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ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, 35 हजार लोगों ने घर बचाने को निकाली महा रैली

February 3, 2026

ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, 35 हजार लोगों ने घर बचाने को निकाली महा रैली

Rishikesh Railly

ऋषिकेश में घर बचने को सड़कों पर उतरे लोग

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.32 PM , Rishikesh Uttarakhand, Railly 

ऋषिकेश, 3 फरवरी 2026। (उप्रससे) तीर्थनगरी ऋषिकेश Rishikesh में सोमवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब राज्य गठन के बाद पहली बार सत्तारूढ़ भाजपा और धामी सरकार के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे। अपने घरों और जमीनों को बचाने की मांग को लेकर आयोजित इस महा रैली ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया । “अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सोमवार सुबह 10 बजे तक आइडीपीएल हाकी मैदान में करीब 10 हजार से ज्यादा लोग एकत्र हो चुके थे। 15 से 20 मिनट के बाद कई वार्डों से रैली के रूप में लोग हाकी मैदान पहुंचते रहे, जिसके बाद पूरा हाकी मैदान लोगों से खचाखच भरा नजर आया।

इस विशाल जनआंदोलन में करीब 30 से 35 हजार लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। रैली में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, वरिष्ठ और सुपर सीनियर सिटीजन तक शामिल रहे। लोगों ने अपने परिवारों के साथ लगभग 5 से 6 किलोमीटर की पदयात्रा कर शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ विरोध दर्ज कराया। यह रैली सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बनकर सामने आई।

बापूग्राम, बीसबीघा, मीरानगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों के निवासी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग की कार्रवाई और सरकारी नीतियों के कारण दशकों से बसे उनके घर उजड़ने की कगार पर हैं। लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियानों को टूटने नहीं देंगे।

रैली के दौरान गूंजते नारों और जनसमूह की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि उनके क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए और विस्थापन से जुड़ी नीतियों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। रैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें औपचारिक रूप से दर्ज कराईं।

पूरी रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि इसका संदेश बेहद सख्त और स्पष्ट था। यह महा रैली न सिर्फ ऋषिकेश, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति और जनभावनाओं के लिए एक टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। जनता ने यह जता दिया है कि घर केवल दीवारें नहीं होते, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत और सपनों की नींव होते हैं—और उनकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष को तैयार हैं।

February 1, 2026

बजट 2026-27 केन्द्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया 53.47 लाख करोड़ रुपये व्यय का बजट

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

BUDGET 01.02.2026 TABLE

budget 2026-27 table

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 10.59 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026,  केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में केन्द्रीय बजट पेश किया। उन्होंने 44 लाख 4 हजार करोड़ रुपये की आय के विपरीत 53 लाख 47 हजार करोड़ रुपये अनुमानित व्यय दर्शाया है। बजट में 9 लाख 43 हजार रुपये का घाटा दर्शाया गया है।

आय

वित्‍त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में कुल कर राजस्‍व के 44.04 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। प्रत्‍यक्ष कर 26.97 लाख करोड़ रुपये का जीटीआर (जीटीआर का 61.2 प्रतिशत) में मुख्‍य योगदान है। प्रत्‍यक्ष करो का अनुमान 17.07 लाख  करोड़ रुपये है। वित्‍त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में जीटीआर और जीडीपी का अनुपात 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2026-27 का बजट 16वें वित्‍त आयोग (एसएफसी) 16वें वित्‍त आयोग के पहले वर्ष के लिए पुरस्‍कार समय भी है। एसएफसी ने राज्‍यों के विकेन्‍द्रीयकरण के लिए अलग हिस्‍से का 41 प्रतिशत बरकरार रहने का सलाह दी है। कर राजस्‍व (एनटीआर-केन्‍द्र के लिए कुल) 28.67 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। 2026-27 बजट अनुमानों में केन्‍द्र सरकार के लिए एनटीआर को 6.66 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। केन्‍द्र सरकार की [कर राजस्‍व (एनटीआर) और गैर कर राजस्‍व (एनटीआर)] का अनुमान 35.33 लाख करोड़ रुपये है। 2025-26 के संशोधित अनुमानों से राजस्‍व प्राप्ति अनुमान ने 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

