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श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण: हिंदू समाज धैर्य और संयम बनाए रखे

July 3, 2026

श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण: हिंदू समाज धैर्य और संयम बनाए रखे

RSS news Posted on 03.07.2026, Time 09.49 PM Friday, Dattatreya Hosbale

नई दिल्ली, 03 जुलाई 2025, श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है।

अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुँचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जाँच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर क़ानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की है। जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मान कर गंभीरता से व्यवस्था एवं संचालन की सभी कमियों को दूर करने हेतु परिणामकारक कदम उठाए ताकि अयोध्या मंदिर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था व श्रद्धा अखंड एवं अटूट बनी रहे। वर्तमान भ्रम और असमंजस की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। इस दृष्टि से हमारी अपेक्षा है कि सभी आवश्यक पहल मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जाँच दल करेंगे। हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन हेतु निर्दोष पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाये रखेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे।

July 1, 2026

यूपीटीईटी-2026 की परीक्षा 2 से 4 जुलाई तक

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UP TET Exam News, Posted on 01.07.2026, Time 09.57 PM, Lucknow

60 जनपदों के 955 केंद्रों पर 19.94 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

एआई सीसीटीवी और इंटीग्रेटेड कमांड रूम से होगी निगरानी, परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू

पारदर्शी, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण परीक्षा के लिए आयोग कृत संकल्पित

लखनऊ, 01 जुलाई 2026, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी-2026) की लिखित परीक्षा 02 व 03 जुलाई 2026 को दो-दो पालियों तथा 04 जुलाई 2026 को एक पाली, इस प्रकार कुल 05 पालियों में प्रदेश के 60 जनपदों में 955 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। इस परीक्षा में कुल 19,94,661 पंजीकृत परीक्षार्थी प्रतिभाग करेंगे।

आयोग के अनुसार 02 जुलाई की दोनों पालियों एवं 03 जुलाई की प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी, जबकि 03 जुलाई की द्वितीय पाली एवं 04 जुलाई की प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार (सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, उ.प्र.) ने बताया कि सभी 60 जनपदों के 955 परीक्षा केंद्रों पर तैयारियों की गहन समीक्षा कर ली गई है। सभी केंद्रों पर परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण हिस्सों को एआई सीसीटीवी से आच्छादित कर जनपद के कंट्रोल रूम तथा आयोग में स्थापित अत्याधुनिक एआई कैमरों से लैस इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। आयोग के कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण कर लिया गया है।

आयोग स्तर से प्रत्येक जनपद के लिए एक-एक सदस्य, सेवानिवृत्त आईएएस व सेवानिवृत्त आईपीएस को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया है, जो अपने आवंटित जनपद में पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुके हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण तथा उनकी निगरानी टीमों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर लगातार भ्रमण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा केंद्रों पर पर्याप्त फोर्स की तैनाती की जा रही है। संदिग्ध व असामाजिक तत्वों पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है।

अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नकल कराने अथवा परीक्षा की शुचिता व गोपनीयता को प्रभावित करने वाले व्यक्ति, संस्था या संबंधित के विरुद्ध उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों द्वारा किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन आदि का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा आगमन, प्रवास व प्रस्थान के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आकस्मिक स्थिति हेतु समुचित सुरक्षा एवं चिकित्सीय प्रबंध के निर्देश भी शासन द्वारा दिए गए हैं।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तथा प्रवेश पत्र में मुद्रित निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें। शासन के निर्देशों के अनुरूप केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उनके हित में सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी अफवाह अथवा बहकावे में न आएं और सूचनाओं की पुष्टि आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in एवं ‘X’ हैंडल @upesscprayagraj से कर लें।

अध्यक्ष ने कहा कि शासन एवं आयोग इस परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष तथा शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

June 28, 2026

प्रधानमंत्री को राष्‍ट्रपति के विशेष सम्‍मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया गया

