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Lucknow Breaking: कोचिंग में आग से 15 स्टूडेंट की मृत्यु, 9 घायल

June 22, 2026

Lucknow Breaking: कोचिंग में आग से 15 स्टूडेंट की मृत्यु, 9 घायल

Posted on 22.06.2026 Monday, Time 06.31 PM, Lucknow City Fire

लखनऊ, 22 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा). राजधानी के अलीगंज स्थित एक कोचिंग में आग से 15 छात्र छात्राओं की मृत्यु हो गई है। नौ घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ से दौरा रद्द करके वापस लौट रहे है।

घटना में कई छात्र आग में बुरी तरह से फैन गए थे। कुछ छात्र खिड़कियों से नीचे कूद गए। इससे वे घायल ही गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने 10 छात्रों को आग से बचाने में सफलता प्राप्त की है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तत्काल मौके पर पहुंचे और व्यवस्थातो को देखा।

Lucknow coaching fireमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना स्थल पर पहुंच गए है। उन्होंने घटना स्थल का दौरा किया और घटना की स्थिति में बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया है। वे केजीएमयू पहुंच कर घायलों से मिल रहे है।

लखनऊ अग्निकांड: मृतक और घायलों की सूची

मृतक:

1. सागर
2. नीतेश
3. अनामिका
4. संयम
5. अनुशा
6. सुकन्या
7. आदित्य श्रीवास्तव
8. ज्योति
9. भविष्य
10. अब्दुल रहमान
11. सूरज शाह
12. माहजान
13. जयनिल चक्रवर्ती
14. मोहम्मद अमार
15. सुमल्या

घायल:

1. जयंत
2. लवप्रीत
3. मोहम्मद आसिफ
4. भुवन श्रीवास्तव
5. पंकज
6. शैलेन्द्र
7. अभिषेक
8. पंकज जोशी
9. गौरव कुमार

छोटे भाई ने की भाई-भाभी और भतीजे की हत्या

Posted on 22/06/2026
Time 08:24 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

बांसगांव में दिल दहलाने वाली घटना,
​गोरखपुर : 22 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) ​उत्तर प्रदेश , गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र में आज तड़के हुई एक वीभत्स घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। आज सुबह लगभग 3:00 बजे 112 नंबर पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने एक घर से एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव बरामद किए हैं।

​मृतकों की पहचान अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना गुप्ता और उनके 3 वर्षीय पुत्र रेयांश गुप्ता के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। जांच में पाया गया कि तीनों की हत्या एक बंद कमरे के भीतर की गई थी।

​प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतक अमित गुप्ता का छोटा भाई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर ‘आला-ए-कत्ल’ (हत्या में प्रयुक्त हथियार) भी बरामद कर लिया गया है।

​इस मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना बांसगांव में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में पूरी तरह शांति है।

​फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर मामले की गहन विवेचना कर रही है ताकि घटना के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। ​

June 21, 2026

Mathura विधायक के काफिले की कार दुर्घटनाग्रस्त, दरोगा की मृत्यु

Posted on 21.06.2026 Sunday Time 07.27 PM, Mathura Vrandavan News
यमुना एक्सप्रेस-वे पर विधायक राजेश चौधरी के सुरक्षा काफिले की गाड़ी हादसे का शिकार, दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौत
मथुरा, 21 जून 2026,  मांट से भाजपा विधायक राजेश चौधरी के सुरक्षा काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी रविवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में विधायक के गनर एवं दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार विधायक राजेश चौधरी जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान जेवर एयरपोर्ट के निकट नए फ्लाईओवर के पास गलत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने एस्कॉर्ट वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एस्कॉर्ट वाहन डिवाइडर से जा टकराया और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद विधायक राजेश चौधरी ने स्वयं वाहन रुकवाकर स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को बाहर निकलवाया तथा मृतक दरोगा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सूचना मिलते ही पुलिस एवं एक्सप्रेस-वे की राहत टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण डंपर का रॉन्ग साइड से आना बताया जा रहा है। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे से पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक दरोगा राजेंद्र सिंह यादव के निधन पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

