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Budhha: भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के अवशेष मंगोलिया में स्थापित

May 31, 2026

Budhha: भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के अवशेष मंगोलिया में स्थापित

भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया में स्थापित किए गए

गंडांटेगचेनलिंग  मठ में “वेसेल्स ऑफ लाइट” प्रदर्शनी का उद्घाटन

Posted on- May 31, 2026,

उलानबातर, 31 मई 2026, भारत-मंगोलिया के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के पवित्र अवशेषों को बुद्ध पूर्णिमा (बैसाखी) 2026 के अवसर पर मंगोलिया के उलानबातर स्थित गंडांटेगचेनलिंग मठ में विधिपूर्वक स्थापित किया गया।

31 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाली दस दिवसीय प्रदर्शनी के लिए भारत से लाए गए पवित्र अवशेषों को हजारों भक्तों और संघ के सदस्यों ने अत्यंत श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मंगोलिया में भारत के राजदूत महामहिम श्री अतुल मलहारी गोत्सर्वे, मंगोलिया सरकार के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, प्रख्यात बौद्ध नेताओं, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के प्रतिनिधियों, श्रीलंका के महाबोधि सोसाइटी और बौद्ध जगत के विभिन्न विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया गया।

इस प्रदर्शनी की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री उखनागिन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान की थी। यह पहल भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में निहित भारत और मंगोलिया के बीच साझा किए गए गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने इस अवसर को ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि ये पवित्र अवशेष ज्ञान के जीवंत प्रकाश का प्रतीक हैं, जो शांति, करुणा और सद्भाव का सार्वभौमिक संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि सांची के पवित्र स्तूपों में सदियों से संरक्षित अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के अवशेष भारत की सबसे अनमोल सभ्यतागत धरोहरों में से हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंगोलिया में इनका प्रदर्शन दोनों देशों के बीच विश्वास, आदर और मित्रता का एक गहरा प्रतीक है।

भारत-मंगोलिया की अटूट साझेदारी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को याद किया कि भारत और मंगोलिया सदियों से बौद्ध धर्म के माध्यम से जुड़े हुए “आध्यात्मिक पड़ोसी” हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रदर्शनी ऐसे महत्वपूर्ण समय में आयोजित हो रही है जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष और रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, मंगोलिया में भारत के राजदूत महामहिम श्री अतुल मलहारी गोत्सुर्वे ने भगवान बुद्ध की शांति, सद्भाव, सामाजिक न्याय और तर्कसंगत चिंतन की शिक्षाओं की शाश्वत प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत और मंगोलिया, रणनीतिक साझेदार और आध्यात्मिक भाई-बहन के रूप में, पवित्र कंजूर पांडुलिपियों के उपहार, वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन, एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन, बौद्ध पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और नालंदा विश्वविद्यालय और गंडांटेगचेनलिंग मठ के बीच अकादमिक सहयोग जैसी पहल के माध्यम से बौद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं।

राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के अवशेष इससे पहले केवल एक बार 2024 में थाईलैंड गए थे, इसलिए मंगोलिया में यह प्रदर्शनी एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोटोकॉल और सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्राध्यक्ष का दर्जा प्राप्त ये अवशेष भारतीय वायु सेना के विशेष IL-76 (गजराज) विमान से मंगोलिया पहुंचे थे।

Sacred Relics of Major Disciples of Lord Buddha Inauguration of “Vessels of Light” Exhibition at Gandantegchenling Monastery in Mongolia

Posted on – May 31, 2026,

Ulaanbaatar, 31 May 2026 As a significant achievement in Indo-Mongolian cultural and spiritual relations, the sacred relics of two major disciples of Lord Buddha, Arhat Sariputra and Arhat Mahamoggalana, were ceremoniously installed at Gandantegchenling Monastery in Ulaanbaatar, Mongolia on the occasion of Buddha Purnima (Baisakhi) 2026. The holy relics brought from India for the ten-day exhibition running from 31 May to 10 June 2026 were received with utmost reverence by thousands of devotees and members of the Sangha. The exhibition was inaugurated by the Hon’ble Governor of Assam, Shri Laxman Prasad Acharya, Ambassador of India to Mongolia,

