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छोटे भाई ने की भाई-भाभी और भतीजे की हत्या

June 22, 2026

छोटे भाई ने की भाई-भाभी और भतीजे की हत्या

Posted on 22/06/2026
Time 08:24 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

बांसगांव में दिल दहलाने वाली घटना,
​गोरखपुर : 22 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) ​उत्तर प्रदेश , गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र में आज तड़के हुई एक वीभत्स घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। आज सुबह लगभग 3:00 बजे 112 नंबर पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने एक घर से एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव बरामद किए हैं।

​मृतकों की पहचान अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना गुप्ता और उनके 3 वर्षीय पुत्र रेयांश गुप्ता के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। जांच में पाया गया कि तीनों की हत्या एक बंद कमरे के भीतर की गई थी।

​प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतक अमित गुप्ता का छोटा भाई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर ‘आला-ए-कत्ल’ (हत्या में प्रयुक्त हथियार) भी बरामद कर लिया गया है।

​इस मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना बांसगांव में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में पूरी तरह शांति है।

​फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर मामले की गहन विवेचना कर रही है ताकि घटना के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। ​

योग की महत्ता

Editorial 22 June 2026 Monday, Topic Inpotance of Yoga, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

भारतीय ज्ञान परंपरा द्वारा प्रतिपादित योग ने 21 जून का दिन अमृत तुल्य निधि से आच्छादित किया। विश्व भर में बड़े ही उत्साह के साथ योग दिवस मनाया गया। भारत के कोने कोने में जहां योग दिवस की धूम रही, वहीं विश्व के सभी प्रमुख देशों की राजधानियों और शहरों में योग किया गया। पार्कों, क्लबों में योग की विभिन्न मुद्राओं के चित्र आज समाचार पत्रों, सोशल मीडिया में देखे जा सकते है। जर्मनी के बर्लिन और चीन के शंघाई जैसे शहरों में भी योग की गूंज सुनाई दी।

मानव जीवन के लिए योग की महत्ता को आज विश्व स्वीकार कर रहा है। स्वस्थ्य शरीर और शांत चित्त के लिए योग इतर कोई और श्रेष्ठ मार्ग नहीं है। यौगिक जीवन कर्मप्रधान व्यक्तिव का निर्माण करता है। योगी राज कृष्ण ने अपनी वाणी में कहा है, श्रीमद्भगदगीता में योग को कुशलता से किया जाने वाला कर्म कहा है। उन्होंने अर्जुन से कहा था “योग: कर्मसुकौशलम”। ध्यान योग की व्याख्या करते हुए सांख्य दर्शन के प्रतिपदक महर्षि कपिल ने बताया कि “ध्यान निर्विषयम मन:”। यानि कि मन के विषय रहित होने की स्थिति ध्यान योग है। इससे चित्त की एकाग्रता आती है। मन के संयम और चित्तवृत्तियां को नियंत्रित करने के लिए, महर्षि पतंजलि ने कहा “योगस्स  चित्तवृत्ति निरोध:”।

कल योग दिवस पर प्रधानमंत्री ने कोलकाता के रेडरोड पर योग किया। हजारों लोगों के बीच उन्होंने योग का संदेश भी दिया और सामूहिक योग में सम्मिलित हुए। इसके एक दिन पहले हुगली में उन्होंने योग के लिए बंगाल की देन का उल्लेख करते हुए स्वामी विवेकानंद, परमहंस योगानंद, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाराज का स्मरण किया। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी के ऐतिहासिक किला मैदान में योग किया।

योग की महत्ता जीवन को निरोग, दीर्घायु बनाने में सर्वोपरि है। इसीलिए इसकी स्वीकार्यता बढ़ रही है। प्रथम विश्व योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया। तब से निरंतर योग अपनाने वालों की विश्व संख्या बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को सर्वसम्मति से 21 जून का दिन विश्व योग दिवस घोषित किया था। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। जिसे हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69बे अधिवेशन में प्रस्तुत किया था।

योग भारत के विश्व शांति और सर्वेभवन्तु सुखिन: के संदेश का शाश्वत, चिरंतर और निरंतर का ही प्रकटीकरण है।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

 

