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आगरा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कांग्रेस का हंगामा, गेट पर पोती कालिख

September 28, 2026

आगरा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कांग्रेस का हंगामा, गेट पर पोती कालिख

News Posted on 28.09.2026 Monday

आगरा, 28 सितम्बर 2026, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास पर सोमवार की सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट पर कालिख पोत दी और काले पेंट से ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं’ लिख दिया। इसके बाद गेट के बाहर नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वान्ह करीब 11 बजे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने काले रंग के स्प्रे से ज्ञानेश कुमार के घर के गेट पर अभद्र शब्द लिखे।
अनिल यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी, पद से हटाने तथा उनके कार्यकाल के निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। मुकेश धनगर ने कहा कि पात्र मतदाता का नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है।डिजिटल कैलेंडर चुनें
प्रदर्शन में उमेश शर्मा, विक्रम वल्मीकि, मनोज गौड़, नरेंद्र शर्मा, पंकज चौधरी, शैलेंद्र चौधरी, आदित्य तिवारी, विपुल पाठक, बालवीर प्रधान, हाकिम सिंह छोकर, करण निषाद, राजा गौतम, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, अमित दीक्षित, संदीप आदि मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस फोर्स मौजूद नहीं था। कार्यकर्ता कुछ देर नारेबाजी करने के बाद वहां से चले गए। उनके जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर पोती गई कालिख और लिखे गए शब्दों को साफ कराया।

आवास पर कालिख पोते जाने की घटना के फोटो व वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे फोटो और वीडियो तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
पैतृक आवास पर प्रदर्शन के बाद आगरा महानगर कांग्रेस के नेताओं ने सुभाष पार्क से कलक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। इसमें मथुरा से आए कांग्रेस पदाधिकारी और संगठन महासचिव अनिल यादव भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।

September 26, 2026

मेले से लापता नौ वर्षीय बच्चे का तालाब किनारे मिला शव परिजनों ने कपड़ों से की पहचान, फील्ड यूनिट ने जुटाए साक्ष्य; पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

बरसाना/मथुरा। ग्राम आजनोख में मेले से लापता हुए नौ वर्षीय बच्चे का शव शनिवार सुबह मंदिर के पीछे बने तालाब के किनारे मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने बच्चे के कपड़ों से शव की पहचान अपने पुत्र के रूप में की। सूचना मिलते ही थाना बरसाना पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर की शाम ग्राम आजनोख में लगे मेले से बच्चा लापता हो गया था। परिजनों ने 24 सितंबर को थाने पहुंचकर गुमशुदगी के संबंध में अभियोग दर्ज कराया था। शनिवार सुबह परिवार के लोगों ने तालाब किनारे मिले शव के कपड़े देखकर उसकी पहचान की।
सूचना पर थाना प्रभारी बरसाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का अनावरण कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षक दोस्त ही निकला हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड, दो लाख की सुपारी देकर कराया कत्ल

मैनपुरी। थाना एलाऊ क्षेत्र में 21 सितंबर को दिनदहाड़े शिक्षक यशपाल की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक के शिक्षक मित्र रामपाल ने अपने भाई रामप्रवेश के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर शिवा और राजेश को हत्या के लिए तैयार किया था।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 24 सितंबर को पुलिस ने मैनपुरी-कुसमरा रोड पर तीन संदिग्धों को घेरा जिस पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में अजय उर्फ शहंशाह के पैर में गोली लगी। शिवा और राजेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में पूछताछ के आधार पर रामपाल और उसके भाई रामप्रवेश को गिरफ्तार किया गया। श्री साहा ने बताया कि  चार भाइयों के बीच करीब 180 बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि यशपाल की हत्या कराकर हत्या का आरोप विरोधी पक्ष पर लगवाने और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे 315 बोर, तीन जिंदा व चार खोखा कारतूस, सुपारी की रकम में से 80 हजार रुपये, होंडा मोटरसाइकिल और हुंडई एक्सेंट कार बरामद की है। सीसीटीवी और सर्विलांस से खुली साजिश की कड़ी, पांचों आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने हत्या और पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक तिवारी, क्षेत्राधिकारी नगर अशोक कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली फतेह बहादुर सिंह भदौरिया, प्रभारी मीडिया सैल जितेंद्र सिंह चंदेल, प्रभारी सर्विलास धर्मेंद्र सिंह चौहान, एसओजी प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह, एबीटी प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह, थाना अध्यक्ष एलाऊ अवनीश कुमार त्यागी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय आरटीआई अधिवेशन में राजीव वार्ष्णेय प्रदेश महामंत्री मनोनीत

