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बड़े मंगल पर विश्व संवाद केंद्र में हुआ भंडारा, सुंदर कांड पाठ

June 16, 2026

बड़े मंगल पर विश्व संवाद केंद्र में हुआ भंडारा, सुंदर कांड पाठ

Posted on 16.06.2026, Time 10.06 PM , Bada Mangal, Vishva Samvad Kendra, Lucknow, RSS

बड़े मंगल पर प्रांत प्रचारक कौशल ने किया प्लास्टिक मुक्त विशाल भंडारे का शुभारंभ

लखनऊ, ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर विश्व संवाद केंद्र जियामऊ में विशाल भंडारे का आयोजन तथा सुंदर कांड का पाठ किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल जी ने प्रसाद वितरित कर भंडारा का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण सक्सेना ने भंडारे में भाग लिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रांत प्रमुख राजकिशोर ने पौधा रोपण भी किया।
भंडारा में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया। क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने कहा कि बड़ा मंगल लखनऊ की श्रेष्ठ परंपरा है। यह धर्म के साथ साथ सामाजिक समरसता और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण है।
भंडारा से पहले विश्व संवाद केंद्र स्थित श्री राम जानकी मंदिर में सुंदरकांड पाठ किया गया। मुख्य यजमान एस बी पांडे ने पूजा कराई।
भंडारा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक श्रीमान महेंद्र जी, पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र
संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक, वरिष्ठ प्रचारक वीरेंद्र सिंह, संघ के संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी,  संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह, भाजपा के प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी, मनीष शुक्ला, आलोक अवस्थी, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी हिमांशु दुबे, प्रदेश प्रवक्ता आलोक वर्मा, एमएलसी अवनीश पटेल,भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी, राज्य सूचना आयुक्त पीएं द्विवेदी, डा दिलीप अग्निहोत्री, प्रांत के विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत भाटिया, राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश, विश्व संवाद केंद्र के प्रमुख डॉक्टर उमेश, कार्यालय प्रमुख सनी सिंह, पूर्व सूचना आयुक्त सुभाय सिंह, पत्रकार सर्वेश कुमार सिंह, भारत सिंह, ब्रजनंदन, दिलीप शुक्ला, अशोक सिंह राजपूत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

ओबीसी को एक मंच पर लाने में जुटी भाजपा

Posted on 16.06.2026 Time 08.45 PM

लखनऊ 16 जून 2026, सभी ओबीसी जातियों को एक मंच पर लाने और पीएम मोदी के 12 साल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचने के लिए आज भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर मंथन हुआ। प्रदेश स्तरीय बैठक में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण मौजूद रहे।

भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा उत्तर प्रदेश की प्रदेश पदाधिकारी बैठक भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर संपन्न हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति, संगठन विस्तार और ओबीसी समाज के बीच विभिन्न अभियानों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से संपर्क व संवाद के लिए तैयार कार्ययोजना पर मंथन किया गया।
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद डॉ. के लक्ष्मण के मुख्य आतिथ्य एवं भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री श्री नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डा. के लक्ष्मण ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए धरातल पर सक्रिय भूमिका निभाएं।
डा. के लक्ष्मण ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक व्यापक और विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर पिछड़ा वर्ग मोर्चा जन-जन तक संपर्क व संवाद के माध्यम से पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंचायें।
आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए श्री नरेंद्र कश्यप ने संगठन के ढांचे को और धार देने की बात कही। इसके तहत जिला, मंडल और बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ओबीसी समाज के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। समाज के सभी पिछड़े और वंचित वर्गों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
बैठक के दौरान ओबीसी समाज की सभी जातियों को एक साझा मंच पर लाकर संगठन को अभेद्य मजबूती देने की रणनीति पर भी गंभीर चर्चा हुई। पदाधिकारियों से साफ तौर पर कहा गया कि वे समाज के बीच जाकर भाजपा की राष्ट्रवादी नीतियों और सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक सदस्यता दिलाकर संगठन से जोड़ें।
ओबीसी समाज भारतीय जनता पार्टी की असली शक्ति है और आगामी चुनावों में इस समाज की भूमिका अत्यंत निर्णायक रहने वाली है। सभी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करें।