व्‍यय

बजट अनुमान 2026-27 में केन्‍द्र सरकार का कुल व्‍यय 53.47 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 13.6 प्रतिशत) रखा गया है जो 2025-26 के 49.65 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमानों से 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्‍त वर्ष 2026-27 के बजट में पूंजीगत व्‍यय के लिए 12.22 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 3.1 प्रतिशत) रखा गया है। इसमें एसएएससीआई (पूंजीगत व्‍यय के लिए राज्‍यों को विशेष सहायता ऋण) के माध्‍यम से पूंजीगत सहायता शामिल है। केन्‍द्र सरकार के प्रभावी पूंजीगत व्‍यय में भारत सरकार का पूंजीगत व्‍यय और पूंजीगत परिसंपत्ति हासिल करने के लिए अनुदान सहायता राशि शामिल है। यह दोनों मिलकर निवेश करते हैं जो अर्थव्‍यवस्‍था की क्षमता को बढ़ाता है। 2026-27 के बजट अनुमानों में अनुदान सहायता राशि के अंतर्गत पूंजीगत संपत्ति बनाने के लिए 4.93 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) रखे गए हैं। इस प्रकार वित्‍त वर्ष 2026-27 में प्रभावी पूंजीगत व्‍यय 17.15 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 4.4 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।

राज्यों को  वित्त आयोग के अनुदान के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि सरकार ने 41 प्रतिशत हस्तांतरण के वर्टिकल शेयर को बनाए रखने के लिए 16वें वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “ सरकार ने 41 प्रतिशत हस्तांतरण के वर्टिकल शेयर को बनाए रखने के लिए 16वें वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार किया है। आयोग की संस्तुतियों के अनुसार मैंने वित्त आयोग के अनुदान के रूप में  वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।”

इसके बाद, श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयोग ने 17 नवंबर, 2025 को राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी और सरकार संविधान की धारा 281 के तहत अधिदेश के अनुसार संसद में आयोग की संस्तुतियों पर कार्रवाई रिपोर्ट पर आधारित वर्णन सहित ज्ञापन रिपोर्ट को प्रस्तुत करेगी।

पूर्वी क्षेत्र में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्‍थापना की जाएगी  

प्रमुख औद्योगिक और रसद गलियारों में 5 विश्‍वविद्यालय टाउनशिप का निर्माण

प्रत्‍येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्‍थापना की जाएगी

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि विकसित भारत के एक प्रमुख संचालक के तौर पर सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के उपायों की सिफा‍रिश हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्‍त रोजगार एवं उद्यम एवं स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया। यह 2047 तक वैश्विक भागीदारी में 10 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में भारत को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अग्रणी बनाएगा। यह समिति वृद्धि, रोजगार और निर्यात को समग्र रूप से बढ़ाने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर काम करेगी। यह समिति एआई स‍हित रोजगारों और कौशल आवश्‍यकताओं के अलावा प्रस्‍तावित उपायों के माध्‍यम से उभरती हुई तकनीकियों के प्रभाव का आकलन भी करेगी।

भारतीय डिजाइन उद्योग का तेजी से विस्‍तार होने के बावजूद अभी भी भारतीय डिजाइनरों की कमी है। केंद्रीय बजट भारत के पूर्वी क्षेत्र में डिजाइन शिक्षा और इसके विकास को प्रोत्‍साहन देने के लिए एक नए राष्‍ट्रीय डिजाइन संस्‍थान की स्‍थापना का प्रस्‍ताव करता है।

सरकार प्रमुख औद्योगिक और रसद गलियारों के आसपास के क्षेत्रों में पांच विश्‍वविद्यालय टाउनशिप के निर्माण में चुनौतीपूर्ण साधनों के माध्‍यम से राज्‍यों को सहायता प्रदान करेगी। इन योजनाबद्ध शैक्षणिक क्षेत्रों में विभिन्‍न विश्‍ववि़द्यालयों, महाविद्यालयों, अनुसंधान संस्‍थानों, कौशल केंद्रों और आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा।