Posted Date:- Jun 28, 2026

सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को आज राष्ट्रपति के विशेष सम्मान – ‘गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उनके हरित नेतृत्व, विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने के प्रयासों और नीली अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन और लघु द्वीप विकासशील राज्यों की विकासात्मक आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया है। यह पहली बार है जब यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रतिबद्ध सभी देशों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उनकी विशेष मित्रता को और मजबूत करने में सहायक होगा। यह सम्मान प्रधानमंत्री की हरित ग्रह के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), एक पेड़ मां के नाम, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस- को स्‍वीकार करता है। यह सम्मान प्रधानमंत्री को सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए दिए गए कई पुरस्कारों- एफएओ द्वारा दिया गया एग्रीकोला मेडल, सियोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ में से एक है।

यह सम्मान हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता विकास, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास की पहलों और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका को सेशेल्स द्वारा दिए जाने वाले महत्व को दर्शाता है।

सरकार भारत में ग्रीन यूरिया उत्पादन का सपना साकार करने की रूपरेखा तैयार कर रही है

प्रविष्टि तिथि: 26 JUN 2026 2:13PM by PIB Delhi

नई दिल्ली। सरकार ने सतत कृषि, कार्बन तटस्थता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस संबंध में उर्वरक विभाग ने भारत के पीडीआईएल में ग्रीन यूरिया प्लांट लगाने के लिए उच्च-स्तरीय ‘प्री-एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (ईओआई) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता डॉ. के.के. पाठक – संयुक्त सचिव (उर्वरक विभाग) ने की, जो पीडीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में, उर्वरक विभाग ने भारत में ग्रीन यूरिया प्लांट लगाने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ -ईओआई) के लिए निमंत्रण जारी किया था। पीडीआईएल मुख्यालय, नोएडा में आयोजित प्री-ईओआई बैठक ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के कई हितधारकों के लिए बेहतरीन मंच प्रदान किया। इनमें एनटीपीसी, भारतीय सौर ऊर्जा निगम, अमोनिया-यूरिया टेक्नोलॉजी सप्लायर्स, प्रमुख भारतीय उर्वरक कंपनियां और इलेक्ट्रोलाइज़र, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया बनाने वाली कंपनियां शामिल थीं। पूरी वैल्यू चेन से संभावित कंपनियों की बड़ी संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इसमें शामिल सभी लोग इस पहल को निकट भविष्य में हकीकत बनाने के लिए कितने उत्सुक हैं।

नीति और परिचालन संबंधी मुख्य बातें

1. मंत्रालयों के बीच समन्वित सरकारी सहयोग: चर्चाओं में ग्रीन प्रोडक्शन को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए कई मंत्रालयों से मिलने वाले वित्तीय आवंटन पर ज़ोर दिया गया। बड़े स्तर पर फंडिंग की प्रतिबद्धताओं में ये शामिल हैं:

  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय: महत्वपूर्ण ग्रीन ऊर्जा अवसंरचना को तेज़ी से बढ़ाने और भारत की स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी को मज़बूत करने के लिए ₹19,744 करोड़।
  • उर्वरक विभाग: ग्रीन अमोनिया को राष्ट्रीय उर्वरक निर्माण शृंखला में आसानी से शामिल करने के लिए संस्थागत और बाज़ार-समानता ढांचा तैयार करने का काम सौंपा गया।

2. अलगअलग कीमत मैकेनिज़्म के ज़रिए निर्माताओं की सुरक्षा: लागत की चुनौतियों से निपटने और स्थानीय उर्वरक इकाइयों की सुरक्षा के लिए, मज़बूत ‘ऑफटेकर-साइड डिफरेंशियल प्राइसिंग मैकेनिज़्म’ (खरीददार-पक्ष की अलग-अलग कीमत व्यवस्था) की रूपरेखा तैयार की गई:

