Web News

www.upwebnews.com

9 मई को निकलेगी महाराणा प्रताप की भव्य ऐतिहासिक शोभायात्रा

May 8, 2026

9 मई को निकलेगी महाराणा प्रताप की भव्य ऐतिहासिक शोभायात्रा


-वार्ता में जानकारी देते आयोजक

News Posted on 08.05.2026, Time 12.22 PM, #Hathras News, #UP News, #Maharana Pratap Jayanti
हाथरस।#UPSSNews अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में 9 मई को दोपहर 1 बजे महाराणा प्रताप की स्मृति में भव्य ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार शोभायात्रा अपनी भव्यता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को लेकर विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल सिसोदिया ने बताया कि शोभायात्रा में उज्जैन के डमरू दल, नासिक ढोल और राजस्थान के पारंपरिक नगाड़ों की गूंज माहौल को वीरता और उत्साह से भर देगी। यात्रा में ऊंट-घोड़ों का राजसी लवाजमा भी शामिल रहेगा। इसके अलावा देश के महापुरुषों की गौरवगाथाओं को दर्शाती आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी।शोभायात्रा का शुभारंभ गौशाला रोड स्थित तुलसी स्मृति भवन से होगा, जहां अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत-सम्मान किया जाएगा। वहीं प्रसादी की भी व्यवस्था रहेगी। यात्रा का समापन दाऊजी महाराज मंदिर पर होगा, जहां विशाल प्रसादी वितरण किया जाएगा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान शामिल होंगे। शुभारंभ सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र राणा दीप प्रज्वलित कर करेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में एमएलसी मानवेंद्र सिंह और ब्रज क्षेत्र महामंत्री नागेंद्र सिंह सिकरवार संबोधित करेंगे। इसके अलावा पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, यशपाल सिंह चौहान, राजवीर सिंह पहलवान, पूर्व एमएलसी राकेश सिंह राणा, मतेंद्र सिंह गहलोत और योगेंद्र सिंह गहलोत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।शोभायात्रा तुलसी स्मृति भवन से शुरू होकर गौशाला रोड, भूरापीर चौराहा, मेंडू गेट, सर्कुलर रोड, कमला बाजार, पंजाबी मार्केट, घंटाघर, बृजवाल कुआं, चुनावाला डंडा, लोहट बाजार, पत्थर वाला बाजार और नयागंज होते हुए दाऊजी महाराज मंदिर पहुंचेगी। आयोजकों ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर अपना दल (एस) का जोर

हाथरस। अपना दल (एस) के जिला कार्यालय रत्न गर्भा कॉलोनी, इगलास रोड पर गुरुवार को मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत ने की। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. सोनेलाल पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई।बैठक में जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत ने विधानसभा अध्यक्षों को जोन अध्यक्ष और बूथ अध्यक्ष बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को अपने घरों पर पार्टी के झंडे और नेम प्लेट लगाने के लिए कहा गया। बैठक में नए सक्रिय सदस्यों को जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि आगामी चुनावों में संगठन को मजबूती मिल सके।इस दौरान पश्चिम बंगाल में एनडीए गठबंधन की सरकार बनने की खुशी में मिठाइयां बांटी गईं और कार्यकर्ताओं ने “यूपी की मजबूरी है, अनुप्रिया पटेल जरूरी है” के नारे लगाए।बैठक में केडी शर्मा, डॉ. बंगाली, अजीत अंबेडकर, धीरेंद्र चौधरी, रवि खान, विजय प्रधान, जमुना प्रसाद, अजीत सिंह, राहुल शर्मा, रईस कुरैशी, देवकिशन सारस्वत, सुभाष, मनीष, शालू, तरुण शर्मा, सुनील शर्मा, तेजवीर सिंह, गुरवीर चौधरी, नीतू सारस्वत, सुनील बघेल, कोमल सिंह, अंकित सोनी, सुरेश, शिवम जाटव, गौरी पाठक, विक्रम सिंह, जैद अली, राजकुमार वर्मा, योगेश शर्मा, आशु चौधरी, अशोक कुमार उपाध्याय, अरविंद सारस्वत, प्रमोद, मुन्नालाल, ललित शर्मा, नाजिम कुरैशी, अली मोहम्मद, रामकिशन और कृष्ण बघेल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

