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लालबाग में शहीदों को नमन लेकिन उनके गांव आज भी इंतजार में।

August 18, 2026

लालबाग में शहीदों को नमन लेकिन उनके गांव आज भी इंतजार में।

18 अगस्त 1942 के छः अमर शहीदों की स्मृति में गांवों का नामकरण स्मृति पार्क व स्तंभ बनवाने की मांग आजाद अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री समेत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजा पत्र।
सीतापुर। 18 अगस्त 1942 का दिन सीतापुर के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन लालबाग में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा की गई गोलीबारी में छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन अमर शहीदों की स्मृति में लालबाग पार्क में स्मृति स्तंभ स्थापित हैं जहां प्रत्येक वर्ष उनकी शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
पूर्व एमएलसी हरीश बाजपेई द्वारा पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता संग्राम स्मृति संस्थान के बैनर तले 18 अगस्त को शहीद स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर शहीद स्मृति स्तंभों को तिरंगे से सजाया जाता है ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान होता है। इसके बाद हिन्दी संस्थान में कार्यक्रम आयोजित कर स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति के गीत प्रस्तुत किए जाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया जाता है।
सवाल गांवों में शहीदों की स्मृति का
वहीं आजाद अधिकार सेना सीतापुर का कहना है कि जिला मुख्यालय पर हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित होना सराहनीय है लेकिन जिन गांवों से इन छः अमर शहीदों का संबंध रहा वहां उनकी स्मृति को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन का कहना है कि गांवों में शहीदों के नाम पर स्मारक नहीं होने तथा उनके बलिदान की जानकारी नई पीढ़ी तक नहीं पहुंचने से युवा अपने ही गांव के गौरवशाली इतिहास को भूलते जा रहे हैं।
इसी मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना सीतापुर की ओर से पूर्व में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया था। संगठन ने मांग की थी कि छह अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों में ग्राम समाज की उपलब्ध भूमि पर उनके नाम से शहीद स्मृति पार्क एवं स्थायी स्मृति स्तंभ बनवाए जाएं।
शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करने की मांग
आजाद अधिकार सेना ने अब इस मांग को और व्यापक करते हुए मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि 18 अगस्त 1942 के लालबाग गोलीकांड में शहीद हुए छह अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित गांवों का नाम उनके नाम पर किया जाए। प्रत्येक गांव में ग्राम समाज की उपयुक्त भूमि पर उनके नाम से पार्क विकसित कर वहां शहीद की फोटो एवं नाम सहित स्मृति स्तंभ स्थापित कराया जाए तथा स्तंभ पर उनके स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान का संक्षिप्त इतिहास अंकित किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि प्रत्येक वर्ष 18 अगस्त को इन स्मारक स्थलों पर सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गांव के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री से समयबद्ध कार्रवाई की मांग
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को पूर्व में ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रकरण को जनहित एवं राष्ट्रहित में प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं।
संगठन का कहना है कि जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनकी स्मृति को सुरक्षित रखना केवल उनके परिवार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार और पूरे समाज का राष्ट्रीय दायित्व है। शहीदों के गांवों का नाम उनके नाम पर करना तथा वहां स्मृति पार्क और स्तंभ स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी भेजी प्रतिलिपि
इस मांग से संबंधित पत्र की प्रतिलिपि माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री भारत सरकार गृहमंत्री भारत सरकार राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार तथा जिलाधिकारी सीतापुर को भी भेजी गई है। संगठन ने सभी से प्रकरण का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति से जुड़े विषय पर भी सरकार गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती तो आम जनता के हितों से जुड़े मामलों में शासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसको लेकर शहीद परिवारों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।
संगठन ने स्पष्ट कहा है कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने का राष्ट्रीय संकल्प होना चाहिए।

मध्य प्रदेश के भिंड में पिकअप और ट्रक की टक्कर, लखीमपुर खीरी के 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 22 से अधिक घायल

लखीमपुर खीरी।मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया।गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप और डंपर ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि 22 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए सभी मृतक और घायल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी हैं। ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के गोहद, डबरा और चिनौर इलाके में धान रोपाई का कार्य संपन्न करने के बाद पिकअप वाहन में सवार होकर वापस अपने घर लखीमपुर खीरी लौट रहे थे।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, नेशनल हाईवे पर सड़क पर बैठी गायों (मवेशियों) को बचाने के प्रयास में पिकअप चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया नियंत्रण खोने के कारण पिकअप गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में चली गई और सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ट्रक से टकरा गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और कई मजदूर गाड़ी के मलबे में ही फंस गए।घटना की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया हादसे में 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।घायलों को तत्काल नजदीकी गोहद अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मरीजों को ग्वालियर ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है।स्थानीय प्रशासन और खीरी पुलिस लगातार समन्वय बनाकर घायलों को समुचित चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने में जुटी हुई है।

