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शिव-पार्वती विवाह की दिव्य झांकी देख भावविभोर हुए श्रद्धालु

July 19, 2026

शिव-पार्वती विवाह की दिव्य झांकी देख भावविभोर हुए श्रद्धालु

श्रीमद्भागवत कथा में शिव महिमा, सती चरित्र और सांख्य योग का हुआ भावपूर्ण वर्णन, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा कथा पंडाल

फोटो -कथाव्यास आचार्य वल्लभ जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करते ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष व अन्य

हाथरस। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड स्थित गौमाता, श्री गिरिराज भगवान एवं परम पूज्य पंडित गया प्रसाद महाराज की तपोभूमि पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। कथा के दौरान भगवान शिव-पार्वती विवाह की मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा कथा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा।कथाव्यास आचार्य वल्लभ जी महाराज ने परीक्षित-शुकदेव संवाद, भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को दिए गए सांख्य योग के उपदेश, ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि रचना, भीष्म स्तुति, सती चरित्र, माता पार्वती की कठोर तपस्या तथा भगवान शिव-पार्वती विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया।उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित और शुकदेव जी का संवाद मानव जीवन के लिए आदर्श है। जीवन के अंतिम क्षणों में सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान के नाम, कथा और भक्ति में मन लगाना ही मोक्ष का मार्ग है। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होने की प्रेरणा देती है।आचार्य वल्लभ जी महाराज ने सांख्य योग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर निष्काम भाव से भगवान की भक्ति करता है, तभी उसे जीवन के दुखों से मुक्ति मिलती है। भक्ति के बिना ज्ञान और वैराग्य अधूरे हैं।कथा में सती चरित्र और माता पार्वती की तपस्या का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह त्याग, तपस्या, श्रद्धा और समर्पण का सर्वोच्च प्रतीक है। माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया, जो अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प का प्रेरक उदाहरण है।कथा के दौरान प्रस्तुत शिव-पार्वती विवाह की आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया और जयघोषों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रीकृष्ण गौशाला का विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।आचार्य वल्लभ जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव वैष्णवों में श्रेष्ठ हैं और श्रीमद्भागवत कथा के परम रसिक हैं। शिव-पार्वती की कृपा और भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में सुख, शांति, सद्बुद्धि तथा भगवान श्रीकृष्ण की निष्काम भक्ति का संचार करता है।इस अवसर पर गोविंद बल्लभ, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), पंकज खंडेलवाल, योगा पंडित (ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष), प्रशांत बौहरे, संजय शर्मा, रामकुमार शर्मा, सचिन अग्रवाल, कमलेश बंसल, हेमकांत शर्मा, किशन मामाजी, राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी, रिंकू लाला, सीमा अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, मीनाक्षी शर्मा, राशि, संगीता, सुनन्या, रश्मि जैन, विनीत दुबे, रामअवतार अग्रवाल, अशोक आंधीवाल, अजय अग्रवाल, अनूप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हार्टफुलनेस ध्यान शिविर आयोजित, ध्यान को बताया आत्मिक उन्नति का आधार

गीता शोध संस्थान 

मथुरा/वृन्दावन, 19 जुलाई। वृन्दावन स्थित गीता शोध संस्थान परिसर के ओपन एयर थिएटर में रविवार को वैश्विक आध्यात्मिक संस्था हार्टफुलनेस के तत्वावधान में ध्यान शिविर एवं आध्यात्मिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और जीवन में संतुलन स्थापित करने का संदेश दिया गया।

परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मनुष्य के जीवन में शांति, संतुलन और आत्मिक विकास का मूल आधार हृदय से जुड़ाव है। धर्म, ईश्वर, परंपरा और विभिन्न मान्यताओं पर विचार रखते हुए बताया गया कि ईश्वर को केवल अनुभूति के माध्यम से ही जाना जा सकता है तथा यह अनुभूति ध्यान, प्रेम और आंतरिक साधना से संभव है। प्रतिभागियों को नियमित ध्यान को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का भी आह्वान किया गया।

ध्यान शिविर में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रमंडलायुक्त नगेन्द्र प्रतापपुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेयजिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंहवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमारनगर आयुक्त ओजस्वी राजअपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्माएसपी सिटी राजीव कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान सत्र के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने आत्मिक शांति एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

स्वच्छता संकल्प महाअभियान में प्रशासन और पुलिस ने किया श्रमदान, दिया स्वच्छ ब्रज का संदेश