  • चुनौती: पारंपरिक ग्रे अमोनिया की तुलना में ग्रीन अमोनिया के उत्पादन में अभी ज़्यादा लागत आती है, जिससे बिना मदद के ग्रीन यूरिया प्रतिस्पर्धी नहीं रह पाता।
  • समाधान: भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) ने उत्पादकों से ग्रीन अमोनिया खरीदने के लिए निविदा पहले ही जारी कर दी हैं। इसे घरेलू उर्वरक कंपनियों को स्टैंडर्ड मार्केट-लिंक्ड ग्रे अमोनिया की कीमतों (Platts और Argus इंडेक्स के दो हफ़्ते के औसत, साथ ही सीमा शुल्क और स्थानीय परिवहन  लागत के आधार पर) पर सप्लाई किया जाएगा। ग्रीन यूरिया के लिए भी कुछ इसी तरह के सिस्टम पर विचार किया जा सकता है।

3. धीरेधीरे कम होने वाली मदद के साथ उत्पादकपक्ष के लिए प्रोत्साहन: निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, एनजीएचएम (ग्रीन अमोनिया मोड 2A) के तहत प्रत्यक्ष वित्तीय प्रोत्साहन योजना का विवरण दिया गया। एसईसीआई द्वारा प्रबंधित पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी ई-रिवर्स नीलामी के ज़रिए कुल 7.24 लाख एमटी/वर्ष ग्रीन अमोनिया की खरीद का लक्ष्य तय किया जाएगा। परियोजना के स्पष्ट चरणों में मदद दी जाएगी:

  • विकास चरण: नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं या निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए।
  • परिचालन चरण: वाणिज्यिक आपूर्ति की तारीख से नकद प्रोत्साहन शुरू होंगे।
  • दीर्घावधि निश्चितता: एक बाध्यकारी निश्चित समझौते (GAPA/GASA) के ज़रिए 10 वर्ष की अवधि के लिए लाभ सुरक्षित किए जाते हैं, जिससे डेवलपर्स को बाज़ार में मज़बूत भरोसा मिलता है।

तकनीकी आधार: पुदिमाडाका 150 TPD पायलट प्लांट

बातचीत में तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी ध्यान दिया गया, जिसमें आंध्र प्रदेश के पुदिमाडाका में स्थित 150 TPD ग्रीन यूरिया पायलट प्लांट को बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल किया गया। इस प्लांट को एनईटीआरए (एनटीपीसी की अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ) ने विकसित किया है। यह सुविधा एडवांस्ड कार्बन कैप्चर और यूटिलाइज़ेशन (सीसीयूएस) सिस्टम को वॉटर इलेक्ट्रोलेसिस के साथ जोड़ने का उदाहरण पेश करती है। इससे कार्बोनेटेड फ्लाई ऐश, फूड-ग्रेड मटीरियल और सिंथेटिक फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है।

यह पहल कार्बन-न्यूट्रल फर्टिलाइज़र प्रोडक्शन, तकनीकी आत्मनिर्भरता और भारतीय कृषि के लिए हरित भविष्य की दिशा में सोच-समझकर उठाया गया और अच्छी तरह से तैयार किया गया कदम है।

June 27, 2026

मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने की चंपतराय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्रों की पुष्टि

Champat Rai anil Mishra

Posted on 27.06.2026 Saturday Time 08.12 PM, Ayodhya, Ram Janmbhumi Mandir, Champatrai, Dr Anil Mishra

लखनऊ, 27 जून 2026, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और सदस्य ट्रस्ट डा अनिल मिश्रा के त्यागपत्र की पुष्टि हो गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने त्यागपत्र की पुष्टि की है।

स्वामी गिरी जी ने बताया है कि दोनों के त्यागपत्र ट्रस्ट को प्राप्त हो गए हैं। इनपर आगामी बैठक में विचार किया जाएगा। अर्थात त्यागपत्र स्वीकृत होंगे या अस्वीकृत यह निर्णय ट्रस्ट लेगा। स्वामी जी का लिखित वक्तव्य जारी हुआ है।

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