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मुंबई: सिद्धिविनायक मंदिर में दान चोरी की जांच के आदेश

August 8, 2026

मुंबई: सिद्धिविनायक मंदिर में दान चोरी की जांच के आदेश

मुंबई, 08 अगस्त 2026, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दान के गबन के आरोपों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंदिर के पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की जांच करने का निर्देश दिया है। मंदिर के न्यासी बोर्ड ने गुरुवार को श्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और 2023 से 2026 के बीच प्राप्त दान का विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पिछले वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच करने का निर्देश दिया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ रुपये के दान के गबन का आरोप लगाया था। इस मामले में पहले नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पंजाब के फिरोजपुर से भोगांव नवोदय विद्यालय पहुंचे 20 छात्र-छात्राएं, राष्ट्रीय एकता को मिलेगा बढ़ावा

 मैनपुरी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषा एंव अन्य जानकारी के लिये पंजाब के फिरोजपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय के 20 छात्रो ने भोगांव नगर के जवाहर नवोदय विधालय मे दस्तक दी है। कक्षा नौ के ये छात्र एक साल तक विधालय मे रूककर क्षेत्रीय एंव त्रिभाषा का ज्ञान लेगे।
जवाहर नवोदय विधालय के प्राचार्य राजेश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में विधालय के 19 बच्चो को पंजाब के फिरोजपुर जवाहर नवोदय मे भेजा गया है ये छात्र बहां पंजाबी भाषा का ज्ञान लेगें तो बही पंजाब के फिरोजपुर जवाहर नवोदय विधालय के 14 छात्रो एंव 6 छात्राओ को नगर के जवाहर नवोदय विधालय भेजा गया है। विद्यालय पहुचने पर प्राचार्य एंव अन्य शिक्षको ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ पारंपरिक तरीके से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। नए परिवेश और नई संस्कृति के बीच पहुंचे पंजाब के ये छात्र एक साल तक विधालय मे रहकर शिक्षण कार्य करेगे। उन्होने बताया कि नवोदय विद्यालय समिति की राष्ट्रीय शिक्षा पद्धति के तहत प्रतिवर्ष कक्षा 9 के छात्रों का एक राज्य से दूसरे राज्य के विद्यालयों में आदान-प्रदान किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गैर-हिंदी भाषी और हिंदी भाषी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक तालमेल स्थापित करना है, जिससे देश की विविधता में एकता की नींव मजबूत हो सके।
छुपा-छुपाई खेल रहे किशोर की कथित पिटाई के बाद मौत, तीन नामजद के खिलाफ तहरीर
मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के ग्राम कोसमा मुसलमीन निवासी एक किशोर की कथित मारपीट के बाद मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मृतक के परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, ग्राम को कोसमा मुसलमीन निवासी अनीश उर्फ अवरार (किशोर) 6 अगस्त की रात करीब 8 बजे अपने मामा के पुत्र अप्पू के साथ बरसात के दौरान छुपा-छुपाई खेल रहा था। खेलते-खेलते दोनों किशोर पास के ग्राम कोशमा हिंनूद पहुंच गए। आरोप है कि वहां मौजूद अंकुश, राजू और ओमा ने उन्हें पकड़ लिया तथा गाली-गलौज शुरू कर दी। जब दोनों किशोरों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर दी।
बताया जा रहा है कि मारपीट में अनीश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने की बात कही जा रही है। परिजनों का आरोप है कि चोटों के कारण अनीश की शुक्रवार सुबह दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर थाना घिरोर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मृतक के भाई ने थाना घिरोर में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