June 14, 2026

मोबाइल स्क्रीन ने दूरियां बढ़ा दी: कुंवर मानवेंद्र सिंह

Posted on 14.06.2026 Time 08.14 PM Lucknow, UP Kshatriya Lok Sevak Parivaraha Samiti, Kumvar Manvendra Singh

इतिहासकारों ने क्षत्रियों के साथ बहुत अन्याय किया- जॆपीएस राठौर
लखनऊ, 14 जून 2016, उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमिति के तत्वाधान में गोमती नगर स्थित एसकेडी अकादमी के सभागार में “हल्दीघाटी दिवेरघाटी, विजयोत्सव सामाजिक सरोकार एवं सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सभापति विधान परिषद उत्तर प्रदेश कुंवर मानवेंद्र सिंह एवं राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार जेपीएस राठौर ने विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्रादेशिक, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र का सम्मान बढ़ाने वाले क्षत्रिय परिवार के 36 विभूतियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही इंटरमीडिएट व हाई स्कूल की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले 112 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिभा सम्मान देकर सम्मानित किया गया।


इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए सभापति विधान परिषद उत्तर प्रदेश कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि समाज तब तक विजयी या सशक्त नहीं हो सकता, जब तक समाज का हर वर्ग एक-दूसरे का हाथ थामकर खड़ा न हो। आज के इस आधुनिक और तकनीकी युग में जहाँ मोबाइल स्क्रीन ने हमारे बीच दूरियां बढ़ा दी हैं, हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। शिक्षा का उजियारा फैलाना, समाज के वंचितों की मदद करना, पर्यावरण की रक्षा करना और युवाओं को सही मार्गदर्शन देना ही आज के समय की सच्ची राष्ट्र सेवा है।”
उन्होंने कहा कि आज इस मंच से जिन महानुभावों को समाज सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, मैं उन सभी विभूतियों को हृदय से बधाई देता हूँ। आपका यह सम्मान केवल आपका आदर नहीं है, बल्कि हमारी नई पीढ़ी के लिए एक प्रकाश स्तंभ (लाइट हाउस) है, जो उन्हें समाज के कल्याण मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा।


सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमिति को इस बात के लिए साधुवाद देता हूँ कि उन्होंने इतिहास के गौरव, वर्तमान की आवश्यकता और भविष्य की सकारात्मक दिशा को एक मंच पर ला खड़ा किया है। समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि क्षत्रिय सर्व समाज के लिये काम करता आया है लेकिन फिल्मों ने क्षत्रिय समाज की छवि को लगातार खराब करने का काम किया है। मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमित के प्रदेश अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह जो बीड़ा उठाते हैं उसे पूरा करते हुए अंत तक ले आते हैं। इस मौके पर मंत्री जीपीएस राठौर ने भारतीय इतिहासकारों पर भी जम कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों ने क्षत्रियों के साथ बहुत अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि इतिहासकारो ने महाराणा प्रताप की जगह अकबर को महान बताया। महाराणा प्रताप ने भीलो और वंचित समाज को लेकर युद्ध किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ही थे जो सर्व समाज को लेकर चलते थे। इस मौके पर मौजूद पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से हमें धर्म और कर्तव्य का बोध होता है। समझ में उपस्थित पूर्व अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग जूही सिंह ने कहा कि आज का छात्र कल का भविष्य है, उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हम सभी को एक जुट होकर राष्ट्र को मजबूत करना है। इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए इंडोआमेरिकन चैम्बर के यूपी अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा की क्षत्रिय समाज के बच्चे इंजीनियरिंग मैनेजमेंट या और कोर्स करने प्राइवेट इंडस्ट्री में अपना भविष्य देखते है या स्टार्ट अप लघु उद्योग स्थापित करना चाहते है इंडस्ट्री चैंबर्स से जुड़े होने के उन्हें यथा सहायता की जाएगी ।


समारोह को महासमिति के अध्यक्ष, बाबा हरदेव सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज को विषम परिस्थितियों से उबारने के लिए बहुत बड़े प्रयास की जरुरत है। ऐसी दशा में इस संगठन की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं में आगे बढ़ने की इच्छा जाग्रत करे और उन्हें हर स्तर पर मजबूत बनाने का प्रयास करे।
महासमिति की महासचिव, इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’ ने महासमिति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि महासमिति स्थापना के 17 वर्ष पूर्ण करके 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है सभी का समर्पित प्रयास और समर्थन मिलता रहा तो यह महासमिति अपनी 25वीं वर्षगांठ तक विशाल वटवृक्ष का रूप ले लेगी और इसके छांव के नीचे अपनी समस्याओं का समाधान कर समाज को नई दिशा देने में सक्षम होंगे। महासमिति अनवरत समाज के हर वर्ग के जरूरतमन्द लोगों और बेरोजगार युवक युवतियों को उचित मार्ग दर्शन देकर उन्हें आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