June 21, 2026

Mathura विधायक के काफिले की कार दुर्घटनाग्रस्त, दरोगा की मृत्यु

Posted on 21.06.2026 Sunday Time 07.27 PM, Mathura Vrandavan News
यमुना एक्सप्रेस-वे पर विधायक राजेश चौधरी के सुरक्षा काफिले की गाड़ी हादसे का शिकार, दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौत
मथुरा, 21 जून 2026,  मांट से भाजपा विधायक राजेश चौधरी के सुरक्षा काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी रविवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में विधायक के गनर एवं दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार विधायक राजेश चौधरी जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान जेवर एयरपोर्ट के निकट नए फ्लाईओवर के पास गलत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने एस्कॉर्ट वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एस्कॉर्ट वाहन डिवाइडर से जा टकराया और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में दरोगा राजेंद्र सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद विधायक राजेश चौधरी ने स्वयं वाहन रुकवाकर स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को बाहर निकलवाया तथा मृतक दरोगा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सूचना मिलते ही पुलिस एवं एक्सप्रेस-वे की राहत टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण डंपर का रॉन्ग साइड से आना बताया जा रहा है। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे से पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक दरोगा राजेंद्र सिंह यादव के निधन पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

June 20, 2026

भारत तब विकसित होगा, जब उ0प्र0 विकसित होगा: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ को सम्बोधित किया
पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब मूर्त
रूप ले चुका, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा
झांसी, 20 जून, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश में सबसे अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया है। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब झांसी समेत प्रदेश के सभी जनपद विकसित होंगे। झांसी तब विकसित होगा, जब प्रत्येक ग्राम पंचायत व नगर निकाय आत्मनिर्भर व विकसित होंगे। क्रान्ति की इस धरा पर विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास सर्वसमावेशी होना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ मंत्र देशवासियों को दिया था। जब 140 करोड़ भारतवासियों का विश्वास व प्रयास जुड़ेगा तथा कार्ययोजना बनेगी, तो विकसित भारत बनने में देर नहीं लगेगी। सबके सामूहिक प्रयास से ही अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मन्दिर बना। यह नये व भव्य भारत का राष्ट्र मन्दिर है। यह नये भारत के निर्माण की शुरूआत भी है।
मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2022 में जब दुनिया इस सदी की सबसे बड़ी महामारी से जूझ रही थी, तब प्रधानमंत्री जी देशवासियों को आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना व विकसित भारत संकल्प से जोड़ रहे थे। उन्होंने देशवासियों से पंचप्रण अपनाने की बात कही थी। इनमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, देश के शहीदों, सेना के जवानों व वर्दीधारी फोर्स का सम्मान, सामाजिक एकता के लिए कार्य करना तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करना सम्मिलित है। दुनिया में वही विकसित हुआ है, जो अपने बल पर कार्ययोजना तैयार कर आगे बढ़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से कोई व्यक्ति स्वावलम्बी नहीं हो सकता। आत्मनिर्भरता के लिए गुलामी की मानसिकता दूर करना तथा अपनी विरासत का सम्मान करना आवश्यक है। भारत अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रहा है। हम इसलिए चैन से सोते हैं, क्योंकि हमारे सैनिक माइनस टेम्परेचर में सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। पैरामिलिट्री का जवान नक्सल क्षेत्र में मजबूती के साथ कार्य कर रहा है। पुलिस के जवान सजगता से पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इन सभी के प्रति हमारे मन में सम्मान का भाव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। जो जिस क्षेत्र में है, उसे उस क्षेत्र में ईमानदारीपूर्वक कार्य करना चाहिए। एक शिक्षक राष्ट्र निर्माण के योग्य नागरिक का निर्माण कर सके, इस उद्देश्य से उसे अपने शिक्षण कार्य को पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना चाहिए। व्यापारी को उपभोक्ता के प्रति ईमानदारी से अपना कर्तव्य निर्वहन करना चाहिए। वह कालाबाजारी तथा वस्तुओं के दाम में अनावश्यक वृद्धि न होने दे। समय पर टैक्स जमा करे, यह उसका नागरिक कर्तव्य है। किसान समय पर बीज बोकर समाज का पेट भरने के लिए कृषि कार्य ईमानदारी से करे। यह उसका नागरिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जो यात्रा प्रारम्भ की, इसके परिणामस्वरूप आज भारत की गिनती दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था में होती है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। यह दुनिया में सर्वाधिक तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतरीन हुआ है। यहां की रोड कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हुई है। रेलवे तथा एयर कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो गयी है। नमो भारत, वंदे भारत तथा अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर बनने से बुन्देलखण्ड का युवा केवल रोजगार ही नहीं प्राप्त करेगा, बल्कि यहां बनने वाली तोप और मिसाइल से दुश्मन थर्रा उठेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया में ब्रह्मोस की ताकत देखी है। यह प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत’ विजन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़ में तेजी के साथ विकसित किया जा रहा है। इसमें 37 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हुए हैं। हजारों युवाओं को नौकरी मिल रही है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब यह मूर्त रूप ले चुका है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा है। बीडा भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है। बुन्देलखण्ड में फार्मा पार्क का सपना भी साकार हो रहा है। यहां मेडिकल कॉलेजों का संजाल बिछाया जा रहा है। झांसी, जालौन और ललितपुर में एक-एक मेडिकल कॉलेज बन चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता हम पर इसलिए हावी हो गए, क्योंकि हम जाति, भाषा, क्षेत्र तथा सम्प्रदाय के नाम पर विभाजित थे। हमारी निष्ठा देश व सनातन धर्म के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की जाति के लिए थी। परिणामस्वरूप विदेशी आक्रांता हमें विभाजित कर हम पर राज करते थे। इसलिए हमें एकता पर बल देना चाहिए। जो समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं, वह समाज के दुश्मन हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले भारत के विकसित बनने के लिए पर्याप्त संसाधन थे। आज से 02 हजार पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में जितन धन-धान्य, वैभव तथा समृद्धि थी, उसमें भारत की 44 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। भारत में स्थित तक्षशिला दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय था। वह वृहत्तर भारत के हिस्से में था, दुर्भाग्य से पाकिस्तान में चला गया। कालान्तर में नालंदा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापित हुए। देश के अलग-अलग स्थानों पर अन्य विश्वविद्यालय भी स्थापित हुए। काशी, पश्चिम बंगाल स्थित नवलदीप, दक्षिण भारत में कांची तथा मध्य भारत में उज्जैन ज्ञान की धरोहर थे। देश में स्थित कुम्भ के 04 क्षेत्र परस्पर ज्ञान के आदान-प्रदान, विद्वान व ऋषि परम्परा की भूमि थे। यह केवल स्नान के माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान की धाराओं को आपस में जोड़ने तथा उनके आदान-प्रदान का माध्यम थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 400 वर्ष पूर्व तक विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी। सन् 1950 तक आते-आते यह हिस्सा मात्र 02 प्रतिशत रह गया था। मुगलों व अंग्रजों के शासन ने भारत को खोखला कर दिया। भारत को पिछड़ा बनाने के लिए इन्होंने भारत के उद्योगों, कला, कारीगरों तथा परम्परा को अपमानित करने का कार्य किया। भारतीयों के मन में यह भाव पैदा कर दिया कि भारतीय व्यक्ति बेकार तथा बाहरी व्यक्ति ही सब कुछ है। परिणामस्वरूप हमारे मन में गुलामी की मानसिकता बैठ गयी। हमें बताया गया कि जो विदेशी है, वह अच्छा है तथा भारत की वस्तु खराब है। हमने अंग्रेजी भाषा स्वीकार कर संस्कृत तथा अपनी स्थानीय भाषा का तिरस्कार कर दिया। हम अपनी कला, संस्कृति, लोक गाथा, नाटक आदि भूल गए। लोक काव्य हमारी परम्परा की थाती थी, जिसे हमने अस्वीकार कर पॉप गीतों को अपना लिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने अपने परम्परागत वाद्यों को छोड़कर पाश्चात्य संगीत की ओर उन्मुख हो गए। मध्य काल में संत तुलसीदास से कहा गया कि आप