मुरादाबाद: तीन वरिष्ठ पत्रकारों को “उपज पत्रकारिता गौरव सम्मान–2026” से किया गया सम्मानित

हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर उपज मुरादाबाद द्वारा भव्य वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित

मुरादाबाद। हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) मुरादाबाद इकाई द्वारा शुक्रवार, 29 मई 2026 को मुरादाबाद क्लब में भव्य “वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। समारोह में पत्रकारिता, सामाजिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त रहे। उन्होंने उपज मुरादाबाद इकाई के पदाधिकारियों के साथ मिलकर वरिष्ठ पत्रकारों को “उपज पत्रकारिता गौरव सम्मान–2026” से सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपज मुरादाबाद इकाई के अध्यक्ष श्री हरि प्रकाश शर्मा ने की।

कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन उपज के महामंत्री श्री कुमार देव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में उपज मुरादाबाद इकाई के मीडिया सचिव अभिषेक भारद्वाज ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, पत्रकार साथियों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों का स्वागत किया। उन्होंने उपज की संगठनात्मक गतिविधियों, पत्रकार हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. मनोज रस्तोगी ने मुरादाबाद की हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मुरादाबाद की पत्रकारिता परंपरा सदैव निर्भीक, जनपक्षीय एवं सामाजिक चेतना से ओतप्रोत रही है। उन्होंने नगर की ऐतिहासिक पत्रकारिता यात्रा, वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान तथा बदलते समय में पत्रकारिता की चुनौतियों और दायित्वों पर अपने विचार व्यक्त किए।

उपज महिला विंग की अध्यक्ष कु. अभिव्यक्ति सिन्हा ने हिंदी पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की सशक्त धुरी है। उन्होंने पत्रकारिता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एवं सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता पर भी बल दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह रहा, जिसमें मुरादाबाद की पत्रकारिता परंपरा को समृद्ध करने वाले तीन वरिष्ठ पत्रकारों को “उपज पत्रकारिता गौरव सम्मान–2026” से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री सुरेंद्र कुमार शर्मा “मुन्ना गुरु” को उनके दीर्घकालीन एवं जनपक्षीय पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनके संबंध में डॉ. मनोज रस्तोगी ने कहा कि छह जून 1941 को जन्मे श्री शर्मा को पत्रकारिता संस्कार अपने पिता, मुरादाबाद के प्रथम दन्त चिकित्सक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार डॉ. जगत प्रकाश शर्मा से विरासत में प्राप्त हुए। वर्ष 1961 में प्रारम्भ हुए साप्ताहिक समाचार पत्र “इंसान जाग उठा” को उन्होंने वर्षों तक निर्भीकता एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया। पत्रकारिता के अतिरिक्त सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता भी सदैव प्रेरणास्पद रही है।

वरिष्ठ पत्रकार श्री हरिओम अग्रवाल को भी “उपज पत्रकारिता गौरव सम्मान–2026” से अलंकृत किया गया। उनके संबंध में वीरभान सिंह ने कहा कि वर्ष 1970 में स्थापित “अवरोध प्रिंटिंग प्रेस” तथा साप्ताहिक समाचार पत्र “अवरोध” ने मुरादाबाद की पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान की। मुरादाबाद टेलीफोन डायरेक्टरी का लगातार 42 वर्षों तक प्रकाशन उनके समाजोपयोगी एवं कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण उदाहरण है। विभिन्न देशों की यात्राओं से प्राप्त अनुभवों ने उनकी वैचारिक दृष्टि को और अधिक समृद्ध किया।

