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एटा में कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू, भारी वाहनों और रोडवेज बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय

July 30, 2026

एटा में कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू, भारी वाहनों और रोडवेज बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय

एटा 30 जुलाई उप्रससे। जनपद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह व्यवस्था 31 जुलाई (शुक्रवार) शाम 8 बजे से लागू होगी और 3 अगस्त (सोमवार) शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा 7 से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त और 21 से 24 अगस्त तक भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।

पुलिस प्रशासन ने बताया कि श्रावण मास में बड़ी संख्या में कांवड़िए कासगंज के सोरों घाट से गंगाजल लेकर एटा के रास्ते विभिन्न शिवालयों तक पहुंचते हैं। इसे देखते हुए भारी वाहनों, रोडवेज बसों और सामान्य यातायात के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं।
अलीगढ़ और पिलुआ की ओर से मैनपुरी जाने वाले भारी वाहनों को एटा शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इन्हें एटा बाईपास से निकाला जाएगा। अलीगढ़ से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद मार्ग से होकर जाएंगे।
एटा से बदायूं और बरेली जाने वाले भारी वाहनों को कादरगंज मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। मैनपुरी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को भी शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं कासगंज से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन सोरों, अमांपुर, मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद मार्ग का उपयोग करेंगे। शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आवश्यक वस्तुओं के वाहन भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से संचालित होंगे।

रोडवेज बसों के रूट में भी बदलाव

शुक्रवार से सोमवार तक अलीगढ़ और पिलुआ की ओर से आने वाली रोडवेज बसें एटा शहर में प्रवेश नहीं करेंगी। मैनपुरी की ओर से आने वाली बसों को आरओबी से पहले ही बाईपास की ओर मोड़ दिया जाएगा। गंजडुंडवारा, अलीगंज और अमांपुर मार्ग की बसों का संचालन भी बाईपास से किया जाएगा।

शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री बंद

श्रावण मास के प्रत्येक शनिवार, रविवार और सोमवार को एटा शहर में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। अन्य दिनों में जीटी रोड पर हल्के वाहनों का संचालन वन-वे व्यवस्था के तहत किया जाएगा। एटा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी अवश्य लें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

Mirzapur में भीषण सड़क हादसा अनियंत्रित कंटेनर ने सो रहे पिता-पुत्र को रौंदा दोनों की मौके पर मौत

ACCIDENT

मीरजापुर। यूपी के विंध्याचल थाना क्षेत्र अंतर्गत गैपुरा में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में अनियंत्रित कंटेनर सड़क किनारे सो रहे पिता-पुत्र को रौंदते हुए मकान में जा घुसा। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि डिवाइडर पर इंडिकेटर व पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण यह हादसा हुआ। सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को भोर में तकरीबन 3 बजे थाना विन्ध्याचल के पुलिस चौकी गैपुरा क्षेत्रान्तर्गत कलना गहरवार के पास प्रयागराज की तरफ से आ रहे सीमेंट कंटेनर वाहन संख्या MP 19ZQ9901 के अनियंत्रित होकर घर में घुस कर पलट जाने के कारण चारपाई पर सो रहे शिव प्रसाद गुप्ता (45 वर्ष) पुत्र गंगा प्रसाद गुप्ता निवासी कलना गहरवार थाना विन्ध्याचल की मौके ही मृत्यु हो गयी जबकि उनका पुत्र रोहित (13 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर थाना विन्ध्याचल पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर घायल रोहित उपरोक्त को इलाज के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गयी। थाना विन्ध्याचल पुलिस द्वारा दोनों मृतको के शवों को पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया तथा परिजन द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर तथा सम्बन्धित वाहन को क़ब्ज़े में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा है। मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर, उपजिलाधिकारी सदर मय पर्याप्त पुलिस बल के साथ मौजूद है।

वहीं दूसरी ओर दुर्घटना के बाद मौके पर सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर आस-पास के थानों की पुलिस फोर्स बुला लिया गया था वहीं हादसे की ख़बर होने पर मौके पर पहुंचे राष्ट्रवादी मंच के संयोजक मनोज श्रीवास्तव ने मृतक के परिजनों को धैर्य बंधाते हुए उनके साथ खड़े होने का आश्वासन देते हुए मृतक परिवार को जिला प्रशासन द्वारा 50 लाख का मुआवजा मिले तथा क्षतिग्रस्त मकान का अभिलम्ब निर्माण कराये जाने की मांग करते हुए आक्रोशित लोगों को शांत कराने में जुटे रहे हैं।

