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मैगलगंज थाने में घोर लापरवाही पर प्रभारी निरीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित विभागीय जांच के आदेश

September 29, 2026

मैगलगंज थाने में घोर लापरवाही पर प्रभारी निरीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित विभागीय जांच के आदेश

उ प्र समाचार सेवा
लखीमपुर खीरी।लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज थाने में बड़ी लापरवाही और अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। दुर्लभ प्रजाति के दोमुंहे सांप (सैंड बोआ) की तस्करी से जुड़े एक मामले में ढिलाई बरतने के गंभीर आरोपों के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक खीरी ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक ने मैगलगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, मैगलगंज पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ लोग दुर्लभ प्रजाति के दोमुंहे सांप (सैंड बोआ) की तस्करी में शामिल हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर जाकर आरोपियो…को गिरफ्तार तो किया, लेकिन मामले के मुख्य सूत्रधार और उसके साथियों पर उचित कानूनी (विधिक) कार्रवाई नहीं की। इस पूरे प्रकरण में पुलिसकर्मियों द्वारा घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरती गई।जब यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों को देखते हुए यह बड़ी कार्रवाई की गई।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों की सूची
निरीक्षक संजीव कुमार सिंह तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक थाना मैगलगंज,उपनिरीक्षक शुभम कुमार थाना मैगलगंज,मुख्य आरक्षी देवेन्द्र सिंह यादव पुलिस लाइन्स खीरी,आरक्षी देवेन्द्र मिसौदिया थाना मैगलगंज,आरक्षी राहुल कुमार थाना मैगलगंज,आरक्षी रोहित कुमार थाना मैगलगंज,रिक्रूट आरक्षी विश्राम सिंह थाना मैगलगंज,रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार यादव थाना मैगलगंज,पुलिस विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विश्व हृदय दिवस पर विशेषज्ञ बोले- सीने के दर्द को न समझें गैस, तुरंत लें डॉक्टरी सलाह

​विश्व हृदय दिवस: जिला चिकित्सालय सहित खीरी जनपद में डोंट मिस ए बीट थीम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित​
डोंट मिस ए बीट जिला चिकित्सालय से लेकर सीएचसी तक खीरी में गूंजा हृदय को स्वस्थ रखने का संदेश
उ प्र समाचार सेवा
​लखीमपुर खीरी। जिला चिकित्सालय खीरी में आज विश्व हृदय दिवस के अवसर पर “डोंट मिस ए बीट” (Don’t miss a beat) थीम के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने जनमानस को हृदय रोग के लक्षणों, कारणों और उचित उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
​मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय के साथ-साथ जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों— मितौली, बांकेगंज, रमियाबेहड़, फरधान, पलिया, बिजुआ, निघासन, गोला, पसगवां, फूलबेहड़, कुंभी, मोहम्मदी, धौरहरा, नकहा और खमरिया में भी जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

​मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हृदय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसकी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने समय पर लक्षणों की पहचान कर तुरंत उचित उपचार लेने की सलाह दी। उन्होंने ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, मानसिक तनाव और जंक फूड का अत्यधिक सेवन हृदय रोगों का प्रमुख कारण बन रहा है। ‘डोंट मिस ए बीट’ थीम का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम अपने दिल की सेहत को प्राथमिकता दें। सीने में भारीपन, सांस फूलना या जबड़े और बाएं हाथ में दर्द को कभी भी गैस या सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

​वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आर.पी. वर्मा ने बताया कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम, ताजे फल-सब्जियों का सेवन और धूम्रपान तथा शराब से पूरी तरह दूरी बनाकर हम हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

​एनसीडी सेल के डॉ. शिशिर पांडे ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, इसलिए 30 वर्ष की आयु के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच अवश्य करानी चाहिए। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और मधुमेह को नियंत्रित रखना एक स्वस्थ हृदय के लिए सबसे आवश्यक कदम है।

​डॉ. शिखर बाजपेई ने भी हृदय रोग से बचाव के संबंध में अपने विचार जनमानस से साझा किए और तनाव मुक्त जीवन जीने की सलाह दी।
​इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. रचित मिश्रा, डॉ सइय्यद मोहम्मद रजा, डॉ. इंद्रेश राजावत, स्टाफ नर्स नीरज वर्मा, स्टाफ नर्स सरिता सिंह, एनसीडी सेल ऑपरेटर महेंद्र, योगा इंस्ट्रक्टर राहुल वर्मा, जिला चिकित्सालय खीरी हेल्प डेस्क विभाग से पंकज कुमार शुक्ला, हेल्प डेस्क मैनेजर सुरेंद्र कश्यप, राम जी माथुर, स्टाफ नर्स सर्वेश वर्मा और वीरेश कुमार सहित अस्पताल का स्टाफ एवं आम जनमानस उपस्थित रहे।