इसके अतिरिक्त वरिष्ठ पत्रकार श्री अखिलेश शर्मा को भी उनके उत्कृष्ट पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनके संबंध में कु. अभिव्यक्ति सिन्हा ने कहा कि वर्ष 1978 में उनके संपादन में प्रकाशित “फूलों की सेज” मुरादाबाद का प्रथम सांध्य दैनिक समाचार पत्र था। उन्होंने दैनिक विश्वमानव, स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जेबीजी टाइम्स एवं सहकारी संसार जैसे प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों में महत्वपूर्ण दायित्व निभाकर पत्रकारिता जगत में अपनी सशक्त एवं विशिष्ट पहचान स्थापित की। सामाजिक जागरूकता एवं साक्षरता अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका को भी विशेष रूप से सराहा गया।

मुख्य अतिथि डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहितकारी पत्रकारिता को समाज की आवश्यकता बताते हुए वरिष्ठ पत्रकारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनका अनुभव पत्रकारिता जगत की अमूल्य धरोहर है।

कार्यक्रम में पत्रकार एकता, जनपक्षीय पत्रकारिता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प को दोहराया गया। अंत में उपाध्यक्ष श्री सुशील शर्मा ने सभी सम्मानित पत्रकारों के स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना करते हुए उपस्थित अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय संबोधन देते हुए श्री हरि प्रकाश शर्मा ने पत्रकारिता की गरिमा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार रखे।

इस अवसर पर डॉ. ब्रजपाल सिंह यादव, बाबा संजीव आकांक्षी, डॉ. आनंद प्रकाश शर्मा, सत्य प्रकाश शर्मा, डॉ. विवेक गोयल, स्वतंत्र सक्सेना, कृति पंचाल, प्रेम प्रकाश सक्सेना, राजेश भाटिया, सत्येंद्र अग्रवाल, डॉ. मनोज रस्तोगी, एसपी शर्मा, वीरभान सिंह, मोहम्मद सुहैल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

एआई और पत्रकारिता अवसर भी, चुनौती भी — उपज की संगोष्ठी में हुआ गंभीर मंथन

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष

*पत्रकारिता में एआई की भूमिका पर बरेली में जुटे वरिष्ठ पत्रकार*

*तकनीक अपनाएं, लेकिन संवेदना और सत्य से न हो समझौता*
*एआई कभी नहीं ले सकती पत्रकार की मानवीय सोच और जिम्मेदारी का स्थान*

*हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर उपज का विचार मंथन*

*वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान, पत्रकारिता के भविष्य पर खुली चर्चा*

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स (उपज) बरेली इकाई द्वारा “एआई और पत्रकारिता : अवसर एवं चुनौती” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव तथा पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला सूचना अधिकारी श्रीमती नीतू कनौजिया तथा अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार दादा शंकर दास ने की। गोष्ठी में जिले के अनेक वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किए।
उपज के जिला अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नाम में ही “कृत्रिम” शब्द शामिल है, इसलिए यह कभी भी वास्तविक मानवीय व्यवहार, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों की बराबरी नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि एआई पत्रकारिता में एक प्रभावी टूल के रूप में उपयोगी हो सकती है, लेकिन किसी भी स्थिति में पत्रकार की संवेदनशीलता, अनुभव और विवेक का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने पत्रकारों से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और उस पर पूर्ण निर्भरता से बचने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पत्रकार संजीव गंभीर ने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक को अपनाना आवश्यक है, लेकिन पत्रकारिता के मूल मूल्य और विश्वसनीयता हमेशा सर्वोपरि रहने चाहिए। उपज के जिला महामंत्री अजय कश्यप ने कहा कि आज भी समाज खबरों की सत्यता के लिए पत्रकारों पर भरोसा करता है और कोई भी तकनीक मानव की जगह नहीं ले सकती।
वरिष्ठ शिक्षाविद डॉक्टर स्वतंत्र कुमार ने कहा की तकनीक हमेशा उन्नत होती रहती है लेकिन कभी भी वह मानव सभ्यता के ऊपर नहीं हो पाई

