हाथरस। संस्कार भारती हाथरस द्वारा आगरा रोड स्थित किड जी स्कूल में कला गुरुओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नौटंकी परंपरा के विद्वान आचार्य डॉ. खेमचंद शास्त्री यदुवंशी तथा आरएच कॉन्वेंट स्कूल के संस्थापक अजय गौड़ को कला एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम आशु कवि अनिल बौहरे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। अध्यक्षता हेमेंद्र शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रांतीय प्रतिनिधि एवं लोकेश कला संयोजक कुंवर पाल भंवर उपस्थित रहे। संचालन जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय ने किया।इस अवसर पर जीवनलाल शर्मा, डॉ. सुनीता उपाध्याय, सोनाली रतन, मुकेश शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, पूरन सागर, जयवीर सिंह आदित्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हाथरस। मुरसान थाना क्षेत्र के गांव नगला बाबू निवासी 38 वर्षीय सिपाही सोनवीर सिंह का शव पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सोनवीर सिंह फिरोजाबाद जिले की एक कोतवाली में तैनात थे।सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से उनकी ‘पुलिस’ लिखी बाइक भी बरामद हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।प्रारंभिक जांच में पुलिस ट्रेन की चपेट में आने अथवा नशे की हालत में हादसा होने की आशंका जता रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
हाथरस। जनपद हाथरस में प्रशासनिक कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विनियमित क्षेत्र एसडीएम सदर द्वारा पारित एक चर्चित ध्वस्तीकरण आदेश का लगभग 20 माह बाद भी अनुपालन न होने से जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। आरोप है कि अलीगढ़ रोड स्थित औद्योगिक आस्थान के भूखंड संख्या C-20/21 (H-20/21) पर बने कथित अवैध रिहायशी निर्माण को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण अब तक ध्वस्त नहीं किया गया।बताया गया है कि एसडीएम सदर एवं नियत प्राधिकारी द्वारा 12 नवंबर 2024 को उक्त निर्माण को ध्वस्त करने का अंतिम आदेश पारित किया गया था। इसके बावजूद लंबे समय बाद भी आदेश केवल कागजों तक सीमित है और मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कई विभागों के नियमों की अनदेखी की गई। आरोप है कि औद्योगिक भूखंड पर परशुराम कॉलोनी की बाह्य रजिस्ट्री का कथित रूप से कूटरचित उपयोग कर प्रतिभा गर्ग के नाम 14 किलोवाट का घरेलू विद्युत कनेक्शन (खाता संख्या-2192241000) स्वीकृत कराया गया।इसी प्रकार राज्य कर विभाग के अभिलेखों के अनुसार, उपायुक्त राज्य कर के पत्रांक 350 दिनांक 28 अक्टूबर 2025 में उल्लेख है कि ‘पिंकी रबड़ उद्योग प्रा. लि.’ (GSTIN: 09AAACP1518K1ZF) का पंजीकरण 1 जनवरी 2022 से निरस्त है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निरस्त जीएसटी फर्म की आड़ में औद्योगिक भूखंड का अवैध रूप से आवासीय उपयोग किया जा रहा है तथा कर चोरी भी की जा रही है।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि औद्योगिक आस्थान के मूल आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूखंड का उपयोग औद्योगिक के बजाय रिहायशी उद्देश्य से किया जा रहा है।प्रकरण के शिकायतकर्ता राजीव कुमार वार्ष्णेय , पुत्र स्व. बनारसीदास, निवासी धर्मकुंज, पुराना मिल कम्पाउंड, हाथरस ने जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग की है कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के निष्पादन प्रावधानों के तहत पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कराया जाए।ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विद्युत कनेक्शन लेने तथा कथित कर चोरी के मामले में अरुण गर्ग, अभय गर्ग एवं प्रतिभा गर्ग सहित यदि जांच में कोई अधिकारी संलिप्त पाया जाए तो उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 318(4), 336(3), 340(2), 338 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों एवं सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब सक्षम प्राधिकारी का अंतिम आदेश भी महीनों तक लागू नहीं हो पा रहा है तो शासन की जीरो टॉलरेंस नीति और “कानून का राज” जैसे दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करता है तो दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि शिकायतें निराधार हैं तो प्रशासन को भी सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस बहुचर्चित प्रकरण में न्यायालयीन आदेश का अनुपालन कर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराता है या यह मामला भी फाइलों तक सीमित रह जाता है।
हाथरस। नगर पालिका परिषद हाथरस द्वारा शहर में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के क्रम में वार्ड संख्या-12 स्थित वसुंधरा एन्क्लेव कॉलोनी में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत निर्माणाधीन सीसी रोड का पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने राकेश गुप्ता के घर से नरेश गुप्ता के घर तक बन रही सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता के साथ और तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को शीघ्र लाभ मिल सके।नगर पालिका के अनुसार यह सीसी सड़क लगभग 70 मीटर लंबी एवं 9 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद वसुंधरा एन्क्लेव के निवासियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्राप्त होगी।इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने कहा कि नगर के सभी वार्डों में विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं। नागरिकों को बेहतर सड़क, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।