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रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने किया पुस्तक का लोकार्पण

July 27, 2026

रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने किया पुस्तक का लोकार्पण

संगठन न्याय पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक आयोजित करेगा व्याख्यानमाला एवं जंयती समारोह

लखनऊ, 27 जुलाई। संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में आयोजित समारोह में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर , अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता, महामंत्री प्रोफेसर गीता भट्ट, सह संगठन मंत्री जी लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार  राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर संजय मेधावी एवं प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह द्वारा ‘संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास जी’ पुस्तक का लोकार्पण सम्पन्न हुआ।

मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने अपने उद्बोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास केवल एक संत या भक्त कवि ही नहीं, बल्कि भारतीय समाज में समता, मानव गरिमा, श्रम की प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रवक्ता हैं। उन्होंने कहा कि आज जब समाज अनेक प्रकार की विषमताओं और मूल्य-संकटों का सामना कर रहा है, तब संत रविदास का चिंतन पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो उठता है। उनका संदेश मनुष्य को जाति, वर्ग और बाह्य आडंबरों से ऊपर उठकर प्रेम, करुणा, सेवा, समरसता और आत्मशुद्धि का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम अध्यक्ष अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि यह पुस्तक केवल संत रविदास के जीवन-वृत्त का परिचय नहीं है, बल्कि उनकी वाणी, भक्ति-दर्शन, सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चिंतन तथा समकालीन संदर्भों में उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता का प्रामाणिक एवं सरल विश्लेषण प्रस्तुत करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों, साहित्यकारों तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने अपनी नवीनतम कृति को संत रविदास के समतामूलक एवं मानवतावादी दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास बताया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री जी लक्ष्मण ने  संत रविदास के समतामूलक चिंतन, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों तथा शिक्षा के माध्यम से सामाजिक चेतना के विस्तार पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर  प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर संजय मेधावी, प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव,सह मीडिया प्रभारी दया शंकर उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।                                                                                                                                                                
                                                                                                                                                                                                                                                  

पुलिस कप्तान ने सभी थानों पर ड्यूटी रजिस्टर अनिवार्य का दिया निर्देश

जयन्त कुमार मिश्र संवाददाता

(उप्रससे) 27 जुलाई, बस्ती।जनपद में पुलिस बल की ड्यूटी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक बस्ती यशवीर सिंह के निर्देशन में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है। अब सभी थानों पर एक ड्यूटी रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनाया गया है, जिसमें ड्यूटी आवंटन की पूरी प्रक्रिया दर्ज की जाएगी। पुलिस कप्तान ने बताया कि
प्रत्येक थाने पर ड्यूटी थाना प्रभारी के निर्देशन में ड्यूटी लगाने की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक या अतिरिक्त निरीक्षक/उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। अब ड्यूटी आवंटन कांस्टेबल मुहर्रिर या हेड मुहर्रिर द्वारा नहीं किया जाएगा। और
ड्यूटी की निगरानी के लिए एक विशेष ड्यूटी व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में प्रतिदिन लगाई गई ड्यूटी का फोटो (ड्यूटी रजिस्टर की प्रति) प्रेषित किया जाएगा।इसका निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी एवं पेशी श्रेष्ठ सहित उच्चाधिकारी इस ग्रुप के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर थानों व क्षेत्र में आकस्मिक चेकिंग की जाएगी
प्रत्येक माह के अंत में थाने पर कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा की गई ड्यूटी का विस्तृत गोश्वारा तैयार किया जाएगा। इस गोश्वारा से स्पष्ट रूप से पता चलेगा की किस कर्मी ने कितने दिन और कहाँ-कहाँ ड्यूटी की गई इससे सभी कर्मियों को विभिन्न प्रकार की ड्यूटियों (नाकाबंदी, पिकेट ड्यूटी, VIP ड्यूटी, कोर्ट ड्यूटी, थाना ड्यूटी आदि) में बराबर एवं बारी-बारी से मौका मिल सकेगा।
संबंधित क्षेत्राधिकारी इस सम्पूर्ण व्यवस्था का नियमित पर्यवेक्षण करेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
यह व्यवस्था सुदृढ़ कानून व्यवस्था, पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता, ड्यूटी प्वाइंट पर मौजूदगी, कार्य सरकार में संपूर्ण पुलिस बल का शत प्रतिशत उपयोग, कर्मचारियों के सहूलियत और अनियमितता को समाप्त करने तथा पुलिस कर्मियों के बीच समान कार्यभार के वितरण को सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है। इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा तथा आमजन को भी बेहतर एवं अधिक जवाबदेह पुलिस सेवा उपलब्ध हो सकेगी। पुलिस अधीक्षक बस्ती ने सभी थाना प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस नई व्यवस्था को अक्षरशः लागू किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

