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अमिताभ श्रीवास्तव की लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी

August 11, 2026

अमिताभ श्रीवास्तव की लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी

लखनऊ मंगलवार को वेवियन रेस्टोरेंट, भूतनाथ, लखनऊ में ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव ने लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी की। इस अवसर पर उनका पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

अमिताभ श्रीवास्तव के साथ दीपक चौहान, संतोष त्रिपाठी, कृष्णवीर सिंह, आशीष शर्मा, गौतम सिंह, सूरज यादव, अक्षय जायसवाल, अनुज सिन्हा, सुशील श्रीवास्तव, रजनीश टोडरिया, अभिषेक राय, धर्मेंद्र तिवारी, सिद्धार्थ जैन, शशि प्रताप सिसोदिया, राहुल शर्मा, मनोज सिंह, शुभम पांडे, सुधीर कुमार, अभिजीत सिंह, हेमेंद्र सिंह, विशाल चौहान, मनु शुक्ला, दीपक शुक्ला, विक्की दयालानी, निखिल विशनानी, अमन बक्शी, निखिल तोलानी, तरुण वाधवानी, दीपक अग्रवाल, गौरव बाजपेई, रोहित राठौर, शिवम पटेल, विशाल अग्निहोत्री एवं शिवमूरत सहित सैकड़ों व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मण्डल की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल सदैव व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है। संगठन की एकजुटता ही व्यापारियों की सबसे बड़ी शक्ति है और सभी व्यापारियों को एक मंच पर रहकर अपने अधिकारों एवं समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करना चाहिए।

ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव की घर वापसी से संगठन को नई ऊर्जा एवं मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी नवसदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से व्यापारियों के हितों की लड़ाई और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने यू.पी.आई. लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा डिजिटल भुगतान व्यवस्था प्रभावित होगी।

सरकार को यू.पी.आई. लेन-देन पूर्णतः निःशुल्क बनाए रखना चाहिए।
अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव हमारे छोटे भाई की तरह थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

उनकी घर वापसी से संगठन और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लालफीताशाही एवं कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न चरम पर है। व्यापारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो वे बंधुआ मजदूर हों, जबकि उनकी समस्याओं की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो व्यापारियों को अपनी जायज मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष एवं आंदोलन के लिए सदैव तैयार रहना होगा। नगर निगम द्वारा जियो टैगिंग के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

वहीं शहर में अतिक्रमण एवं ई-रिक्शा संचालन को लेकर स्पष्ट नीति के अभाव में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे बाजारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों तक व्यापारियों की आवाज पहुंचने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में संगठित संघर्ष ही एकमात्र प्रभावी विकल्प रह जाता है।

वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल सदैव व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी बाजारों के व्यापारियों से संगठन से जुड़कर इसे और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ महामंत्री उमेश शर्मा ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव के लखनऊ व्यापार मण्डल में पुनः शामिल होने से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव का व्यापारियों के बीच व्यापक जनाधार और लंबा अनुभव संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगा। उनके नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता से व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन का संघर्ष और प्रभावी होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके साथ जुड़ने से बड़ी संख्या में व्यापारी लखनऊ व्यापार मण्डल से जुड़ेंगे और संगठन निरंतर मजबूत होता जाएगा।
कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सबसे अधिक उपेक्षा भी उसी की हो रही है।

विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, अनावश्यक नोटिसों एवं प्रशासनिक उत्पीड़न से व्यापारी परेशान हैं। लखनऊ व्यापार मण्डल व्यापारियों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी मजबूती से संघर्ष करता रहेगा।

व्यापारियों ने जुलूस के रूप में पूरे बाजार का भ्रमण किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मण्डल को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय संगठन बनाने तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमरनाथ मिश्र, देवेंद्र गुप्ता, पवन मनोचा, उमेश शर्मा, उत्तम कपूर जिला महामंत्री अरविंद पाठक, नितिन जैन, अभिषेक सिंह चौहान सतनाम सिंह मनीष वर्मा, अभिषेक गुप्ता, चिराग जाखोड़िया ऋषी मेहरा रिक्कू यादव एवं विशाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

