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रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करें: कृषि मंत्री

May 20, 2026

रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करें: कृषि मंत्री

शिवराज सिंह चौहान

भुवनेश्वर, 20 मई 2026, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से उर्वरक प्राप्त करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। उन्‍होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए जैविक खेती पर अधिक जोर देने की आवश्‍यकता पर बल दिया। भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने सब्सिडी वाले उर्वरकों के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी दी और राज्यों से नकली और घटिया गुणवत्ता वाले उर्वरकों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

केंद्रीय मंत्री ने उर्वरक सब्सिडी के लिए केंद्र द्वारा स्वीकृत 41 हजार करोड़ रुपये की राशि पर भी प्रकाश डाला और किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। फसल के मौसम में संभावित अल नीनो की स्थिति और कम वर्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए, श्री चौहान ने किसानों को वर्षा के उतार-चढ़ाव से कम प्रभावित होने वाली फसलों का चुनाव करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस वर्ष एक से 15 जून तक राष्ट्रव्यापी “कृषि बचाओ अभियान” शुरू किया जाएगा।

May 15, 2026

यूपी में ‘चारा विकास’ हेतु मास्टर ट्रेनर्स एवं उत्पादकों का प्रशिक्षण संपन्न

Posted on 15.05.2026, Time 02.32 PM

लखनऊ, 15 मई 2026, उत्तर प्रदेश में हरे चारे की कमी के मद्देनजर प्रदेश के पशुपालन विभाग के तत्वावधान में भा.कृ.अनु.प.- भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झाँसी द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘चारा विकास’ हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 27 अप्रैल से 14 मई, 2026 तक आयोजित किया गया।

प्रदेश के समस्त 75 जिलों के पशुपालन एवं कृषि विभाग से कुल 125 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम दो-दिवसीय कुल 6 बैच में सम्पन्न कराया गया ।इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स को चारा विकास के निम्न पहलुओं पर जानकारी दी गयी तथा प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया:
•उत्तर प्रदेश में पशुधन एवं चारा उपलब्धता का परिदृश्य तथा क्षेत्रवार चारा विकास योजना
•विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के लिए उपयुक्त चारा उत्पादन तकनीकियाँ एवं वर्ष पर्यंत चारा उत्पादन प्रणाली
•बारानी, गोचर भूमियों एवं गौशालाओं हेतु चरागाह, वन-चरागाह एवं उद्यान चरागाह प्रणाली
•समस्याग्रस्त दशाओं तथा गैर-परंपरागत स्रोतों से चारा उत्पादन तकनीकियाँ
•पशुधन आहार प्रबंधन एवं चारा संरक्षण की विधियाँ

प्रतिभागियों ने उन्नत चारा तकनीकियों की जानकारी के साथ-साथ तकनीकियों के प्रसार हेतु विशेषज्ञों से विचार-मंथन भी किया। कार्यक्रम से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण उपरान्त अपने जनपदों के पशुपालक किसान, कृषि उद्यमी एवं गौशाला संचालकों को प्रशिक्षित कर उनका क्षमता विकास करने हेतु कार्ययोजना भी बताई गयी ।

मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के अलावा प्रदेश के ‘चारा उत्पादक किसानों एवं गौशाला संचालकों’ हेतु आयोजित किये जा रहे ‘एकदिवसीय’ भ्रमण एवं प्रशिक्षण’ कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 7 जनपदों के कुल 106 चारा उत्पादकों एवं गौशाला संचालकों को ‘चारा उत्पादन, संरक्षण एवं उपयोग’ के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया । इस कार्यक्रम से कुल 1125 चारा उत्पादक किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है ।

‘चारा विकास’ के लक्ष्य से आयोजित उक्त ‘प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम’ से चारा तकनीकियों का प्रदेशव्यापी प्रभावी प्रसार होगा जिससे हरे चारे का उत्पादन बढेगा जोकि पशुधन उत्पादकता एवं कृषक आजीविका के लिए हितकर होगा।
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May 6, 2026

गन्ना किसानों को 2026-27 के लिए 365 रु. प्रति क्विंटल FRP: शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान

केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान

सरकार का बड़ा किसान हितैषी फैसला
5 करोड़ गन्ना किसानों और 5 लाख श्रमिकों को मिलेगा लाभ, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत- श्री शिवराज सिंह

Posted on May 06, 2026, Time 02.06 PM

नई दिल्ली, 05 मई 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के हित में बड़ा, संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लिया है। चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो गन्ना किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें उत्पादन का बेहतर प्रतिफल दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्री चौहान ने कहा कि यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केंद्र सरकार किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिया गया यह फैसला देश के करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला है। उन्होंने कहा कि 10.25 प्रतिशत की बेसिक रिकवरी दर पर 365 रु. प्रति क्विंटल FRP स्वीकृत किया गया है। साथ ही, 10.25 प्रतिशत से अधिक रिकवरी पर प्रत्येक 0.1 प्रतिशत वृद्धि के लिए 3.56 रु. प्रति क्विंटल का प्रीमियम दिया जाएगा, जबकि 10.25 प्रतिशत से कम रिकवरी पर इसी दर से FRP में कमी का प्रावधान है।