July 26, 2026

मुख्यमंत्री ने इटावा में  604 करोड़ की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

लखनऊ : 26 जुलाई, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज उन्हें भारत की पौराणिक और ऐतिहासिक परम्परा से जुड़ी इटावा की पावन भूमि को नमन करने का अवसर प्राप्त हुआ है। अब इटावा के नाम पर कहीं भय और दहशत नहीं है। यहां के नौजवानों के सामने पहचान का संकट नहीं है। यहां का नौजवान देश या प्रदेश में कहीं जाता है, तो जो सम्मान उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदवासियों को प्राप्त होता है, वही सम्मान उन्हें भी प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इटावा सहित उत्तर प्रदेश के नौजवानों को पहचान के संकट से उबारने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद इटावा में इटावा सदर, जसवंतनगर एवं भरथना विधान सभा क्षेत्रों की 604 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को टूलकिट, प्रतीकात्मक चाभी एवं चेक, कैशलेस चिकित्सा कार्ड, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया। कार्यक्रम के दौरान जनपद इटावा की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है। आज उत्तर प्रदेश के नौजवान, किसान, कारीगर, नागरिक पहचान के संकट से उबर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में उपद्रव, अराजकता, गुंडागर्दी, वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ है। आज उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू, न दंगा है, यहां उत्सव है और सब चंगा है। यह नये उत्तर प्रदेश की नई कहानी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। आज गरीब को राशन व आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। हमने विगत दिनों बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों, शिक्षा मित्रों तथा अनुदेशकों को 05 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा की सुविधा प्रदान की थी। आज उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े सभी शिक्षकों और उनके आश्रित परिजनों के लिए 05 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की गयी है। प्रदेश में पहले से ही 10 करोड़ लोगों को चिकित्सा बीमा का कवर दिया जा रहा है। आज प्रदेश में नौजवानों को नौकरी योग्यता के आधार पर मिल रही है। इटावा का नौजवान नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यहां का नौजवान अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेकर सफल हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मंदिरों के सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। आज बेटी एवं व्यापारी सुरक्षित हैं। विकास के कार्य अनवरत रूप से चल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेडेड सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक तथा 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेडेड ऑब्स एण्ड गायनी ब्लॉक का निर्माण कराने का कार्य किया है। यहां का आयुर्विज्ञान संस्थान तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां पर 540 गांवों में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन के कार्य चल रहे हैं। 2.33 लाख परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ा जा रहा है। चतुर्थ फेज में इस कार्य को हम पूरा करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज बुन्देलखण्ड की सीधी कनेक्टिविटी के लिए आपके पास बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे है। यहां पर भरथना और ताखा में एक इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर को विकसित करने की कार्यवाही को भी आगे बढ़ाया गया है। गंगा एक्सप्रेस-वे को शाहजहांपुर से लेकर फर्रूखाबाद होते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए इटावा में भी 108 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार 296 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-ग्वालियर एन0एच0-92 चंबल नदी पर सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण के कार्य को भी आगे बढ़ा रही है। 344 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-कन्नौज एन0एच0-91 ए का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 228 करोड़ रुपये की लागत से इटावा से करहल एन0एच0-92 का निर्माण पूरा हुआ है। 74 करोड़ रुपये की लागत से कानपुर-टूण्डला रेल सेक्शन पर 02 लेन के फुट ओवर ब्रिज का निर्माण, 79 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी पर सेतु पहुंच मार्ग और अतिरिक्त कार्य भी प्रक्रिया में है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 800 करोड़ रुपये की लागत से इटावा में रेलवे फ्लाई ओवर और बाईपास के निर्माण तथा 69 करोड़ रुपये की लागत से भरथना बाईपास के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। भरथना-बकेवर-लखना-सिन्डौरा मार्ग पर भी सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। लायन सफारी इटावा के लिए बाईपास के निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध करायी गई है। 90 करोड़ रुपये की लागत से पैरामेडिकल संस्थान के आवासीय भवन के निर्माण कार्य को भी स्वीकृति दी गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश को विकसित होना पड़ेगा। आज उत्तर प्रदेश हर पायदान पर सबसे आगे है। उत्तर प्रदेश की इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए जितनी भूमिका कानपुर व लखनऊ की है, उतनी ही भूमिका इटावा और मैनपुरी की भी है। उत्तर प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के सभी जनपदों का विकास कर रही है। प्रधानमंत्री जी ने देश में चार जातियां-गरीब, किसान, महिला और युवा बतायी है।
प्रदेश सरकार हर युवा को रोजगार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पी0एम0 स्टार्टअप योजना, पी0एम0 स्टैण्ड अप योजना, डिजिटल इंडिया योजना, सी0एम0 युवा उद्यमी विकास अभियान, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और मिशन रोजगार के अंतर्गत प्रत्येक नौजवान को नौकरी का लाभ दिया जा रहा है। जो नियम लखनऊ और गोरखपुर के नौजवानों के लिए है, वही नियम इटावा और मैनपुरी के नौजवानों के लिए भी है। प्राथमिकता के आधार पर बिना भेदभाव सभी कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अन्नदाता किसानों के कर्ज माफ किए गए। लघु एवं सीमांत किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। प्रदेश के 16 लाख निजी नलकूप धारक किसानों को मुफ्त बिजली देने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में विरासत को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, माँ विंध्यवासिनी कॉरिडोर का निर्माण, नैमिषारण्य का भव्य स्वरूप तथा मथुरा-वृंदावन के विकास की एक नई कार्य योजना के साथ उसे आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर महिला कल्याण मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य, विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया

 लखनऊ: 26 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय परम्परा में शिक्षकों का सर्वोच्च स्थान रहा है। व्यक्ति के सामान्य जीवन, शासकीय व्यवस्था तथा गुरुकुल परम्परा में गुरुओं का एक विशिष्ट महत्व रहा है। जब दुनिया अंधकार में जी रही थी, तब भारत तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों का संचालन कर रहा था।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिजनों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी के समक्ष उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की उपलब्धियों तथा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विश्वविद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों एवं नवीन शैक्षिक प्रयोगों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उन्हें गुरु पूर्णिमा के पूर्व मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उपहार उच्च शिक्षण संस्थानों के सभी प्राध्यापकों, अध्यापकों, उनके परिवार के सदस्यों आदि को प्रदान करते हुए सुखद अनुभूति हो रही है। इस सुविधा के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, राजकीय या शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय या स्ववित्तपोषित प्रबन्धन के अन्तर्गत संचालित विश्वविद्यालयों या महाविद्यालयों को कवर किया जा रहा है। साथ ही, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। प्रदेश भर के 02 लाख उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक सहित उनके परिवार के लगभग 10 लाख सदस्य इस सुविधा से कवर होने जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षक इस सुविधा का बेहतर उपयोग करते हुए देश की एकता और अखण्डता तथा प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जनपद आगरा से उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रारम्भ हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने समयबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वयं हरदोई में योजना का शुभारम्भ कर रही हैं। अलग-अलग जनपदों में अलग-अलग मंत्रिगण इस योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं। कैशलेस सुविधा के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का निष्पादन किया गया है। इसके माध्यम से आपको सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुर्भाग्यवश यदि किसी शिक्षक के साथ कोई घटना-दुर्घटना होती है, तो एम0ओ0यू0 के अन्तर्गत शिक्षक के परिवार को योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 1.5 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 03 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 60,000 रुपये तक का अस्पताल नकद लाभ, 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर आदि लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह एक बेहतरीन सुविधा है, जिससे अब तक उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक लाभान्वित नहीं थे। इसमें प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी भी उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश कोई भी शिक्षक दुर्घटना का शिकार न हो, किसी को हॉस्पिटल न जाना पड़े। लेकिन घटनाएँ-दुर्घटनाएँ बोल कर नहीं आतीं। कोई भी व्यक्ति उसकी चपेट में आ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह व्यक्ति या उसका परिवार उस समय स्वयं को असहाय महसूस न करें। पूरा तंत्र, शासन एवं बैंकर्स उनके साथ खड़े हैं, ताकि वह चुनौती का मुकाबला कर सके।