Posted on 07.08.2026
लखनऊ : 07 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों ने अपने कौशल एवं परिश्रम से भारत की विरासत को नई ऊचाइयों तक पहुंचाया है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आन्दोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। 07 अगस्त, 1905 को भारत के स्वाधीनता आन्दोलन को नई दिशा मिली थी। इसी दिन आजादी के आन्दोलन में स्वदेशी की भावना ने पदार्पण किया था। स्वदेशी के मंत्र ने भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के संकल्प को आगे बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अन्तर्गत राज्य स्तर पर चयनित बुनकरों को सम्मानित किया तथा मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों तथा हथकरघा उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं एवं संस्थागत भागीदारों-हैण्डलूम प्रमोशन एक्सपोर्ट काउंसिल चेन्नई, तनैरा बेंगलुरु, कारिगो डी0टी0डी0सी0, इन्टरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल तथा फूल कानपुर के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी, स्वदेशी तथा हथकरघा को आजादी के आन्दोलन का सबसे बड़ा शस्त्र बनाया था। स्वदेशी उत्पाद को नया जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 07 अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस वर्ष 2015 से देश में प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय हथकरघा से जुड़े देश के लाखों उद्यमियों, व्यवसायियों तथा हस्तशिल्पियांं का सम्मान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वदेशी हमारी विरासत है। हमारे हस्तशिल्पी एवं हथकरघा उद्यमी बड़ी मेहनत एवं परिश्रम से अपना कार्य करते हैं। प्रदेश के 2.5 लाख परिवारों के 14-15 लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम को जोड़ देने पर यह संख्या बढ़कर लगभग 30 लाख हो जाती है। यह उद्योग 30 लाख लोगों की आजीविका तथा स्वावलम्बन का आधार है। इसके माध्यम से वह आत्मनिर्भरता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों व बुनकरों को प्रत्येक सुविधा सम्मानपूर्वक प्रदान कर रही है। लगभग 40,000 बुनकरों को मुख्यमंत्री हथकरघा उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा विद्युत दर रियायत जैसी योजनाओं के माध्यम से 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करयी गई है। आज का समय प्रतिस्पर्धा का है, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में हम तब टिक पाएंगे, जब आज की मांग के अनुरूप डिजाइन तथा वस्त्र तैयार करेंगे। आज यहां लगायी गयी प्रदर्शनी बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल को प्रदर्शित करने का मंच व उत्पादों की ब्राण्डिंग का आधार है। यह मंच उत्पादों को बाजार से जोड़ने का माध्यम व लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा तथा बरेली आदि जनपदों के हस्तशिल्पी व कारीगर अपने उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। लखनऊ की चिकनकारी का काम अत्यन्त उत्कृष्ट है। व्यापारी और हस्तशिल्पी के बीच में विश्वास का रिश्ता होता है। बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर आदि जनपदों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। भदोही का कालीन उद्योग वर्ष 2017 से पूर्व मृतप्राय हो गया था। आज वहां से सैकड़ों करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है। भदोही की कालीन दुनिया के बाजार में छा गई है। देश की नई संसद में जब कालीन बिछाने की बात आयी, तो प्रधानमंत्री जी ने भदोही की कालीन को प्राथमिकता दी। कालीन के माध्यम से संसद में उत्तर प्रदेश के कारीगरों का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम जब स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे तथा उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में ही लगेगा। हस्तशिल्पियों के चेहरे पर खुशहाली तथा जीवन में समृद्धि आएगी। यह पूरे देश की समृद्धि का कारण बनेगा। प्रदेश सरकार इस दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से भदोही में कालीन एक्सपो सेन्टर बनाया गया है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेन्टर स्थापित हो चुका है, इससे वहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार सिल्क क्लस्टर्स को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्पादों को टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट तथा बाजार से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों तथा बुनकरों के साथ सदैव खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा वाराणसी के फैसिलिटेशन सेन्टर से जुड़े विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। गत वर्ष लगभग 450 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। उन्हें डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए लखनऊ तथा हरदोई के बीच 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में पी0एम0 मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। वस्त्र उद्योग कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से उनके चेहरे पर खुशहाली आती है। वह अपनी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग देश व प्रदेश के विकास में कर पाते हैं। इस प्रयास को नई दिशा देने की आवश्यकता है। प्रदेश के पांच स्थानों पर सन्त कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे बुनकरों व हस्तशिल्पियों को नया प्लेटफार्म उपलब्ध होगा। यह कार्य 2017 से पूर्व हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में विज़न व सकारात्मक सोच का अभाव था। प्रत्येक कार्य को केवल वोट बैंक की दृष्टि से देखने पर गरीबों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों का सम्मान पिछड़ जाता है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बिजली तथा सड़क आदि का अभाव था। प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था के कारण बेटी, व्यापारी, हस्तशिल्पी तथा कारीगर सुरक्षित नहीं थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। वर्ष 2017 के पश्चात हमने परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित किया। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से उत्पादों की ब्राण्डिंग की गई। प्रधानमंत्री जी जब किसी देश के दौरे पर जाते हैं, तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष को उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को प्रदान करते हैं। यह हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां कार्य कर रही हैं। हथकरघा प्रदेश में सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। सभी एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा विभाग हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार की मांग के अनुसार टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग आदि से जोड़े। प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों व कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के माध्यम से टूलकिट तथा ट्रेनिंग प्रदान करने की व्यवस्था की है। इस क्षेत्र में कुछ नया करने वाले लोगों को आज यहां संत कबीर हथकरघा पुरस्कार योजना से सम्मानित किया गया है। दीपावली, होली तथा ईद आदि त्योहारों पर हमें प्रदेश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद को अपने सगे-सम्बन्धियों को गिफ्ट के रूप में उपलब्ध कराना चाहिए। इन उपहारों में भदोही की कालीन, फिरोजाबाद की मूर्ति, मुरादाबाद की पीतल की वस्तु तथा मेरठ का खेल का सामान आदि हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मेरठ स्पोर्ट्स आइटम का केन्द्र बिन्दु बना है। वर्ष 2017 से पूर्व पहले यह उद्योग दम तोड़ रहा था। भट्टियों में पारम्परिक ईंधन प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता था। आज प्रदेश सरकार वहां पी0एन0जी0 पाइप लाइन पहुंचा दी है। बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उत्पादों को टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि से जोड़ा गया है। उन्हें निर्यात हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में हथकरघा से जुड़े उत्पाद को खरीदने की व्यवस्था बनाई है। विभाग तत्काल इस पर कार्यवाही आगे बढ़ाए। अस्पतालों तथा गेस्टहाउस में स्थानीय हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों द्वारा निर्मित बेडशीट तथा तौलिए आदि के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों की ब्राण्डिंग का अवसर मिलेगा।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी बुनकर परम्परा तथा स्वदेशी अवधारणा को सम्मान प्रदान करने का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हथकरघा उद्योग को निरन्तर प्रोत्साहित कर रही है। हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उत्पादों को ब्राण्डिंग, तकनीक, पैकेजिंग तथा मार्केट आदि से जोड़ा जा रहा है। उत्सवों और त्योहारों आदि पर हमें प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उद्योग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा हथकरघा दिवस पर दिये गए संदेश का प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक श्रीमती जयदेवी, श्री नीरज बोरा, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

