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ट्रांसफार्मर से टकराई तेज रफ्तार कार आग लगने से तीन दोस्तों की मौत, तीन गंभीर घायल

September 7, 2026

ट्रांसफार्मर से टकराई तेज रफ्तार कार आग लगने से तीन दोस्तों की मौत, तीन गंभीर घायल

लखीमपुर में भीषण सड़क हादसा

उ प्र समाचार सेवा

लखीमपुर खीरी।लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन मार्ग पर सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है।थाना खीरी की ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा ओयल में एक तेज रफ्तार वरना कार अनियंत्रित होकर बिजली के ट्रांसफार्मर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त कार में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें से 3 की उपचार के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 07 सितंबर 2026 को रात करीब 02:00 बजे शिव कॉलोनी और राजापुर क्षेत्र के रहने वाले 6 दोस्त वरना कार से सीतापुर की तरफ जा रहे थे। बताया जा रहा है कि यह सभी देर रात चाय पीने के लिए निकले थे। जैसे ही कार ओयल कस्बे के पास पहुंची, अचानक चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधे सड़क किनारे रखे बिजली के ट्रांसफार्मर से जा टकराई।

फरिश्ता बनकर पहुंची ओयल पुलिस, शीशे तोड़कर निकाला बाहर

टक्कर लगते ही बिजली के ट्रांसफार्मर और कार में भीषण आग लग गई। लपटें इतनी तेज थीं कि कार सवार अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार सुनकर घटना स्थल पर तत्काल ओयल पुलिस चौकी की टीम पहुंची। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जैसे-तैसे जलती हुई कार के शीशे तोड़े और गाड़ी में फंसे सभी 6 लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने तत्काल सभी को जिला अस्पताल ओयल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 3 लोगों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक और घायलों की सूची:हादसे में जान गंवाने वाले (मृतक):आयुष कुमार (चालक) – पुत्र कौशल किशोर, निवासी: शिव कॉलोनी, थाना कोतवाली सदर, खीरी।शिवा सिंह – पुत्र अज्ञात, निवासी: राजापुर, थाना कोतवाली सदर, खीरी।आकाश वर्मा – पुत्र अज्ञात, निवासी: पिपरिया बाईपास, थाना कोतवाली सदर, खीरी।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे (घायल):पीयूष सिंह – पुत्र शीशपाल सिंह, निवासी: शिव कॉलोनी, थाना कोतवाली सदर, खीरी।अमन वर्मा – पुत्र स्वर्गीय अमर सिंह, निवासी: शिव कॉलोनी, थाना कोतवाली सदर, खीरी।उत्कर्ष कस्तूभ – पुत्र रविंद्र कुमार, निवासी: शिव कॉलोनी, थाना कोतवाली सदर, खीरी।
हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार और ट्रांसफार्मर में लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है। दुर्घटना के कारण फिलहाल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई थी । मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था और वर्तमान में कानून एवं शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है। पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से संचालित करवा दिया है और मामले की जांच की जा रही है।इससे पहले भी पलट चुका है ट्रक,कहीं लम्बा ब्रेकर तो नहीं बना कारण।

एटा में बाजरे के खेत में मिला अज्ञात युवक का शव, पुलिस शिनाख्त में जुटी

एटा 07 सितंबर उप्रससे। जनपद में थाना रिजोर क्षेत्र के गांव कुंवरपुर में आज सोमवार को बाजरे के खेत में युवक का शव पड़ा मिला। जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने खेत में शव को पड़ा देख डायल 112 पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिलने से पुलिस हत्या की आशंका से भी जांच कर रही है।

पुलिस ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है। फिलहाल शव की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि युवक के बारे में जानकारी मिल सके। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इन्हीं निशानों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को खेत में फेंका गया है। हालांकि, मौत की असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी।
युवक की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी पहचान कराने के लिए आसपास के गांवों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक यहां कैसे पहुंचा और आखिरी बार उसे किसके साथ देखा गया था।
रिजोर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी गई है। पुलिस फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह पता करने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

एटा में आवारा सांड ने किसान को पटका, घायल किसान की अलीगढ़ में उपचार के दौरान मौत

एटा 07 सितंबर उप्रससे। जनपद के मिरहची थाना क्षेत्र में गांव सरनऊ में आवारा सांड ने एक किसान पर हमला कर दिया था। जिससे वह गंभीर रूप घायल हो गया था। घायल किसान को एटा स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया था।

4 सितंबर की देर शाम 49 वर्षीय हरेंद्र सिंह खेत में काम कर रहे थे, तभी सांड ने उन्हें पटक दिया। हमले में हरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ में परिजनों ने हरेंद्र को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आज सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन शव को वापस एटा ले आए। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।

