केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा बोले- जनता और कार्यकर्ताओं की मजबूत पकड़ वाले व्यक्ति को मिलेगी जिम्मेदारी, गुटबाजी दूर करना बड़ी चुनौती
हाथरस। वार्ड और बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक कांग्रेस को मजबूत करने तथा आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूती से मैदान में उतारने की तैयारी के तहत कांग्रेस नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान ने हाथरस में गति पकड़ ली है। इसी अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक एवं राजस्थान के पूर्व मंत्री सीताराम लांबा हाथरस पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की स्थिति को लेकर मंथन किया।अलीगढ़ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में जिलेभर से पहुंचे कांग्रेसियों ने संगठन को मजबूत करने को लेकर अपने सुझाव रखे। इस दौरान जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने पर्यवेक्षक के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करते हुए आवेदन पत्र भी जमा किए। प्राप्त आवेदनों को पर्यवेक्षक द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीताराम लांबा ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के चयन में आंतरिक लोकतंत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनकी जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ हो। ब्लॉक स्तर तक भी इसी प्रक्रिया के तहत कमेटियों का गठन किया जाएगा।लांबा ने स्वीकार किया कि हाथरस में कांग्रेस का संगठन कमजोर है और इसी वजह से पार्टी की स्थिति भी कमजोर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य इसी कमजोरी को दूर कर पार्टी को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता यदि जनता से दूर रहेंगे तो संगठन मजबूत नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से वह अगले सात दिनों तक हाथरस में प्रवास करेंगे और पुराने एवं सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को समझेंगे। उन्होंने संगठन की कमजोरी के पीछे गुटबाजी को भी एक कारण माना और कहा कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर संगठन को नई मजबूती देने के लिए गंभीरता से काम किया जाएगा।जिलाध्यक्ष पद के दावेदार की योग्यता को लेकर उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति का कम से कम पांच वर्षों से कांग्रेस में सक्रिय होना जरूरी है। इसके लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होगा।विधानसभा चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी के सवाल पर लांबा ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी का होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय प्रत्याशी जनता के बीच रहकर क्षेत्रीय समस्याओं को बेहतर तरीके से उठा सकता है।संगठन सृजन अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा के समक्ष वर्तमान जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शरद उपाध्याय नंदा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। इससे संगठन के भीतर जिलाध्यक्ष पद को लेकर संभावित मुकाबले की तस्वीर भी सामने आने लगी है।प्रेस वार्ता के दौरान पीसीसी पर्यवेक्षक अदनान मियां, पूर्व जिलाध्यक्ष कासगंज सुभाष गांधी तथा पूर्व जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बुलंदशहर प्रज्ञा गौड़ भी मौजूद रहीं।बैठक में पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, करुणेश मोहन दीक्षित, शरद उपाध्याय नंदा, मथुरा प्रसाद कुशवाहा, पं. ब्रह्मदेव शर्मा, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशांक पचौरी एडवोकेट, अजीत गोस्वामी, अवधेश बख्शी, कपिल सिंह, डॉ. मुकेश चंद्रा, सुनील गौड़, प्रदीप तेनगुरिया, संजीव आंधीवाल, पं. ऋषि कुमार कौशिक, अशोक कुमार गुप्त, ललतेश गुप्ता, अनुज कुमार संत, विष्णु कुमार, हरिशंकर शर्मा, आरके राजू, कृष्णा गुप्ता, निखिलवर्ती पाठक, प्रभाशंकर शर्मा, तौकीर आलम, अविनाश चंद्र पचौरी, जैनुद्दीन जैन, पूरनचंद वार्ष्णेय, कुलदीप कुमार, राजू चौधरी, नूरुद्दीन कुरैशी, अखलाक भारती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