क्षत्रिय महासभा ने की यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग

13 सितंबर को मुजफ्फरपुर में होगी महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी
  1. लखनऊ , 07 August अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग की है। महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए। इस संबंध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी 13 सितंबर को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित होटल परमवीर सभागार में आयोजित होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने कार्यक्रम की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा भारत के संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, लेकिन आज देश में हर राजनीतिक दल के निशाने पर अगड़ा समाज, खासकर क्षत्रिय वर्ग है। उन्होंने इस सिलसिले में 20 सितंबर को आगरा में होने वाले शक्ति सम्मेलन की भी जानकारी दी और कहा कि यह सनातन संस्कृति को बचाने हेतु ऐतिहासिक खुला अधिवेशन शक्ति सम्मेलन होगा। इस दौरान खाड़ी से पहाड़ी तक सामूहिक एकता का अभियान चलेगा।
बैठक में मुख्य मुद्दे आरक्षण सिर्फ गरीबों को मिले, यूजीसी के प्रस्तावित नियम वापस हो, 50 वर्ष आयु वाले गरीबों को आयुष्मान कार्ड सुविधा मिले, ईडब्ल्यूएस में सुधार तथा एससी, एसटी ऐक्ट के दुरुपयोग पर रोक पर चर्चा हुई। राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि पद और कद का उपयोग तभी है जब हम लक्ष्य पर निकलें। प्रधानमंत्री मोदी भी आत्मनिर्भर बनने की सलाह देते हैं। अब देशवासियों को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाए, इस पर मंथन होगा। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय संगठन मंत्री पंकज सिंह, पप्पू सिंह, मदन प्रसाद सिंह, सुनील कुमार सिंह ने सभी पदाधिकारियों से 13 सितम्बर को वीरों की धरती, बिहार पधारने की अपील की है।

कांवड़ यात्रा को लेकर ओयल पुलिस अलर्ट, चौकी इंचार्ज डिंपल सिंह ने संभाली कमान


एपी सिंह
लखीमपुर खीरी। पवित्र सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए खीरी थाना की पुलिस चौकी ओयल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार सड़कों पर मुस्तैद दिखाई दे रहा है।चौकी इंचार्ज डिंपल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के सभी प्रमुख मार्गों और संवेदनशील पॉइंटों पर सघन निगरानी रखी। कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पुलिस टीम ने खुद अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर तैनात कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।यातायात को बाधित होने से बचाने के लिए पुलिस ने मुख्य मार्गों पर स्थित दुकानदारों और स्थानीय लोगों को स्पष्ट हिदायत दी है। पुलिस ने निर्देश दिया है कि मुख्य रास्तों पर कोई भी भारी वाहन या अन्य गाड़ियां खड़ी न की जाएं, जिससे कांवड़ियों की आवाजाही में कोई रुकावट पैदा हो।चौकी इंचार्ज डिंपल सिंह ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। पुलिस की इस सक्रियता और मुस्तैदी को देखकर क्षेत्र से गुजर रहे शिव भक्तों और कांवड़ियों में भी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा भरोसा जगा है।

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