मृतक के भतीजे नितेश कुमार ने बताया कि उनके चाचा 4 सितंबर को खेतों पर चारा काटने गए थे। तभी आवारा सांड़ ने उन्हें पटक दिया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अलीगढ़ रेफर किया गया था, जहां आज उनकी मौत हो गई।

मिरहची थाना प्रभारी विदेश राठी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची थी। परिजन मृतक के शव को गांव ले गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

दलित बुजुर्ग महिला की मौत पर हंगामा,पुलिस की हीलाहवाली पड़ी भारी

मारपीट में घायल दलित बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत,परिजनों का फूटा गुस्सा

उ प्र समाचार सेवा
ओयल खीरी:लखीमपुर खीरी के थाना खीरी की ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सरैया से एक बेहद संवेदनशील और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा बेरहमी से पीटी गई एक दलित बुजुर्ग महिला की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला पिछले 20 दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी। महिला की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और गांव में भारी तनाव का माहौल है।

20 दिनों तक कानों में तेल डालकर बैठी रही पुलिस

मृतक महिला के पुत्र ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित बेटे का कहना है कि वारदात के बाद से वह लगातार न्याय के लिए ओयल पुलिस चौकी और थाने के चक्कर काट रहा था, लेकिन पुलिस लगातार हीलाहवाली करती रही। मामले को रफा-दफा करने और टालने के लिए पुलिस ने 20 दिनों तक रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
IGRS शिकायत का भी नहीं हुआ असर
परिजनों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्होंने आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल और एप्लीकेशन के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन खीरी पुलिस ने इस डिजिटल शिकायत पर भी 1% कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस की इसी लापरवाही और शिथिलता के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद रहे और आखिरकार समय पर इलाज व कानूनी संरक्षण न मिलने से बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया।

महिला की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल मृतक महिला के दरवाजे पर पहुंच गया। परिजनों का कहना है कि जो पुलिस 20 दिनों तक सोती रही, वह आज बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उनके दरवाजे पर मूकदर्शक बनकर खड़ी है।एक तरफ जहां खीरी एसएसपी अपराधियों पर नकेल कसने और कानून व्यवस्था को सशक्त करने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं जमीनी स्तर पर ओयल पुलिस की इस घोर लापरवाही ने पुलिसिंग पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
अब मामला बढ़ता देख पुलिस के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस कर्मी परिजनों को समझाने-बुझाने और शांत कराने में जुटे हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर यही सक्रियता पुलिस ने 20 दिन पहले दिखाई होती और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया होता, तो आज एक बुजुर्ग महिला की जान बच सकती थी। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।बुजुर्ग महिला की जानकारी पर पहुंचे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल का हाल- बेहाल, इलाज के लिए परेशान मरीज ने स्ट्रेचर पर ही तोड़ा दम

फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद के सरकारी ट्रामा सेंटर और अस्पताल में जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बावजूद भी व्यवस्थाओं का हाल-बेहाल है स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते सोमवार को एक मरीज को समय से इलाज नहीं मिलने के कारण स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया।
जनपद के थाना नारखी क्षेत्र के गांव अतीपुर बछगांव निवासी महावीर सिंह 55 बर्ष के सीने में दर्द कफ के साथ खून आने की शिकायत पर के बेटे द्वारा रविवार को मेडिकल कॉलेज के ड्रामा सेंटर में लेकर आया परीक्षण के बाद भर्ती करवाने के लिए डॉक्टर से कहा था डॉक्टर ने कोई बेड खाली नही होने के कारण उसे सोमवार को आने के लिए कहा था। बीमार महावीर सिंह का बेटा दिलीप सोमवार को फिर पिता को लेकर पहुंचा‌ डॉक्टर ने उसे टीवी वार्ड भेजा किंतु वार्ड बॉय ना होने के कारण बेटा खुद स्ट्रेचर में पिता को डालकर ले गया। किंतु टीवी वार्ड में भी उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड में भाग दौड़ करता रहा जिसमें काफी समय खराब हो गया तब तक डॉक्टरों द्वारा मरीज को किसी प्रकार का कोई उपचार नहीं दिया गया और मरीज ने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया। जिसके वाद लेकर परिजनों में आक्रोश फैल गया। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही को लेकर परिजनो द्वारा हंगामा किया गया बाद में पुलिस ने आकर समझकर उनको शांत कराया मौके पर अन्य वरिष्ठ डॉक्टर भी पहुंच गए। जबकि रविवार को ही जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण करके स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के प्रति काफी नाराजगी व्यक्त कर व्यवस्थाओं को सुधारने के कड़े निर्देश दिए थे‌ ।सबसे बड़ी बात यह है कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की चलते एक बीमार को समय से इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई।

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