June 20, 2026

भारत तब विकसित होगा, जब उ0प्र0 विकसित होगा: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ को सम्बोधित किया
पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब मूर्त
रूप ले चुका, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा
झांसी, 20 जून, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश में सबसे अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया है। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब झांसी समेत प्रदेश के सभी जनपद विकसित होंगे। झांसी तब विकसित होगा, जब प्रत्येक ग्राम पंचायत व नगर निकाय आत्मनिर्भर व विकसित होंगे। क्रान्ति की इस धरा पर विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास सर्वसमावेशी होना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ मंत्र देशवासियों को दिया था। जब 140 करोड़ भारतवासियों का विश्वास व प्रयास जुड़ेगा तथा कार्ययोजना बनेगी, तो विकसित भारत बनने में देर नहीं लगेगी। सबके सामूहिक प्रयास से ही अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मन्दिर बना। यह नये व भव्य भारत का राष्ट्र मन्दिर है। यह नये भारत के निर्माण की शुरूआत भी है।
मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2022 में जब दुनिया इस सदी की सबसे बड़ी महामारी से जूझ रही थी, तब प्रधानमंत्री जी देशवासियों को आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना व विकसित भारत संकल्प से जोड़ रहे थे। उन्होंने देशवासियों से पंचप्रण अपनाने की बात कही थी। इनमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, देश के शहीदों, सेना के जवानों व वर्दीधारी फोर्स का सम्मान, सामाजिक एकता के लिए कार्य करना तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करना सम्मिलित है। दुनिया में वही विकसित हुआ है, जो अपने बल पर कार्ययोजना तैयार कर आगे बढ़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से कोई व्यक्ति स्वावलम्बी नहीं हो सकता। आत्मनिर्भरता के लिए गुलामी की मानसिकता दूर करना तथा अपनी विरासत का सम्मान करना आवश्यक है। भारत अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रहा है। हम इसलिए चैन से सोते हैं, क्योंकि हमारे सैनिक माइनस टेम्परेचर में सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। पैरामिलिट्री का जवान नक्सल क्षेत्र में मजबूती के साथ कार्य कर रहा है। पुलिस के जवान सजगता से पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इन सभी के प्रति हमारे मन में सम्मान का भाव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। जो जिस क्षेत्र में है, उसे उस क्षेत्र में ईमानदारीपूर्वक कार्य करना चाहिए। एक शिक्षक राष्ट्र निर्माण के योग्य नागरिक का निर्माण कर सके, इस उद्देश्य से उसे अपने शिक्षण कार्य को पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना चाहिए। व्यापारी को उपभोक्ता के प्रति ईमानदारी से अपना कर्तव्य निर्वहन करना चाहिए। वह कालाबाजारी तथा वस्तुओं के दाम में अनावश्यक वृद्धि न होने दे। समय पर टैक्स जमा करे, यह उसका नागरिक कर्तव्य है। किसान समय पर बीज बोकर समाज का पेट भरने के लिए कृषि कार्य ईमानदारी से करे। यह उसका नागरिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जो यात्रा प्रारम्भ की, इसके परिणामस्वरूप आज भारत की गिनती दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था में होती है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। यह दुनिया में सर्वाधिक तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतरीन हुआ है। यहां की रोड कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हुई है। रेलवे तथा एयर कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो गयी है। नमो भारत, वंदे भारत तथा अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर बनने से बुन्देलखण्ड का युवा केवल रोजगार ही नहीं प्राप्त करेगा, बल्कि यहां बनने वाली तोप और मिसाइल से दुश्मन थर्रा उठेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया में ब्रह्मोस की ताकत देखी है। यह प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत’ विजन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़ में तेजी के साथ विकसित किया जा रहा है। इसमें 37 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हुए हैं। हजारों युवाओं को नौकरी मिल रही है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब यह मूर्त रूप ले चुका है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा है। बीडा भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है। बुन्देलखण्ड में फार्मा पार्क का सपना भी साकार हो रहा है। यहां मेडिकल कॉलेजों का संजाल बिछाया जा रहा है। झांसी, जालौन और ललितपुर में एक-एक मेडिकल कॉलेज बन चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता हम पर इसलिए हावी हो गए, क्योंकि हम जाति, भाषा, क्षेत्र तथा सम्प्रदाय के नाम पर विभाजित थे। हमारी निष्ठा देश व सनातन धर्म के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की जाति के लिए थी। परिणामस्वरूप विदेशी आक्रांता हमें विभाजित कर हम पर राज करते थे। इसलिए हमें एकता पर बल देना चाहिए। जो समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं, वह समाज के दुश्मन हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले भारत के विकसित बनने के लिए पर्याप्त संसाधन थे। आज से 02 हजार पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में जितन धन-धान्य, वैभव तथा समृद्धि थी, उसमें भारत की 44 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। भारत में स्थित तक्षशिला दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय था। वह वृहत्तर भारत के हिस्से में था, दुर्भाग्य से पाकिस्तान में चला गया। कालान्तर में नालंदा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापित हुए। देश के अलग-अलग स्थानों पर अन्य विश्वविद्यालय भी स्थापित हुए। काशी, पश्चिम बंगाल स्थित नवलदीप, दक्षिण भारत में कांची तथा मध्य भारत में उज्जैन ज्ञान की धरोहर थे। देश में स्थित कुम्भ के 04 क्षेत्र परस्पर ज्ञान के आदान-प्रदान, विद्वान व ऋषि परम्परा की भूमि थे। यह केवल स्नान के माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान की धाराओं को आपस में जोड़ने तथा उनके आदान-प्रदान का माध्यम थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 400 वर्ष पूर्व तक विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी। सन् 1950 तक आते-आते यह हिस्सा मात्र 02 प्रतिशत रह गया था। मुगलों व अंग्रजों के शासन ने भारत को खोखला कर दिया। भारत को पिछड़ा बनाने के लिए इन्होंने भारत के उद्योगों, कला, कारीगरों तथा परम्परा को अपमानित करने का कार्य किया। भारतीयों के मन में यह भाव पैदा कर दिया कि भारतीय व्यक्ति बेकार तथा बाहरी व्यक्ति ही सब कुछ है। परिणामस्वरूप हमारे मन में गुलामी की मानसिकता बैठ गयी। हमें बताया गया कि जो विदेशी है, वह अच्छा है तथा भारत की वस्तु खराब है। हमने अंग्रेजी भाषा स्वीकार कर संस्कृत तथा अपनी स्थानीय भाषा का तिरस्कार कर दिया। हम अपनी कला, संस्कृति, लोक गाथा, नाटक आदि भूल गए। लोक काव्य हमारी परम्परा की थाती थी, जिसे हमने अस्वीकार कर पॉप गीतों को अपना लिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने अपने परम्परागत वाद्यों को छोड़कर पाश्चात्य संगीत की ओर उन्मुख हो गए। मध्य काल में संत तुलसीदास से कहा गया कि आप अकबर के दरबार में जाइए, वहां आप नवरत्नों में सम्मिलित किए जाएंगे। तुलसीदास जी ने कहा कि उनके राजा केवल श्रीराम हैं। उन्होंने श्रीरामलीला की शुरुआत कर ‘बोलो राजा राम चन्द्र की जय’ का उद्घोष किया। ओरछा में भगवान श्रीराम आज भी राजा के रूप में विराजमान हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम परम्परा व विरासत से विलग होते गए। यही कारण था कि सन् 1947 में देश आजाद होने के बाद जब भारत माता के सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, तो उनका विरोध किया गया। जब पहले राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए सोमनाथ मंदिर जा रहे थे, तो लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज की। क्योंकि लोगों के मन में गुलामी की मानसिकता हावी हो चुकी थी। यह पहली बार हुआ, जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा धर्म ध्वजा आरोहण कार्यक्रम के लिए स्वयं पधारे। उन्होंने अपने कर-कमलों से तीनों कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। यह विरासत का सम्मान है।
