आलोक कुमार बाजपेयी
सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते सरायन नदी ने एक बार फिर शहर के तटीय इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। नदी के उफान से शहर के करीब 11 मुहल्ले प्रभावित हुए हैं और स्थानीय स्तर पर 2 हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। कई स्थानों पर सड़कें और गलियां जलमग्न होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरायन नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तरीनपुर, लोनियनपुरवा, दुर्गापुरवा, आलमनगर, गदियाना, नई बस्ती, मछली मंडी, कोट कर्बला, हबीबपुर , केशव ग्रीन सिटी , आगा कालोनी, समेत नदी किनारे और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। इससे पहले भी सरायन का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया था और कई तटीय मोहल्लों में घरों तक पानी पहुंचने की खबरें सामने आई थीं।
प्रशासन की निगरानी बढ़ी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा है। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने हाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन-पानी की व्यवस्था करने तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत चौकियों और आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाएं की गई हैं तथा जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार शहर में चिन्हित विद्यालयों, धर्मशालाओं और अन्य बाढ़ आश्रय स्थलों में 600 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें सक्रिय रखी गई हैं।।
