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पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से जनता के हितों की रक्षा करेंगे: Rajnath Singh

March 28, 2026

पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से जनता के हितों की रक्षा करेंगे: Rajnath Singh

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नई दिल्ली, 28 मार्च 26, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और वह इस संघर्ष के किसी भी प्रभाव से भारतीयों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में कई वरिष्ठ मंत्रियों के अनौपचारिक मंत्री समूह की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लचीलेपन और भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती से जुड़े जोखिमों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बैठक में सरकार द्वारा किये जा रहे सभी उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, विद्युत मंत्री मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा बैठक में शामिल हुए।

LPG लेकर एक और जहाज गुजरात के बंदरगाह पहुंचा

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नई दिल्ली, 28 मार्च 26,भारत सरकार ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। विश्व के तेल और गैस आपूर्ति करने वाले देशों से लगातार संपर्क में है। इसी का परिणाम है कि एलपीजी का एक और जहाज गुजरात के बढ़ीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर एलपीजी की एक और खेप पहुंच गयी है। जग वसंत टैंकर 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। यह जहाज कुवैत से रवाना होकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार करके भारत पहुंचा है। इसमें से 17 हजार मीट्रिक टन एलपीजी कांदला बंदरगाह भेजी जाएगी। शेष एलपीजी मुंबई और न्यू मैंगलोर बंदरगाह भेजी जाएगी।

March 27, 2026

रूस की कंपनी के साथ भारत का एयर और मिसाइल डिफेंस समझौता

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नई दिल्ली 27 मार्च 26, रक्षा मंत्रालय ने आज तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और पी-8 आई दीर्घ-श्रेणी समुद्री टोही विमान के निरीक्षण के लिए आठ सौ 58 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सेना के लिए 445 करोड़ रुपये की तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद का अनुबंध रूस की जे.एस.सी. रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किया गया। मंत्रालय ने कहा कि ये अत्याधुनिक मिसाइलें ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ देश की बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।

इसी बीच, बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ भारतीय नौसेना के लिए भारत के लिए खरीद यानि बाय इंडिया श्रेणी के अंतर्गत 100 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री वाले पी-8 आई दीर्घ-श्रेणी समुद्री टोही विमान के निरीक्षण का अनुबंध किया गया। इसकी कीमत 413 करोड़ रुपये है। यह अनुबंध देश में स्थित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल सुविधा में पी-8 आई बेड़े के डिपो स्तर के रखरखाव को सुनिश्चित करेगा, जो आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

March 23, 2026

प्रयागराज में कोल्ड स्टोर की छत गिरी, 4 की मृत्यु 12 घायल

प्रयागराज 23 मार्च 26, जिले के फाफामऊ इलाके में आज दोपहर एक कोल्ड स्टोरेज केन्‍द्र की छत गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए।

मलबे से 17 मजदूरों को बचाया गया है और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है। राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्‍य आपदा मोचन बल की टीमें बचाव और राहत अभियान में लगी हैं। मलबा हटाने के लिए 7 जेसीबी मशीनें मौके पर मौजूद हैं।

राज्य सरकार ने एडीएम वित्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है जो अगले 48 घंटे में जांच करेगी और कोल्ड स्टोरेज केन्‍द्र की छत गिरने के कारणों का पता लगाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत प्रदान करने और घायलों के लिए उचित चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।

मैनाठेर में डीआईजी पर जानलेवा हमले में 16 दोषी करार, 27 को सजा पर फैसला

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

सोमवार को एडीजे-2 कोर्ट का फैसला
कोर्ट के दोषी मानते ही 14 लोगों को हिरासत में जेल भेजा

-मुरादाबाद में मैनाठेर थाने में डींगरपुर की 6 जुलाई, 2011 की घटना

-कोर्ट में पच्चीस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

-हिंसक भीड़ से घिर गए थे डीआईजी अशोक कुमार सिंह
हमले से मरणासन्न अवस्था में
पहुंचे तत्कालीन डीआईजी

-उनके साथ मौजूद तत्कालीन डीएम राज शेखर व डीआईजी के हमराह भी वापस लौट गए

Post on 23.3.29
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
15 साल पहले मैनाठेर क्षेत्र में डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले, बवाल केस में 16 लोगों को दोषी ठहराया गया है। अदालत ने डीआईजी की बेदर्दी से पिटाई, आगजनी में सभी को दोषी करार दिया। अदालत 27 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगी। निर्णय के बाद पुलिस ने सभी चौदह लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। फैसले के दौरान दो दोषी अदालत में हाजिर नहीं हुए।

मुरादाबाद जिले में 2011 में हुआ मैनाठेर बवाल कांड खासी सुर्खियों में रहा। मैनाठेर में डींगरपुर रोड पर चल रहे बवाल को शांत कराने तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह गए थे। पर हंगामे के बीच आक्रामक हुईं भीड़ ने बचाव के लिए आगे बढ़े डीआईजी को घेर लिया। हमला बोल दिया। भीड़ ने डीआईजी की पिस्टल भी छीनकर वर्दी भी फाड़ डाली बुरी तरह पिटाई से डीआईजी लहूलुहान होकर मरणासन्न अवस्था में पहुंच गए। शरीर पर कई जगहों पर फ्रेक्चर हुए। इस दौरान मौजूद तत्कालीन डीएम व डीआईजी के हमराह हमले से बचने को वहां से लौट गए।उत्तेजित भीड़ ने पेट्रोल पंप आदि पर आग लगाई।
पुलिस ने बवाल मामले में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया। इस केस की सुनवाई मुरादाबाद में एडीजे-2 कृष्ण कुमार की अदालत में हुईं।
डीजीसी नितिन गुप्ता व कोर्ट में एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने बताया कि मैनाठेर बवाल केस में आज 16 लोगों को साक्ष्य के आधार पर दोषी ठहराया गया। इनमें से कोर्ट में मौजूद 14 लोगों को न्यायालय के आदेश के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। मामले में कोर्ट 27 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगी।

