मथुरा/गोवर्धन। उत्तर प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के महासचिव *डॉ. राजीव शर्मा* ने केंद्र सरकार की एथनॉल ब्लेंडिंग नीति पर कड़ा कटाक्ष करते हुए सरकार की नीयत और मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डॉ. राजीव शर्मा ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देने वाली सरकार की यह कैसी नीति है, जहां गन्ने से ईंधन बनाने के फेर में जनता की दोनों तरह से लूटा जा रहा है। सरकार की गलत प्राथमिकताओं के कारण आज देश का आम नागरिक और वाहन चालक दोहरी मार झेलने को मजबूर है।
उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार को जनता के पेट से ज्यादा गाड़ियों के टैंक की चिंता है। गन्ने का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल एथनॉल बनाने में झोंकने के कारण बाजार में चीनी और गुड़ की किल्लत हो गई है। इसका नतीजा यह है कि बाजार में *चीनी के दाम 65 से 70 रुपये प्रति किलो और गुड़ के दाम 80 रुपये प्रति किलो* के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जो आम परिवारों के बजट से बाहर है।
डॉ. राजीव शर्मा ने कहा कि सरकार की इस नीति ने आगामी त्योहार रक्षाबंधन का स्वाद भी पूरी तरह बिगाड़ दिया है। त्योहार से ठीक पहले मिठाई बाजारों में आग लगी है और आम आदमी का पसंदीदा घेवर लगभग *800 से 1000 रुपये प्रति किलो* तक पहुंच चुका है।
सरकार की तकनीकी समझ पर कटाक्ष करते हुए डॉ. राजीव शर्मा ने कहा, “यह केंद्र सरकार की अद्भुत नीति है, जो एक तरफ आम आदमी की थाली और त्योहार को महंगा कर रही है, तो दूसरी तरफ पेट्रोल में जबरन मिलाया जा रहा एथनॉल गाड़ियों के इंजनों को सरेआम कबाड़ बना रहा है।”
उन्होंने कहा कि एथनॉल मिश्रित ईंधन के कारण वाहनों के इंजन और पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय वाहन मालिकों पर मरम्मत का भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि सरकार अपनी इस जनविरोधी और त्रुटिपूर्ण नीति पर तुरंत रोक लगाए, वरना कांग्रेस सड़क पर उतरने को बाध्य होगी।