मथुरा/वृन्दावन। ब्रज भूमि की पावनता और प्राकृतिक सुंदरता को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार को मथुरा-वृन्दावन में “स्वच्छता संकल्प महाअभियान” का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्वयं श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी मथुरा चंद्र प्रकाश सिंह , पुलिस उप महानिरीक्षक, आगरा परिक्षेत्र शैलेश कुमार पांडे  तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने “हम सब ने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” का संकल्प दोहराते हुए वृन्दावन परिक्रमा मार्ग सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान चलाया। श्रमदान के दौरान सड़कों की सफाई, मार्गों के किनारों से कचरा हटाने तथा पूरे क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने का कार्य किया गया।
अधिकारियों ने वृन्दावन की गलियों, मंदिरों के आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं से स्वच्छ ब्रज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ब्रज धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूरी तरह त्याग करें तथा गीले और सूखे कचरे को खुले में या सड़कों पर फेंकने के बजाय निर्धारित कूड़ेदानों में ही डालें।
अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर ब्रज का निर्माण तभी संभव है जब प्रशासन के साथ-साथ आमजन भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं और स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दें।

बलदेव पुलिस ने चोरी गैंग के सात सदस्यों को दबोचा, चोरी का माल व वाहन बरामद

अतुल कुमार जिंदल

मथुरा। थाना बलदेव पुलिस ने चोरी की वारदातों में सक्रिय सात सदस्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की स्विफ्ट कार, इन्वर्टर, बैटरी, तीन मोटरसाइकिलें, विद्युत मोटर, बिजली के केबल, छह मोबाइल फोन, नकदी तथा एक आरोपी के पास से अवैध तमंचा व कारतूस बरामद किए हैं।

क्षेत्राधिकारी महावन संजीव कुमार राय ने बताया कि थाना बलदेव क्षेत्र से एक स्विफ्ट कार चोरी होने के बाद मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान जानकारी मिली कि यह गैंग बलदेव, राया, जमुनापार और महावन थाना क्षेत्रों सहित आसपास के इलाकों में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
मुखबिर की सूचना पर रविवार तड़के करीब 12:30 बजे माइलस्टोन-124 सर्विस रोड पर 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग से ग्राम हथौड़ा की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने घेराबंदी कर सज्जू उर्फ सरजू, दीपक, सोनू, दीपक उर्फ गूंगा उर्फ गुड्डू, नरेश, मौसिम और आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से यूपी-85 सीएम-9288 नंबर की नीले रंग की स्विफ्ट कार, एक्साइड की सोलर ट्यूबुलर बैटरी, सोलर हाइब्रिड यूपीएस इन्वर्टर, तीन मोटरसाइकिलें, एक विद्युत मोटर, बड़ी मात्रा में बिजली के केबल, छह मोबाइल फोन तथा 3,240 रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपी दीपक के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए।
पुलिस जांच में बरामद सामान थाना बलदेव में दर्ज चोरी के मुकदमे से संबंधित पाया गया। सभी आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से कई के विरुद्ध पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट, विद्युत अधिनियम और अन्य आपराधिक मामलों के मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि गैंग संगठित तरीके से विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी महावन संजीव कुमार राय के निर्देशन तथा थाना प्रभारी अभय कुमार शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक वीर सिंह यादव, उपनिरीक्षक आलोक कुमार मिश्रा एवं थाना बलदेव पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से की।

मौत के दफ्तर में छुट्टियां नहीं होती : अमर साहेब

मैनपुरी। शहर स्थित कबीर आश्रम में रविवार को महंत अमर साहेब की अध्यक्षता में श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संत कबीर साहेब की वाणी का श्रवण किया तथा भजनों के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।
अपने प्रवचन में महंत अमर साहेब ने कहा कि शहीदों के नाम डिग्रियां नहीं होतीं, वीरांगनाओं के हाथ में चूड़ियाँ नहीं होतीं। हमें उस रजिस्टर में हाजिरी लगानी है, क्योंकि मौत के दफ्तर में छुट्टियां नहीं होतीं।
 उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने सत्य, सेवा, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन सफल और सार्थक बन सकता है। महंत अमर साहेब ने संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा भी सुनाया “कबीर कमाई अपनी, निष्फल कबहूँ न जाय। बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥” उन्होंने इसका अर्थ बताते हुए कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अवश्य प्राप्त होता है। यदि जीवन में बुरे कर्म, छल, कपट और अहंकार का बीज बोया जाएगा तो सुख और शांति की अपेक्षा नहीं की जा सकती। अच्छे विचार, ईमानदारी, परिश्रम और सेवा भाव ही जीवन में सफलता, सम्मान और आत्मिक सुख प्रदान करते हैं। सत्संग के दौरान कबीर साहेब के भजनों एवं अमृतवाणी का गायन किया गया, जिससे पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। इस अवसर पर आत्माराम साहेब, प्रखर दास, सियाराम दास, राजेन्द्र दास, ग्रीस दास, बेचेलाल शास्त्री, चेतन दास, कर्नल सुरेश चन्द्र यादव चंद्रपाल शाक्य, प्रकाश दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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