बाबूजी की जन्मस्थली बनी वैश्विक साधकों की आध्यात्मिक तीर्थभूमि

दक्षिण कोरिया के 30 अभ्यासियों समेत विभिन्न देशों के साधकों ने की ध्यान साधना

शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त ) शाहजहांपुर की पावन धरा,
आध्यात्मिक चेतना की वह भूमि, जहां से सहज मार्ग की साधना पद्धति और हार्टफुलनेस मेडीटेशन ने प्रेम, ध्यान और आध्यात्म का संदेश विश्व तक पहुंचा, गुरुवार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय साधकों की श्रद्धा और भावनाओं की साक्षी बनी।
श्री रामचन्द्र मिशन के संस्थापक महात्मा रामचन्द्र जी महाराज (बाबूजी महाराज) की जन्मस्थली और कर्मस्थली पर दक्षिण कोरिया, बेलारुस, मलेशिया और फ्रांस सहित विभिन्न देशों से आए अभ्यासी गुरुसत्ता के प्रति श्रद्धा अर्पित करने यहां पहुंचे।
बुधवार देर रात मिश्रीपुर स्थिति रामचन्द्र मिशन आश्रम में दक्षिण कोरिया से आए करीब 30 अभ्यासियों का दल डा. मून के नेतृत्व में यहां पहुंचा ।
गुरुवार सुबह दक्षिण कोरिया के अभ्यासियों ने बाबूजी महाराज के निवास स्थान पहुंचकर वहां ध्यान साधना की। साधकों ने उस पावन भूमि को नमन किया, जहां महात्मा रामचन्द्र जी महाराज का जन्म हुआ और जहां से उनके जीवन, साधना और आध्यात्मिक चिंतन ने आगे चलकर विश्वभर में असंख्य साधकों के लिए आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त किया।
ध्यान के दौरान वातावरण तब भावपूर्ण हो गया जब बाबूजी महाराज की जन्मस्थली के दर्शन और वहां ध्यान करने का अनुभव कर कई कोरियाई अभ्यासी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। किसी ने इसे गुरु के प्रति कृतज्ञता का क्षण बताया तो किसी ने अपने भीतर गहरी शांति और आत्मीयता का अनुभव किया।
अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और देशों से आए साधक यहां एक ही भाव में दिखाई दिए गुरु के प्रति श्रद्धा, ध्यान के प्रति समर्पण और मानवता के प्रति प्रेम।
बाबूजी महाराज के निवास स्थान से सभी अभ्यासी अजीजगंज स्थित सहज मार्ग जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा रामचन्द्र जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया और कुछ समय ध्यान एवं मौन साधना में बिताया।
शाहजहांपुर की धरती पर जन्मे बाबूजी महाराज की साधना और उनका संदेश आज भौगोलिक सीमाओं से परे अनेक देशों के साधकों को जोड़ रहा है। दक्षिण कोरिया से आए अभ्यासी इसका जीवंत उदाहरण हैं जो हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर उस भूमि तक पहुंचे, जिसे वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखते हैं।
बाबूजी महाराज की जन्मभूमि पर दक्षिण कोरिया के लोगों में न भाषा का अंतर दिखाई दिया, न देश की सीमा ,सिर्फ श्रद्धा, साधना और गुरु के प्रति समर्पण का भाव दिखाई दिया।
इस दौरान प्रशिक्षक राजगोपाल अग्रवाल, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, ममता सिंह, सुयश सिन्हा, कृष्णा भारद्वाज, सुरेंद्र सिन्हा,अनूप कुमार, अशोक लोधी, आदि मौजूद रहे।

सैंपल की दवाइयां के नाम पर परोसी जा रही हैं नकली दवाइयां, डॉक्टरो का फल फूल रहा है खूब धंधा, मरीजों को आर्थिक और स्वास्थ्य हानि

बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों के संरक्षण में अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह की जद में ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे झोलाछाप डॉक्टर आसानी से फंस रहे हैं नकली, अधोमानक, मिलावटी एवं सैंपल की बिना बिलों की दवाइयां सप्लाई करने वाला यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे झोलाछाप डॉक्टरों पर बेरोकटोक ऐसी दवाइयाँ बड़ी मात्रा में सप्लाई करके भोली भाली ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए उनका आर्थिक शोषण करते हुए उन्हें अनेक गंभीर बीमारियां परोस रहे हैं। बड़े शहरों एवं महानगरों में अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह की पकड़ धकड़ के बाद ऐसे गिरोहों द्वारा नकली दवाइयां को ठिकाने लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे हैं शिक्षित झोलाछाप डॉक्टरों का रुख किया जा रहा है सूत्रों की माने तो ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे प्रत्येक झोलाछाप डॉक्टर के केबिन में कई कई मेडिकल स्टोरों के बराबर लाखों रुपए की दवाइयो का स्टॉक हर समय मौजूद रहता है। इन डॉक्टरों द्वारा धड़ल्ले से प्रिस्क्रिप्शन लिखने के बजाय मरीजो को अपने पास से दवाई खरीदने को मजबूर किया जाता है। साथ ही किसी भी बीमारी में कई कई बोतल अनावश्यक रूप से फ्लूड लगा दिया जाता है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश मरीजों में शुगर एवं घुटनों व जोड़ो के दर्द की शिकायत होना आम बात हो गई है। साथ ही अंधाधुंध एंटीबायोटिक दवाइयां देने से मरीजो को दिल की बीमारियों का भी खतरा हर समय बना रहता है। कुल मिलाकर एक ओर जहां झोलाछाप चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र की गरीब जनता का कम पैसों में इलाज कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर उससे अधिक ग्रामीण क्षेत्र की जनता को आर्थिक एवं स्वास्थ्य हानि पहुंचा कर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। इस गंभीर विषय पर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त रहता है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन समूह की सखियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

समूह की सखियों का मानदेय नहीं बढ़ा तो नही होगा कार्य।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 29/09/2026
एंकर- बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सदस्य समूह की दर्जनों की संख्या में पहुंची सखियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी के दौरान कहा कि दो हजार में दम नहीं पच्चीस हजार से कम नहीं का नारा दिया।वही गीता चौहान ने बताया कि नगरा ब्लॉक की सभी समूह की सखी है और हम लोग अपने मानदेय वृद्धि के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर आए है हम अपनी मांग और अपनी पहचान मांगने के लिए यहां आए हुए है हम लोगो का मानदेय दो हजार रुपए है वह भी दस महीने पर मिलता है वह दो हजार रुपए सीएलएफ के खाते में जाता है डायरेक्ट हम लोगों के खाते में नही पहुंचता है हमारा काम है घर घर जाकर महिलाओं को कांवेंस करना होता है दस बार एक महिला के घर जाते है तो एक महिला जाकर तैयार होती है समूह में जुड़ने के लिए तैयार होती उसका ब्लॉक से पत्र तैयार कराया जाता है फाइल को तैयार कर बैंक सखी को दिया जाता है तब जाकर बैंक खाता खोलता है इतना काम करने के बाद हम लोगों को दो हजार रुपए मिलता है हम लोगों की सरकार से गुजारिश है कि हम लोगों का मानदेय बढ़ाए जाय।अगर सरकार हम लोगों की मांगे पूरी नहीं करती है तो हम लोग काम नही करेंगे।सरकार दो हजार रुपए दे रही है लेकिन दो हजार रूपये से हम लोगों के बच्चो का फीस तक जमा नही होता है कैसे हम लोग दो हजार रुपए में अपना घर को चलाऊंगी।

वही निर्मला राजभर ने बताया कि हम लोग नगरा ब्लॉक से यहां जिलाधिकारी कार्यालय पर आए है कि हम लोगों का मानदेय बहुत ही काम है और हम लोगों के ऊपर बहुत लोड रहता है सरकार की एक योजना चल रही है राशन कार्ड भारत योजना जिसमे ग्रामीणों को जोड़ना है एक गांव में लगभग छः सौ से सात सौ महिलाओं को एक महिला सखी कैसे जोड़ सकती है दस महिला को जोड़ने में दो महीनो लग जाता है और यह टारगेट है कि सभी महिलाओं को दो माह में जोड़ना है और हम लोगों का मानदेय बहुत कम है हम लोग काम को पूरा करने के लिए रात में जागकर काम को किया जाता है और मानदेय के नाम पर जीरो है 60 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कोई काम करेगा अगर हम लोगों का मानदेय सरकार नही बढ़ाएगी तो हम लोग काम नही करेंगे।आन लाइन काम करना है और उसका भी रिचार्ज हम लोगो अपने पैसे से करते है रिचार्ज तक का पैसा नही दिया जाता है कि आन लाइन काम हो सके सरकार को यह सोचना होगा कि दो हजार रुपए में हमलोग अपना घर चलाएं कि मोबाइल का रिचार्ज करें सरकार की योजना को जनता तक पहुंचने के लिए।

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