल: महिलाओं को मुफ्त यात्रा की यूडीएफ की सौगात

त्रिअनंतपुरम, 18 मई 2026, केरल में, यूडीएफ सरकार ने राज्य परिवहन की बसों में महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी। वे अपनी कैबिनेट की पहली बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

कैबिनेट की बैठक में लिए गए अन्‍य निर्णयों में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों और रसोइया कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करना शामिल है। राज्‍य में नई विधानसभा का सत्र इस महीने की 21 तारीख को आयोजित किया जाएगा जिसमें नए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी और अध्यक्ष का चुनाव होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले साल अलापुझा जिले में पूर्व मुख्यमंत्री के रक्षकों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हमले के आरोपों की फिर से: जांच के लिए एक विशेष दल का गठन किया जाएगा। श्री वी डी सतीशन ने कहा कि यह निर्णय राजनीतिक प्रतिशोध नहीं है।

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