समारोह में 500 से अधिक सेवारत एवं सेवा निवृत्त लोक सेवक एवं उनके परिवारीजन उपस्थित रहे। प्रमुख पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण सर्व श्री श्री प्रकाश सिंह धनन्जय सिंह, कोषाध्यक्ष, के. के. सिंह, डा.डी..पी. सिंह, कुँवर प्रदीप सिंह, अजय कुमार गौतम, नायक सिंह, शिवशरन सिंह, डा.देव राज सिंह, डा. अनुपमा सिंह, डा० उर्मिला सिंह, डा. दिव्या सिंह, इ.जी.एन.सिंह, इ. एस.आर. सिंह परिहार, इं.एस.एन.सिंह, श्रीमती रीता सिंह, सिखा सिंह, अनीता सिंह, डा.श्री मुसाफिर सिंह, श्रीमती माधुरी सिंह आराधना सिंह, बन्दना सिंह रमेन्द सिंह विसेन, विजय कुमार सिंह जतेन्द्र सिंह नेगी, अजीत कुमार सिंह, नगेन्द्र सिंह, हरमनाम सिंह, इं. गोविन्द नारायण सिंह जयकरन सिंह आर.पी.सिंह, सिद्धार्थ सिंह अमित सिंह, अध्यक्ष, फिरोजाबाद, राम नायक सिंह अनिल कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुनील सिंह, विशेष रूप से उपस्थित रहे।

June 10, 2026

भारत को वैभवशाली बनाना ही संघ का ध्येय: रामदत्त चक्रधर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

Posted on 10.06.2026 Time 09.34 PM Wednesday, Rashtriya Swayamsevak Sangh, RSS News

कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का समापन समारोह

लखनऊ, 10 जून 2026, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का समापन समारोह बुधवार अधिक ज्येष्ठ कृष्ण दशमी को सरस्वती कुंज, निराला नगर में सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर और प्रमुख अतिथि नव-अन्वेषक एवं प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा का उद्बोधन हुआ।

2026 : चार ऐतिहासिक वर्षगाँठों का संगम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि, 2026 का वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है क्योंकि आज पूर्व धर्म व संस्कृति के लिये अंग्रेजों से युद्ध करने वाले बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म वर्षगांठ है। गुरु तेगबहादुर जी के शहादत की 350वीं वर्षगांठ, वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वीं वर्षगांठ का वर्ष है। 1925 में डॉ. हेडगेवार जी ने अकेले संघ शुरु करने का निर्णय लिया और आज कई लाख स्वयंसेवक, संघ के पास हैं। मोहिते के बाड़े से शुरू हुई शाखा की आज संख्या 83 हजार से अधिक हो गयी है।

RSS

भारत हिन्दू राष्ट्र है : डॉ. हेडगेवार का दृष्टिकोण

सह सरकार्यवाह जी ने आगे कहा कि, संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक संघ के लिए जीता है। मैथिलीशरण गुप्त  ने कहा था कि भारत दुनिया का सिरमौर है। इसका ही विस्तार सबसे पहले हुआ। दुनिया का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ भारत ने विशिष्ट कार्य न किया हो। संघ की स्थापना के समय डॉ. हेडगेवार जी के हिन्दू संगठन के कार्य का लोग उपहास उड़ाते थे और इसे चुनौतीपूर्ण बताते थे। जब लोगों ने उपहासपूर्वक पूछा कि कौन कहता है कि भारत हिन्दू राष्ट्र है, तब डॉ. साहब ने कहा कि मैं, केशव बलिराम हेडगेवार, कहता हूँ कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है।