जिला अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर हत्या, 112 का सिपाही गिरफ्तार

Gorakhpur Samachar UP Web NewsPosted on 30/07/2026
Time 10:30 A.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) : जनता की रक्षा करने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर होती है, यदि वही रक्षक भक्षक बन जाएं तो खाकी की साख पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सामने आया है, जहां एक 10 साल की मासूम बच्ची की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने डायल 112 के एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है।
​जिला अस्पताल से हुई थी लापता
​मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जिला अस्पताल से 28 जुलाई की देर रात एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की। पुलिस ने जब जिला अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। फुटेज में एक बाइक सवार पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया, जो बच्ची को ले जाते हुए नजर आया।
​200 सीसीटीवी कैमरों की मदद से खुला राज
​मामला पुलिस विभाग से जुड़ा होने के कारण उच्च अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस टीमों ने लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला। जांच के दौरान एक जगह डायल 112 की अपाची बाइक का नंबर ट्रेस हुआ, जो आरोपी कांस्टेबल अभिषेक यादव की निकली।
​आरोपी सिपाही गिरफ्तार, कबूला जुर्म
​कड़ी सुरागकशी के बाद पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर चिऊटहा पुल के नीचे से मासूम का शव बरामद किया। इसके अलावा, बच्ची का चप्पल पास ही स्थित एक सुनसान कमरे से मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
​एसएसपी ने दी जानकारी, बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू
​एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की गई। आरोपी कांस्टेबल अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर जिले का निवासी है और वर्तमान में डायल 112 में तैनात था।
​एसएसपी ने बताया कि आरोपी का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2025 में भी वह छेड़खानी के एक मामले में सस्पेंड हुआ था, हालांकि बाद में उसकी बहाली हो गई थी। इस बार इस जघन्य कृत्य को देखते हुए आरोपी कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

गोल्ड लोन दिलाकर ब्लैंक चेक से निकाले 50.60 लाख, बैंक अधिकारियों पर केस

AGRA NEWS

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आगरा। ताजनगरी में गोल्ड लोन के नाम पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना ताजगंज पुलिस ने एक कारोबारी की शिकायत पर आईसीआईसीआई बैंक की बेलनगंज शाखा के शाखा प्रबंधक, डिप्टी मैनेजर, एक निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर समेत 8 नामजद और 3-4 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेलनगंज निवासी कौशल कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2016 से उनके भवन का एक हिस्सा आईसीआईसीआई बैंक की बेलनगंज शाखा को किराये पर दिया गया है। लंबे समय से बैंक संचालित होने के कारण शाखा अधिकारियों से उनके पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध बन गए थे। शिकायत के अनुसार, इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए फरवरी 2026 में शाखा प्रबंधक विवेक सिंह ने उनसे संपर्क किया और वर्ष 2025-26 का गोल्ड लोन लक्ष्य पूरा कराने में सहयोग मांगा। कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया कि कुछ समय बाद लोन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, गिरवी रखा गया सोना सुरक्षित वापस मिल जाएगा और पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च भी बैंक अधिकारी स्वयं वहन करेंगे।

पीड़ित का आरोप है कि बैंक अधिकारियों के आश्वासन पर विश्वास करते हुए उन्होंने अपने बेटे विभोर के नाम पर 445.40 ग्राम सोना गिरवी रखकर 45.13 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी लोन खाता बंद नहीं किया गया। जब उन्होंने कई बार जानकारी मांगी तो हर बार तकनीकी कारणों और बैंकिंग प्रक्रिया का हवाला देकर उन्हें टाल दिया गया।

‘खाते में एंट्री दिखानी है’ कहकर कराए ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बाद में बैंक अधिकारियों ने कहा कि लोन बंद करने से पहले खाते में कुछ वित्तीय लेनदेन दिखाना जरूरी है। इसी बहाने 6 जून 2026 को कथित रूप से पीड़ित से ब्लैंक चेकों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शिकायत के मुताबिक बाद में उन्हीं चेकों में सौरभ साहनी का नाम भरकर दो चेकों के माध्यम से कुल 50.60 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।

—–दूसरे गोल्ड लोन का भुगतान करने में इस्तेमाल हुई रकम!