छात्राएं उच्‍चतर शिक्षा एसटीईएम संस्‍थानों की प्रयोगशाला में लंबे समय तक किए जाने वाले अध्‍ययन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करती हैं। केंद्रीय बजट ने वीजीएफ/पूंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में 1 महिला छात्रावास की स्‍थापना का प्रस्‍ताव किया।

गहन अध्‍ययन के माध्‍यम से खगोल-भौतिकी और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलिस्‍कोप अवस्‍थापना सुविधाओं- नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्‍कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्‍फ्रारेड टेलिस्‍कॉप, हिमालयन चंद्र टेलिस्‍कॉप और द कॉसमॉस-2 प्‍लेनेटोरियम की स्‍थापना की जाएगी।

किसानों की आमदनी बढ़ाना

किसानों की आमदनी बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य के अंतर्गत बजट में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास करने, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने तथा स्टार्ट अप और महिला प्रेरित समूहों को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों के साथ शामिल करते हुए बाजार से जोड़ना सक्षम बनाने के प्रावधान किए गए हैं।

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि पशुपालन किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रमुख क्षेत्रों में से एक हैं। ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार उद्यमिता विकास के तहत पशुपालन क्षेत्र को सहायता प्रदान करने के लिए निम्न कदम उठाएगी : (क) ऋण आधारित सब्सिडी कार्यक्रम (ख) पशुधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण (ग)  पशुधन. डेयरी और मुर्गीपालन के लिए संकेंद्रित मूल्य श्रृंखला का सृजन को संवर्धित करना और (घ) पशुधन कृषक उत्पादक संगठनों की स्थापना को प्रोत्साहन देना।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों में सहायता प्रदान कर उच्च मूल्य वाली खेतीबाड़ी पर जोर दिया। पूर्वोत्तर में अगर वृ‍क्षों  और पर्वतीय क्षेत्रों में बादाम, काजू और खुमानी जैसे गिरीदार फलों को भी सहायता प्रदान करेगा।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है। लगभग 10 मिलियन किसानों सहित लगभग 30 मिलियन लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं। नारियल उगाने वाले प्रमुख राज्यों में नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए पुराने और गैर-उत्पादक पेड़ों को नए सैपलिंग/ पौधों /किस्मों से बदलने सहित विभिन्न कदमों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने और उत्पादकता को संवर्धित करने के जरिए मैं नारियल संवर्धन योजना की पेशकश करती हूं।”

किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य की दिशा में एक और कदम उठाते हुए केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत को कच्चे काजू और कोको उत्पादन व प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और भारतीय काजू और भारतीय कोको को वर्ष 2030 तक प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में प्रवर्तित करने के लिए भारतीय काजू और कोको हेतु एक समर्पित कार्यक्रम की भी पेशकश की गई है।

भारतीय चंदन इकोसिस्टम के गौरव को बहाल करने हेतु केंद्र सरकार केंद्रित खेती और कटाई के पश्चात प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों के साथ भी भागीदारी करेगी।

पुराने और कम उपज देने वाले उद्यानों को फिर हरा-भरा बनाने तथा अखरोट, बादाम और खुमानीकी उच्च घनत्व वाली खेती का विस्तार करने के लिए बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने और युवाओं की सहभागिता से मूल्यवर्धन करने के लिए एक समर्पित कार्यक्रम की पेशकश की गई है।

नया आयकर अधिनियम

आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। सरलीकृत आयकर नियम व फॉर्म उचित समय पर अधिसूचित कर दिए जाएंगे ताकि करदाताओं को इनसे परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। फॉर्म को नए रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे आम लोग आसानी से समझ कर इसका अनुपालन कर सकें।

दस हजार करोड़ की एमएसएमई निधि

सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को विकास का मत्वपूर्ण इंजन करार देते हुए वित्त मंत्री ने इसके विकास के लिए तीन सूत्रीय दृष्टिकोण का प्रस्ताव रखा।