शाखा पद्धति और राष्ट्रसेवा की परम्परा

डॉ. हेडगेवार का निष्कर्ष था कि देश का समाज आत्मकेन्द्रित हो गया है। उन्होंने स्वार्थकेन्द्रित हिन्दू को समाज केन्द्रित बनाने का कार्य शाखा के माध्यम से किया। उन्होंने प्रतिदिन लगने वाली शाखा की पद्धति का निर्माण किया। संघ की यह शाखा चरित्रवान हिन्दू खड़े करने का कार्य करती है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि शेर का एक बच्चा भेड़-बकरियों के बीच पलते-पलते उन्हीं जैसा बन गया था। एक दिन जंगल के शेर ने उसकी गर्दन पकड़कर पूछा कि तुम इनके साथ कैसे रह रहे हो। फिर उसे पानी में उसका चेहरा दिखाकर दहाड़ लगवायी और उसका आत्मबोध कराया। देश के विभाजन के समय स्वयंसेवकों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना हजारों हिन्दुओं की रक्षा की। चीन युद्ध के समय स्वयंसेवकों ने सेना की सहायता की तथा रक्तदान किया। इसी कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू ने गणतंत्र दिवस की परेड में स्वयंसेवकों को सम्मिलित होने का अवसर दिया। कोरोना काल में भी स्वयंसेवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की।

RSS swamsevak

संघ एक वैचारिक प्रवाह है

महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगाया गया। तब संघ की ओर से कहा गया कि यदि इस घटना में संघ की संलिप्तता है तो उसे सिद्ध किया जाए। इस प्रतिबन्ध के विरोध में लाखों कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया और अंततः प्रतिबंध हटा लिया गया। इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध घोषित किए जाने के बाद आपातकाल लगाया गया और संघ पर पुनः प्रतिबंध लगा दिया गया। संघ के स्वयंसेवक 18 महीने तक जेलों में बंद रहे फिर बाद में वह प्रतिबंध हटा। संघ के 67 हजार स्वयंसेवकों ने सत्याग्रह किया। आज Join RSS के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 38 हजार लोग संघ से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ एक वैचारिक प्रवाह है। इसलिए संघ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह राष्ट्र हिन्दू समाज का है। यदि हिन्दू मजबूत होगा तो राष्ट्र मजबूत होगा और यदि हिन्दू कमजोर होगा तो राष्ट्र भी कमजोर होगा। संघ ने हिन्दू समाज में आत्मबोध जगाने का कार्य किया है। इस देश के साधु-संत भारत को हिन्दू राष्ट्र मानते हैं।

तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री अन्नादुरई ने कहा था कि हिमालय पर चीन का हमला तमिलनाडु पर हमला है, जबकि वे संघ के घोर विरोधी थे। भारत में सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग, डाक-तार विभाग, दूरदर्शन, थलसेना, नौसेना तथा वायुसेना के बोध-वाक्य भारतीय वाङ्मय से लिए गए हैं, न कि कुरान अथवा बाइबिल से।

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हिन्दू समाज का संगठन ही राष्ट्रबल

चक्रधर जी ने कहा कि, भारत का विचार करना अर्थात हिन्दू की बात करना है। हिन्दू इस भूमि को मातृभूमि मानता है। इसकी आध्यात्मिक शक्ति तथा संस्कारों को अपना मानता है। संघ भी यही मानता है। देश केवल कल-कारखानों से नहीं, बल्कि सद्गुणों के संवर्धन से आगे बढ़ता है।

चरित्रवान समाज और राष्ट्रीय चेतना

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी कहते थे कि आँखों से स्वार्थ का पर्दा हटाकर देश के साथ चलने वाला नागरिक ही देश को महान बना सकते हैं । रवीन्द्रनाथ ठाकुर कहते हैं कि गाँव-गाँव में चरित्रशील और संवेदनशील नायक होने चाहिए। डॉ. हेडगेवार ने भी यही कार्य करने के लिए गाँव-गाँव तक शाखा पहुँचाने का उपक्रम किया। स्वामी विवेकानन्द जी कहते हैं— “गर्व से कहो, हम हिन्दू हैं।” जब हिन्दू नाम सुनते ही आपको ऊर्जा का अनुभव हो, तब आप हिन्दू कहलाने के अधिकारी हैं। जब दुनिया के किसी भी अकेले हिन्दू का दुःख देखकर आप उसे अपना दुःख मान सकें, तब आप हिन्दू हैं। हिन्दू समाज को प्रलोभन देकर कुछ लोग योजनाबद्ध रूप से मतांतरण का कार्य कर रहे हैं, जो बंद होना चाहिए। देश के बारे में अच्छा विचार करने वाली सज्जन शक्ति के साथ मिलकर देश को आगे बढ़ाना है।