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सौरभ साहनी, उसकी पत्नी प्रतिमा साहनी और मां रमा साहनी ने फतेहाबाद रोड स्थित कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड से गोल्ड लोन लिया हुआ था। उनका दावा है कि उनके खाते से कथित रूप से निकाली गई 50.60 लाख रुपये की राशि का उपयोग उसी गोल्ड लोन का भुगतान करने में किया गया। इसके बाद आरोपी अपना गिरवी रखा सोना छुड़ाने पहुंचे, लेकिन जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस की सूचना के बाद संबंधित सोने की रिलीज प्रक्रिया रुकवा दी गई।

—–इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

ताजगंज थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक बेलनगंज शाखा प्रबंधक विवेक सिंह, डिप्टी मैनेजर हरविन्द सिंह, श्री भगवान सिंह, बृजेश शर्मा, कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड के मैनेजर प्रसून गुप्ता, सौरभ साहनी, प्रतिमा साहनी और
रमा साहनी के अलावा 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र सिंह नागर ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, चेक, खातों के लेनदेन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

शव के पास रो रहे थे परिजन, तभी गूंजी आवाज- ‘मैं मरी नहीं हूं’

AGRA NEWS

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—- 17 घंटे बाद जिंदा हुई महिला

आगरा। गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल एक परिवार बल्कि पूरे इलाके को हैरान कर दिया। जिस 65 वर्षीय महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था और जिसके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, वही महिला करीब 17 घंटे बाद अचानक जीवित हो गईं। सबसे पहले उन्होंने अपने दामाद का हाथ पकड़कर कहा—”मुझे कहां ले जा रहे हो? मैं जिंदा हूं, मरी नहीं हूं।” यह सुनते ही घर में मातम का माहौल कुछ ही सेकंड में हैरानी और उम्मीद में बदल गया। रो रहे परिजन खुशी और अविश्वास के बीच उन्हें तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है।

—बरेली अस्पताल में डॉक्टरों ने किया था मृत घोषित

ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी निवासी शीला देवी (65) लंबे समय से लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं। करीब 20 दिन पहले वह अपने बेटे संजीव माहौर, जो बदायूं के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, के पास इलाज के लिए गई थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें सोमवार को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को तबीयत और ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। बुधवार तड़के करीब तीन बजे अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

—शाम को घर पहुंचा शव, अंतिम संस्कार की हो चुकी थी पूरी तैयारी

मृत घोषित किए जाने के बाद बेटा एंबुलेंस से शाम करीब सात बजे मां का शव लेकर आगरा स्थित घर पहुंचा। शव को घर के एक कमरे में जमीन पर रखा गया। परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। फूल-मालाएं, कफन और अन्य आवश्यक सामग्री भी मंगवा ली गई थी। रिश्तेदार और पड़ोसी अंतिम दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे थे। घर में हर ओर मातम पसरा हुआ था। कोई शीला देवी को अंतिम बार देख रहा था तो कोई परिवार को सांत्वना दे रहा था।

—–अंतिम प्रणाम करते ही हुआ ऐसा कि सब दंग रह गए

रात करीब आठ बजे शीला देवी के दामाद अपनी सास को अंतिम प्रणाम करने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने उनके पैर छुए, अचानक शरीर में हलचल महसूस हुई। पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन अगले ही पल शीला देवी ने दामाद का हाथ कसकर पकड़ लिया और धीमी आवाज में कहा- “मुझे कहां लेकर जा रहे हो? तुम सब रो क्यों रहे हो? मैं जिंदा हूं।” यह सुनते ही कमरे में मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। कुछ लोगों को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ, तो कुछ ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना।

—बिना देर किए अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन

परिजनों ने एक पल भी देर नहीं की और शीला देवी को तुरंत आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उनका उपचार जारी है।

पड़ोसी ने सुनाई पूरी घटना

पड़ोसी ने बताया कि एंबुलेंस से शव घर लाने के बाद उसे कमरे में रखा गया था। उसी दौरान बेटी और दामाद पहुंचे। दामाद ने जैसे ही उनके चरण स्पर्श किए, तभी महिला की सांसें लौट आईं और उन्होंने बात करना शुरू कर दिया। पूरे मोहल्ले में देखते ही देखते यह खबर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर जुट गए।

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