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FPIs sell Indian equities worth Rs 42,927 crore in the first week of June

June 7, 2026

FPIs sell Indian equities worth Rs 42,927 crore in the first week of June

Posted on 07.06.2026 Time 07.37 News Source PB-AIR

New Delhi, 07 June 2026, Foreign Portfolio Investors (FPIs) offloaded Indian equities worth Rs 42,927 crore in the first week of June and remained net sellers during all five trading sessions for the week. With this, the total FPI outflows from the equity market have crossed 2.67 lakh crore rupees so far this year, according to depository data.

The continued selling by foreign investors is largely attributed to ongoing tensions in West Asia, which have now reached the 100-day mark as the United States and Iran have yet to reach a peace agreement despite multiple rounds of negotiations. This geopolitical uncertainty has weighed heavily on investor sentiment, stoking risk aversion amid intensifying fears over volatile energy prices and prolonged supply chain disruptions.

Meanwhile, the emergence of more attractive investment opportunities in the artificial intelligence sector across global markets has prompted many foreign investors to reallocate their capital, leading to sustained outflows.

June 2, 2026

बीते वित्त वर्ष में भारत का सब्सिडी व्यय  4,53,854 करोड़ रुपए 

  • वित्तीय वर्ष Fy 2025-2026 के लिए भारत सरकार के खाते (अनंतिम/अलेखापरीक्षित)

Posted Date:01 June, 2026 News Source PIB, New Delhi

  • वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए भारत सरकार के खातों ( अस्थायी/अलेखापरीक्षितको समेकित किया गया है और रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:-

नई दिल्ली।भारत सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के में  33,85,982 करोड़ रुपये ( कुल प्राप्तियों के संबंधित संशोधित अनुमान 2025-26 का 99.4%) प्राप्त हुएजिसमें 26,23,264 करोड़ रुपये कर राजस्व (केंद्र के लिए शुद्ध), 6,78,961 करोड़ रुपये गैरकर राजस्व और 83,757 करोड़ रुपये गैरऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। गैरऋण पूंजीगत प्राप्तियों में ऋण की वसूली (24,617 करोड़ रुपयेऔर विविध पूंजीगत प्राप्तियां (59,140 करोड़ रुपयेशामिल हैं। इस अवधि तक भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में 13,92,971 करोड़ रुपये जारी किए गए हैंजो पिछले वर्ष की तुलना में 1,06,086 करोड़ रुपये ज़्यादा है।

 

भारत सरकार का कुल व्यय 49,05,151 करोड़ रुपये (संबंधित संशोधित अनुमान 2025-26 का 98.8%) हैजिसमें से 38,36,032 करोड़ रुपये राजस्व खाते पर और 10,69,119 करोड़ रुपये पूंजीगत खाते पर  है। कुल राजस्व व्यय में से12,42,575 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के लिए और 4,53,854 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों के लिए हैं।

March 2, 2026

फरवरी में GST संग्रह 1 लाख 83 हजार करोड़ से अधिक

इस वर्ष फरवरी में वस्‍तु और सेवाकर यानी जीएसटी संग्रह एक लाख 83 हजार करोड़ रूपये से अधिक रहा है। इसी महीने केन्‍द्रीय जीएसटी संग्रह 37 हजार 473 करोड़ रूपये और राज्‍य जीएसटी संग्रह 45 हजार 900 करोड़ रूपये रहा। एकीकृत जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रूपये से अधिक था।

February 28, 2026

Economy grew at 7.8% in the third quarter of the current FY

New Delhi. Indian economy grew at 7.8% in the third quarter of the current financial year. The growth rate in Real GDP during 2025-26 is estimated at 7.6% as compared to 7.1% in 2024-25. The Ministry of Statistics and Programme Implementation today released the New Series of Annual and Quarterly Estimates with base year 2022-23. It has replaced the previous series with the base year of 2011-12.
The Ministry added that the Financial Year  2022-23 has been selected as the base year because it represents a recent normal year after COVID. It provides robust and comprehensive data across sectors of the economy, making it an appropriate benchmark for the new series of Annual and Quarterly National Accounts Estimates. As per the statistics, the overall Economic performance in the current financial year is primarily on account of robust Real growth observed at 8.4% in Second Quarter and  7.8% in the Third Quarter.
The Economy has exhibited sustained performance, recording Real GDP growth rates of 7.2% in 2023-24 and 7.1% during  2024-25.
The Ministry said that the manufacturing sector has been the major driver in contributing to the resilient performance of the economy in the three consecutive financial years after rebasing. This sector has attained double-digit growth rates in Financial Years  2023-24 and 2025-26.
Secondary and Tertiary sectors have boosted the performance of the economy by registering above 9%  growth rate in the current fiscal year. It added that trade,  Hotels, Transport, and  Services related to Broadcasting, Storage sector have attained a growth rate of 10.1% at Constant Prices in 2025-26. On the Consumption side, both the Private Final Consumption Expenditure (PFCE) and Gross Fixed Capital Formation have exhibited more than 7% growth rate in 2025-26.