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार दादा शंकर दास ने कहा कि जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है, उसी प्रकार मस्तिष्क को सक्रिय रखने के लिए निरंतर अध्ययन और चिंतन आवश्यक है। यदि पत्रकार अपने ज्ञान और विवेक का विकास करते रहेंगे तो वे कभी भी एआई पर निर्भर नहीं होंगे।
पत्रकार रामविलास सक्सेना ने अध्ययन और सतत सीखने की संस्कृति को पत्रकारिता की सबसे बड़ी शक्ति बताया। वहीं मुख्य अतिथि नीतू कनौजिया ने उपज द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि एआई पर गंभीर मंथन की आवश्यकता है ताकि तकनीक मानव की सहायक बने, उसका स्वामी नहीं। उन्होंने सूचना विभाग द्वारा इस विषय पर एक व्यापक कार्यशाला आयोजित करने की भी घोषणा की।
भीम मनोहर, दिनेश्वर दयाल, विकल्प कुदेशिया आदि ने भी अपने विचार रखें
इस अवसर पर प्रिंट मीडिया से डिजिटल और एआई युग तक का सफर तय करने वाले वरिष्ठ पत्रकार आर.बी. लाल और संजीव गंभीर को सम्मानित किया गया। पत्रकारिता में दीर्घकालीन योगदान के लिए दादा शंकर दास का भी सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि नीतू कनौजिया को ‘मीडिया का लोकतंत्र’ पुस्तक एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आर.के. सिंह, भीम मनोहर, रंजीत शर्मा, दिनेश्वर दयाल सक्सेना, विकल्प कुरेशिया डॉ स्वतंत्र कुमार, शानू कठेरिया आदित्य शर्मा तरुण कुमार, सुयोग्य सिंह, शुभम सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। गोष्ठी ने यह संदेश दिया कि तकनीक चाहे कितनी भी उन्नत हो जाए, पत्रकारिता की आत्मा हमेशा मानवीय संवेदनाओं, सत्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व में ही निहित रहेगी।

डिजिटल होते युग के बावजूद पेपर लेस कार्य संभव नहीं: अरविंद कुमार सिंह

*भावी पीढ़ी का पुस्तकों से दूर होना चिंताजनक: डॉ.मंजूषा*

*वरिष्ठ पत्रकार विवेकानन्द पाण्डेय की पुस्तक उठान के दिन का हुआ समारोहपूर्वक विमोचन*

अयोध्या।
हिंदी पत्रकारिता के 200 गौरवशाली वर्ष के अवसर पर शहर के सिविल लाइंस स्थित एक होटल के सभागार में वरिष्ठ पत्रकार विवेकानन्द पाण्डेय की “उठान के दिन” पुस्तक का विमोचन समारोहपूर्वक आयोजित हुआ। इस दौरान पत्रकारिता परिचर्चा और संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
सोशल एक्शन फॉर प्रोग्रेसिव नेशन फाउंडेशन (सपना फाउंडेशन) की ओर से आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार व लेखक अरविंद कुमार सिंह ने कहा की संदर्भ, इतिहास और संस्मरणों को संजोने का सशक्त माध्यम पुस्तक होती है। किसी संस्मरणों को जब संजोया जाता है तब वह जीवंत हो उठते हैं। पत्रकारिता समाज के साथ इतिहास को गढ़ने का कार्य करती है। उन्होंने अपने कई संस्मरणों को साझा करते हुए विमोचित पुस्तक “उठान के दिन” को भविष्य के लिए मिल का पत्थर बताया। कहा कि डिजिटल होते युग में लेस पेपर तो संभव है, पर पेपर लेस कार्य संभव नहीं हैं। जिस दिन लेखन और पठन-पाठन बंद होगा समाज में अस्थिरता पैदा हो जाएगी।


