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पीएम की सचिवों संग बैठक: भविष्य के रोड़मैप पर चर्चा और निर्देश

July 29, 2026

पीएम की सचिवों संग बैठक: भविष्य के रोड़मैप पर चर्चा और निर्देश

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

 

विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज; पति गिरफ्तार

हाथरस। थाना चंदपा क्षेत्र के गांव गढ़ी परती बनारसी में 27 वर्षीय विवाहिता कोमल सिसौदिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति, जेठ और ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मायके पक्ष को अवगत कराया। मृतका के पिता संतोष की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पति अभिषेक, जेठ सुनील और ससुर ओमवीर दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल और ₹50 हजार की मांग को लेकर कोमल को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई।मृतका के भाई का आरोप है कि अभिषेक शराब के नशे में अक्सर कोमल के साथ मारपीट करता था और परिवार के अन्य सदस्य भी उसे प्रताड़ित करते थे। बताया गया कि अभिषेक की यह दूसरी शादी थी तथा दंपति के दो छोटे बच्चे हैं।पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपों की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने लगाए फूल फरौशी ठेकों में अनियमितताओं के आरोप


वर्ष 2010 से वर्तमान तक सभी ठेकों की जांच और संबंधित ठेकदारों से राजस्व नुकसान की भरपाई की मांग की
हरिद्वार, 29 जुलाई। पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने नगर निगम के फूल फरौशी के ठेकों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए वर्ष 2010 से वर्तमान तक सभी ठेकों की जांच कर संबंधित ठेकेदारों से वसूली तथा निगम के राजस्व को हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस के पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट ने नगर निगम द्वारा मालवीय द्वीप, घंटाघर सहित अन्य स्थानों पर फूल फरौशी के ठेके आवंटित किए जाते हैं। आरोप लगाया कि वर्ष 2010 से अब तक के फूल फरौशी ठेकों की प्रक्रिया और उससे प्राप्त राजस्व का स्पष्ट रिकॉर्ड सूचना के अधिकार के तहत उत्तराखंड सूचना आयोग तक मामला पहुंचाए जाने के बावजूद अपेक्षित जानकारी नहीं दी गयी। कैलाश भट्ट ने वर्ष 2026 में ठेकों की अवधि समाप्त होने के बाद अपनाई गई ई-निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने 7 मई 2026 को ई-निविदा आमंत्रित की और 28 मई को निविदाओं के संबंध में जानकारी दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद तकनीकी एवं वित्तीय बिड खोलने में देरी हुई तथा अधिकारियों को कई बार पत्र देने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। 19 जून 2026 को वित्तीय और तकनीकी बिड खोली गईं, जिनमें कुछ टेंडर दो-दो बिड के साथ पाए गए। आरोप लगाया कि करीब 22 दिनों तक बिड नहीं खोली गई, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ठेके नहीं खोले गए। आरोप है कि कुछ मामलों में ठेकेदारों द्वारा निर्धारित राशि जमा नहीं किए जाने के बावजूद उन्हें ठेका दिए जाने की स्थिति बनी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में जहां ठेकेदारों को निर्धारित धनराशि का 25 प्रतिशत जमा करना होता था, वहीं बाद में नगर निगम द्वारा 40 प्रतिशत तथा चार माह की संपूर्ण धनराशि जमा करने का नियम बनाया गया। भट्ट ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ठेकेदार अलग-अलग नामों से ठेके लेकर प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। इसके चलते वर्ष 2010 से वर्तमान तक फूल-फरौशी के ठेकों की विस्तृत जांच आवश्यक है। उन्होंने अत्यधिक भीड़ वाले समय में ठेकेदारों द्वारा ठेके के बाहर खोखे और दुकानें लगाकर नगर निगम को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया और मांग की कि निर्धारित स्थल के अतिरिक्त कहीं भी फूलों की बिक्री न हो और ठेकेदारों द्वारा किसी प्रकार का अतिक्रमण न किया जाए। पत्रकारवार्ता में पार्षद हिमांशु गुप्ता, ऋषभ वशिष्ठ, शिवम गिरी, तरूण व्यास, शुभम जोशी, अनिकेत गिरी, शानू गिरी मौजूद रहे।

छह दशकों की हिंसा के बाद देश वामपंथी उग्रवाद से मुक्त: नित्यानंद राय

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026, सरकार ने कहा है कि लगभग छह दशकों की हिंसा के बाद देश वामपंथी उग्रवाद से मुक्त हो गया है, जिसे कभी आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक माना जाता था। राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह उपलब्धि वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए 2015 की राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना के दृढ़ कार्यान्वयन और केंद्र तथा राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से हासिल हुई है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि वर्तमान में कोई भी जिला वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत नहीं है।

श्री राय ने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या अप्रैल 2018 में 126 से घटकर 90, जुलाई 2021 में 70, अप्रैल 2024 में 38, दिसंबर 2025 में 8 और मार्च 2026 में शून्य हो गई। श्री राय ने यह भी बताया कि वर्तमान में 37 जिलों को विरासत और महत्वपूर्ण जिलों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो अब नक्सल प्रभावित नहीं हैं। इन जिलों की स्थिति को मजबूत करने के लिए सुरक्षा और विकास उपायों के संबंध में कुछ और समय तक निरंतर समर्थन की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि एक जिले को चिंताजनक जिले की श्रेणी में रखा गया है, जहां नक्सल प्रभावित हिंसक गतिविधियों को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है और उनकी संगठनात्मक संरचना को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। श्री राय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बाद की स्थिति में सरकारी कल्याण कार्यक्रमों के व्यापक प्रसार, स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने, आत्मसमर्पण करने वाले कार्यकर्ताओं के पुनर्वास को सुगम बनाने और दूरदराज के क्षेत्रों में शासन और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

श्री राय ने कहा कि कुल मिलाकर, केंद्र देश के पूर्व नक्सल प्रभावित जिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके त्वरित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

POK हिंसा पर OHCHR से हस्तक्षेप की मांग

Shrinagar, July 29, 2026, पाकिस्तान के कब्‍जे वाले जम्मू-कश्मीर में अशांति लगातार बढ़ रही है। मानवाधिकार संगठन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) से हस्तक्षेप करने का आह्वान किया है। यह आह्वान पाकिस्तानी सेना की अधिकृत क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बर गोलीबारी की खबरों के बाद किया गया है। इस गोलीबारी में 40 से अधिक नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। ये हत्याएं 27 जुलाई को रावलकोट से मुजफ्फरबाद की ओर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के शांतिपूर्ण मार्च के फिर से शुरू होने के बाद हुईं।

इस बीच, पाकिस्तानी अधिकारियों ने पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले जम्मू-कश्मीर में 13 निजी स्कूलों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इन स्कूलों के प्रबंधन, कर्मचारियों और छात्रों ने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। ये विरोध प्रदर्शन पाकिस्‍तान के दशकों पुराने नियंत्रण को सीधी चुनौती दे रहे हैं। पाकिस्तानी सेना की बार-बार दमनात्‍मक कार्रवाई में कई नागरिक मारे गए और कई अन्‍य घायल हुए हैं। क्षेत्र में सख्त नाकाबंदी और कर्फ्यू लागू है तथा संचार व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ठप है।

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