मृतकों की सूची हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या 8 है

उपदेश (पुत्र मोहन, ग्राम बेला तरसिया, लखीमपुर खीरी)अमर सिंह (पुत्र बंशीधर, ग्राम बेला तरसिया, लखीमपुर खीरी) सुखदेव (पुत्र कंचन, ग्राम बेला तरसिया, लखीमपुर खीरी)गुड्डू (पुत्र प्रहलाद पासी, उम्र 45 वर्ष, निवासी किशनपुर, थाना पसगवां, लखीमपुर खीरी)रजनीश (पुत्र कंचनलाल पासी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बेला तरसिया, थाना मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी)सुभाष (पुत्र कमलेश, उम्र 30 वर्ष, निवासी हना निउती, थाना मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी)अज्ञात (दो व्यक्तियों की पहचान ज्ञात करने का प्रयास किया जा रहा है।

एक्सीडेंट में घायल व्यक्तियों की सूची,हादसे में घायल होने वाले लोगों की कुल संख्या 23 है। सूची में दर्ज प्रमुख नाम, उनके पते और संपर्क सूत्र निम्नलिखित हैं

आदेश पासी (उम्र 24 साल)आकाश (पुत्र रामसागर पासी, उम्र 19 साल, निवासी बेला तरसिया, थाना मोहम्मदी,हंसराज (पुत्र रामकिशन पासी, उम्र 42 साल, निवासी बेला तरसिया, थाना मोहम्मदी)अक्षय (पुत्र मुकेश पासी, उम्र 16 साल, निवासी पिपरौला, थाना मैगलगंज मितौली)रामदास (पुत्र बद्री पासी, उम्र 20 साल, निवासी किशनपुर, थाना पसगवां)सोनेलाल (पुत्र कंचन पासी, उम्र 45 साल, निवासी बेला तरसिया,)कंटन (पुत्र रामेश्वर दयाल पासी, उम्र 18 साल, निवासी बेला तरसिया)रामकुमार (पुत्र रामप्रसाद पासी, उम्र 23 साल, निवासी बेला तरसिया, थाना मोहम्मदी)रंजीत (पुत्र गुड्डू पासी, उम्र 21 साल, निवासी किशनपुर,)बालकिशन (पुत्र रामचरन पासी, उम्र 40 साल, निवासी बेला तरसिया)अरविंद (पुत्र अमर सिंह पासी, उम्र 19 साल, निवासी बेला तरसिया,)अनिल कुमार (पुत्र तेजराम पासी, उम्र 40 साल, निवासी ककरहा, थाना हैदराबाद)शिवकुमार (पुत्र राम दयाराम पासी, उम्र 30 साल, निवासी बेला तरसिया)देवेन्द्र सिंह (पुत्र शेरसिंह कुशवाहा, उम्र 26 साल, निवासी बेला तरसिया, थाना मोहम्मदी)अनुज कुमार (पुत्र रामस्वरूप पासी, उम्र 20 साल, निवासी ग्राम रामपुर पटियात, थाना खुटार, शाहजहांपुर,)बेचेलाल (पुत्र मिश्रीलाल पासी, उम्र 50 साल, निवासी रामपुर पचिया, थाना मोहम्मदी)निक्कू (पुत्र सुखदेव कुशवाहा, उम्र 18 साल, निवासी बेला तरसिया,)नन्द लाल (पुत्र छैल बिहारी पासी, उम्र 32 साल, निवासी पसगवां, जिला शाहजहांपुर/लखीमपुर)रमाकांत (पुत्र कंचन लाल, उम्र 37 साल, निवासी बेला तरसिया, थाना मोहम्मदी)अखिलेश (पुत्र गेंदालाल निवासी पसगवां, थाना पसगवां)विकास (पुत्र सुरेश निवासी पसगवां)पवन (पुत्र दिनेश जाटव, उम्र 25 साल, निवासी कुंज पुरा डबरा, पिकअप चालक)महेश (पुत्र चिरौंजी प्रजापति, उम्र 43 साल, निवासी बैदारी, थाना पोहरी, जिला शिवपुरी,ट्रक चालक अज्ञात है।

सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में विजयी भैया-बहनों का हुआ भव्य सम्मान प्रांतीय प्रतियोगिता के लिए बढ़े कदम