अध्यक्षता कर रहीं राजा मोहन गर्ल्स पीजी कॉलेज (मनूचा) की प्राचार्या डॉ. मंजूषा मिश्रा ने कहा कि आज के दौर में हम पुस्तकों से दूर हो रहे हैं। जो भावी पीढ़ी के लिए बड़ी समय होगा। पुस्तकों का लेखन साहित्य के प्रति प्रेम को सहज ही प्रकट करता है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार त्रियुग नारायण तिवारी ने पुस्तक और पत्रकारिता के कई आयामों की विस्तार से चर्चा की। आकाशवाणी अयोध्या केंद्र के सहायक निदेशक (अभियांत्रिकी) अनिल सिंह, कार्यक्रम प्रमुख संजय धर द्विवेदी, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मणि शंकर तिवारी और एसएसवी इंटर कॉलेज के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य शिक्षाविद डॉ. वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने भी समारोह को संबोधित किया।


इसके पहले आपस प्रकाशन के संपादक- प्रकाशक डॉ. विंध्यमणि ने उठान के दिन पुस्तक की विस्तार से चर्चा की। राज्य पुरस्कार से सम्मानित अध्यापक अनूप मल्होत्रा ने स्वागत और सपना फाउंडेशन अध्यक्ष डॉ.स्वदेश मल्होत्रा ने धन्यवाद व्यक्त किया। समारोह का संचालन उठान के दिन पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार विवेकानंद पाण्डेय विवेक ने किया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। अतिथियों को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समारोह में प्रमुख रूप से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उपेंद्र मणि त्रिपाठी, एडवोकेट शीतला पांडेय, पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय में कार्यरत खाकी वाले गुरु उप निरीक्षक रणजीत यादव, आर्ट ऑफ़ लिविंग के शिक्षक अनुज कुमार वैश्य भज्जा, शिक्षक वारिज नयन शर्मा, नंद किशोर उपाध्याय, रमाकांत पाण्डेय, शीला पाण्डेय, व्यवसायी विवेक जैन, रविंद्र कुमार पाण्डेय, भास्कर पाण्डेय, अभिज्ञान यादव, सचिन त्रिपाठी, रामकृष्ण सेवा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष आकाश गुप्ता, बृजेंद्र दुबे, गायत्री पाण्डेय, सोनी पाण्डेय, प्रज्ञा, श्रद्धा, श्रेया, प्रिया, शशांक मिश्रा, शिवम मिश्रा, सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

उपज मेरठ ने ‘कलमकार सम्मान-2026’ से सम्मानित किए वरिष्ठ पत्रकार

200 वर्षों की गौरवशाली हिंदी पत्रकारिता को नमन,

मेरठ। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के 200 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एमआईईटी, मेरठ में आयोजित भव्य समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय तक उल्लेखनीय योगदान देने वाले 21 वरिष्ठ पत्रकारों को ‘कलमकार सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन द प्रेस क्लब मेरठ एवं उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने सम्मानित पत्रकारों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
अपने संबोधन में डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की नींव 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदन्त मार्तण्ड’ से पड़ी थी। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने का प्रभावी साधन है। मेरठ के विकास में भी पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया समाज के हर वर्ग की आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करता है। उन्होंने पत्रकारिता में निष्पक्षता, समालोचना और सामाजिक उत्तरदायित्व को आवश्यक बताया।
जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार समाज और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं। वहीं महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने पत्रकारों को समाज का प्रहरी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में इंद्र मोहन आहूजा, नीरज कांत राही, पुष्पेंद्र शर्मा, सूर्यकांत द्विवेदी, हरिशंकर जोशी, अनिल बंसल, अभिषेक शर्मा, मुकेश गोयल, अशोक गोस्वामी, विनोद गोस्वामी, रामबोल तोमर, ज्ञान प्रकाश, संत राम पांडेय, नरेश उपाध्याय, नितिन सबरंगी, जे.एम. शाकाल, कुंवर नौशे मियां, ऋचा जोशी, अनिल गौर, विजय राजा, जयवीर त्यागी एवं संजय गौतम को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एमआईईटी के वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल, द प्रेस क्लब अध्यक्ष रवि शर्मा, महामंत्री कुंत कुमार शर्मा, उपज के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय चौधरी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन पायल अग्रवाल ने किया, जबकि अंत में द प्रेस क्लब अध्यक्ष रवि शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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