इनमें पहला इक्विटि समर्थन है जिसमें उन्होंने लघु तथा मध्यम उद्यम के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एक समर्पित निधि का प्रस्ताव रखा है। इसके अंतर्गत चुनिंदा मानकों पर भविष्य में उत्कृष्ट उद्यमों का सृजन करना है। वित्त मंत्री ने वर्ष 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत कोष में बढ़ोतरी के लिए 2,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमों को मदद पहुंचाना और जोखिम पूंजी तक उनकी पहुंच बनाए रखना है।

बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 10.35 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026,  संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि “सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किये बिना लगातार राजकोषीय वचनबद्धताओं को पूरा करती रही है।” इसी के अनुरूप, ऋण-से-जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी के 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गिरता हुआ ऋण-से-जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्याज भुगतान पर व्यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्यय के लिए संसाधनों को मुक्त करेगा।

राजकोषीय घाटा 4.5 प्रतिशत से कम रखने को प्रतिबद्धः निर्मला सीतारमण

राजकोषीय घाटा, जोकि ऋण लक्ष्य के लिए एक मुख्य प्रचालनात्मक लिखत है, के बारे में बात करते हुए श्रीमती सीतारमण ने संसद को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2021-2022 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे कम करने के लिए की गई वचनबद्धता को पूरा किया गया है। संशोधित अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा का अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऋण समेकन की नई राजकोषीय दूरदर्शिता के अनुरूप, बजट अनुमान 2026-27 राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

निवल बाजार उधारी

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतु, दिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्य स्रोतों के आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है। ”

 

 

January 31, 2026

Ayodhya राम मन्दिर में रखी जाएगी 400 वर्ष पुरानी रामायण

राम मन्दिर

अयोध्या, 30 जनवरी 2026, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में 400 वर्ष पुरानी रामायण रखी जाएगी। यह रामायण दिल्ली विश्वविद्यालय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेंट की है। इसे लेकर ट्रस्ट के महामंत्री चंपतराय दिल्ली से अयोध्या लौट आये हैं।

श्रीरा मन्दिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को यहां शुरु हुई। बैठक में समिति क अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली ने 400 वर्ष पुरानी रामायण भेंट की है। यह रामायण मूलतः बाल्मीकि रामायण पर टिप्पणी है जोकि संस्कृत में है। इस रामायण को पहले राष्ट्रपति भवन में रखवाया गया था। अब इसे राम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि दूसरे तल पर रामकथाओं का संग्रहालय बनाया जाना है। इसमें विभिन्न भाषाओं में बाल्मीकि रामायण को जो भी रूपांतरण है वह यहां रखा जाएगा। रामकथाओं के मन्दिर में श्रीराम यंत्र भी रखा जाएगा जिसे पहले ही कांची कामकोटि के शंकराचार्य ट्रस्ट को सौंप चुके हैं।

January 30, 2026

पूर्वोत्तर में धर्मांतरण रोका जाए: स्वामी यतींद्रानंद गिरि

Swami Yatindranand Giri meet to Himant Vishva Sharma, Chief Minister Assam

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा से मिले जीवनदीप आश्रम रुड़की के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि

गोहाटी (असम), 30 जनवरी 2026, वरिष्ठ महामंडलेश्वर जीवनदीप आश्रम रूड़की के पीठाधीश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि जी महाराज ने पूर्वोत्तर भारत का प्रवास करते समय आज असम के मुख्यमंत्री हेमन्त विश्व शर्मा तथा असम के राज्यपाल लक्ष्मणप्रसाद आचार्य से भेंट की तथा
असम राज्य में गाय माता के संवर्धन एवं गौरक्षा हेतु गोशालाओं को अनुदान देने का प्रस्ताव भी रखा , साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ती हुई ईसाई मिशनरियों के प्रभाव को रोकने एवं धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की है। महामंडलेश्वर जी का पूर्वोत्तर भारत की इस धार्मिक यात्रा में अरुणाचल असम मेघालय के जनजातीय समाज मैं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर विशेष सनातन हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए गए

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