पूर्वांचल के सशक्त ब्राह्मण नेता एवं पूर्व स्नातक क्षेत्र प्रत्याशी बी.के. शुक्ला ने थामा राष्ट्रीय लोकदल का दामन


लखनऊ, पूर्वांचल के वरिष्ठ एवं चर्चित नेता तथा रायबरेली निवासी बी.के. शुक्ला, पूर्व प्रत्याशी स्नातक लखनऊ खंड, ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के आवास पर उनके समक्ष राष्ट्रीय लोकदल की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही।

राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बी.के. शुक्ला को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराते हुए उनका स्वागत किया और कहा कि अपने समाज के अधिक से अधिक लोगों को एकजुट करिए तथा पूर्वांचल में राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दीजिए।

इस अवसर पर रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने कहा कि बी.के. शुक्ला पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक चर्चित और जमीन से जुड़े नेता हैं तथा ब्राह्मण समाज में उनकी मजबूत पकड़ है। उनके राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने में निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसका लाभ राष्ट्रीय लोकदल को मिलेगा, क्योंकि शुक्ला जी जमीन से जुड़े नेता हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार को लेकर लगातार सक्रिय है और समाज के सभी वर्गों के लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान जारी है। बी.के. शुक्ला के अनुभव और सामाजिक संपर्क से पार्टी के संगठन को और मजबूती मिलेगी।

बी.के. शुक्ला लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने लखनऊ स्नातक खंड से विधान परिषद सदस्य का चुनाव भी लड़ा था और 10 हजार से अधिक मत प्राप्त किए थे। लखनऊ स्नातक खंड के अंतर्गत आने वाले प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और बाराबंकी सहित सात जनपदों में उनकी लंबे समय से सक्रियता रही है।

इस अवसर पर रालोद संसदीय दल के अध्यक्ष के.सी. त्यागी, सांसद चंदन चौहान, विनय कुमार मिश्रा, डॉ. शक्ति कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन चतुर्वेदी, गौरव शुक्ला, धनंजय तिवारी, प्रवीन्द्र सिंह, के.बी. सिंह, हिमांशु देवरा, सचिन सिंह, अक्षय चौधरी सहित पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र से आए अनेक लोग उपस्थित रहे।

बी.के. शुक्ला के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पार्टी को पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र में संगठन विस्तार के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक स्तर पर भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राम मंदिर CEO चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर अमिताभ ठाकुर ने उठाए सवाल

लखनऊ पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ट्रस्ट को भेजे अपने पत्र में कहा है कि लगभग 5,200 आवेदनों में से 18 अभ्यर्थियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए 11 और 12 अगस्त को अयोध्या बुलाए जाने की बात कही गई है। उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्हें अपने चयन अथवा गैर-चयन को लेकर कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन ट्रस्ट की अब तक की कार्यप्रणाली से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हजारों आवेदन प्राप्त होने, उनकी छंटाई पूरी होने और अंतिम साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन की खबरें सामने आने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से उन अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो उचित नहीं है।

अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से अंतिम साक्षात्कार हेतु चयनित सभी अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक करने, चयन के प्रमुख मानदंड एवं प्रक्रिया बताने तथा सभी आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की औपचारिक सूचना देने का अनुरोध किया है।

सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ 17 अगस्त दिव्यांग घेरेंगे विधानसभा

नौकरी रोजगार स्वास्थ शिक्षा सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी के लिए आर पार के संघर्ष की चेतावनी*

पेंशन पांच हजार न हुई तो सीएम कार्यालय पर जमा होंगे 54 लाख दिव्यांगजन*

लखनऊ। आज दिव्यांग महागठबंधन की आनलाइन बैठक हुई। बैठक में सरकार द्वारा 06 बार लिखित समझौता करने के बाद भी माँगों को पूरा नहीं किया गया। जिससे उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजनों में भारी रोष व्याप्त है।