May 7, 2026

युवक ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम

हाथरस। चंदपा क्षेत्र के गांव गढ़ी कछवा में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय नरेंद्र पुत्र महाराज सिंह राजमिस्त्री का काम करता था और उसे शराब पीने की लत थी। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी कुछ दिन पहले मायके चली गई थी, जिससे वह मानसिक तनाव में चल रहा था।बताया गया है कि बुधवार शाम नरेंद्र ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात जब परिजन उसे खाना खाने के लिए बुलाने पहुंचे और कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। अंदर नरेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों सहित परिवार को छोड़ गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

May 5, 2026

ईंट भट्टों की लापरवाही से इगलास रोड पर बढ़ रहे हादसे, ग्रामीणों में आक्रोश

 

हाथरस। जनपद के इगलास रोड पर संचालित ईंट भट्टा व्यवसायियों की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। आगरा-अलीगढ़ बाईपास से इगलास की ओर जाने वाले मार्ग पर गांव टुकसान के निकट कई ईंट भट्टे संचालित हैं, जहां से मिट्टी ढोने वाले वाहनों के कारण सड़क पर लगातार मिट्टी फैल रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्टा संचालकों द्वारा किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरती जा रही, जिससे सड़क पर फिसलन बनी रहती है और आए दिन हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भट्टा व्यवसायियों ने सड़क किनारे अतिक्रमण जैसा माहौल बना दिया है। ईंट बनाने के लिए लाई जाने वाली मिट्टी खुलेआम सड़क पर बिखरती रहती है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।समस्या को और गंभीर बनाता है इस मार्ग पर रात के समय प्रकाश व्यवस्था का अभाव। अंधेरे में सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भट्टा संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क पर फैलाई जा रही मिट्टी को तुरंत हटवाया जाए। साथ ही, मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगाई जा सके।

जांच में फर्जी निकला धोखाधड़ी का मुकदमा, पुलिस ने किया निरस्त

हाथरस। न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराया गया धोखाधड़ी का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मुकदमे को निरस्त कर दिया और वादी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
मामला अलीगढ़ रोड औद्योगिक क्षेत्र निवासी राजुल मोहता से जुड़ा है, जिन्होंने 10 फरवरी को कोतवाली हाथरस गेट में अपने पार्टनर अजय कुमार शर्मा, विशेष शर्मा, राजकुमार तथा दो चार्टर्ड अकाउंटेंट,प्रवीन जैन और सौरभ शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उन्हें कंपनी से हटाया गया और वित्तीय अनियमितता की गई।
विवेचना के दौरान निरीक्षक आदित्य शंकर तिवारी द्वारा मामले की गहन जांच की गई। थाना प्रभारी नितिन कसाना के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। जांच में पाया गया कि वास्तविक तथ्यों को छिपाकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके आधार पर 5 अप्रैल 2026 को न्यायालय में खारिज रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि कोई अपराध होना नहीं पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2021 में राजुल मोहता और अजय कुमार शर्मा ने मिलकर आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के लिए कंपनी की स्थापना की थी। कंपनी की जमीन और भवन अजय कुमार शर्मा के थे, जबकि राजुल मोहता ने लगभग 4.5 लाख रुपये का निवेश किया था, जिसका भुगतान लाभ सहित किया जा चुका है।
पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया कि राजुल मोहता और उनके भाई आयुष मोहता कंपनी का माल बेचकर उसकी राशि कंपनी के खाते में जमा न कर निजी खातों में जमा कर रहे थे। जब अन्य निदेशकों को इसकी जानकारी हुई तो विवाद उत्पन्न हो गया। बाद में समझौते के तहत करीब सात लाख रुपये का भुगतान किया गया और राजुल मोहता ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
इसके बावजूद, पुलिस के अनुसार, व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता और दुर्भावना के चलते बाद में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि करीब 18 माह पूर्व भी इसी तरह की एक शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की गई थी, जो जांच में फर्जी पाई गई थी।
इसके अतिरिक्त, श्री मोहता आयुर्वेदिक भवन प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक निवेदिता मोहता द्वारा दिया गया बयान भी पुलिस जांच में असत्य पाया गया।
पुलिस ने इस मामले में झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में राजुल मोहता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस के न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की है।

Older Posts »