February 25, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में भारतीय मूल के लोगों को सम्बोधित किया

  • जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ : मुख्यमंत्री
  • हम लोगों को मिलकर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा
  • उ0प्र0 में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे
  • मुख्यमंत्री ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं
लखनऊ : 25 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ है। इस प्रकार भारत और जापान एक-दूसरे को जोड़ते हैं। हम यहां दो दर्जन से अधिक डेलीगेशन से मिले हैं, जिनमें राजनेता, मंत्री, गवर्नर व उद्योगपति शामिल थे। सभी लोग भारत और उत्तर प्रदेश की तारीफ कर रहे थे। हर डेलीगेशन बहुत सकारात्मक भाव के साथ भारत में निवेश करने को इच्छुक है। उन्हें उत्तर प्रदेश में ‘ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन’ की त्रिवेणी देखने को मिल रही है। यह चीजें दिखाती हैं कि हमारी दिशा एकदम सही है। हमें अपनी स्पीड को और बढ़ाना होगा। उस स्पीड को निरन्तरता देने के लिए हमें आपके सकारात्मक सहयोग की भी अपेक्षा रहेगी।
मुख्यमंत्री जी आज टोक्यो, जापान में भारतीय मूल के लोगों के साथ ‘संवाद कार्यक्रम’ को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बेटियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी के शास्त्रीय संगीत व उत्तराखण्ड के जागर का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय दुनिया के अंदर आर्थिक क्षेत्र में काफी उथल-पुथल मची हुई है, जो बहुत दिनों तक नहीं रहेगी। धैर्य के साथ पूरी दुनिया इसे देख रही है। हम लोगों को भी इन स्थितियों में जिस देश में रह रहे हैं, वहां का संबल बनना होगा, लेकिन साथ-साथ अपने देश के बारे में भी सोचना है और उसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना है।