अकबर के दरबार में जाइए, वहां आप नवरत्नों में सम्मिलित किए जाएंगे। तुलसीदास जी ने कहा कि उनके राजा केवल श्रीराम हैं। उन्होंने श्रीरामलीला की शुरुआत कर ‘बोलो राजा राम चन्द्र की जय’ का उद्घोष किया। ओरछा में भगवान श्रीराम आज भी राजा के रूप में विराजमान हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम परम्परा व विरासत से विलग होते गए। यही कारण था कि सन् 1947 में देश आजाद होने के बाद जब भारत माता के सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, तो उनका विरोध किया गया। जब पहले राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए सोमनाथ मंदिर जा रहे थे, तो लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज की। क्योंकि लोगों के मन में गुलामी की मानसिकता हावी हो चुकी थी। यह पहली बार हुआ, जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा धर्म ध्वजा आरोहण कार्यक्रम के लिए स्वयं पधारे। उन्होंने अपने कर-कमलों से तीनों कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। यह विरासत का सम्मान है।
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर स्वाधीनता संग्राम सेनानी के स्मारक को सम्मान देना हमारी प्राथमिकता में रहा है। जनप्रतिनिधियों ने अपने गांव, ब्लॉक तथा जनपद में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मारकों का पुनरुद्धार कराया। आज अयोध्या, काशी, माँ विन्ध्यवासिनी धाम तथा अन्य तीर्थों का कायाकल्प दिखायी दे रहा है।
इस धरा ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम तथा वीरांगना झलकारीबाई के शौर्य को देखा है। राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत रचना के माध्यम से भारत के साहित्यिक आकाश को नयी ऊंचाई देने वाले राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त, सुप्रसिद्ध रचनाकार वृन्दावन लाल वर्मा तथा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र इसी धरा से सम्बन्धित हैं। यहां स्थित झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले में पहले की तुलना में व्यापक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। जनप्रतिनिधिगण अपने-अपने क्षेत्र में किसी न किसी मंदिर का पुनरुद्धार कर रहे हैं। पूर्व में स्थित ओरछा में राजाराम झांसी को संरक्षण प्रदान करते हैं। पश्चिम में जगत जननी माँ भगवती पीतम्बरा देवी रक्षक के रूप में प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। आज सुबह दतिया में पीताम्बरा पीठ में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड के युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा जा रहा है। जब नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाला कोई अभ्यर्थी झांसी के किसी विकासखण्ड का नाम लेता है, तो सुखद अनुभूति होती है। बुन्देलखण्ड का युवा अब पलायन नहीं कर रहा, बल्कि प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत युवाओं को गारण्टी व ब्याज मुक्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। यह सब प्रयास करने से होता है। जब अच्छे लोग चुने जाते हैं, नीति निर्माण होता है, तभी विकास सम्भव होता है। पिछली सरकारें पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार थीं। नीयत ठीक न होने से नीति नहीं बना पाते थे। जब नीतियां नहीं बनती थीं, तो उनके क्रियान्वयन का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र के साथ बिना भेदभाव प्रत्येक जरूरतमंद को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज से 09 वर्ष पूर्व झांसी में अव्यवस्था व गंदगी देखने को मिलती थी। आज स्वच्छता, रौनक के साथ विकसित झांसी की परिकल्पना साकार होती दिखायी देती है। यही विकसित भारत की संकल्पना की शुरुआत है। हमें स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। भारत तब समृद्ध था, जब परम्परागत खेतीबाड़ी होती थी तथा परम्परागत उद्यम विकास में सहभागी बनता था। जब यह दोनों ताकतें मिलती थीं, तो दुनिया के बाजार में हमारा वर्चस्व स्थापित हो जाता था। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ तथा ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ जैसी योजनाएं इसी अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति श्री कुंवर मानवेन्द्र सिंह, सांसद श्री अनुराग शर्मा, झांसी के महापौर श्री बिहारी लाल आर्य, विधायक श्री रवि शर्मा, श्री राजीव सिंह पारीछा, श्री जवाहर लाल राजपूत, डॉ0 रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, श्री रमा निरंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली में पश्चिमबंग दिवस समारोहों में हिस्सा लिया