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर स्वाधीनता संग्राम सेनानी के स्मारक को सम्मान देना हमारी प्राथमिकता में रहा है। जनप्रतिनिधियों ने अपने गांव, ब्लॉक तथा जनपद में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मारकों का पुनरुद्धार कराया। आज अयोध्या, काशी, माँ विन्ध्यवासिनी धाम तथा अन्य तीर्थों का कायाकल्प दिखायी दे रहा है।
इस धरा ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम तथा वीरांगना झलकारीबाई के शौर्य को देखा है। राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत रचना के माध्यम से भारत के साहित्यिक आकाश को नयी ऊंचाई देने वाले राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त, सुप्रसिद्ध रचनाकार वृन्दावन लाल वर्मा तथा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र इसी धरा से सम्बन्धित हैं। यहां स्थित झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले में पहले की तुलना में व्यापक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। जनप्रतिनिधिगण अपने-अपने क्षेत्र में किसी न किसी मंदिर का पुनरुद्धार कर रहे हैं। पूर्व में स्थित ओरछा में राजाराम झांसी को संरक्षण प्रदान करते हैं। पश्चिम में जगत जननी माँ भगवती पीतम्बरा देवी रक्षक के रूप में प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। आज सुबह दतिया में पीताम्बरा पीठ में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड के युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा जा रहा है। जब नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाला कोई अभ्यर्थी झांसी के किसी विकासखण्ड का नाम लेता है, तो सुखद अनुभूति होती है। बुन्देलखण्ड का युवा अब पलायन नहीं कर रहा, बल्कि प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत युवाओं को गारण्टी व ब्याज मुक्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। यह सब प्रयास करने से होता है। जब अच्छे लोग चुने जाते हैं, नीति निर्माण होता है, तभी विकास सम्भव होता है। पिछली सरकारें पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार थीं। नीयत ठीक न होने से नीति नहीं बना पाते थे। जब नीतियां नहीं बनती थीं, तो उनके क्रियान्वयन का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र के साथ बिना भेदभाव प्रत्येक जरूरतमंद को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज से 09 वर्ष पूर्व झांसी में अव्यवस्था व गंदगी देखने को मिलती थी। आज स्वच्छता, रौनक के साथ विकसित झांसी की परिकल्पना साकार होती दिखायी देती है। यही विकसित भारत की संकल्पना की शुरुआत है। हमें स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। भारत तब समृद्ध था, जब परम्परागत खेतीबाड़ी होती थी तथा परम्परागत उद्यम विकास में सहभागी बनता था। जब यह दोनों ताकतें मिलती थीं, तो दुनिया के बाजार में हमारा वर्चस्व स्थापित हो जाता था। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ तथा ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ जैसी योजनाएं इसी अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति श्री कुंवर मानवेन्द्र सिंह, सांसद श्री अनुराग शर्मा, झांसी के महापौर श्री बिहारी लाल आर्य, विधायक श्री रवि शर्मा, श्री राजीव सिंह पारीछा, श्री जवाहर लाल राजपूत, डॉ0 रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, श्री रमा निरंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