परिवार, समरसता और सामाजिक एकता

आज देश में परिवार व्यवस्था का क्षरण हुआ है। बंगाल के गवर्नर लॉर्ड कर्जन ने जब आशुतोष मुखर्जी से विलायत जाने के लिए कहा, तब उन्होंने उत्तर दिया कि अपनी माता की अनुमति के बिना वे नहीं जा सकते। इस पर कर्जन ने कहा कि क्या आपकी माता हमसे अधिक शक्तिशाली हैं? उन्होंने उत्तर दिया— “हाँ।” माता की अनुमति मिलने के बाद ही वे विदेश गए। डॉ. राममनोहर लोहिया ने अपनी माता की सेवा को पीएच.डी. से अधिक महत्वपूर्ण बताया। छुआछूत समाज को तोड़ती है, क्योंकि हमारे देश में अनेक महान ऋषि अपने ज्ञान और अध्यात्म के कारण प्रसिद्ध हुए, न कि केवल अपने जन्म के कारण। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी कार्यपद्धति में “एक सह-सम्पत” के माध्यम से समाज की सभी जातियों को एक साथ खड़ा करने का कार्य किया है, जन्म के आधार पर नहीं। महात्मा गांधी वर्धा के संघ शिविर में बिना जाति-भेद के सभी स्वयंसेवकों को एक साथ हिन्दू के रूप में रहते देखकर अत्यंत प्रभावित हुए।

पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जीवन-मूल्य

पर्यावरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पौधे ऑक्सीजन देकर हमारा जीवन सुरक्षित रखते हैं, इसलिए पर्यावरण की रक्षा अत्यंत आवश्यक है। विदेशी विद्वान भी पर्यावरण के विषय में भारत से सीखने की बात करते हैं। पर्यावरण-अनुकूल लखनऊ के भंडारे सराहनीय हैं। स्व के आचरण में अपना नववर्ष, अपना जन्मदिन, अपना भोजन तथा अपना विकास भारतीय जीवन-मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। हम सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि हमें इस भूमि में जन्म मिला। रसखान ने भी अपनी रचनाओं में ब्रजभूमि में जन्म लेने की इच्छा व्यक्त की है। अन्त में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बन्धु प्रशिक्षण के पश्चात अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर संघ कार्य का विस्तार करें तथा नई ऊर्जा और उत्साह के साथ समाज जीवन में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

यह समारोह प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माण यज्ञ में आहुति का प्रकटीकरण है – पद्मश्री रामसरन वर्मा जी

समापन समारोह के प्रमुख अतिथि नव-अन्वेषक एवं प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा जी ने कहा कि, यह एक प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माण यज्ञ में आहुति का प्रकटीकरण है। यहाँ प्रशिक्षित सभी स्वयंसेवकों की कर्तव्य है कि जहांँ भी समाज में अलगाव हो वहाँ एकजुटता लाएंँ। उन्होंने आशा जतायी कि देश,धर्म और संस्कृति की रक्षा का जो दायित्व स्वयंसेवकों पर है उसका निर्वहन करेंगे।

289 स्वयंसेवकों ने प्राप्त किया 20 दिवसीय प्रशिक्षण

कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के अवध, कानपुर, काशी एवं गोरखपुर प्रांतों के विभिन्न जनपदों से आए 289 स्वयंसेवकों ने 20 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। स्वयंसेवकों को शारीरिक, बौद्धिक ,व्यवस्थापन, सेवा, सम्पर्क, प्रचार एवं संगठनात्मक विषयों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रभाव का विकास हो सके। प्रशिक्षण के दौरान 7 जून को आयोजित कुटुम्ब-सहभोज कार्यक्रम में वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षार्थियों के लगभग 200 परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह कार्यक्रम संघ के पंच परिवर्तन के अन्तर्गत चल रहे कुटुम्ब प्रबोधन कार्य की भावना को सशक्त करने वाला अवसर बना। परिवारों के बीच संवाद, परिचय एवं सहभागिता के माध्यम से पारस्परिक सम्बन्धों को और अधिक सुदृढ़ बनाया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

