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इश्क के बुखार में बेटी ने की पिता की हत्या

August 22, 2026

इश्क के बुखार में बेटी ने की पिता की हत्या

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उप्रससे 22अगस्त
बस्ती। जिले में एक सनसनी खेज मामला सामने आया जिसमें छावनी थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पिता की गर्दन काट कर हत्या कर दिया हंसिए से पिता के सीने पर भी कई वार किए जिसके चलते पिता की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई । सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना शुक्रवार रात्रि करीब 9.30 बजे की है, उक्त थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव निवासी कृष्णा उम्र 50 वर्ष अपनी नाबालिग छोटी बेटी को खोजते हुए घर से 100 मीटर की दूरी पर स्थित बभरौली गांव के समीप नहर किनारे, ग्रामीणों के अनुसार नहर किनारे उन्होने अपनी बेटी को एक युवक के साथ आपत्ति जनक स्थिति में देखा, विरोध किया तो बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हंसिये से पिता की गर्दन व शरीर पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया, पिता की हत्या करने के बाद बेटी मौके से फरार हो गई। मृतक के भाई काशीराम ने बताया कि उनकी भतीजी शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे बकरी चराने के लिए निकली थी, देर शाम जब घर नहीं लौटी तो भाई कृष्णा बेटी को खोजने निकले, देर रात उनकी हत्या कर दी गई। घटना को लेकर एसओ जीवन त्रिपाठी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है, मामले में मुकदमा दर्ज कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जयंत कुमार मिश्र संवाददाता

यूपी में 52 नेताओं को मिली बुलेटप्रूफ जैकेट

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने यूपी के 52 नेताओं के सुरक्षा कवच को मजबूत करने के लिए उन्हें बुलेट प्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई हैं।

ये सुरक्षा कवच अखिलेश यादव, मायावती समेत कई बड़े नेताओं को दिया गया है प्रदेश सरकार के 11 मंत्री भी बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वालों में शामिल हैं। संजय निषाद, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, ओम प्रकाश राजभर और अपर्णा यादव को भी जैकेट मिली है। स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह और महेंद्र सिंह समेत कई नेताओं को सुरक्षा दी गई है।

सुरक्षा मुख्यालय ने करीब 1.5 लाख रुपये प्रति जैकेट की दर से खरीद की है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले चरण में 8 और दूसरे चरण में 44 नेताओं को दी गई जैकेट। यूपी में 98 नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।

Meerut किसान नेता की पिटाई मामले में इंस्पेक्टर समेत 8 लाइन हाजिर

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मेरठ, 22 अगस्त 2026, नये एसएसपी IPS BBGTS मूर्ति ने किसान नेता दिग्विजय भाटी की पिटाई मामले में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ सहित 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए हैं।

इनमें निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उप निरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार , हेड कांस्टेबल श्याम बाबू , कांस्टेबल सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर और ड्राइवर ललित कुमार शामिल हैं।

तत्कालीन SSP मेरठ IPS अविनाश पांडेय 2 दिन पहले ही हटाए जा चुके हैं। सहारनपुर DIG IPS अभिषेक सिंह इस केस की जांच कर रहे हैं।

ग्राहक बनकर आए महिला-पुरुष ने ज्वेलर्स की दुकान से चुराई अंगूठी


बरेली। थाना सुभाष नगर क्षेत्र के मेन बाजार स्थित गार्गी ज्वेलर्स में ग्राहक बनकर आए महिला-पुरुष के जोड़े ने करीब ढाई ग्राम वजन की अंगूठी चोरी कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी शाम के समय कई ज्वेलर्स की दुकानों की रेकी करने के बाद गार्गी ज्वेलर्स पहुंचे थे।
दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे दोनों ने आभूषण देखने के बहाने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका पाकर करीब ढाई ग्राम की अंगूठी चोरी कर ली। घटना की जानकारी होने के बाद दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
घटना के बाद व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है।

August 21, 2026

अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्राहक

त्योहारी सीजन में मिलावट का खेल जारी, कार्रवाई के दावों पर फिर उठे सवाल

प्रशासन अपना पक्ष बताने से कतरा रहा,आखिर कब होगी प्रभावी कार्रवाई

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर-खीरी। त्योहारी सीजन शुरू होते ही खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। रोजमर्रा से लेकर त्योहारों में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन जांच और कार्रवाई के दावों के बावजूद बाजार में मिलावट का खेल थमता नजर नहीं आ रहा है।हाल ही में मिलावटखोरी को लेकर खबर प्रकाशित किए जाने के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों से लगातार सवाल पूछे गए किन्तु वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है इससे मिलावट वाले सामान की बिक्री लगातार जारी है जिससे खाद्य सुरक्षा अधिकारी की लापरवाही ग्राहकों को भारी पड़ रहीं है । इससे यह सवाल और गंभीर हो गया है कि यदि विभागीय कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी है तो फिर सवालों का जवाब देने से परहेज क्यों किया जा रहा है।मामले में जब खाद्य सुरक्षा आयुक्त ब्रजेन्द्र शर्मा से विभाग की कार्रवाई, लिए गए नमूनों, उनकी जांच रिपोर्ट और दोषी पाए गए कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि विभाग की ओर से स्पष्ट जवाब देने के बजाय दूरी बनाई जा रही है।सवाल यह भी है कि यदि मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चल रहे हैं तो त्योहारी सीजन में शिकायतें सामने क्यों आ रही हैं।क्या केवल नमूने लेने और कार्रवाई के दावे पर्याप्त हैं या उनकी रिपोर्ट और कार्रवाई का पूरा विवरण भी सार्वजनिक होना चाहिए।स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान दूध, मिठाई, खोया, पनीर, तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उपभोक्ताओं की मांग है कि संदिग्ध प्रतिष्ठानों की नियमित जांच हो, नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और मिलावट साबित होने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।अब सबसे बड़ा सवाल यही है मिलावट के खिलाफ आखिर कब होगी ऐसी प्रभावी कार्रवाई, जिससे दावों के बजाय जमीन पर भी उसका असर दिखाई दे।त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत के बीच इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है, क्योंकि मामला सिर्फ विभागीय कार्रवाई का नहीं, बल्कि सीधे आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके भरोसे से जुड़ा है।

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