June 19, 2026

ज्ञान परंपरा और गोमाता की रक्षा करते हैं अयोध्या के राजाः मुख्यमंत्री

News Posted on 19.06.2026 Friday Time 07.32 PM, Ayodhya, Yogi Adityanath, Jain Muni

*भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए सीएम योगी*

*मुख्यमंत्री ने किया ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एवं 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण*

*जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह कैसे दूसरों पर शासन कर सकता हैः सीएम योगी*

*गोरक्षपीठाधीश्वर की जैन परिवारों से अपील- कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाएं*

*सीएम ने कहा- उत्तर प्रदेश की धरती पर हुआ सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण*

अयोध्या, 19 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। सीएम ने यहां ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एव 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरवशाली इतिहास है। अयोध्या के राजा ज्ञान परंपरा व गोमाता, दोनों की रक्षा करते हैं। सीएम ने आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि उन्हें गोरक्षा के लिए कुछ जरूर करना चाहिए। भारत में हर परिवार का संस्कार रहा है कि पहला ग्रास गोमाता और अंतिम ग्रास श्वान के लिए होगा। शाम को घर में दीपक जलाने पर चींटियों को आटा-चीनी देते हैं। जीव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना भी ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा है।

*हर जैन परिवार कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाए*
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय दैवीय विभूति है। सबको उसकी रक्षा, संरक्षण, संवर्धन के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जैन परिवारों से अनुरोध किया कि संभव हो तो गोशाला को गोद लें या कुछ गायों के लिए वार्षिक सहयोग कीजिए अन्यथा साल में कम से कम एक गाय का खर्च जरूर उठाइए। दो-तीन बार गोशाला जाकर गोमाता के स्वास्थ्य को भी देखिए। गोमाता स्वस्थ रहेगी तो भारतीय संस्कृति, जैन धर्म व वैदिक सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। एक की सुरक्षा दूसरे की सुरक्षा में निहित है। मंजिल तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन परंपरा एक है।

*भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान देने वाले अभियानों से जुड़ें*
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि तीर्थों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए स्वच्छता, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण समेत हर उस अभियान का हिस्सा बनिए, जिसका भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान हो। पीएम मोदी भी नागरिकों से कर्तव्यबोध की बात करते हैं। देश-समाज के लिए हमारा कर्तव्य क्या है, इसका ध्यान रखेंगे तो भारत व भारतीयता शाश्वत रहेगी। सीएम ने विश्वास जताया कि समाज को सद्वृत्ति की ओर अग्रसर करने में जैन समाज सहायक होगा।

*धरती का राजा होता था अयोध्या का राजा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिनाथ से चली यह परंपरा कहीं और की नहीं है। प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ऋषभदेव ही हैं। अयोध्या भगवान ऋषभदेव की पावन भूमि भी है। वह धरती के पहले राजा हैं। अयोध्या का राजा धरती का राजा होता था। सीएम ने रामायण में भगवान राम व बालि के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि बालि उनसे कहता है कि तुमने मुझे धोखे से मारा है। मेरे राज्य पर तुम्हारा क्या अधिकार था, तब भगवान राम कहते हैं कि तुम्हारा कर्म ही तुम्हारी अधोगति का कारण बना है। सागर, वन से आच्छादित संपूर्ण धरा अयोध्या के राजाओं की है। भगवान ऋषभदेव के पुत्र भगवान जड़ भरत हैं, जिनके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा।

*उत्तर प्रदेश की धरती पर सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण*
सीएम ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि 24 में से सर्वाधिक तीर्थंकर इस धऱती पर हुए। उसमें से पांच (पहले तीर्थंकर-भगवान ऋषभदेव, दूसरे-भगवान अजितनाथ, चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ, पांचवें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ और 14वें भगवान अनंतनाथ) का प्रकटीकरण अयोध्या में ही हुआ। काशी में चार, श्रावस्ती में एक, हस्तिनापुर में भी तीर्थंकरों की लंबी परंपरा है। कुशीनगर में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने अंतिम उपदेश देकर उस धरती को पवित्र नगरी के रूप में आशीर्वाद दिया था। बीच के कालखंड में लोगों ने उसे फाजिलनगर कर दिया था, अभी हाल में ही मैंने कहा कि वह पावागढ़ है, उसका नाम वही होगा।

*जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है*
सीएम योगी ने कहा कि धऱती के राजा सबका संरक्षण, लालन-पालन और अनुशासन की प्रेरणा देते हैं। ‘जियो और जीने दो’ का मंत्र वही दे सकता है, जो आत्म अनुशासन से बंधा हो। नकारात्मक ताकतें आत्म अनुशासन में नहीं रह सकतीं। जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं है, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है? इस पवित्र परंपरा ने दुनिया को यही प्रेरणा व संदेश दिया। इस संदेश पर चलकर हम सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव और दुनिया के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं। जैन तीर्थंकरों ने साधना व वाणी से विश्व मानवता को विश्व कल्याण की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में पीठाधीश्वर रविंद्र कीर्ति स्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने रविंद्र कीर्ति स्वामी को पुष्पगुच्छ देकर जन्मदिवस की बधाई दी। इस अवसर पर जैन साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता जी, चंदनामती माता जी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पुष्पदंत जैन, अमरचंद जैन, कैलाश चंद जैन आदि मौजूद रहे।

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