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राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित

July 29, 2026

राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026, राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में और संशोधन करेगा। प्रस्तावित विधेयक वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करेगा। इन अपराधों के लिए तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

विधेयक पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि विधेयक में संशोधन केवल एक विधायी परिवर्तन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भारत की आत्मा, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि 1971 में राष्ट्रीय गौरव के अपमान की रोकथाम अधिनियम के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान जन गण मन के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने के प्रावधान किए गए थे। श्री राय ने कहा कि वंदे मातरम का जानबूझकर अपमान करना मौजूदा कानून के तहत दंडनीय होगा। राष्ट्र गीत वंदे मातरम की रचना 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।

गृह राज्य मंत्री ने दावा किया कि 1935 में जब जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस के अध्यक्ष बने, तो उन्होंने वंदे मातरम को केवल दो छंदों तक सीमित कर दिया था। दूसरी ओर, 1928 में जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस कांग्रेस अध्यक्ष थे, तो उन्होंने तिमीर बरन बनर्जी से इस गीत का एक पूर्ण और गरिमापूर्ण संगीत संस्करण तैयार करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर से सुबह साढ़े 6 बजे ऑल इंडिया रेडियो पर पूर्ण वंदे मातरम का गायन करने का अनुरोध किया था, जो पहले स्वतंत्रता दिवस का प्रतीक था।

श्री राय ने कहा कि 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा में कहा था कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक महत्व रखने वाले वंदे मातरम को जन गण मन के समान सम्मान दिया जाएगा। श्री राय ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध तुष्टीकरण की नीति को दर्शाता है जो राष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंचाता है।

इससे पहले, चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि पिछले 123 वर्षों से वंदे मातरम गीत का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस गीत से प्रेरित होकर देश के क्रांतिकारियों ने राष्ट्र के लिए बलिदान दिए। श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि 1923 में कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष ने वंदे मातरम का अपमान किया था।

वाईएसआरसीपी के गोल्ला बाबूराव ने सदन के सभी सदस्यों से राष्ट्र गीत का सम्मान करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस विधेयक को पेश करने के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री बाबूराव ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है जिसने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को देश के लिए प्राणों का बलिदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस गीत से उत्पन्न भावना ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस चर्चा में बीजेडी की सुलता देव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, एआईएडीएमके के डॉ. एम. थंबीदुरई और अन्य सदस्य उपस्थित थे।

विधेयक पारित होने के बाद राज्यसभा में विशेष उल्लेख सत्र हुआ, जिसमें सदस्यों ने अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इसके बाद राज्यसभा को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा में लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026, लोकसभा ने आज लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस विधेयक से लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम, 2024 में संशोधन किया गया है।

इस विधेयक में दस वर्ष तक के कारावास, दस करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दोषी अपराधियों की संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े दंड के प्रावधान शामिल हैं। मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए, विधेयक में प्रत्येक राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश को दैनिक सुनवाई के लिए विशेष त्वरित न्यायालय स्थापित करने का आदेश दिया गया है। इसमें यह भी प्रावधान है कि अपराधों की जांच पुलिस थाने में सूचना दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। मुकदमे की सुनवाई आरोपपत्र दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए।

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विधेयक में संशोधन कानून को और अधिक सख्त बनाने तथा त्वरित न्याय दिलाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि नया विधेयक विद्रयार्थियों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्न दलों द्वारा शासित राज्यों में पेपर लीक होने की घटनाएं हुई हैं।

विपक्ष के आचरण पर निशाना साधते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि जब एक महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हो रही है, तो विपक्ष सुझाव देने के बजाय राजनीति कर रहा है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा असंसदीय भाषा का इस्‍तेमाल करने की भी आलोचना करते हुए इसे अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई और केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि चूंकि कोई गोली नहीं चलाई गई, इसलिए आदेश जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है।

इससे पहले, चर्चा में भाग लेते हुए जनता दल यूनाईटेड के दिलेश्वर कामायत ने संसद में विधेयक लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्‍होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। श्री कामायात ने कहा कि यह विधेयक विद्यार्थियों के हित में लाया गया है। उन्‍होंने कहा कि नए विधेयक में समयबद्ध जांच और कड़ी सजा का प्रावधान है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।

विधेयक का विरोध करते हुए रिवोल्‍यूनश्‍नरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह विधेयक अपने उद्देश्य को पूरा करने में अपर्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधेयक में किए गए बदलाव केवल दिखावटी हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था अब बहुत महंगी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-यूजी परीक्षा आयोजित करने पर खर्च की गई राशि देश के शिक्षा बजट से अधिक है। श्री गांधी ने कहा कि नीट मुद्दे पर छात्रों का विरोध हिंसा या घृणा नहीं, बल्कि युवाओं की गहरी भावनाओं की अभिव्यक्ति है और सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। श्री रिजिजू ने मांग की कि राहुल गांधी को सदन में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे केवल विधेयक पर ही बोलें और बिना किसी तथ्य के आरोप न लगाएं। चर्चा के दौरान सदन को दो बार स्थगित भी किया गया। विधेयक पारित करने के बाद श्री बिरला ने सदन को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

POK में पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने 40 लोगों को मारा

श्रीनगर, 29 जुलाई 2026, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्‍मू-कश्मीर में अशांति लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच, एक जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार निगरानी संस्था ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय से हस्तक्षेप करने की अपील की है। यह अपील उन खबरों के बाद की गई है जिनमें आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार निगरानी संस्था ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क को भेजी अपनी अपील में कहा कि यह घटना 27 जुलाई को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी-जेएएसी द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण मार्च’ के रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर दोबारा शुरू होने के बाद हुई।
उधर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस ने जारी एक बयान में कहा कि किसी नागरिक समाज संगठन को अपराधी घोषित करना और शांतिपूर्ण सभाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकार के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए जेएएसी के नेताओं को कानूनी प्रतिनिधित्व और अपने परिवारों से संपर्क का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही, उनके विधिसम्मत प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई  के अधिकारों की पूरी तरह से गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला

वॉशिंगटन, 29 जुलाई 2026, अमरीका ने कहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कल रात पश्चिम एशिया क्षेत्र में तैनात अमरीकी बलों पर “अचानक हमले” के प्रयास में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, अमरीकी केंद्रीय कमान ने कहा कि सभी ईरानी मिसाइलों को  रोक दिया गया और अमरीकी बल सतर्क और उच्च स्तर की तैयारी में हैं। अमरीका ने यह भी दावा किया कि पिछले 72 घंटों में 30 से अधिक हवाई ड्रोन हमलों के साथ ही, अमरीका और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई रसद और हथियार स्थलों पर हमले किए।
पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालिया हमले अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के कुछ घंटों बाद हुए।

एक करोड़ का इनामी नक्सली गिरफ्तार

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रांची, 29 जुलाई 2026, झारखंड में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रमुख माओवादी नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को धनबाद-गिरिडीह सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। क्षेत्रीय समिति सदस्य मेहनत उर्फ मोछू, माओवादी कार्यकर्ता गौरव और दो ग्रामीणों को भी संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया। मोछू पर 15 लाख रुपये का इनाम था। यह कार्रवाई कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर की।

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