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प्रांतीय आह्वान पर माध्यमिक शिक्षकों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्रीय मांगपत्र भेजा

July 31, 2026

प्रांतीय आह्वान पर माध्यमिक शिक्षकों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्रीय मांगपत्र भेजा

मथुरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पाण्डेय गुट) के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को जनपद के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सैकड़ों शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 14 सूत्रीय मांगपत्र माध्यमिक वित्त एवं लेखा अधिकारी शैलेंद्र सिंह के माध्यम से प्रेषित किया गया।
प्रदेशीय उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र शर्मा, जिला अध्यक्ष मनोज शर्मा, जिला मंत्री शिवम शर्मा तथा कोषाध्यक्ष नम्रता निरंजन के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान न होने से शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, शिक्षा सेवा अधिनियम-2023 में सेवा सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की पुनर्स्थापना, तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण, एनपीएस की विसंगतियों का समाधान, राज्य कर्मचारियों की भांति त्रिस्तरीय प्रोन्नति, व्यावसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों को पूर्ण शिक्षक का दर्जा, राजकीय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने, 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समायोजित कर वेतन निर्धारण, रिक्त प्रधानाचार्य पदों पर शीघ्र नियुक्ति, कैशलेस चिकित्सा योजना का दायरा बढ़ाकर सेवानिवृत्त, मदरसा, आईसीएसई एवं सीबीएसई शिक्षकों को शामिल करने, संस्कृत विद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति तथा वर्ष 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों को सामूहिक बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने सहित कुल 14 मांगें शामिल हैं।
प्रदर्शन के उपरांत माध्यमिक वित्त एवं लेखा अधिकारी शैलेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। इसकी प्रतिलिपि माध्यमिक शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) तथा शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को भी भेजी गई।
इस दौरान प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार मिश्रा, उमेश चंद, बृजेश कुमार, जुगल कुमार, पारुल शर्मा, शिव कुमार निगम, संजय वर्मा, विनोद कुमार शुक्ला, डॉ. राकेश कुमार राही, विश्वजय सिंह, दिमान सिंह, संग्राम सिंह, श्रीनिवास शर्मा, पारस, सत्य प्रकाश सारस्वत, चतुर शिरोमणि शर्मा, ललित शर्मा, प्रशांत शर्मा, करण बाबू, रवि कुमार, गोपाल सिंह, संजीव सिंह, सुशील भारद्वाज, प्रियंका शर्मा, शालिनी शर्मा, रेखा, सीमा मिश्रा, गीता यादव, दीपक शर्मा, शिवानी, ऊष्मा शर्मा, अरुण झा, अंजलि वर्मा, प्रीति पांडे, विपिन, विष्णु कानोरिया, विजय शर्मा, पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

बलिया BSA ने सहायक अध्यापक को किया बर्खास्त, दिए वेतन रिकवरी और मुकदमा का आदेश

बलिया – बलिया के बांसडीह में कूटरचित दस्तावेज के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हथियाने वाले सहायक अध्यापक जितेन्द्र राम को बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। यही नहीं, बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी, बांसडीह को निर्देश दिया है कि बर्खास्त अध्यापक से विद्यालय का शासकीय अभिलेख एवं कार्यभार तत्काल अपने कब्जे में लेने के साथ ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने करावें। बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को तत्काल प्रभाव से वेतन भुगतान रोकने तथा यदि अतिरिक्त वेतन का भुगतान हुआ हो तो उसकी वसूली करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए की इस कार्रवाई से विभागीय गलियारे में हड़कम्प मच गया है। मामला शिक्षा क्षेत्र बांसडीह के प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार से जुड़ा है।
बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार त्रिभुवन नारायण सिंह पुत्र स्व. कन्हैया सिंह (निवासी-रत्तोपुर, पोस्ट-चिलकहर, थाना व तहसील-रसड़ा, बलिया) ने जनसुवाई के दौरान जिलाधिकारी बलिया के समक्ष शिकायती पत्र प्रस्तुत किया था कि जितेन्द्र राम पुत्र भरत राम (नवासी : रत्तोपुर, पोस्ट-चिलकहर, तहसील-रसड़ा, बलिया) ने दस्तावेज में कूटरचना करके खरवार (अनुसूचित जन जाति) का फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर शिक्षक की नौकरी पाई है, जो प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार, ब्लाक बांसडीह, बलिया में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। जबकि वास्तव में जितेन्द्र राम कमकर जाति का व्यक्ति है।
शिकायत के क्रम में बीएसए ने जितेन्द्र कुमार सहायक अध्यापक के जाति प्रमाण-पत्र संख्या-63310500725 का सत्यापन तहसीलदार मजिस्ट्रेट, तहसील रसड़ा, बलिया को सत्यापन प्रेषित किया गया। कार्यालय तहसीलदार रसड़ा द्वारा अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में सत्यापन आख्या उपलब्ध कराया गया है। आख्या में उल्लिखित किया गया है कि जॉचोपरान्त जिला कास्ट स्कूटनी कमेटी, बलिया द्वारा जितेन्द्र राम पुत्र भरत राम के भाई अरविन्द कमकर का खरवार जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि जितेन्द्र राम खरवार जाति का न होकर कमकर जाति से सम्बन्धित है।
बीएसए ने बताया कि जितेन्द्र राम को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। लेकिन जितेन्द्र राम ने जो स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया वह तथ्यहीन पाया राया। इससे स्पष्ट हो गया कि जितेद्र राम ने वास्तविक जाति कमकर (पिछड़ी जाति) से खरवार (अनुसूचित जन जाति) के जाति प्रमाण-पत्र में कूटरचना एवं विभाग को गुमराह कर सेवा प्राप्त की है। ऐसी स्थिति में बीएसए ने जितेन्द्र राम की नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य मानते हुए सेवा समाप्त कर दिया है।