आज के इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रेम कुमार जी, क्षेत्र संघचालक कृष्ण मोहन जी, वर्ग के सर्वाधिकारी एवं अवध प्रान्त के प्रान्त संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, सह क्षेत्र कार्यवाह अनिल जी, वर्ग कार्यवाह एवं क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण जी, क्षेत्र के शारीरिक प्रमुख अखिलेश जी, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी, क्षेत्र के सेवा प्रमुख युद्धवीर जी, राष्ट्रधर्म प्रकाशन समूह के निदेशक मनोज कान्त जी, क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख मनोज कुमार जी, क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष चन्द्र जी, क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख राजेन्द्र जी, प्रान्त प्रचारक कौशल जी, सह प्रांत संघचालक सुनीत खरे जी , सह विभाग संघचालक भुवनेश्वर जी, संयुक्त क्षेत्र ग्राम विकास प्रमुख वीरेन्द्र सिंह जी, अ.भा. सह संगठन मंत्री, विद्या भारती यतीन्द्र जी, क्षेत्र संगठन मंत्री विद्या भारती हेमचन्द्र जी, प्रान्त कार्यवाह प्रशान्त जी, सह प्रान्त कार्य़वाह संजय सिहं, सह प्रान्त कार्यवाह डॉ. अविनाश वर्मा जी, सह प्रांत प्रचारक संजय जी, वर्ग के कार्यवाह देवेन्द्र अस्थाना जी, सह वर्ग कार्यवाह राजबिहारी जी, क्षेत्र संगठन मंत्री मजदूर संघ अनुपम जी, क्षेत्र मुख्य मार्ग कार्य प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना जी, प्रान्त के सम्पर्क प्रमुख गंगा सिंह जी, प्रान्त प्रचार प्रमुख अशोक दुबे जी, प्रान्त व्यवस्था प्रमुख रामनरेश जी, एमएलसी महेन्द्र सिंह जी, भाजपा नेता नीरज सिंह, अपर महाधिवक्ता कुलदीप त्रिपाठी जी, सरदार निर्मल सिंह जी, पूर्व आईएस अवनीश अवस्थी जी, BBAU के वाइस चासंलर आर. के. मित्तल जी, डॉ. शकुन्तला विश्वविद्यालय के वाइस चासंलर संजय सिंह जी, कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एम. एल. भट्ट जी, लखनऊ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. जे. पी. सैनी जी, NBRI निदेशक अजीत शासने जी, IAS अनीता भटनागर जैन, पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई, भाषा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अजय तनेजा जी तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

June 6, 2026

सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के समन्वय से ही विश्वगुरु बनेगा भारत : जगद्गुरु रामभद्राचार्य

– अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के विकास के लिए रामभद्राचार्य ने दिए एक लाख रुपये
– सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर विशिष्ट व्याख्यान
लखनऊ, 06 जून । पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति भारत की अक्षुण्ण धरोहर हैं, जिनमें मानव कल्याण, नैतिक मूल्यों और विश्वबंधुत्व की भावना निहित है। नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं और सनातन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यही सांस्कृतिक सामंजस्य भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा। इस अवसर पर उन्हाेंने अखिल भारतीय संस्कृत परिषद के विकास के लिए एक लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। वहीं लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने पुस्तकालय एवं अन्य विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
अखिल भारतीय संस्कृत परिषद लखनऊ के तत्वावधान में शनिवार को परिषद सभागार में सनातन धर्म और भारतीय वैदिक संस्कृति का सामंजस्य विषय पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान एवं जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के अभिनंदन समारोह में देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, संस्कृत प्रेमियों और शोधार्थियों ने सहभागिता की। ज्ञानपीठ, पद्मविभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत जगद्गुरु ने कहा कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का संदेश भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भारतवर्ष और भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भारत के प्रति समर्पण ही सच्ची भक्ति और भारतीयता का आधार है। जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने भी अपने विचार रखे। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा रचित भाष्यों की विशिष्टताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
परिषद के मंत्री प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक कुमार शतपथी ने किया। वैदिक मंगलाचरण एवं शांति पाठ कुलवंत और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, डॉ. रविकिशोर त्रिवेदी, डॉ. युग्गीलाल दीक्षित, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, आईएएस डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, प्रो. हरिशंकर मिश्र, प्रो. रामसुमेर यादव, प्रो. अनिल प्रताप गिरि सहित अनेक विद्वान, शोधार्थी और संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।

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