दिव्यांग महागठबन्धन नौकरी, रोजगार, स्वास्थ, शिक्षा, सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी के लिए सामाजिक समानता कानून बनाने, दिव्यांग पेंशन पांच हजार रुपए प्रतिमाह करने, नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने चलन क्रिया के दिव्यांगों को सभी सरकारी नौकरियों में उनकी क्षमता के अनुसार अवसर देने, आरक्षण कोटा बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर गांधी प्रतिमा, हजरतगंज में धरना देकर विधान सभा पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के साथ धोखा कर रही है।

सरकार अगर 16 अगस्त से पहले नौकरी, रोजगार, स्वास्थ, शिक्षा, सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी के लिए सामाजिक समानता कानून बनाने, दिव्यांग पेंशन पांच हजार रुपए प्रतिमाह करने, नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने चलन क्रिया के दिव्यांगों को सभी सरकारी नौकरियों में उनकी क्षमता के अनुसार अवसर देने, आरक्षण कोटा बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने सहित 21 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करती है तो 17 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश के हजारों दिव्यांग आन्दोलन को बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार पिछले एक वर्ष से मात्र आश्वासन दे रही है मांगों को पूरा नहीं कर रही है, नौकरी, रोजगार के अभाव में दिव्यांगजन आत्महत्या कर रहे हैं। दिव्यांगों की पेंशन सरकार ने रोक दी है।

वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी, कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ, भारतीय दिव्यांग यूनियन, भारतीय जाग्रति मिशन, आजाद अधिकार सेना, दिव्यांग युवा शक्ति संगठन, दिव्यांगजन आत्मनिर्भर समिति ट्रस्ट, दिव्यांग जीवन ज्योति फाउण्डेशन, विकलांग कल्याण समिति, दिव्यांग विकास सोसायटी, आल दिव्यांग विकास संगठन, उत्तर प्रदेश बधिर मानव अधिकार सहित सैकड़ों दिव्यांग संगठन इस आन्दोलन में भाग लेंगे।

आज कि आनलाइन बैठक में महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार, अध्यक्ष मनीष प्रसाद, राहुल कुमार, राजकुमार गुप्ता, संदीप सैनी, दिनेश कुमार गुप्ता, मोहित कुमार, श्याम देव सिंह, मुकेश कुमार आदि शामिल थे।

सचिवालय कर्मियों के वाहनों पर कार्रवाई से आक्रोश, मौके पर पहुंचे सचिवालय संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती

कर्मियों के दुख में बने साथी, तत्काल हस्तक्षेप कर गाड़ियां वापस लाने और किसी तरह की कार्रवाई न करने का दिया भरोसा

लखनऊ। एनेक्सी सचिवालय परिसर में सचिवालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहनों को नगर निगम द्वारा उठाए जाने की कार्रवाई से कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी परेशान नजर आए और मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

मामले की जानकारी मिलते ही सचिवालय संघ के अध्यक्ष अर्जुन देव भारती तत्काल मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सचिवालय कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद वाहनों को वापस लाने की कार्रवाई शुरू कराई गई। साथ ही यह भी स्पष्ट कराया गया कि कर्मचारियों के वाहनों पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

हर मुश्किल में कर्मचारियों के साथ खड़ा संघ

सचिवालय संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती ने कहा कि सचिवालय कर्मचारी दिन-रात शासन के कामकाज को गति देने में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनके सामने अचानक कोई परेशानी आती है तो संघ की जिम्मेदारी है कि वह उनके साथ खड़ा रहे।

कर्मचारियों ने भी अध्यक्ष के तत्काल मौके पर पहुंचने और समस्या का संज्ञान लेकर प्रभावी हस्तक्षेप करने की सराहना की। कर्मचारियों का कहना था कि नेतृत्व वही है जो परेशानी के समय सामने खड़ा हो और समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए।

कर्मियों के हितों से समझौता नहीं

सचिवालय संघ अध्यक्ष की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं को केवल कागजी स्तर पर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर पहुंचकर समाधान कराया जाएगा।

कर्मचारियों के सुख-दुख में साथ, समस्या पर तुरंत सक्रियता और उनके सम्मान एवं हितों की रक्षा—इसी भूमिका को लेकर सचिवालय कर्मियों के बीच संघ अध्यक्ष अर्जुन देव भारती की पहल चर्चा में रही।

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