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एटा में पति से कहासुनी के बाद विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

September 14, 2026

एटा में पति से कहासुनी के बाद विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

एटा 10 सितंबर उप्रससे। जनपद में जलेसर थाना क्षेत्र के सराय खानम मोहल्ले में गुरुवार को पति से कहासुनी के बाद 32 वर्षीय पूनम ने अपने अधूरे मकान में बल्ली पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

परिजनों ने बताया कि पति से कहासुनी के बाद 32 वर्षीय पूनम पत्नी संजय निवासी सराय खानम ने अपने अधूरे मकान में बल्ली से लटककर जान दे दी। पूनम की शादी करीब 10 साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा राज करीब 9 साल का है, जबकि छोटा बेटा प्रेम करीब 5 साल का है।
घटना की सूचना मिलते ही जलेसर पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भी फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया।

क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच कुछ कहासुनी हुई थी। इसके बाद महिला ने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

एटा में आपसी कहासुनी के बाद मां-बेटे को घर में घुसकर लाठी-डंडों से पीटा, रिपोर्ट दर्ज

एटा 10 सितंबर उप्रससे। जनपद में जलेसर थाना क्षेत्र के मुड़ई गांव में दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने रुद्र रूप ले लिया और मारपीट हो गई। कुछ लोगों ने घर में घुसकर मां-बेटे को जमकर लाठी-डंडों से पीटा, जिसमें वे घायल हो गए।

पीड़ित तरुण कुमार ने जलेसर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने उन पर और उनकी मां पर हमला किया। इस हमले में उनकी मां को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल महिला को इलाज और मेडिकल जांच के लिए जलेसर के जनेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद, गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने महिला को बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।

जलेसर थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई, जिसमें महिला को चोटें आईं। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरक्षी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु, पोखरे में मिला शव

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 14/09/2026

बलिया,  बांसडीह रोड़ थाना क्षेत्र में चौरा मोड़ के रेलवे क्रासिंग के समीप पोखरे में बाइक सवार आरक्षी परितोष मिश्रा का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। आरक्षी की मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक आरक्षी बांसडीह कोतवाली थाना पर तैनात 2025 में नियुक्त आरक्षी परितोष मिश्रा की पोखरे में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत। जहां बांसडीह कोतवाली के कांस्टेबल शिवगोपाल पाल जो बेल कमेंट दाखिल करने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद जा रहे था उनको छोड़ने के लिए गए बलिया रेलवे स्टेशन गए थे और लौटते समय बांसडीह कोतवाली ड्यूटी पर नही पहुंचे तो तलाश होने लगी।लेकिन तलाशी की दौरान परितोष मिश्रा पर की बांसडीह रोड़ थाना क्षेत्र के रेलवे क्रासिंग के समीप एक पोखरे में मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया

शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त)
हिंदी दिवस के अवसर पर स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्वानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि हिंदी केवल हमारी अभिव्यक्ति और संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की संवाहक भाषा है। हिंदी ने सदियों से देश की विविध भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और समुदायों को आपस में जोड़ने का कार्य किया है।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो.आदित्य सिंह ने कहा कि हिंदी हमारे संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। हमें हिंदी को केवल सरकारी कामकाज या औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे ज्ञान, अनुसंधान, तकनीक और आधुनिक चिंतन की भाषा के रूप में भी विकसित करना चाहिए। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.आलोक मिश्र ने हिंदी को शिक्षा, व्यवहार और अनुसंधान की सशक्त भाषा बताते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक हिंदी हमारे जीवन के विभिन्न प्रसंगों में साथ रहती है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सहयोगी बनती है।विभाग के सहायक आचार्य डॉ. श्रीकांत मिश्र ने हिंदी को व्यक्ति की उन्नति के साथ-साथ राष्ट्र की उन्नति के लिए भी अपरिहार्य बताया। सहायक आचार्य श्री प्रमोद यादव ने हिंदी की उपयोगिता और व्यावहारिकता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हिंदी का प्रयोग शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहा है। डॉ. दुर्ग विजय ने हिंदी के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव, पठन-पाठन तथा व्यावहारिक प्रयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रति रुचि निरंतर बढ़ रही है और हिंदी का क्षेत्र व्यापक हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. बलवीर शर्मा ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी की भूमिका पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी विषय विद्यार्थियों के लिए रोजगार और सफलता के अनेक अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्वानों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डा.सुजीत वर्मा ने किया।समारोह में स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं के केशव चंद्र शर्मा, परवीन, कमल गुप्ता, कोमल सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण एवं काव्य-पाठ प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रभारी मंत्री ने बाढ़ प्रभावित ग्राम कसारी का निरीक्षण कर ग्रामीणों का जाना हाल

बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

*प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों को वितरित की बाढ़ राहत राशन किट*

शाहजहाँपुर, 14 सितम्बर ( संजीव गुप्त) उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा जनपद के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने जलालाबाद विधायक श्री हरिप्रकाश वर्मा एवं जिलाधिकारी श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह के साथ तहसील जलालाबाद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम कसारी पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने गांव में जलभराव एवं आवागमन की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और बाढ़ के कारण आवागमन में हो रही कठिनाइयों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा संपर्क मार्ग से संबंधित समस्या बताए जाने पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को संपर्क मार्ग की दोनों ओर दीवारों के निर्माण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे संपर्क मार्ग को क्षति न पहुंचे।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार खाद्य सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन पशु एवं फसल हानि का सर्वे कर मुआवजा दिलाया जाए।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए मा0 प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ की चपेट में आए परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी। सरकार एवं जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा राहत सामग्री का वितरण जरूरतमंद परिवारों तक समय से सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों द्वारा मंत्री जी से ग्राम कसारी को बाढ़ से बचने के लिए बांध बनाने के लिए कहा गया। मंत्री जी ने कहा कि बाढ़ समाप्त होने पर बांध बनाने की कार्रवाई जल्द प्रारंभ कराई जाएगी।

इसके उपरांत प्रभारी मंत्री ने कोला के विद्यालय में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को बाढ़ राहत राशन किट वितरित की। उन्होंने स्वयं ग्रामीणों को राहत सामग्री प्रदान करते हुए उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित से जानकारी ली तो कुछ लोगों ने बताया कि रहने के लायक घर नहीं बचा है। मंत्री ने रहने के लिए व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने प्रभारी मंत्री को जनपद में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रभावित गांवों तथा जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रही हैं तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है और संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि जनपद की बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तहसील जलालाबाद के 19 गांव प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 4 बाढ़ शरणालय स्थापित हैं तथा सभी 4 वर्तमान में संचालित हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
प्रभावित क्षेत्र में कुल 98.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित दर्ज है, जिसमें:
72.6 हेक्टेयर प्रभावित कृषि योग्य भूमि
25.9 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र
9.3 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र
फसल क्षति का अनुमानित मूल्य ₹9.2 लाख दर्ज किया गया है।
प्रशासन द्वारा 13 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी की जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 30 नावें तथा 10 मोटर बोट उपलब्ध हैं।
चिकित्सा व्यवस्था के अंतर्गत अब तक 1,688 व्यक्तियों का उपचार किया गया है।
पशु चिकित्सा के अंतर्गत 276 पशुओं का उपचार तथा 1,263 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के रूप में अब तक:
330 खाद्यान्न पैकेट
330 तिरपाल
330 त्रिपाल/अन्य निर्धारित राहत सामग्री
2,820 ORS पैकेट
1,450 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं।
प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, राहत सामग्री एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
जिला एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं, तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश हैं।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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