लखीमपुर खीरी।विद्या भारती से संबद्ध स्थानीय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में मंगलवार (18 अगस्त 2026) को एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। संकुल स्तरीय वैदिक गणित मेला, विज्ञान मेला एवं सांस्कृतिक महोत्सव में शानदार प्रदर्शन कर लौटे और विद्यालय का नाम रोशन करने वाले विजेता छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रतियोगिता में शामिल हुए शेष सभी प्रतिभागी भैया-बहनों का भी उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए गए।विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती हीरा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इन विभिन्न बौद्धिक व वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं में विद्यालय के कुल 37 भैया-बहनों ने प्रतिभाग किया था। छात्रों के कड़े परिश्रम और उत्कृष्ट मार्गदर्शन की बदौलत विद्यालय के शिशुओं ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।इन प्रतियोगिताओं में मिला प्रथम स्थान:विज्ञान प्रश्नमंच,सांस्कृतिक प्रश्नमंच,वैदिक गणित प्रश्नमंच,सांस्कृतिक पत्रवाचन गणित प्रदर्श,गणित प्रयोग,प्रधानाचार्या ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इन सभी विषयों में विद्यालय के शिशु प्रथम स्थान पर रहे हैं। संकुल स्तर पर अपना लोहा मनवाने के बाद, अब ये सभी प्रथम स्थान प्राप्तकर्ता छात्र आगे होने वाली प्रांतीय प्रतियोगिताओं में लखीमपुर संकुल का प्रतिनिधित्व करेंगे।इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और आचार्य परिवार ने विजयी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और प्रांतीय स्तर पर भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

कथित फर्जी अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत,पीड़ित पिता ने पुलिस, सीएमओ से की शिकायत

लखीमपुर खीरी: जनपद के कोतवाली सदर क्षेत्र के एक अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और नवजात शिशु की जान लेने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पिता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कोतवाली सदर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और कथित फर्जी अस्पताल को बंद कराने की मांग की है।
थाना व जिला खीरी के ग्राम सिरैंचा निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 17 अगस्त 2026 की सुबह उनकी पत्नी रंजना सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने नौरंगाबाद रोड निकट पॉलिटेक्निक स्थित जानकी अस्पताल में सुबह करीब 05 बजे भर्ती कराया था।आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नॉर्मल और ऑपरेशन दोनों तरह की डिलीवरी के लिए 18,000 रुपये फीस तय की थी।पीड़ित का कहना है कि सुबह 11 बजे तक मरीज को भर्ती रखने के बावजूद वहां कोई भी प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद नहीं था।आरोप है कि वहां मौजूद अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा ही जबरन डिलीवरी कराने का प्रयास किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान नवजात को खींचने व गलत तरीके से संभालने के कारण डिलीवरी के समय ही बच्चे की मौत हो गई।शिकायतकर्ता का आरोप है कि बच्चे की मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने इस बात को काफी देर तक छुपाए रखा। परिजनों से 7,500 रुपये और जमा कराने के बाद ही आगे का इलाज शुरू करने की बात कही गई। इतना ही नहीं, बच्चे की मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल के कर्मचारियों ने बाकी बची रकम जमा कराने का दबाव बनाया।जब पीड़ित पिता ने बच्चे की स्थिति जाननी चाही, तो उन्हें बताया गया कि बच्चा ‘सीरियस’ है, जबकि असलियत में बच्चे की मौत काफी समय पहले ही हो चुकी थी। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल ने अपनी फीस वसूलने के लालच में बच्चे की मौत की खबर को लंबे समय तक छुपाए रखा।
पीड़ित पिता जितेंद्र सिंह ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने नवजात की जान से खेलने वाले दोषी कर्मचारियों व प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और इस कथित फर्जी अस्पताल को तत्काल सील कर बंद कराने की मांग की है।जब इस मामले के संबंध में जानकी अस्पताल के संचालक से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हुआ।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई, 4.36 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ नेपाली तस्कर गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी:भारत-नेपाल बॉर्डर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘कवच योजना’ अभियान के तहत पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने चेकिंग के दौरान एक नेपाली नागरिक को 4.36 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद खीरी, डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के कुशल मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। दिनांक 17 अगस्त 2026 को थाना गौरीफंटा पुलिस और एसएसबी टीम एफ कंपनी गौरीफंटा संयुक्त रूप से डिगनिया तिराहे के पास संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका, जिसकी जामा तलाशी लेने पर उसके पास से 4.36 ग्राम अवैध मादक पदार्थ (ब्राउन शुगर) बरामद हुआ।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान बिनोद प्रसाद भट्ट उर्फ विशाल के रूप में हुई है। वह केशव दत्त भट्ट का पुत्र है और नेपाल के जिला बैतड़ी के पाटन नगर पालिका (वार्ड 3) का निवासी है।गौरीफंटा पुलिस ने इस संबंध में अभियुक्त के खिलाफ थाना स्थानीय पर मु०अ०सं० 22/26 धारा 8/21/23 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान माननीय न्यायालय भेज दिया है।

गिरफ्तारी करने वाली संयुक्त टीम:
गौरीफंटा पुलिस टीम: उपनिरीक्षक प्रमीत कुमार और का० हेमन्त कुमार।एसएसबी टीम 39 वीं वाहिनी,असिस्टेंट कमाण्डेंट रवि कुमार समोता, सहायक उ०नि० राकेश कुमार, मुख्य आरक्षी सन्त कुमार, आरक्षी सुखचैन सिंह, आरक्षी रेखा सिंह गुर्जर, आरक्षी अमित कुमार, आरक्षी राहुल सिंह, आरक्षी प्रहलाद मीना, और म०आरक्षी कविमथी एल० शामिल रहे।

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