मुख्यमंत्री जी ने पंजाब नेशनल बैंक से अनुरोध किया कि स्ववित्तपोषित और निजी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी इस योजना से कवर करने की व्यवस्था करे, ताकि उनके साथ कोई घटना-दुर्घटना होने पर उन्हें भी बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सके। इसके दृष्टिगत व्यवस्था आगे बढ़ानी चाहिए। इस व्यवस्था में अभी तक शिक्षणेत्तर कर्मचारी नहीं सम्मिलित थे। लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में कार्यरत 50 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से कवर करने के कार्य को आगे बढ़ाने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तक्षशिला अविभाजित भारत का हिस्सा था। ढाई हजार वर्ष पूर्व तक्षशिला नामक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय था। तक्षशिला विश्वविद्यालय आज के पाकिस्तान में स्थित है। तक्षशिला का नाम प्रभु श्रीराम के अनुज भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर पड़ा। यहाँ दुनिया भर से आए हुए स्नातकों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पारंगत किया जाता था। इसी विश्वविद्यालय में एक विश्वविख्यात जीवक नामक वैद्य हुए। उन्होंने तक्षशिला में अध्ययन पूर्ण किया। वह लम्बे समय तक तक्षशिला में रहे। जब वह अपने देश काशी वापस आना चाहते थे, तो उनके आचार्य ने जाने से पूर्व उनसे अन्तिम परीक्षा ली। उनके गुरु ने वन से ऐसी वनस्पति लाने का दौयित्व सौंपा, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने अनेक दिनों और महीनों तक पूरे वन का अध्ययन किया। वन में जीवक को कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं मिली, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने वापस आकर अपने आचार्य से कहा ‘नास्ति मूलं अनौषधमं’ अर्थातयानी कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो। प्रत्येक वनस्पति में औषधीय गुण हैं। इस पर आचार्य प्रसन्न हुए। उनके गुरु ने कहा प्रत्येक वनस्पति में कोई न कोई औषधीय गुण जरूर है।
भारतीय ऋषि परम्परा में कहा गया है ‘अमंत्रमक्षरम् नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुर्लभः’ अर्थात दुनिया में ऐसा कोई अक्षर नहीं, जिससे मंत्र न बन सके, ऐसी कोई जड़ या पौधा नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो और ऐसा कोई मनुष्य नहीं, जो अयोग्य हो, दुर्लभ तो ऐसे व्यक्ति हैं, जो उन्हें सही तरीके से उपयोग करना जानते हों। योग्यता जरूर होगी। लेकिन उसके लिए योजक चाहिए। जैसे वनस्पति को ढूंढने के लिए कोई वैद्य चाहिए, जैसे अक्षर को जोड़ने के लिए कोई भाषा-शास्त्री चाहिए। इसी प्रकार मनुष्य को योग्य बनाने के लिए कोई योजक चाहिए। वह योजक आप सभी शिक्षक हैं। एक छात्र को सही दिशा प्रदान करने के लिए योजक के रूप में आपकी भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आप छात्रों को जीवन के अनुशासन का महत्व बताते हैं। शिक्षकों को इसीलिए महत्व दिया गया है कि आप शिष्यों के गुणों को उजागर कर सही मार्ग दिखा सके और सन्मार्ग की ओर उन्मुख कर सके। छात्र किसी भटकाव का शिकार न हों, इसके लिए पहले दिन से प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले जब हम लोग पढ़ते थे, तो परिवार के सदस्य न्यूज़ पेपर पढ़ने पर बल देते थे। हमें अपनी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ कुछ रेफरेंस बुक्स को भी पढ़ना चाहिए। पुस्तकालयों में ऐसी पुस्तकें भी होती हैं, जो ज्ञानवर्धक होती हैं। वह पुस्तकें पाठ्यक्रम का हिस्सा भले ही न हों, तब भी उसके बारे में हमें बताया जाता था। पहले प्रत्येक व्यक्ति के मन में कुछ नया करने का भाव रहता था। वह ऐसी रचनाएँ भी करता था, जो स्वयं में कालजयी हो जाती थीं। उनकी रचनाएँ लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती थीं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनगणना के समय शिक्षकों को गाँव या मोहल्ले के बारे में तथा उसके सामाजिक और आर्थिक अध्ययन का अवसर मिलता है। वह आंकड़े कलेक्ट करते हैं। एक पृष्ठभूमि के रूप में प्रत्येक जगह की कुछ विशेषताएँ होती हैं। हमें उस स्थान की समृद्ध परम्परा के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। यह आपकी पर्सनल नॉलेज के लिए बहुत आवश्यक होगा। सत्र की पहली क्लास को आप रूटीन के पाठ्यक्रम की बजाय परिचयात्मक रूप से लें। पाठ्यक्रम का सामान्य परिचय बच्चे को देकर रोचक माहौल बनाने का प्रयास करंे। इससे क्लास के प्रत्येक छात्र के मन में उसे जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होगी तथा उसे विद्यालय आने की इच्छा जाग्रत होगी। हमें बीच-बीच में ऐसे प्रयास करने चाहिए, जिससे प्रत्येक छात्र आकर्षित हो सके। उनके पाठ्यक्रम को और सुरुचिपूर्ण एवं सरल बनाना चाहिए। इससे उनके मन में आपके प्रति सम्मान, श्रद्धा और आस्था का भाव जगेगा। जब-जब भारत में शिक्षकों के प्रति श्रद्धा भाव जाग्रत हुआ है, तब-तब भारत ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूरे समाज में कई वर्ग हैं, जो प्रिण्ट मीडिया, अखबार, न्यूज़ चैनल तथा सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया की खबरों की जानकारी प्राप्त करते हैं। 