श्री कृष्ण प्रताप सिंह, जयंती पर आयोजित हुई 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यानमाला
साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा क्षेत्र की विभूतियों का हुआ सम्मान, तीन पुस्तकों का लोकार्पण
‘संत विवेक’ विशेषांक
समाज को दिशा देने वाली विभूतियों का सम्मान हमारी सांस्कृतिक परंपरा : कुंवर मानवेंद्र सिंह
लखनऊ, 10 जुलाई। ‘कृष्णप्रताप विद्याविन्दु लोकहित न्यास’, ‘शिव सिंह सरोज स्मारक समिति’ और ‘अखिल भारतीय साहित्य परिषद’ के संयुक्त तत्वावधान में गोमती नगर स्थित सीएमएस विशाल खंड के सभागार में श्री कृष्ण प्रताप सिंह की जयंती के अवसर पर 23वीं अध्यात्म चिंतन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। स्वर्गीय कृष्ण प्रताप सिंह एवं अखंड प्रताप सिंह के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि साहित्य का वास्तविक उद्देश्य केवल शब्दों का सृजन नहीं, बल्कि मनुष्य के हृदय तक पहुंचकर उसे संवेदनशील और संस्कारित बनाना है। उन्होंने यह विचार ‘श्री कृष्ण प्रताप विद्या विन्दु लोकहित न्यास’ एवं ‘श्री शिव सिंह सरोज स्मारक समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन धर्म, संस्कृति, समाज, संस्कार और सेवा की भावना को सशक्त करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय चिंतन और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि ‘संत विवेक-2026’ का विशेषांक भक्ति काव्य, भारतीय आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत का समृद्ध दस्तावेज है। उन्होंने डॉ. विद्या विन्दु के संपादकीय की सराहना करते हुए कहा कि इसमें भारतीय संस्कृति, भक्ति और पारिवारिक मूल्यों का गहन एवं प्रेरणादायी चित्रण है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के प्रति श्रद्धा ही ईश्वर भक्ति का प्रथम सोपान है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विशेषांक पाठकों को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करेगा। समारोह को विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने साहित्यकारों का अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया।
शिव सिंह सरोज स्मारक समिति की अध्यक्ष रमा सिंह ने संगोष्ठी की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में पद्मश्री अनिल रस्तोगी, डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. दिनेश प्रताप सिंह, चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. मांडवी सिंह, सरिता सिंह, डॉ. शुभदा पाण्डेय, डॉ. मीनू खरे, पद्मश्री डॉ राम कठिन सिंह, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’ अर्चना शुक्ला हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट तथा डॉ. दिवाकांत मिश्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया। साथ ही अनेक युवा प्रतिभाओं को प्रमाणपत्र, मेडल, अंगवस्त्र, बैग एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ। समारोह का संचालन डॉ. भारती सिंह, अर्चना सतीश एवं विजय कृष्ण सिंह मानक ने किया। राष्ट्रगान एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।