श्री चौहान ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि केंद्र सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक अत्यंत मानवीय और किसान-पक्षीय निर्णय भी लिया है। जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम रहेगी, वहां भी किसानों के FRP में कोई कटौती नहीं की जाएगी और ऐसे किसानों को 338.30 रु. प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल मूल्य वृद्धि भर नहीं है, बल्कि किसानों को सुरक्षा, स्थिरता और सम्मान देने का संकल्प भी है। चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत 182 रु. प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि घोषित FRP 365 रु. प्रति क्विंटल है, जो लागत से 100.5 प्रतिशत अधिक है। यह भी उल्लेखनीय है कि नया FRP वर्तमान चीनी सत्र 2025-26 की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है।

श्री चौहान ने कहा कि देश का चीनी क्षेत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण कृषि आधारित क्षेत्र है, जो लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके परिजनों के जीवनयापन से जुड़ा है। इसके साथ ही, चीनी मिलों तथा संबंधित गतिविधियों में कार्यरत लगभग 5 लाख श्रमिकों को भी इस निर्णय से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्पिछले चीनी सत्र 2024-25 में देय 1,02,687 करोड़ रु. में से लगभग 1,02,209 करोड़ रु. का भुगतान 20 अप्रैल 2026 तक किया जा चुका था, यानी लगभग 99.5 प्रतिशत गन्ना बकाया भुगतान हो चुका था। वहीं, चालू चीनी सत्र 2025-26 में देय 1,12,740 करोड़ रु. में से लगभग 99,961 करोड़ रु. का भुगतान 20 अप्रैल 2026 तक किया जा चुका है, जो लगभग 88.6 प्रतिशत है।

April 28, 2026

मैनपुरी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ भाकियू का हल्लाबोल, बिजली विभाग का पुतला फूंका

मैनपुरी , 27 अप्रैल 2026, स्मार्ट मीटर और बिजली विभाग की कथित मनमानी के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) ने मैनपुरी में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता मदार दरवाजे पर एकजुट हुए और बिजली विभाग का पुतला फूंककर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान ‘स्मार्ट मीटर हटाओ’ और ‘विद्युत विभाग मुर्दाबाद’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भाकियू (महाशक्ति) के नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहा है। संगठन का कहना है कि महज 100 रुपये के बकाये पर भी कनेक्शन काट दिए जा रहे हैं, जिससे किसान और आम उपभोक्ता परेशान हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल अधिक आ रहे हैं और चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। भाकियू ने बिजली विभाग को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई कि अगर इस अवधि में स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संगठन सड़क पर उतरकर और भी भव्य आंदोलन करेगा। गौरतलब है कि मैनपुरी के करहल क्षेत्र में पहले भी स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध हो चुका है। ग्रामीणों और किसान संगठनों का आरोप है कि विभाग कर्मचारी घरों में घुसकर दबंगई दिखाते हैं और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करते हैं। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर से गलत बिल की समस्या खत्म होगी और उपभोक्ता मोबाइल ऐप से खपत देख सकेंगे। फिलहाल बिजली विभाग के अधिकारी इस प्रदर्शन पर कोई प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।

Farmer Suicides : फसल में नुकसान और बैंक कर्ज से परेशान दंपत्ति ने की आत्महत्या

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मैनपुरी, 27 अप्रैल 26, थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव अढूपुर निवासी वृद्ध दंपती संतोष कुमार और राधा देवी सोडरा गांव के पास अचेत अवस्था में मिले। ग्रामीणों ने जब उन्हें देखा तो इसकी सूचना परिजन को दी। परिजन दंपती को सैफई अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया।

 घटना की सूचना मिलते ही दंपती का एक बेटा दिलीप जो फौज में तैनात है, वह घर पर आ गया। वहीं दूसरा बेटा खेती करता है जो पहले से ही घर पर मौजूद था। घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी SP Rural Abhishek Tiwari भी क्षेत्राधिकारी करहल और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि दंपती के जहर खाकर आत्महत्या की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के स्पष्ट कारणों के लिए अभी जांच की जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात है वहीं ग्रामीणों की मानें तो मृतक किसान के ऊपर बैंक का कर्ज था। वह आलू में घाटे की वजह से परेशान भी थे। कई बार किसान ने कहा था कि कर्ज खत्म करने के लिए चाहे मुझे अपने खेत को बेचना पड़े मैं बेच दूंगा।
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