एटा पुलिस को मिला हाईटेक इंटरसेप्टर वाहन 1 किमी दूर तक का ओवरस्पीड पर काटेगा ई-चालान

एटा 31 जुलाई उप्रससे। जनपद में पुलिस को सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन मिला है। शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने पुलिस कार्यालय परिसर से इस हाईटेक वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन स्पीड डिटेक्शन रडार, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस है। इसमें लगा रडार चलते वाहनों की गति का सटीक आकलन करेगा, जबकि हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे 250 मीटर से लेकर एक किलोमीटर तक की दूरी से वाहनों की नंबर प्लेट कैप्चर करने में सक्षम हैं। इस वाहन की मदद से ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनका ई-चालान किया जाएगा। वाहन में ब्रीथ एनालाइज़र भी लगाया गया है, जिससे शराब पीकर वाहन चलाने वालों की मौके पर जांच की जा सकेगी।

रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर भी रहेगी नजर

हाईटेक इंटरसेप्टर वाहन रॉन्ग साइड ड्राइविंग समेत अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी तकनीकी निगरानी रखेगा। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन
एसएसपी ने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस इस इंटरसेप्टर वाहन के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। साथ ही यातायात नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा और आमजन की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

एटा में एक मकान में अचानक लगी आग से बाइक और साइकिल जलकर राख; दमकल ने बचाया पूरा घर

एटा 31 जुलाई उप्रससे। जनपद की कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव उज्जैपुर में शुक्रवार को एक घर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में घर में खड़ी एक बाइक और एक साइकिल पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। समय रहते फायर ब्रिगेड के पहुंचने से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार गांव उज्जैपुर निवासी शेर सिंह पुत्र हरिपाल सिंह के मकान में अज्ञात कारणों से अचानक आग भड़क उठी। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण बाल्टियों और पानी के अन्य साधनों के साथ मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज लपटों के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया। दमकल कर्मियों की तत्परता से आग को आसपास के कमरों और पड़ोसी मकानों तक फैलने से रोक लिया गया। हालांकि तब तक घर में खड़ी बाइक और साइकिल पूरी तरह जल चुकी थीं और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि दमकल कुछ देर और पहुंचती तो आग आसपास के मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद पूरे गांव में देर तक आग की चर्चा होती रही।

July 30, 2026

गोवर्धन में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

गोवर्धन (मथुरा)। थाना गोवर्धन क्षेत्र में 10-11 वर्षीय बालिका से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी हरिदास (42) मूल रूप से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का रहने वाला है। वह पिछले दो-तीन वर्षों से गोवर्धन में मकान खरीदकर रह रहा था। पीड़ित बालिका अपने परिजनों के साथ उसी मकान में किराए पर रहती थी।
शिकायत मिलने के बाद महिला उपनिरीक्षक ने बालिका से पूछताछ की और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों का गंभीरता से संकलन कर रही है।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चन्द्र रावत ने बताया कि मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी के विरुद्ध कानून के अनुसार अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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