प्रधानमंत्री ने रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मछली पालन और पशुपालन क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, समर्पण और शिलान्यास किया

पश्चिम बंगाल दिवस का यह समय, यह तारीख ज्यादा खास है; स्वतंत्रता के बाद बंगाल के उज्जवल भविष्य के लिए जो सपने देखे गए थे, बंगाल की महान आत्माओं ने जिस दृष्टि की कल्पना की थी आज, एक तरह से पहली बार, बंगाल दिवस पर हम इन सपनों को वास्तविकता में बदलते देख रहे हैंः प्रधानमंत्री

यह ऐतिहासिक दिन पश्चिम बंगाल के विकास के लिए प्रेरणा बने, हम एक नए और गरिमामय इतिहास का सृजन करेंः प्रधानमंत्री

आज, सैंकड़ों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास है, रेल, सड़क, कृषि और मछली पालन से संबंधित ये परियोजनाएं बंगाल के विकास को नई गति देंगी, राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगीः प्रधानमंत्री

बंगाल ने खूनखराबा सहा, बंगाल ने अपने लोगों को गंवाया; इसने अपनी मातृभूमि के टुकड़े होते देखा, लेकिन बंगाल ने अपनी पहचान और आत्मबोध को नष्ट नहीं होने दियाः प्रधानमंत्री

पश्चिमबंग दिवस पर हम सिर्फ एक तारीख को याद नहीं कर रहे, हम समूचे इतिहास को स्मरण कर रहे हैं, हम बंगाल की हजारों साल पुरानी परंपरा को श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैंः प्रधानमंत्री

भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रहा है, विकसित भारत के इस संकल्प की सबसे बड़ी बुनियाद पूर्वी भारत का विकास है, इसके लिए हम ‘मिशन पूर्वोदय’ पर काम कर रहे हैंः प्रधानमंत्री

Posted Date:- Jun 20, 2026

प्रधानमंत्री, श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ‘पश्चिमबंग दिवस’ (पश्चिम बंगाल दिवस) समारोह में भाग लिया। इस राज्य-स्तरीय समारोह का आयोजन हुगली के तारकेश्वर में किया जा रहा है, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ा एक ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। इस वर्ष के पश्चिमबंग दिवस का मुख्य विषय: “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास,” है। यह राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक एकजुटता और विकास की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी। रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से जुड़ी ये पहलकदमियां अवसंरचना को मजबूत करेंगी, आजीविका में सुधार करेंगी, किसानों के कल्याण को बढ़ावा देंगी और पूरे राज्य में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देंगी।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त भी जारी की। इस किस्त के तहत, देश भर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी जाएगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। हाल ही में हुए चुनावों और नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद राज्य का यह उनका पहला दौरा था। पश्चिम बंगाल और देश की जनता का अभिवादन करते हुए, श्री मोदी ने इस अवसर को एक ऐतिहासिक पल बताया, जो पूरे राज्य में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और प्रगति की भावना को दर्शाता है। श्री मोदी ने कहा, “पश्चिम बंगाल विकास और राष्ट्र-निर्माण की एक नई यात्रा पर निकल पड़ा है। लोगों में दिख रहा उत्साह और राज्य का सकारात्मक माहौल एक उज्ज्वल भविष्य के प्रति बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।”

प्रधानमंत्री ने “स्वच्छता से स्वागत” पहल में हिस्सा लेने के लिए नागरिकों को बधाई दी और इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वच्छता को रोज़मर्रा की ज़िंदगी और संवहनीय विकास का अहम हिस्सा बनाना चाहिए। पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि यह अवसर स्वतंत्रता और विभाजन से पहले के उतार-चढ़ाव भरे दौर के दौरान बंगाल की सांस्कृतिक पहचान, विरासत और भारत के भीतर उसके स्थान को सुरक्षित रखने के लिए दिए गए बलिदानों की याद दिलाता है। उन्होंने उन मनीषियों, सामाजिक नेताओं, विद्वानों और सार्वजनिक हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने बंगाल के लोगों के हितों और आकांक्षाओं की रक्षा के लिए काम किया।

प्रधानमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद किया, जिन्होंने विभाजन के समय बंगाल का एक हिस्सा भारत के पास बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने उन जाने-माने बुद्धिजीवियों, विद्वानों, समाज सुधारकों, समुदाय के नेताओं और उद्योगपतियों के सहयोग को भी सराहा, जिन्होंने उस ऐतिहासिक आंदोलन में हिस्सा लिया था। श्री मोदी ने कहा, “रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसी महान हस्तियों से समृद्ध पश्चिम बंगाल की विरासत देश को प्रेरित करती आ रही है। इस विरासत को संजोने और इसका जश्न मनाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर पैदा करने की भी ज़रूरत है।”