हाथरस। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन का भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन शनिवार को जीटी रोड स्थित अमोल चंद पब्लिक स्कूल सिकंदराराऊ में आयोजित हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने की। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट अशोक शुक्ला की संस्तुति पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी ने राजीव वार्ष्णेय को प्रदेश महामंत्री मनोनीत करने की घोषणा की।मुख्य वक्ता कमरान उद्दीन सिद्दीकी, संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश ने भ्रष्टाचार को गंभीर समस्या बताते हुए आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क आयुष्मान इलाज कार्ड और आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग रखी। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट अशोक शुक्ला ने सूचना न मिलने और गलत सूचना दिए जाने के मामलों पर चिंता जताते हुए जागरूकता अभियान चलाने तथा राज्यपाल से मुलाकात की बात कही। प्रदेश अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि आरटीआई कानून आम आदमी को सूचना पाने का अधिकार देता है, लेकिन सख्ती के अभाव में कई विभागों में गलत सूचनाएं दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री राजीव वार्ष्णेय ने कहा कि जन सूचना अधिकारियों द्वारा भ्रामक एवं गलत सूचनाएं दिए जाने के मामलों और सूचना आयोग में गलत निस्तारण के खिलाफ संगठन न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आरटीआई शुल्क के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा लागू करने की मांग भी रखी।अधिवेशन में मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट अशोक शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता कमरान उद्दीन सिद्दीकी, मुख्य अतिथि देवेंद्र सिंह राघव, मार्गदर्शक विपिन वार्ष्णेय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशन लाल यादव, जिला महामंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय, मंडल उपाध्यक्ष अभिषेक अवस्थी और जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस ने किया।कार्यक्रम में पीयूष यादव, नरेंद्र गौतम, जयपाल सिंह चौहान, अशोक जादौन, बबलू सिसोदिया, सोनू चौहान, विष्णु वार्ष्णेय, दाऊ दयाल वार्ष्णेय, मीरा माहेश्वरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मलबे में दबने से पति-पत्नी और मासूम बेटे की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी:नीमगांव थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में शनिवार सुबह तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते एक घर की कच्ची दीवार और छप्पर अचानक भरभराकर ढह गया। इस हादसे में घर के अंदर सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनका 10 वर्षीय बेटा शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार रहमतपुर गांव के रहने वाले मोहन कश्यप (उम्र करीब करीब 40 वर्ष), अपनी पत्नी कविता और 10 साल के बेटे के साथ घर के अंदर सो रहे थे। रात भर से इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिसके कारण मिट्टी की कच्ची दीवार पूरी तरह नम होकर कमजोर हो चुकी थी। सुबह करीब साढ़े तीन बजे दीवार अचानक ढह गई और उसके साथ भारी छप्पर भी नीचे आ गिरा। सो रहे परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और तीनों गहरे मलबे में दब गए।दीवार गिरने की जोरदार आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए अपनी तरफ से बचाव कार्य शुरू किया और मलबे को हटाना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही नीमगांव थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई।ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मलबे के भारी दबाव और दम घुटने के कारण तीनों की सांसें थम चुकी थीं।
एक साथ हंसते-खेलते परिवार के तीन लोगों की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे रहमतपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पंचनामा शुरू कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।इस दुखद घटना ने बारिश के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में कई कच्चे मकान बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं, जिन पर प्रशासन को विशेष ध्यान देने और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सख्त जरूरत है।लोगों की मांग है कि क्षेत्र में कच्चे मकान का सर्वे कराया जाए और उनको पात्रता के अनुसार सरकारी आवास दिलाया जाए जिससे ऐसी दुर्घटना से बचा जा सके वहीं घटना के बाद पहुँचे एसडीएम मितौली सन्तदास पंवार राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई थी।नीमगांव थाना क्षेत्र में दूसरा हादसा गुलौला ग्राम पंचायत के मजरा रमुआपुर में हुआ जहां मिट्टी की दीवार गिरने से बाप बेटा दब गए हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लेकर के जा रहे थे किन्तु आँधी में गिरे पेड़ के कारण घायल अस्पताल तक पहुँच पाने में भारी संघर्ष किया।

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