60 प्रतिशत यूथ का तबका ऐसा है, जो स्मार्टफोन देखकर देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त कर रहा है। स्मार्टफोन पर न्यूज़ के रूप में जिस विषय पर ज्यादा सामग्री उपलब्ध हो, उसे छात्र देखकर सच मान लेते हैं। यह जरूरी नहीं कि वह न्यूज़ सच हो। पहले हम मीडिया, न्यूज़ पेपर की खबर पढ़ते थे। सच मानकर उस पर विश्वास करते थे।
न्यूज़ पेपर ने देश के स्वाधीनता आन्दोलन और जनचेतना जागरूक करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। उसमें एक जवाबदेही भी है। यदि कोई गलत न्यूज़ दे रहा है, तो हमें रिपोर्टर तथा एडिटर का नाम मालूम है। विजुअल मीडिया तथा चैनल के प्रतिनिधि की भी जानकारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति फेक अकाउण्ट बनाकर समाज में विद्वेष पैदा कर सकता है। आपने इसके अनेक उदाहरण देखे होंगे। सही तथ्य की जानकारी तथा आत्म-अनुशासन न होने के नाते पूरा सिस्टम अक्सर अव्यवस्था और अराजकता का शिकार होता है। इसका खामियाजा वर्तमान और भविष्य सभी को भुगतना पड़ता है। यदि वर्तमान और भविष्य दोनों को सही दिशा में लेकर चलना है, तो छात्रों को आत्म अनुशासन के महत्व के बारे में बताना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस आज की आवश्यकता है। बदलती हुई दुनिया में हम इससे पीछे नहीं रह सकते और मुँह नहीं मोड़ सकते। छात्रों को मोटिवेट करें। सच और झूठ के बारे में बताएं। उन्हें इस प्लेटफॉर्म के बारे में तथ्यों से अवगत कराएं। इसे स्वयं के लिए कल्याणकारी तथा देश व सोसाइटी के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास करना चाहिए। इस पर अच्छे कण्टेंट डालने चाहिए। अच्छे उदाहरण के माध्यम से लोगों को प्रभावित करना चाहिए।
विद्यार्थियों को गुमनाम लोग, प्लेटफॉर्म व फेक अकाउण्ट के बारे में बताएं। गुमराह करने वाले तथ्यों से हमें दूरी बनानी चाहिए। अपना न्यूनतम समय उस पर खर्च करना चाहिए। इसके लिए शिक्षक समाज को आगे आना होगा। यदि सही तथ्यों की जानकारी लेनी है, तो फिर से पढ़ने-पढ़ाने की आदत को पुख्ता करना होगा। हमें लाइब्रेरी जाने की आदत डालनी होगी। पाठ्यक्रम के अलावा, रेफरेंस बुक्स को भी देखें। कुछ धर्म ग्रंथों की तरफ उन्मुख हों। यदि हम इनके बारे में छात्रों को बताएंगे, तो देश का कल्याण होगा। देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा और आपका गुणगान करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से सभी संस्थानों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत डुएल डिग्री ले सकते हैं। इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए। प्रत्येक शिक्षक एवं छात्र को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस की जानकारी होनी चाहिए। राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आई0टी0आई0 में आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स तथा 3-डी प्रिण्ंिटग की जानकारी देने के लिए सुविधा उपलब्ध करायी है। यह बहुत कठिन नहीं है, बस थोड़ा प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसकी जानकारी देश एवं समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लग रही, वह किसी न किसी रूप में समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। वह हमेशा अव्यवस्था का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। एक दिग्भ्रमित समाज सदैव नकारात्मकताओं से भरकर स्वयं का नुकसान करता है। इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए सदैव सतर्क रहना होगा। शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों को राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्र प्रेरणा के इनोवेशन के रिसर्च केन्द्र के रूप में स्थापित करना होगा। विश्वविद्यालय के पब्लिकेशंस समाज की सक्सेस स्टोरी के उदाहरणों से भरे हुए दिखायी देने चाहिए। जो कुछ भी यहाँ है, वह वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा एवं आदर्श हो। हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। यदि हम ऐसा करेंगे, तो वर्तमान और भावी पीढ़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ हमें स्मरण करेगी। सभी शिक्षकों को इस दिशा में मजबूती से अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी भारत ने सही दिशा में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया, तब विदेशी हमले प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से प्रारम्भ हुए। एक-एक हमला भारत को गुलामी की आगोश में लाने में सफल हुआ। विदेशी षड्यंत्रों ने भारत को विघटन की ओर ले जाने का कार्य किया तथा भारत में अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया। ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ शिक्षण संस्थानों को खड़ा होना होगा। अपनी युवा पीढ़ी को जागरूक करना होगा। एक मार्गदर्शक के रूप छात्र-छात्राओं को सही मार्ग का अनुसरण करने के लिए तैयार करना होगा। राष्ट्र प्रथम भाव के साथ सन्मार्ग की ओर अग्रसर करना होगा। यदि यह कार्य शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान कर पाएंगे, तो यही देश के प्रति हमारी अमूल्य सेवाएं होंगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की अत्यन्त सराहनीय एवं संवेदनशील पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आगरा की समृद्ध चिकित्सा परम्परा, एस0एन0 मेडिकल कॉलेज के सुदृढ़ीकरण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल रही हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का निरन्तर विकास हो रहा है। सरकार शिक्षकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि गुरु परम्परा ने राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम का मार्गदर्शन किया, जबकि संदीपन ऋषि ने योगेश्वर श्रीकृष्ण को शिक्षा प्रदान की। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी। आज के शिक्षक और शिक्षाविद् उसी गौरवशाली परम्परा के उत्तराधिकारी हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक परिवार की चिन्ता को समझते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अन्तिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार परिवार के मुखिया की जिम्मेदारियों और समस्याओं को समझते हुए ऐसी योजनाएँ संचालित कर रही है, जो आमजन के लिए वरदान सिद्ध हो रही हैं। सरकार का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार ने समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना को सरकार ने केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से धरातल पर उतारा है। सरकार की सभी योजनाओं में किसी भी वर्ग, बिरादरी या समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। सभी पात्र नागरिकों को समान रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना सरकार की नीति और प्रतिबद्धता है। यही भारतीय संस्कृति और सुशासन की मूल भावना भी है।
इस अवसर पर एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, सांसद श्री नवीन जैन, श्री राजकुमार चाहर, विधान परिषद सदस्य डॉ0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक डॉ0 धर्मपाल सिंह, डॉ0 जी0एस0 धर्मेश, श्री पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, श्री बाबूलाल, श्री भगवान सिंह कुशवाहा, श्री छोटे लाल वर्मा, श्रीमती रानी पक्षालिका सिंह, आगरा की महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाह, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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सीएम योगी ने 06 अरब 82 करोड़ 93 लाख की लागत से निर्मित, निर्माणाधीन 111 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया

मैनपुरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के सर्वागींण विकास हेतु रू. 06 अरब 82 करोड़ 93 लाख की लागत से निर्मित, निर्माणाधीन 111 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया, जिसमें विधान सभा मैनपुरी की रू. 87.57 करोड़ की 26 एवं विधान सभा करहल की रू. 54.52 करोड़ की 39 परियोजनाओ का लोकार्पण तथा विधान सभा क्षेत्र मैनपुरी की रू. 425.19 करोड़ की 26, विधान सभा क्षेत्र करहल की रू. 115.65 करोड़ की 20 परियोजनाओं का शिलान्यास सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उसमें मुख्य रूप से विधान सभा क्षेत्र मैनपुरी में रू. 15 करोड़ 74 लाख की लागत से पुलिस लाइन में ट्रॉजिस्ट हॉस्टल में जी$8 आवास, रू. 13 करोड़ 19 लाख की लागत से नवीन राजकीय नलकूप परियोजनाओं, रू. 09 करोड़ 27 लाख की लागत से अग्निशमन केन्द्र के आवासीय भवनो का निर्माण, रू. 08 करोड़ 67 लाख की लागत से रजवाहा पचावर के पुर्नस्थापना, नहरी भूमि के सीमाकंन कार्य, रू. 03 करोड़ 41 लाख की लागत से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में बैंक, एटीएम, पोस्ट ऑफिस, कैफेटेरिया सुविधायुक्त शॉपिंग कॉम्पेक्स का निर्माण, रू. 02 करोड़ 92 लाख की लागत से अलूपुरा पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 62 लाख की लागत से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों हेतु टाइप-4 के 06 नग आवासों का निर्माण, रू. 02 करोड़ 50 लाख की लागत से जीगनचन्दाई मार्ग से बम्बा की पटरी होते हुए नगला घनी तक सम्पर्क मार्ग, रू. 02 करोड़ 49 लाख की लागत से अस्योली ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 48 लाख की लागत से शिवसिंहपुर नवादा ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 45 लाख की लागत से बिछिया विक्रमपुर ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 22 लाख की लागत से कूकामई पेयजल योजना तथा विधान सभा क्षेत्र करहल में रू. 06 करोड़ 91 लाख की लागत से इटावा शाखा के किनारे से निकलने वाले कुशियारी रजवाहा की पुर्नस्थापना, नहरी भूमि के सीमांकन कार्य की परियोजना, रू. 03 करोड़ 45 लाख की लागत से फायर स्टेशन करहल, रू. 03 करोड़ 16 लाख की लागत से बांसक रजवाहा की पटरी जीपेबल बनाने हेतु मिट्टी, ब्रिक सोलिंग कार्य, रू. 02 करोड़ 32 लाख की लागत से बादशाहपुर ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 31 लाख की लागत से बलापुर ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 18 लाख की लागत से बस स्टेशन घिरोर का पुनर्निर्माण, रू. 02 करोड़ 17 लाख की लागत से बिघरई ग्राम पेयजल योजना, रू. 02 करोड़ 04 लाख की लागत से भूरापुरा पेयजल योजना का लोकार्पण किया गया।
अन्न-प्रासन्न योजनांतर्गत 06 माह की आयु पूर्ण कर चुकी मिष्ठी, आयु को अपने कर-कमलों से ऊपरी आहार खिलाया, बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में अध्ययनरत् ओंकार, संजय, दिव्या चौहान, कीर्ति, रूद्रप्रताप, नैन्सी को निःशुल्क बैग, पाठ्य पुस्तक भी उपलब्ध करायीं।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति, पैक्सफेड अध्यक्ष प्रेम सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया, प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान, अनुजेश प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष संगीता गुप्ता, अन्य जन-प्रतिनिधियों के अलावा आयुक्त आगरा मंडल आगरा नगेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, परियोजना निदेशक डीआरडीए शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, आदि उपस्थित रहे।
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