Posted: 25-05-2026
Time: 09:00pm
Sitapur- Alok Kumar Bajpai
सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। हरगांव थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी रमन सिंह (22) की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रमन को उनके ससुरालीजनों ने विषाक्त पदार्थ खिला दिया था। इसके बाद रमन की हालत बिगड़ी। उपचार के बावजूद रमन की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।गांव निवासी शारदा देवी का आरोप है कि उनके पुत्र रमन सिंह अपनी पत्नी वंदना सिंह को विदा कराने लखीमपुर के खीरी थाना क्षेत्र के घुसियाना गांव स्थित अपनी ससुराल गए थे। 9 मई की रात करीब 1 बजे घुसियाना गांव निवासी ससुर हरिपाल सिंह, साले गोलू सिंह और ओम प्रकाश सिंह ने रमन सिंह को जमकर पीटा और कोल्ड ड्रिंक में कोई विषाक्त पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इसके बाद आरोपी रमन सिंह को बाइक पर बैठाकर हरगांव चीनी मिल के पास गंभीर हालत में छोड़कर भाग गए। स्थानीय लोगों कह सूचना पर शारदा देवी ने अपने पुत्र रमन को अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद परिजन रमन सिंह को घर ले आए। शनिवार को रमन की घर पर तबीयत बिगड़ी। इसके बाद रमन ने दम तोड़ दिया। निरीक्षक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। शारदा देवी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व उनके पुत्र रमन का घुसियाना निवासी वंदना सिंह से विवाह हुआ था। विवाह के बाद से ही वंदना की रमन से नहीं बन रही थी। मई माह में ही वंदना अपने मायके गई थीं। 9 मई को रमन अपनी पत्नी को विदा कराने गए थे। तभी यह घटना हुई।
हाथरस। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला गढ़ू निवासी एक होनहार युवक इंजीनियर और सोशल मीडिया पर मशहूर बाइक राइडर उद्धव पाठक की नोयडा ड्यूटी जाते वक्त एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जिससे मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। उधर पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया है।
सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार सासनी के गांव नगला गढ़ू निवासी हाल निवासी सासनी दिलीप पाठक का छोटा पुत्र उद्धव पाठक नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर था। इंजीनियर होने के साथ उसे बाइक राइडिंग का बेहद शौक था। बताते हैं कि वह अपनी बजाज डोमिनोर बाइक से सासनी स्थित अपने घर से नोएडा के लिए निकला था, इसी दौरान अलीगढ़ क्षेत्र में उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जैसे ही हादसे की खबर सासनी पहुंची, मृतक के परिजनों चीख-पुकार के साथ कोहराम मच गया। उधर शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पिता एलआईसी कार्यालय में कार्यरत हैं, मां शिक्षिका हैं और बड़े भाई एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उद्धव सोशल मीडिया पर बाइक राइडिंग के बेहतरीन वीडियो बनाने के लिए युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय था। घटना की जानकारी होने पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटगई। सूचना पाकर अलीगढ़ इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक की जेब से मिले मोबाइल के माध्यम से घटना की सूचना परिजनों को दी और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस विधिक कार्रवाई के तहत दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
Posted on 25.05.2026, Time 08.06 PM
लखनऊ 25 मई 2026, प्रदेश के समस्त ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कल यानि 26 मई को समाप्त हो जाएगा। किन्तु सरकार ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि वे अभी भी काम काज संभााले रहेेंगे। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी ग्राम प्रधान प्रशासक की भूमिका में ग्राम प्रमुख बने रहेेंगे। यह प्रस्ताव पंचायती राज विभाग ने बनाकर मुख्यमंत्री के पास स्वीकृति के लिए भेजा था जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। अब कल के बाद से सभी ग्राम प्रधान पंचायतों के प्रशासक कहलाये जाएंगे। इसके साथ ही एक ग्राम समिति भी गठित की जाएगी जोकि विकास कार्यों में प्रशासक प्रधान की मदद करेगी।
ज्ञातव्य है कि त्रिस्तरीय पंचयात चुनाव समय पर नहीं हो सके हैं। इसका कारण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट को अनिवार्य किया गया है। इसके लिए एक समर्पित पिछ़ड़ा वर्ग आयोग की जरूरत थी। इस आयोग का गठन गत दिनों सरकार ने कर दिया है। अब इस आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरु होगी। इस प्रक्रिया में समय लगेगा। इसलिए प्रधानों को प्रशासक बना दिया गया है। ग्राम प्रधानों और उनकी संस्थाओं की ओर से इस तरह की मांग लगातार की जा रही थी। इसी के आधार पर पंचायती राज विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
पूर्व की व्यवस्थाओं में प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम सचिव या एडीओ पंचायत को गांव का प्रशासक बना दिया जाता था। वही विकास कार्य तथा अन्य कार्य कराते थे। ग्राम प्रधान के समस्त वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार समाप्त हो जाते थे। अब प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार बने रहेंगे।
प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग अनिल कुमार द्वारा देर शाम इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। इसके अनुसार ग्राम प्रधानों को 27 मई से निवर्तमान होने पर 6 माह के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। आदेश संबंधित जिला अधिकारी जारी करेंगे। शर्त यह भी होगी कि प्रशासक केवल रूटीन कार्य ही करा सकेंगे। नीतिगत निर्णय लड़ने का अधिकार नहीं होगा। विशेष परिस्थिति में नीतिगत निर्णय के लिए प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। उनकी स्वीकृति के बाद ही कार्य होगा।
सरकार के इस फैसले पर आल इंडिया पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह दहिया ने प्रसन्नता व्यक्त की है। इसे गांव, गरीब,किसान और लोकतंत्र की विजय बताया है।