जापान में भारतीय मूल के लगभग 55 हजार लोग रहते हैं। हमें अलग-अलग समूह बनाने के बजाय यहां की सरकार के साथ मिलकर जापान के विकास में योगदान देने के साथ-साथ भारत के विकास कार्यक्रमों को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। यद्यपि हमारे प्रवासी भारतीय इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। हम लोगों को मिलकर इन विकास कार्यक्रमों को और मजबूती देनी होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में जब भी भारतीय मूल के लोगों या किसी देश पर कोई संकट आता है, तो भारत द्वारा सहायता पहुंचती है। प्रधानमंत्री जी स्वयं फ्रण्ट फुट पर रहकर अपने लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने में योगदान देते हैं। भारत कभी भी अपने नागरिकों के हितों, उनकी सुरक्षा में सेंध नहीं लगाने देता, हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है। भारतीय मूल के लोगों को अपने देश की उन्नति और समृद्धि के लिए अपना योगदान देना चाहिए। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ हमें कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीराम सूर्यवंश परम्परा में पैदा हुए थे। महात्मा बुद्ध ने भी उसी कड़ी को आगे बढ़ाया। अलग-अलग समय में अवतारों ने अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए उस समय की मानवता का मार्ग प्रशस्त किया। यह सभी अवतार मानव जाति के विकास की क्रमिक यात्रा का प्रतिनिधित्व और उसके मार्ग प्रदाता रहे हैं।
भारतीय सनातन धर्म परम्परा ने धर्म को केवल उपासना विधि से ही नहीं जोड़ा है, बल्कि कर्तव्यों के साथ भी जोड़ा है। सनातन परम्परा को जीवन पद्धति के रूप में अंगीकार किया है। इसको ‘वे ऑफ लाइफ’ माना गया है, जो आपको नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने, अपने से बड़ों के प्रति और धरती के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने की प्रेरणा प्रदान करती है। हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन करें। यही हमारा धर्म है और भारतीय जहां भी रहते हैं, वह अपने धर्म का पालन करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर जापान में भारतीय मूल के रह रहे लोग यहां के विकास में योगदान दे रहे हैं। आप सभी ने अपनी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को संजो कर रखा है। विभिन्न पर्व और त्योहारों में आप सभी की एकजुटता इस बात को प्रदर्शित करती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से विगत 24 जनवरी को यहां भी ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ मनाया गया। इस प्रकार के क्षण हमें अपने राज्य व राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों व नये संकल्पों के निर्वहन का अवसर प्रदान करते हैं। पर्व और त्योहार इन्हीं संकल्पों के प्रतीक हैं।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार ने दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव के भव्य कार्यक्रम शुरू किए। दीपोत्सव कार्यक्रम के आरम्भ वर्ष में हमने प्रदेशभर से 51,000 दीपक इकट्ठे किए थे और आज हम अयोध्या में बने 25 से 30 लाख दीपक वहां एक साथ प्रज्ज्वलित करते हैं। आज बरसाना, मथुरा में लोगों ने लठ्ठमार होली खेली। कल बरसाना में 05 लाख लोग थे और आज नंद गांव में उससे भी ज्यादा भीड़ है। लोगों में उत्साह व उमंग है। जीवन की इस आपाधापी में कुछ समय अपने मूल्यों, आदर्शों के साथ बिना किसी भय, तनाव से मुक्त होकर व्यक्ति जी सके, यही जीने का आनन्द है। डर की वजह से व्यक्ति कब तक जिएगा, उसे बेहतर वातावरण प्रदान करना लोकप्रिय सरकार का धर्म है और हमारी सरकार ने अपने इस धर्म का निर्वहन किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज लोगों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ी है। विकास और उन्नति का भाव लोगों के मन में एक नया आकर्षण पैदा कर रहा है। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। दुनिया के कई देशों की तो इतनी आबादी भी नहीं है। वर्षभर में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ टूरिस्ट विभिन्न तीर्थ स्थलों व पर्यटन स्थलों पर आए हैं। प्रदेश सरकार ने इन स्थलों के विकास के लिए कार्ययोजना बनायी है, ताकि हम अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर सकें, क्योंकि विरासत पर गौरव की अनुभूति करके ही कोई समाज आगे बढ़ सकता है। विरासत पर गौरव की अनुभूति ही कृतज्ञता का ज्ञापन है।
हम भारतीयों के मन में सदैव अपनी मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का भाव रहता है। ‘कृते च प्रति कर्तव्यं एष धर्मः सनातनः’ अर्थात किए गए उपकार के बदले में उपकार करना ही सनातन धर्म है। इस प्रेरणा से ओतप्रोत होकर जब हम कार्य करते हैं, तो यह कर्तव्यबोध हम सभी भारतीयों को जीवन के हर क्षेत्र में एक नई ऊंचाई प्रदान करता है। दुनिया में भारतीयों ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। कुछ नया करके दिखाया है। लोगों के लिए एक नई प्रेरणा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाईयां प्राप्त कर रहा है। देश व दुनिया को एक ‘नये भारत’ के दर्शन हो रहे हैं। हम ‘विकसित भारत की संकल्पना’ को साकार होते देख रहे हैं। हमारी पीढ़ी इस बात पर गौरव की अनुभूति कर सकती है कि हमने अपनी विरासत को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया और विकसित भारत के सभी आयामों को छूने का प्रयास किया है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। समग्र विकास के साथ अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। अच्छी कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है। उत्तर प्रदेश में भारत की सर्वाधिक आबादी निवास करती है। उत्तर प्रदेश ने भी विकास के नए आयाम छूने के कार्य किए हैं। अब आप लोगों को उत्तर प्रदेश से कर्फ्यू, दंगों, उपद्रव के समाचार नहीं, बल्कि उत्सव के समाचार आते होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे हैं। दुनिया के निवेशक भारत के सामर्थ्य व सम्भावनाओं को समझ रहे हैं और इसकी सराहना भी कर रहे हैं। हम देश के हित व विकास तथा मानवता के कल्याण के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। हमारी ताकत दुनिया को मैत्री और करुणा के पथ पर अग्रसर करने के लिए है। किसी को डराने या किसी पर जबरन शासन करने के लिए नहीं। भगवान श्रीराम ने हम सबको यही प्रेरणा दी है कि ‘अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर हम सबको मिलकर ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री  नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक, सलाहकार मुख्यमंत्री  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह तथा भारतीय मूल के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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