श्री मोदी ने कहा कि नई सरकार ने दशकों से जमा हो रही चुनौतियों का समाधान करना शुरू कर दिया है और विकास की गति बढ़ाने के लिए तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए तेज़ी से फ़ैसले लिए जा रहे हैं और लंबे समय से पड़ी लंबित परियोजनाओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “इस कार्यक्रम के दौरान रेलवे, सड़कों, कृषि और मत्स्य पालन से जुड़े सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। ये पहलें ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देंगी और रोजगार व विकास के नए अवसर पैदा करेंगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी किए जाने पर विशेष प्रकाश डाला, जो देश भर के 9 करोड़ से ज़्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी गई है। उन्होंने सभी लाभार्थी किसान परिवारों को अपनी शुभकामनाएं दीं। नागरिकों से राज्य के इतिहास से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के पास अपार सांस्कृतिक, बौद्धिक और आर्थिक शक्ति है और यह एक बार फिर भारत की विकास यात्रा में अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में उभर सकता है। श्री मोदी ने कहा, “पश्चिम बंगाल दिवस न केवल इतिहास को याद करने का दिन होना चाहिए, बल्कि विकास, प्रगति और राष्ट्रीय एकता के प्रति नए संकल्प का भी दिन होना चाहिए। राज्य के लोग एक मज़बूत और समृद्ध भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल की जनता से किए गए वादे तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के हर जरूरतमंद  गरीब परिवार को अब ‘आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा’ योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत, जल जीवन मिशन के ज़रिए साफ़ पेयजल तक बेहतर पहुँच, सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा में छूट और महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा लागू करने का भी ज़िक्र किया। श्री मोदी ने कहा, “जो कल्याणकारी योजनाएँ बरसों से अटकी हुई थीं, वे अब जन-संपर्क शिविरों के ज़रिए सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाई जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित हो रही है और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो रही है।”

अवसंरचना के विकास पर ज़ोर देते हुए, श्री मोदी ने बताया कि काफी समय से लंबित कई परियोजनाएं अब तीव्र गति से आगे बढ़ रही हैं। इनमें चिंगरीघाटा क्रॉसिंग पर कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन का काम पूरा होना, हावड़ा में नए डिविज़नल रेलवे हॉस्पिटल की आधारशिला रखना, पूर्वी मेदिनीपुर में रोड ओवरब्रिज और संकराइल-सांत्रागाछी रेल लिंक परियोजना शामिल हैं। किसानों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ शुरू किए जाने का स्वागत किया, जो फसल के नुकसान से किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने ‘डिजिटल कृषि मिशन’ में राज्य को शामिल करने की भी घोषणा की, जिससे किसानों की रजिस्ट्री, ज़मीन के डिजिटल रिकॉर्ड और कृषि सेवाओं व लाभों की बेहतर डिलीवरी संभव हो सकेगी। श्री मोदी ने कहा, “पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत, पश्चिम बंगाल के चार ज़िलों—पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झारग्राम—को कृषि उत्पादकता बढ़ाने, भण्डारण अवसंरचना को मज़बूत करने और ऋण तक पहुँच में सुधार करने के लिए विशेष सहायता दी जाएगी।”

राज्य की अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन के महत्व को स्वीकार करते हुए, श्री मोदी ने दक्षिण 24 परगना में फ्रेजरगंज मत्स्य बंदरगाह के विस्तार और बीरभूम में एक आधुनिक मछली बाजार के विकास पर ज़ोर दिया। इससे आजीविका को बढ़ावा मिलने और मत्स्य क्षेत्र के मजबूत होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने देश भर के किसानों से सरकार के “खेत बचाओ अभियान” में भाग लेने की भी अपील की। यह अभियान मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारने, रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने को बढ़ावा देता है।

वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सरकार के दृष्टिकोण को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘पूर्वोदय पहल’ के तहत पूर्वी भारत का विकास इस मिशन के केंद्र में है, जिसमें पश्चिम बंगाल क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विकास को गति देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “संवहनीय विकास के साथ-साथ शांति, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण भी आवश्यक है, ताकि सामूहिक प्रगति के लिए मिलकर काम करते हुए बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत किया जा सके।”

अपने संबोधन के समापन पर, प्रधानमंत्री ने राज्य भर के लोगों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया और विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद और श्री अरबिंदो की यह भूमि योग, कल्याण और मानवीय एकता के संदेश के माध्यम से एक बार फिर दुनिया को प्रेरित करेगी।

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