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मथुरा : भोगांव में फटा गैस सिलेंडर, मकान जमीदोज

March 29, 2026

मथुरा : भोगांव में फटा गैस सिलेंडर, मकान जमीदोज

बिजली कटौती ने बचाई चार मासूमों की जान, बड़ा हादसा होने से टला,
मथुरा।चौमुहां ब्लॉक के गांव भोगांव में रविवार सुबह तड़के गैस सिलेंडर फटने से एक बड़ा हादसा हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि पूरे मकान में दरारें पड़ गई। गनीमत यह रही कि बिजली कटौती के कारण बच्चे दूसरे कमरे की छत पर सो रहे थे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।
​जानकारी के अनुसार, गांव भोगांव निवासी रामवती (35 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय डिगंबर मजदूरी कर अपने चार बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। रविवार सुबह करीब 5 बजे रामवती रसोई में चाय बनाने के बाद बाहर पशुओं को चारा डालने गई थीं। इसी दौरान अचानक रसोई में रखे गैस सिलेंडर में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की दीवारें हिल गईं और रामवती का दो कमरों का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
​इस हादसे में एक चमत्कारिक पहलू यह रहा कि सुबह करीब 4 बजे गांव की बिजली कट गई थी। गर्मी और उमस के कारण रामवती के चारों बच्चे कमरे से निकलकर दूसरे पक्के कमरे की छत पर सोने चले गए थे। यदि बिजली न जाती और बच्चे कमरे के अंदर सो रहे होते, तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था।
​धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण दहशत में आ गए और मौके की ओर दौड़ पड़े। चारों ओर धूल का गुबार और मलबे का ढेर नजर आ रहा था। पीड़ित रामवती ने बताया कि वह बेहद गरीब है और मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा करती है। इस हादसे में उसकी पूरी गृहस्थी, खाने-पीने का सामान और कपड़े मलबे में दबकर नष्ट हो गए है।
​सिलेंडर फटने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि मकान की छत और दीवारें पूरी तरह गिर गईं। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई है। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर बस बनी आग का गोला

Posted on 29.03.2026 Time 06.30 PM Sunday, Mathura Vrandavan News, Atul Kumar

सभी 48 यात्रियों को निकाला सुरक्षित

मथुरा । नौहझील क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार को तड़के एक निजी बस में आग लग गई। इस घटना से यात्रियों में चीख पुकार मच गई। यह बस आगरा से नोएडा की ओर जा रही थी जिसमें करीब 48 यात्री सवार थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर यह घटना माइलस्टोन संख्या 64 के पास हुई, जहां बस संख्या DD01AA9317 में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। कटैलिया निवासी यशपाल सिंह ने दूरभाष के माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही थाना नौहझील पुलिस और बाजना चौकी प्रभारी बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने आग बुझाई लेकिन जब तक काफी देर हो गई और बस जलकर खाक हो गई।

पुलिस के अनुसार, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आग लगने के प्रारंभिक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

March 27, 2026

जिलाधिकारी ने श्री राम नवमी पर देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल का किया निरीक्षण

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मथुरा 27 मार्च 26 ,श्री राम नवमी के पावन अवसर पर जिलाधिकारी  चंद्र प्रकाश सिंह ने राल स्थित ब्रह्मऋषि श्री देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ गौ-पूजन किया तथा आश्रय स्थल में संरक्षित गौवंशों को गुड़ एवं हरा चारा खिलाया।
जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में संचालित गौधाम गुरुकुल (स्कूल) के बच्चों को मिष्ठान वितरित किया। गुरुकुल में लगभग 80 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों द्वारा बनाए गए शिल्प एवं हस्तकला का अवलोकन किया और उनसे पढ़ाई व भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  चंद्र प्रकाश सिंह एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने गौशाला में श्रमदान करते हुए साफ-सफाई भी की। जिलाधिकारी ने स्वयं झाड़ू लगाकर परिसर को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि ब्रह्मऋषि श्री देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल में लगभग 8600 गौवंश संरक्षित हैं। 136 एकड़ क्षेत्रफल में फैली इस गौशाला में गौवंशों के लिए 27 शेड उपलब्ध हैं। उन्होंने गौ उत्पाद केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां गोबर व गौमूत्र से बने साबुन, फेसवॉश, दीपक, फिनाइल, घी और धूपबत्ती आदि उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा को निर्देश दिए कि इन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा केंद्र पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गो-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं—भूसा, हरा चारा, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं एवं शेड—का गहनता से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि गौवंश के लिए पर्याप्त हरा चारा और स्वच्छ पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के भी निर्देश दिए।

March 26, 2026

केएम विश्वविद्यालय में भव्य शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में गायिका सुनंदा ने बांधा समां

ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर हो जाता है तरोताजा

कुलसचिव ने प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायिका के जीवन चरित्र से कराया छात्र-छात्राओं को अवगत

मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में आज दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर भव्य शास्त्रीय संगीत की सुरमयी महफिल सजी। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि देवी सिंह भारतीय शास्त्रीय गायन की दिग्गज और पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा, विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति, कुलसचिव डा. पूरन सिंह, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे ने संयुक्त रूप से ज्ञान व संगीत की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विवि के रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट के पास स्थित गांव दाह के शांत वातावरण में उनका जन्म हुआ और पांच वर्ष की आयु में अपने पिता पंडित सुदर्शन शर्मा के मार्गदर्शन में संगीत का प्रशिक्षण शुरू किया। संगीत में स्नातक करते हुए पंजाब विश्वविद्यालय से भारतीय शास्त्रीय गायन में स्वर्ण पदक के साथ मास्टर की उपाधि प्राप्त की। हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में उनकी प्रतिभा को देखकर पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी ने उन्हें शिष्या के रूप में स्वीकार की और उन्हें पंडित किशन महाराज और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। सुनंदा शर्माजी नौ वर्षों तक बनारस और कोलकाता में अपनी गुरु के साथ रहीं और संगीत की उन बारीकियों को आत्मसात किया जो आज उनके गायन की पहचान बन चुकी है। हालाँकि उनकी मुख्य विशेषज्ञता ’ख्याल’, ’टप्पा’, ’ठुमरी’, ’दादरा’ और ’चैती’ गायन में है, लेकिन उन्होंने पंजाब और हिमाचल की लोक-परंपराओं, भक्ति संगीत और विभिन्न संस्कृतियों के मेल से बनी संगीत-शैलियों को भी अपनाया है। उन्होंने कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में अपनी प्रस्तुतियाँ दी हैं, जिनमें ’तानसेन संगीत सम्मेलन’, ’सप्तक महोत्सव’, ’ठुमरी महोत्सव’ और ’स्पिक मैके’ के कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने लंदन, पेरिस, ब्रसेल्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और इटली जैसे देशों के अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
गायिका के जीवन वक्तत्व को सुनकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुनंदा शर्माजी ने सभागार में मौजूद सभी को नमस्कार करके संबोधन किया, उन्होंने कहा गुरु गिरिजा देवी के साथ रहना केवल संगीत सीखना ही नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने का एक सलीका सीखना था, उन्होंने संगीत के हर सुर में अनुशासन के साथ-साथ भाव भी होना चाहिए, उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा शिक्षा हो या किसी भी मैदान में ध्यान होना अहम बात है, ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर भी ताजा हो जाता है, उन्हीं में से एक क्षण संगीत सुनना भी है। आपकी शिक्षा यात्रा में जिम्मेदारी है, जिसमें ड्रिप्रेशन होना संभव है, जिसे संगीत दूर कर सकता है, संगीत ईश्वर की देन है। प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा ने स्वर विस्तार और तानों की सधी हुई प्रस्तुती देते हुए देशी राग, भजन में पायो जी मैंने (राम भजन) और रघुपति राघव राजा राम….’ के भजनों का रसापान कराया। राग में श्रृंगार और विरह के भावों का सुंदर संगम देखने को मिला। गायिका ने राग की प्रकृति के अनुरूप भावों का संतुलित संप्रेषण किया, जिस पर सभागार तालियों से गूंज उठा। सुनंदा शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुती से श्रोताओं को मंत्रमग्ध कर दिया और भक्ति के रंगों से सराबोर कर दिया। हारमोनियम पर पंडित सुमित मिश्रा, तबले पर पंडित गोपाल मिश्रा की संगत ने प्रस्तुति को सशक्त आधार दिया। कार्यक्रम के अंत में केएम विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव ने प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा को सम्मानित किया और उन्हें पारंपरिक अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट किए। विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने का यह प्रयास है, ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति की कालजयी विरासत के और करीब लाने का प्रयास है, ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय में भविष्य में भी होते रहेंगे, जिससे छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति को जान सकें। इस दौरान कार्यक्रम में ’स्पिक मैके’ की शैफाली मल्हौत्रा, केएम पशु चिकित्सालय के डीन डा. अजय प्रकाश, एसोसिएट डीन डा. पीताम्बर सिंह, प्रोफेसर डा. अशोक कुमार, खेल निदेशक आरके शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल सहित विवि के सभी संकायों के डीन-प्रोफेसरों सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

जमानत न मिलने से आहत विचाराधीन कैदी ने की आत्महत्या, इलाज के दौरान मौत

मथुरा। जिला कारागार में बंद एक विचाराधीन कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जमानत न मिलने से मानसिक तनाव में चल रहे कैदी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान सुरेश, निवासी गोवर्धन के रूप में हुई है। वह एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में मई 2025 से जिला कारागार में बंद था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे सुरेश शौचालय के लिए गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। लगभग दस मिनट बाद ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को संदेह हुआ, जिसके बाद शौचालय का दरवाजा खोला गया।
अंदर का दृश्य देखकर जेलकर्मी सन्न रह गए। सुरेश ने अपने लोअर को गेट की कुंडी में बांधकर फांसी लगा ली थी। तत्काल उसे नीचे उतारकर जेल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां गुरुवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सुरेश लंबे समय से जमानत न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। परिजनों द्वारा हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील भी की गई थी, लेकिन 24 मार्च को भी मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका। घटना से पहले उसने अपने पिता से फोन पर बातचीत कर नाराजगी जताई थी।
घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।
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