*बवाल केस में 25 के खिलाफ आरोपपत्र*

तीन आरोपितों की सुनवाई के दौरान मौत, छह का मामला किशोर न्यायालय में पेश
मुरादाबाद।
बवाल केस में पुलिस ने परवेज आलम समेत 25 के खिलाफ आरोपपत्र पत्र दाखिल किया गया। एडीजीसी ब्रजराज सिंह का कहना है कि सोमवार को केस की सुनवाई के बाद अदालत ने 16 लोगों को दोषी करार दिया। हालांकि इनमें तीन आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। जबकि बाकी छह की कम उम्र के चलते किशोर न्यायालय बोर्ड(Juvenile Justice Board) में रखा गया। सोमवार को अदालत ने 16 को दोषी करार दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाजिर 14 को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पहले पुलिस ने उनका मेडिकल भी कराया।

*बवाल कांड में ये दोषी*
-परवेज आलम पुत्र आसिफ
-मंजूर अहमद पुत्र मो युनूस
-मो अली पुत्र अफसर
-हाशिम पुत्र हाजी भोलू
-मो कमरूल पुत्र बाबू
-मो नाजिम पुत्र मो हुसैन
-मो मुजीफ पुत्र नन्हें
-मो युनूस पुत्र मो युसुफ
अंबरीष पुत्र अनवार मिस्त्री
-कासिम पुत्र इकबाल
-मो मोबीन उर्फ मो मोहसिन पुत्र शौकत
-मो मुजीब पुत्र बाबू जमील उर्फ जमीर अहमद
-तहजीब आलम पुत्र हाजी जमील
-जाने आलम पुत्र जुम्मा

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
धारा – 147,148,307, 149,336,353,436,427
395,397
आपराधिक विधि संशोधन, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम

*तत्कालीन डीआईजी, डीएम समेत 24 के हुए बयान*
मुरादाबाद।
15 साल पहले मुरादाबाद के इतिहास में सनसनी मचाने वाले मैनाठेर प्रकरण में कोर्ट में 24 गवाहों ने बयान दर्ज कराएं। 51 लोगों को बयान के लिए लिस्ट बनाईं गई थी। पर जरुरत के हिसाब से कोर्ट में कम के बयान हुए।
एडीजीसी ब्रजराज सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट में ज्यादा लोगों को बुलाया जाना था पर साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में तत्कालीन डीएम और अब जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक राज शेखर, डीआईजी कोर्ट में पेश हुए और बयान दर्ज कराएं।
बवाल केस में डीआईजी की पिस्टल बरामद करने वाले एसएसआई जसवीर सिंह के अलावा हिंसक भीड़ के निशाने पर आया पेट्रोल पंप में तब सेल्समैन संतराम सिंह ने भी बयान दिए। एडीजीसी का कहना है कि भीड़ द्वारा छीनी गई डीआईजी की पिस्टल जंगल में एक गड्ढे में दबी मिलीं।आरोपियों की पूछताछ के बाद पिस्टल को तलाशा गया। कोर्ट में केस में वादी एसआई रवि कुमार के बयान अहम रहें।
इसके अलावा पुलिस की ओर से सिपाही राकेश कुमार, मो हुसैन, कौशलेंद्र , सुनील कुमार, सतीश चंद्र, राम निवास के बयान भी दर्ज हुए।

यह था मामला।
जिले में इतिहास बनी घटना 6 जुलाई वर्ष 2011 की है।मैनाठेर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक केस में आरोपी की गिरफ्तारी को क्षेत्र के ही गांव में दबिश दी थी। पर अभियुक्त के परिजनों ने दबिश के दौरान पुलिस पर धार्मिक पुस्तक के अपमान का आरोप लगाया था। पुस्तक के अपमान से लोगों में गुस्सा भड़क गया। एक वर्ग के लोगों ने मुरादाबाद -संभल रोड को तीन जगहों पर जाम कर मैनाठेर थाने पर आग लगा दी। डींगरपुर में हिंसक भीड़ ने पुलिस चौकी व पीएसी के वाहनों में आगजनी की। बवाल पर काबू पाने के तब डीएम राजशेखर व डीआईजी अशोक कुमार सिंह संग मय फोर्स के मौके पर रवाना हुए थे। दोनों अफसर एक ही कार में सवार थे। डींगरपुर तिराहे पर भीड़ के पीएसी वाहन को फूंकता देख दोनों अधिकारी भीड़ को समझाने के लिए रुके थे। पर हिंसक भीड़ ने उनपर हमला बोल दिया। बताते हैं कि
तत्कालीन डीएम राजशेखर व डीआईजी के हमराह पुलिस कर्मी वाले भी हिंसक भीड़ के बीच डीआईजी को अकेला छोड़कर वापस लौट गए। भीड़ ने डीआईजी को बुरी तरह से पीटकर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। भीड़ ने डीआईजी पर फायर झोंके थे। और उनकी पिस्टल छीन ली। बुरी तरह से घायल डीआईजी को तीन महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा था।

*प्रकरण में आईपीएस अधिकारियों ने की थीं सीएम से शिकायत*

मैनाठेर कांड में डीआईजी को हिंसक भीड़ में अकेला छोड़ने से आईपीएस अधिकारी भी खुश नहीं थे। प्रकरण लंबे समय तक लगातार सुर्खियों में बना रहा।

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